अल्लूरी सीताराम राजू का जीवन परिचय | Alluri Sitarama Raju Biography in Hindi

अल्लूरी सीताराम राजू का जीवन परिचय

स्वतंत्रता सेनानी: अल्लूरी सीताराम राजू का जीवन परिचय: (Biography of Alluri Sitarama Raju in Hindi)

अल्लूरी सीताराम राजू तत्कालीन समय के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक क्रांतिकारी थे। सन 1920 में अल्लूरी सीताराम पर महात्मा गांधी के विचारों का बहुत प्रभाव पड़ा और उन्होंने आदिवासियों को मद्यपान छोड़ने तथा अपने विवाद पंचायतों में हल करने की सलाह दी। किंतु जब एक वर्ष में स्वराज्य प्राप्ति का गांधी जी का स्वप्न साकार नहीं हुआ तो सीताराम राजू ने अपने अनुयायी आदिवासियों की सहायता से अंग्रेज़ों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह करके स्वतंत्र सत्ता स्थापित करने के प्रयत्न आंरभ कर दिए।

अल्लूरी सीताराम राजू के जीवन परिचय का संक्षिप्त विवरण:

नाम अल्लूरी सीताराम राजू
जन्म तिथि 04 जुलाई, 1897
जन्म स्थान विशाखापट्टनम, आन्ध्र प्रदेश (भारत)
निधन तिथि 07 मई 1924
उपलब्धि भारतीय क्रांतिकारी
उपलब्धि वर्ष

अल्लूरी सीताराम राजू से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य: (Important Facts Related to Alluri Sitarama Raju)

  1. अल्लूरी सीताराम राजू का जन्म 04 जुलाई, 1897 ई. को पांडुरंगी गाँव, विशाखापट्टनम, आन्ध्र प्रदेश में हुआ था।
  2. उनके पिता का नाम वेक्टराम राजू और उनकी माता का नाम सूर्यनारायणाम्मा था।
  3. अल्लूरी सीताराम राजू को भारतवर्ष में अल्लूरी रम्पा रामा राजू या अल्लूरी रामाचंद्रा के नाम से भी जाना जाता है।
  4. सीताराम राजू की अल्पायु में ही पिता की मृत्यु हो गयी, जिस कारण वे उचित शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके। अपने एक संबंधी के संपर्क से वे अध्यात्म की ओर आकृष्ट हुए तथा 18 वर्ष की उम्र में ही साधु बन गए।
  5. सीताराम राजू ने सैन्य संगठन की स्थापना की थी। उन्होंने सम्पूर्ण रम्पा क्षेत्र को क्रांतिकारी आन्दोलन का केंद्र बना लिया।
  6. 22 अगस्त, 1922 को उन्होंने पहला हमला चिंतापल्ली में किया। अपने 300 सैनिकों के साथ शस्त्रों को लूटा। उसके बाद कृष्णदेवीपेट के पुलिस स्टेशन पर हमला कर किया और विरयया डोरा को मुक्त करवाया।
  7. क्रांतिकारी राजू ने अपना संगठन ख़डा करने के साथ उत्तराखंड के क्रांतिकारियों से सम्पर्क किया। यही नहीं गदर पार्टी के नेता बाबा पृथ्वी सिंह को दक्षिण भारत की राज महेन्द्री जेल से छ़ुडाने का भरसक प्रयास किया।
  8. ब्रिटिश सरकार ने सीताराम राजू के आंदोलनों को रोकने के लिए ‘असम रायफल्स’ नाम से एक सेना का संगठन किया। ‘असम रायफल्स’ का नेतृत्त्व उपेन्द्र पटनायक कर रहे थे।
  9. 07 मई 1924 को पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सीताराम राजू को पकड लिया गया और पेड़ से बांधकर उनपर गोलियाँ दागकर उनकी हत्या कर दी गयी।
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