गोविन्द शंकर कुरुप का जीवन परिचय | Biography ofGovind Shankar Kurup in Hindi

ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रथम साहित्यकार: गोविन्द शंकर कुरुप का जीवन परिचय

गोविन्द शंकर कुरुप का जीवन परिचय (Biography of Govind Shankar Kurup in Hindi)

गोविन्द शंकर कुरुप या जी शंकर कुरुप मलयालम भाषा के प्रसिद्ध कवि थे। उनकी प्रसिद्ध रचना ‘ओटक्कुष़ल’ अर्थात ‘बाँसुरी’ भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले साहित्य के सर्वोच्च सम्मान ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’से सम्मानित हुई थी। ‘महाकवि’ गोविंद शंकर कुरुप की 40 से अधिक मौलिक और अनूदित कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं।

संक्षिप्त विवरण (Quick Info):

नाम गोविन्द शंकर कुरुप
जन्म तिथि 03 जून 1901
जन्म स्थान कोचीन (अब एरनाकुलम जिला, केरल, भारत)
निधन तिथि 02 फ़रवरी 1978
उपलब्धि भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रथम साहित्यकार
उपलब्धि वर्ष 1965

गोविन्द शंकर कुरुप से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य: (Important Facts Related to Govind Shankar Kurup)

  1. गोविन्द शंकर कुरुप का जन्म 03 जून 1901 में कोचीन (अब एरनाकुलम जिला, केरल, भारत) में हुआ था।
  2. उनके पिता का नाम शंकर वार्रिअर और उनकी माता का नाम लक्ष्मीकुट्टी अम्मा था।
  3. उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा पेरुंपावूर के मलयालम मिडिल स्कूल से प्राप्त की थी। उन्होंने कोचीन राज्य की पंडित परीक्षा पास करके बांग्ला और मलयालम के साहित्य का अध्ययन किया।
  4. गोविन्द शंकर कुरुप ने वर्ष 1918 में अपनी पहली कविता ‘प्रकृति को नमस्कार’ प्रकाशित की।
  5. वर्ष में 1963 उन्हें ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया था।
  6. गोविन्द शंकर कुरुप को साल 1965 में ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। वे इस सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय साहित्यकार थे।
  7. उनकी कविता संग्रह विश्वनाथनम ने साल 1961 में ‘केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार’ जीता।
  8. गोविन्द शंकर कुरुप को वर्ष  1967 में ‘सोवियत भूमि नेहरू पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
  9. वर्ष 1968 में उन्हें ‘पद्म भूषण’ सम्मान से सम्मानित किया गया था।
  10. 02 फ़रवरी, 1978 को गोविन्द शंकर कुरुप का निधन हो गया।
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