विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई)

Inter National Days: World Population Day In Hindi

विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई): (11 July: World Population Day in Hindi)

विश्व जनसंख्या दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

विश्व जनसंख्या दिवस प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को मनाया जाता है। अत्यधिक तेज़ गति से बढ़ती जनसंख्या के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से ही यह दिवस मनाया जाता है। यह जागरूकता मानव समाज की नई पीढ़ियों को बेहतर जीवन देने का संदेश देती है।

विश्व जनसंख्या दिवस 2017:

पूरे विश्व में लोगों द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई, 2017 मंगलवार को मनाया गया। 2017 का थीम था- “परिवार नियोजन: लोगों को सशक्त बनाना, विकासशील राष्ट्र”

विश्व जनसंख्या दिवस का इतिहास:

11 जुलाई को सालाना पूरे विश्व में विश्व जनसंख्या दिवस के रुप में एक महान कार्यक्रम मनाया जाता है। पूरे विश्व में जनसंख्या मुद्दे की ओर लोगों की जागरुकता को बढ़ाने के लिये इसे मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की संचालक परिषद के द्वारा वर्ष 1989 में इसकी पहली बार शुरुआत हुई। लोगों के हितों के कारण इसको आगे बढ़ाया गया था जब वैश्विक जनसंख्या 11 जुलाई 1987 में लगभग 5 अरब (बिलीयन) के आसपास हो गयी थी।

यहाँ नीचे कुछ विश्व जनसंख्या दिवस को मनाने का लक्ष्य दिया गया है:

  • ये लड़का और लड़की दोनों की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिये मनाया जाता है।
  • अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह समझने के काबिल होने तक शादी को रोकना तथा लैंगिकता संबंधी पूरी जानकारी देना।
  • तर्कसंगत और युवा अनुकूलन उपायों के द्वारा अनचाहे गर्भ से बचने के लिये युवाओं को शिक्षित करना चाहिये।
  • समाज से लैंगिकता संबंधी रुढ़िवादिता को हटाने के लिये लोगों को शिक्षित करना है।
  • समय से पहले माँ बनने के खतरे को लेकर लोगों को शिक्षित करें।
  • विभिन्न इंफेक्शन से बचने के लिये यौन संबंधों के द्वारा फैलने वाली बीमारियों के बारे में उनको बताना चाहिये।
  • लड़कियों के अधिकारों को बचाने के लिये कुछ असरदार कानून और नीतियों की माँग हो।
  • लड़के-लड़कियों की एक-समान प्राथमिक शिक्षा तक पहुँच हो।
  • हर जोड़े के लिये आधारित प्राथमिक स्वास्थ्य के भाग के रुप में हर जगह जननीय स्वास्थ्य सेवा की आसान पहुँच हों।

विश्व जनसंख्या दिवस कैसे मनाया जाता है?

बढ़ती जनसंख्या के मुद्दों पर एक साथ कार्य करने के लिये बड़ी संख्या में लोगों के ध्यानाकर्षण के लिये विभिन्न क्रियाकलापों और कार्यक्रमों को आयोजित करने के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। सेमिनार, चर्चा, शैक्षिक प्रतियोगिता, शैक्षणिक जानकारी सत्र, निबंध लेखन प्रतियोगिता, विभिन्न विषयों पर लोक प्रतियोगिता, पोस्टर वितरण, गायन, खेल क्रियाएँ, भाषण, कविता, चित्रकारी, नारें, विषय और संदेश वितरण, कार्यशाला, लेक्चर, बहस, गोलमोज चर्चा, प्रेस कॉन्प्रेंस के द्वारा खबर फैलाना, टीवी और न्यूज चैनल, रेडियो और टीवी पर जनसंख्या संबंधी कार्यक्रम आदि कुछ क्रियाएँ इसमें शामिल हैं। कॉन्प्रेंस, शोधकार्य, सभाएँ, प्रोजेक्ट विश्लेषण आदि को आयोजित करने के द्वारा जनसंख्या मुद्दों का समाधान करने के लिये विभिन्न स्वास्थ्य संगठन और जनसंख्या विभाग एक साथ कार्य करते हैं।

विश्व जनसंख्या दिवस का थीम:

  • 2017 का थीम था “परिवार नियोजन: लोगों को सशक्त बनाना, विकासशील राष्ट्र”।
  • 2016 का थीम था “किशोर लड़कियों में निवेश”।
  • 2015 का थीम था “आपातकाल में अतिसंवेदनशील जनसंख्या”।
  • 2014 का थीम था “जनसंख्या प्रचलन और संबंधित मुद्दे पर चिंता के लिये एक समय” और “युवा लोगों में निवेश करना”।
  • 2013 का थीम था “किशोर पन में गर्भावस्था पर ध्यान”।
  • 2012 का थीम था “जननीय स्वास्थ्य सेवा के लिये विश्वव्यापी पहुँच”।
  • 2011 का थीम था “7 बिलीयन कार्य”।
  • 2010 का थीम था “जोड़े जाओ: कहो क्या चाहिये तुम्हे”।
  • 2009 का थीम था “गरीबा से लड़ो: लड़कियों को शिक्षित करो”।
  • 2008 का थीम था “अपना परिवार नियोजन करो: भविष्य नियोजन करो”।
  • 2007 का थीम था “मनुष्य कार्य पर है”।
  • 2006 का थीम था “युवा होना कठिन है”।
  • 2005 का थीम था “समानता से सशक्तिकरण”।
  • 2004 का थीम था “10 पर आईसीपीडी”।
  • 2003 का थीम था “1,000,000,000 किशोरवस्था”।
  • 2002 का थीम था “गरीबी, जनसंख्या और विकास”
  • 2001 का थीम था “जनसंख्या, पर्यावरण और विकास”।
  • 2000 का थीम था “महिलाओं का जीवन बचाना”।
  • 1999 का थीम था “6 बिलीयन के दिन से गिनना शुरु करें”।
  • 1998 का थीम था “आनेवाला 6 बिलीयन”
  • 1997 का थीम था “किशोर जननी स्वास्थ्य देख-रेख”।
  • 1996 का थीम था “जननीय स्वास्थ्य और एड्स”।

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