रघुनाथ मंदिर जम्मू शहर, (जम्मू-कश्मीर राज्य)

रघुनाथ मंदिर की जानकारी (Information About Raghunath Temple):

रघुनाथ मंदिर एक हिन्दू मंदिर है, जो भारत के जम्मू-कश्मीर राज्य की तवी नदी के उत्तर में 1,150 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु के अवतार भगवान राम को समर्पित है। यह मंदिर उत्तर भारत का सबसे बड़ा और सबसे प्रमुख मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण 1835 ई॰ से 1860 ई॰ के मध्य महाराजा रणवीर सिंह और उनके पिता महाराज गुलाब सिंह द्वारा करवाया गया था।

रघुनाथ मंदिर का संक्षिप्त विवरण (Quick Info About Raghunath Temple):

स्थान जम्मू शहर, जम्मू-कश्मीर राज्य (भारत)
निर्माता गुलाब सिंह एवं रणबीर सिंह
निर्माण 1835 ई॰ से 1860 ई॰
प्रकार ऐतिहासिक हिन्दू मंदिर
समर्पित भगवान राम

रघुनाथ मंदिर का इतिहास (History of Raghunath Temple):

रघुनाथ मंदिर का निर्माण डोगरा वंश के शासक राजा गुलाब सिंह ने 1835 ई॰ में करवाया था।, परंतु मंदिर का पूरा निर्माण 1860 ई॰ में महाराजा गुलाब सिंह के पुत्र राजा रणबीर सिंह के द्वारा पूरा हुआ। यह मंदिर प्राचीन हिन्दू मंदिर की शैली को दर्शाता है। मंदिर के परिसर में अनेक देवताओं की प्रतिमाएँ हैं, परंतु यह मंदिर भगवान राम को समर्पित है। मंदिर में एक शिलालेख है जो प्रवेश द्वार पर पर स्थित है, उसमें ब्राह्मिक लिपि द्वारा गुलाब सिंह और उनके भाई ध्यान सिंह को 1827 ई॰ में एक महंत जगन्नाथ के सम्मान में मंदिर बनाने का श्रेय दिया जाता है। मंदिर पर वर्ष 2002 में मार्च और नवम्बर के महीने में मंदिर में दो आतंकवादी हमले हुए थे। जिसमें पहला हमला आतंकवादी संगठन द्वारा हुआ था और दूसरा लश्कर-ए-तैयबा के हमलावरों द्वारा किया गया था। हमले में आतंकवादियों ने ग्रेनेड पर गोलाबारी भी की थी। इस घटना में 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और 40 श्रद्धालु घायल हो गए थे। जिसके बाद मंदिर को बंद कर दिया था। परंतु 2003 में मंदिर को दौबरा खोल दिया गया।

रघुनाथ मंदिर के बारे में रोचक तथ्य (Interesting facts about Raghunath Temple):

