फतेह बुर्ज, चप्पड़ चिड़ी (पंजाब)

Famous Things: Fateh Burj Chappar Chiri Punjab Gk In Hindi

फतेह बुर्ज, चप्पड़चिड़ी, पंजाब के बारे जानकारी: (Fateh Burj Chappar Chiri, Punjab GK in Hindi)

विश्व के सबसे पुराने देशों में से एक भारत कई ऊँची और ऐतिहासिक मीनारों का घर है, जोकि विभिन्न राजवंशों से संबंधित हैं। देश में कई खूबसूरत मीनारे मौजूद हैं, जो अपने समय की कहानी को बयान करते हुए आज भी खड़ी हुईं हैं। पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह नगर जिले के प्राचीन गांव चप्पड़ चिड़ी में स्थित विजय टावर के रूप में मशहूर फतेह बुर्ज एक ऐसी ही नवनिर्मित मीनार है। इस बुर्ज का निर्माण सिखों द्वारा मुगल साम्राज्य के पतन के बाद कराया गया था। फतेह बुर्ज भारत में बनी सबसे ऊँची मीनारों में से एक है, जो देशी ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटकों का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती हैं।

फतेह बुर्ज का संक्षिप्त विवरण: (Quick Info about Fateh Burj)

स्थान चप्पड़ चिड़ी, पंजाब
निर्माण 30 नवम्बर 2011
वास्तुकार बोनानो पीसानो
वास्तुकला शैली इस्लामिक स्थापत्य कला
प्रकार मीनार

फतेह बुर्ज का इतिहास: (Fateh Burj Delhi History in Hindi)

पंजाब के गाँव चप्पड़ चिड़ी (चप्पर चिरी) में स्थित फतेह बुर्ज का निर्माण 30 नवम्बर 2011 में किया गया था। यह बुर्ज महान जरनैल बाबा बंदा सिंह बहादुर की सिरहिंद फतेह के लिए लड़े गए युद्ध में मिली जीत का सूचक है। उस समय जो युद्ध हुआ उसमें सरहिंद के वजीर खान को बाबा बंदा सिंह बहादुर ने इस स्थान पर मार कर छोटे साहिबजादों की शहादत का बदला लिया था और इसके साथ ही पहला खालसा राज भी स्थापित किया था। उन्होंने लोहगढ़ (हरियाणा) में अपनी राजधानी की स्थापना भी की थी।

फतेह बुर्ज के बारे में रोचक तथ्य: (Interesting Facts about Fateh Burj in Hindi)

  • इस मीनार को बनाने में करीब 11 महीने का समय लगा था और यह बुर्ज 30 नवम्बर 2011 को बनकर तैयार हो गया था।
  • फतेह बुर्ज भारत में सबसे ऊंचा है, जिसकी ऊंचाई 328 फीट है।
  • चप्पड़ चिड़ी (चप्पर चिरी) गांव खरार-बनूर रोड के साथ है, जिसे आधिकारिक तौर पर बांदा सिंह बहादुर रोड नाम दिया गया है। यह मोहाली के बाहर स्थित है, लंदरण (Landran) से कुछ किलोमीटर और सिरहिंद से 20 किमी दूर है।
  • इस बुर्ज में कुल 3 मंजिलें बनी हुई हैं।
  • बुर्ज की पहली मंजिल 67 फुट, दूसरी 117 और तीसरी 220 फुट ऊँची है। तीनों मंजिलें उस समय हुए युद्ध में हुई जीत का प्रतीक है।
  • फतेह बुर्ज के ऊपर गुंबद और खंडा भी लगाया गया है।
  • लाखों रुपये की लागत से बनाया गया बाबा बंदा सिंह बहादुर की शहादत को समर्पित इस बुर्ज में बाबा बंदा सिंह बहादुर व उनके पांच जरनैलों के बुत लगाए गए हैं।
  • ऊंचे मिट्टी के टिब्बों पर लगाए गए बुत ऐसे प्रतीत होते है कि वजीर खान के युद्ध के दौरान खालसा फौज की कमांड कर रहे हो। लेकिन इन मिट्टी के टिब्बों को अब चूहों की मार पड़ रही है। चूहे इन टिब्बों को कमजोर कर रहे हैं।
  • वर्ष 2012 पंजाब विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन को शानदार जीत दिलाने वाले प्रकाश सिंह बादल लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए फतेहगढ़ साहिब जिले में स्थित ऐतिहासिक चप्पड़ चिड़ी बंदा बहादुर मेमोरियल में ही शपथ ग्रहण की थी।
  • वर्ष 2017 में फतेह बुर्ज के अंदर जाने के लिए लिफ्ट लगाने की योजना भी बनाई गयी थी, इसके लिए जापान की एक नामी कंपनी से लिफ्ट मंगवाई गयी थी। लेकिन बुर्ज में लिफ्ट लगाने के लिए जो दरवाजे छोड़े गए थे, उसका आकार छोटा है, जबकि लिफ्टों का आकार बड़ा निकला था। इस लिए फतेह बुर्ज में लगने वाली लिफ्टों का काम अधर में लटका है जिसके कारण सैलानी बुर्ज के ऊपर तक नहीं जा पा रहे हैं, हालांकि काफी संख्या में रोजाना सैलानी फतेह बुर्ज देखने के लिए पहुंच रहे हैं।
  • रात के सम्स्य रोहणी में नहाया हुआ यह बुर्ज बेहद ही खूबसूरत नजर आता है, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

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