ग्रैमी पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रथम भारतीय: पण्डित रवि शंकर का जीवन परिचय

Famous People: Ravi Shankar Biography

पण्डित रवि शंकर का जीवन परिचय (Biography of Ravi Shankar in Hindi)

पण्डित रवि शंकर एक विश्वविख्यात भारतीय सितार वादक और संगीतज्ञ थे। उन्हें पूरी दुनिया में शास्त्रीय संगीत में भारत का दूत माना जाता था। भारतीय संगीत को दुनिया भर में सम्मान दिलाने वाले पंडित रविशंकर को भारतरत्न, पद्म भूषण, पद्मविभूषण, मैगसैसे, तीन ग्रैमी अवॉर्ड सहित देश-विदेश के न जाने कितने पुरस्कार मिले।

संक्षिप्त विवरण (Quick Info):

नाम पण्डित रवि शंकर
जन्म तिथि 07 अप्रैल 1920
जन्म स्थान बनारस (अब वाराणसी), उत्तर प्रदेश
निधन तिथि 11 दिसम्बर, 2012
उपलब्धि ग्रैमी पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रथम भारतीय
उपलब्धि वर्ष 1968

रवि शंकर से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य: (Important Facts Related to Ravi Shankar)

  1. पण्डित रविशंकर का जन्म 07 अप्रैल 1920 को बनारस (अब वाराणसी) उत्तर प्रदेश में हुआ था।
  2. उन्होंने अपनी आरंभिक संगीत शिक्षा घर पर से ही प्राप्त की थी। रविशंकर ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की शिक्षा उस्ताद अल्लाऊद्दीन खाँ से प्राप्त की। रविशंकर ने 1938 से 1944 तक सितार का अध्ययन किया और फिर स्वतंत्र तौर से काम करने लगे।
  3. रवि शंकर ने दो शादियां की। उनकी पहली शादी गुरु अलाउद्दीन खां की बेटी अन्नपूर्णा से हुई, बाद में उनका तलाक हो गया। उनकी दूसरी शादी सुकन्या से हुई, जिनसे उनकी एक संतान है।
  4. सन 1949 से 1956 तक उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो में बतौर संगीत निर्देशक काम किया।
  5. वर्ष 1968 में उनकी ‘यहूदी मेनुहिन’ के साथ उनकी एल्बम ‘ईस्ट मीट्स वेस्ट’ को पहला ग्रैमी पुरस्कार मिला था।
  6. वह वर्ष 1986 से 1992 तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे।
  7. वर्ष 1999 में पण्डित रविशंकर को ‘भारतरत्न’ सम्मान से अलंकृत किया गया। यह भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।
  8. वर्ष 2002 में रविशंकर को ‘इना गुरल इण्डिया चैम्बर ऑफ कामर्स लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड’ मिला।
  9. रवि शंकर को कला के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन् 2009 में ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया गया था।
  10. 11 दिसम्बर 2012 को पंडित रविशंकर का 92 वर्ष की उम्र में अमेरिका में निधन हो गया।

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