  1. रघुनाथ मंदिर के अंदर 7 हिन्दू मंदिरों का एक परिसर शामिल है और इन परिसरों में कई देवताओं की पुजा की जाती है। परंतु पीठासन देवता भगवान राम हैं जिन्हें विष्णु के अवतार रघुनाथ के नाम से भी जाना जाता है।
  2. रघुनाथ मंदिर के अंदर सभी मंदिरों के टावरों पर सोने की परतें लगीं हुई हैं।
  3. मंदिर के अंदर की दीवारों को सूर्य एवं शिव सहित कई देवताओं के 300 तरह के प्रतिको से सजाया गया है जो मंदिर मंदिर को आकर्षित बनाते है।
  4. मंदिर के अंदर एक स्कूल और एक पुस्तकालय है जो सारदा लिपि तथा संस्कृत पांडुलिपियों के एक उल्लेखनीय संग्रह के साथ कई भारतीय भाषाओं में 6,000 से अधिक पांडुलिपियों को संरक्षित करता है।
  5. रघुनाथ मंदिर सारदा लिपि पांडुलिपियों का एक महत्वपूर्ण विद्वान एवं महत्वपूर्ण स्रोत है और कश्मीर परंपरा के हिंदू और बौद्ध ग्रंथों के सबसे बड़े संग्रह में से एक है।
  6. रघुनाथ मंदिर घरों की पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण की पहल का प्रारंभिक प्रेरित करने वाला रहा है और भारत के अन्य हिस्सों से प्राचीन पांडुलिपियों को डिजिटलीकरण करने के लिए पहल की शुरुआत की है।
  7. मंदिर के प्रवेश द्वार पर सूर्य का चिन्ह बना हुआ है और यह एक अष्टकोणीय आकार में 5 फीट (1.5 मीटर) की ऊँचाई वाले मंच के ऊपर भी बनाया गया है।
  8. मंदिर की आंतरिक सूचियों में जम्मू स्कूल ऑफ पेंटिंग के चित्र हैं, जिनमें रामायण, महाभारत, भगवद गीता, और हिंदू महाकाव्यों के चित्र हैं, जिनमें गणेश, कृष्ण, शेषनाशी विष्णु जैसे देवताओं को प्रदर्शित किया गया है।
  9. मंदिर के अंदर पौराणिक कथाओं से संबंधित विषयों के अलावा, कुछ चित्र धर्मनिरपेक्ष कथाओं से संबंधित हैं, जैसे कबीर, एक संत, बुनाई में लगे हुए और डोगरा और सिख समुदायों के सैन्यकर्मी इत्यादि।
  10. मंदिर के मुख्य तीर्थस्थल में भगवान राम की मूर्ति, जो डोगरा संप्रदाय के लोगों के पारिवारिक देवता है, गर्भगृह में बनी हुई है।
  11. इस मंदिर का रामनवमी का त्यौहार दर्शनीय होता है। जो भगवान राम के जन्मोत्सव पर मनाया जाता है।
  12. रघुनाथ मंदिर बाहर से पांच कलश के रूप में नजर आता है। मंदिर के गर्भ गृह में राम-सीता व लक्ष्मण की प्रतिमाएं स्थापित हैं।
  13. इस मंदिर की सबसे विशेष बात यह है कि इसमें रामायण व महाभारत काल के कई चरित्रों की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। जो भगवान राम के जीवन काल को दर्शातीं हैं।

रघुनाथ मंदिर कैसे पहुंचे (How did Raghunath Temple reach):

  1. रघुनाथ मंदिर जाने के लिए मंदिर का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन जम्मू में तवी रेलवे स्टेशन और उधमपुर रेलवे स्टेशन है। यह से मंदिर 6.6 किमी की दूरी पर स्थित है।
  2. इसके अतिरिक्त मंदिर का सबसे निकटतम हवाई अड्डा जम्मू एयरपोर्ट है। एयरपोर्ट से मंदिर केवल 17 किमी की दूरी पर स्थित है।
  3. देहरादून से जम्मू के बीच लगभग 1 सीधी बस चलती है। जिससे मंदिर तक पहुंचा जा सकता है यह बस स्टेट ट्रांसपोर्ट बस है, इसके बाद देहरादून से सहारनपुर के लिए राज्य परिवहन की बस भी चलतीं हैं और फिर सहारनपुर से जम्मू के लिए सीएनबी जाट एक्सप्रेस लेकर मंदिर तक पहुँच सकते हैं।

This post was last modified on July 13, 2019 10:21 am

You just read: Raghunath Temple Jammu And Kashmir Gk In Hindi - FAMOUS THINGS Topic

Recent Posts

04 जुलाई का इतिहास भारत और विश्व में – 4 July in History

आईये जानते हैं भारत और विश्व इतिहास में 04 जुलाई यानि आज के दिन की…

July 4, 2020

03 जुलाई का इतिहास भारत और विश्व में – 3 July in History

आईये जानते हैं भारत और विश्व इतिहास में 03 जुलाई यानि आज के दिन की…

July 3, 2020

02 जुलाई का इतिहास भारत और विश्व में – 2 July in History

आईये जानते हैं भारत और विश्व इतिहास में 02 जुलाई यानि आज के दिन की…

July 2, 2020

01 जुलाई का इतिहास भारत और विश्व में – 1 July in History

आईये जानते हैं भारत और विश्व इतिहास में 01 जुलाई यानि आज के दिन की…

July 1, 2020

30 जून का इतिहास भारत और विश्व में – 30 June in History

आईये जानते हैं भारत और विश्व इतिहास में 30 जून यानि आज के दिन की…

June 30, 2020

29 जून का इतिहास भारत और विश्व में – 29 June in History

आईये जानते हैं भारत और विश्व इतिहास में 29 जून यानि आज के दिन की…

June 29, 2020

This website uses cookies.