भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित मोहम्मद ज़हूर "खय्याम" हाशमी का जीवन परिचय

मोहम्मद ज़हूर “खय्याम” हाशमी का जीवन परिचय

भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित मोहम्मद ज़हूर “खय्याम” हाशमी का जीवन परिचय: (Biography of Mohammed Zahur Khayyam in Hindi)

मोहम्मद ज़हुर “खय्याम” हाशमी एक भारतीय संगीत निर्देशक और पृष्ठभूमि स्कोर संगीतकार थे। जिन्हें ख्य्याम के नाम से भी जाना जाता है। उन्हें वर्ष 2011 में भारत सरकार द्वारा तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

मोहम्मद ज़हूर ख्य्याम के जीवन के बारें में संक्षिप्त विवरण: Quik info about Mohammed Zahur Khayyam in Hindi)

नाम मोहम्मद ज़हुर “खय्याम” हाशमी
जन्म तिथि 18 फरवरी 1927  ई॰
जन्म स्थान राहोन, पंजाब, (भारत)
निधन तिथि 19 अगस्त 2019
उपलब्धि पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित
उपलब्धि वर्ष 2011 ई॰

मोहम्मद ज़हुर खय्याम का प्रारंभिक जीवन: (Early life of mohammad zahoor khayyam)

मोहम्मद ज़हूर “खय्याम” हाशमी का जन्म 18 फरवरी 1927 ई॰ में पंजाब के ब्रिटिश भारत में रहोन में हुआ था और जब उनका प्रारम्भिक नाम सआदत हुसैन था। परंतु ख्य्याम बचपन से ही संगीत एवं शास्त्रीय गायन के शौकीन थे इसलिए वह नई दिल्ली में अपने चाचा के घर भाग गए थे। जिसके बाद उन्हें शास्त्रीय गायक और संगीतकार पंडित अमरनाथ के तहत प्रशिक्षित किया गया था।

मोहम्मद ज़हुर “खय्याम” हाशमी के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य: (Important facts about Mohammad Zahoor Khayyam)

  1. खय्याम ने वर्ष 1949 में हीर-राँझा फ़िल्म से शर्माजी-वर्माजी जोड़ी के शर्माजी के नाम से एक संगीतकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी।
  2. उन्होंने गैर-फिल्मी गीतों की भी रचना भी की थी जिनमें से कुछ में “पांव पडूं तोरे श्याम, बृज में लुट चलो” और “ग़ज़ब किया तेरे वादे पे ऐतबार क्या” शामिल हैं। उन्होंने मीना कुमारी के एल्बम, आई राइट, आई रेसाइट के लिए संगीत दिया , जिसमें उनके द्वारा लिखे और गाए गए नज़्मों की विशेषता थी।
  3. ख़य्याम अपनी साउंडट्रैक रचनाओं के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध थे जिसके लिए
  4. उन्होंने वर्ष 1977 में “कभी कभी” सर्वश्रेष्ठ संगीत के लिए दो बार फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार जीता था।
  5. जिसके बाद खय्याम ने वर्ष 1982 में फिल्म उमराव जान एक भारतीय कला फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीतकार के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार मिला था।
  6. खय्याम को संगीत, नृत्य और रंगमंच की राष्ट्रीय संगीत अकादमी , संगीत नाटक अकादमी द्वारा वर्ष 2007 में संगीत अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  7. वर्ष 2018 में मोहम्मद ज़हूर को हृदयनाथ मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  8. मोहम्मद ज़हूर “खय्याम” हाशमी द्वारा प्रमुख फिल्मोग्राफी रोमियो एंड जूलियट (1947), हीर रांझा (1948), बीवी (1950), प्यार की बात (1951), फ़ुट पाथ (1953),गुल बहार (1954),धोबी डॉक्टर (1954), शोला और शबनम (1961), मोहब्बत इसको कहे हैं (1965), कभी कभी (1976), मीना कुमारी अमर कहानी (1979), गुलाम बंधु (2016) इत्यादि हैं।
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