वैष्णो देवी मंदिर, कटरा (जम्मू और कश्मीर)

वैष्णो देवी मंदिर, कटरा, जम्मू और कश्मीर के बारे में जानकारी: (Vaishno Devi Temple, Jammu and Kashmir GK in Hindi)

भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर के त्रिकुटा नामक ऊंचे पहाड़ों पर बना माँ वैष्णो देवी का भव्य मंदिर देश के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है।वैष्णोदेवी एक पवित्र हिन्दू मंदिर है, जो देवी शक्ति को समर्पित है। माँ वैष्णो देवी की यात्रा सर्वमंगलकारिणी है। यात्रा के समय भक्त अपने हाथो में माँ का ध्वज और माँथे पर माता की चुनरी बांधकर जयकारे लगाकर सम्पूर्ण मार्ग को आस्था से भर देते है। कटरा स्थित इस भव्य मंदिर में तिरुपति बालाजी मंदिर के बाद देश में सबसे ज्यादा भक्त दर्शन के लिए जाते हैं।

वैष्णो देवी मंदिर का संक्षिप्त विवरण: (Quick Info about Vaishno Devi Temple)

स्थान कटरा, जम्मू और कश्मीर (भारत)
निर्माण तिथि 13वीं शताब्दी (लगभग)
निर्माता पंडित श्रीधर
प्रकार हिन्दू मंदिर
मुख्य देवता वैष्णो देवी (शक्ति)

वैष्णो देवी मंदिर का इतिहास: (Vaishno Devi Temple History in Hindi)

भारत के जम्मू और कश्मीर में पहाड़ी पर स्थित मां वैष्णोदेवी मंदिर की कहानी और महिमा के बारे में माना जाता है कि लगभग 700 वर्ष पहले मां वैष्णोदेवी के मंदिर का निर्माण एक ब्राह्मण पुजारी पंडित श्रीधर द्वारा किया गया था। हिंदू धर्म में वैष्णो देवी, जो माता रानी और वैष्णवी के रूप में भी जानी जाती हैं, देवी मां का अवतार हैं। यह उत्तरी भारत में सबसे पूजनीय पवित्र स्थलों में से एक है।

वैष्णो देवी मंदिर के बारे में रोचक तथ्य: (Interesting Facts about Vaishno Devi Temple in Hindi)

  • जम्मू के उत्तर में 61 किलोमीटर की दूरी पर समुद्र तट से 5200 फीट की ऊँचाई पर माँ की पवित्र गुफा स्थित है।
  • माँ वैष्णो देवी यात्रा की शुरुआत कटरा से होती है। जम्मू से कटरा की दूरी लगभग 50 कि.मी. है। कटरा से ही माता के दर्शन के लिए आपको नि:शुल्क ‘यात्रा पर्ची’ मिलती है। यह यात्रा पर्ची 6 घंटे तक मान्य रहती है।
  • बाण गंगा में यात्रियों के सामान की जांच (चेकिंग) की जाती है। चढ़ाई यात्रा के बीच में आपको जलपान, चाय, भोजन आदि का प्रबंध भी किया गया है।
  • माँ के दर्शन के लिए रातभर यात्रियों की चढ़ाई का सिलसिला चलता रहता है। यदि आप पैदल यात्रा नही करना चाहते, तो आप हेलिकॉप्टर, पिट्टू भी किराये पर ले सकते है।
  • कटरा से लगभग 14 मीटर खड़ी चढ़ाई के बाद ही मां के भवन के दर्शन होते हैं।
  • वैष्णो देवी ने जिस जगह बना भैरोनाथ का वध किया था, उसी स्थान को माता रानी का भवन कहा जाता है। गुफा के अंदर कोई मूर्ति नहीं हैं, लेकिन इसी जगह पर पत्थर की 3 प्राकृतिक संरचनाएं है, जिन्हे पिण्डी कहा जाता है। इस गुफा की लंबाई 30 मी. और ऊंचाई 1.5 मी. है।
  • तीन पिंडियो में माँ काली (दाएँ), माँ सरस्वती (बाएँ) और माँ लक्ष्मी पिंडी (मध्य) के रूप में गुफा में विराजित है। यहाँ दर्शन साल भर चौबीसों घंटे खुले रहते है।
  • गुफा के अन्दर जिस स्थान पर माता विराजमान है उसे गर्भजून कहा जाता है।
  • भैरवनाथ का वध करने पर उसका शीश भवन से तीन कि.मी. दूर जिस स्थान पर गिरा, आज उस स्थान को ‘भैरोनाथ के मंदिर’ के नाम से जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि अपने वध के बाद भैरवनाथ को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने माँ से क्षमा याचना की, जिसके बाद माता ने उसे माफ़ कर दिया और भैरवनाथ को वरदान देते हुए कहा कि मेरे दर्शन तब तक पूरे नहीं माने जाएँगे, जब तक कोई भक्त मेरे बाद तुम्हारे दर्शन नहीं करेगा।
  • यहां पर प्रतिवर्ष हजारों किलो सोने-चांदी के आभूषण चढ़ाए जाते हैं। माता वैष्णो देवी मंदिर की सालाना आय लगभग 500 करोड़ रुपये है। यह देश के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है।
  • जम्मू के कटरा मे ऊंचे पहाड़ों पर बने इस मंदिर में सालभर श्रद्धालुओं का तांता लगता है। वैष्णो देवी मंदिर भारत में आंध्रप्रदेश के चितूर जिले में स्थित तिरूमला वेंकटेश्वर मंदिर के बाद दूसरा सर्वाधिक देखा जाने वाला धार्मिक तीर्थ-स्थल है।
  • भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 19 मई 2018 को मंदिर के लिए 7 किलोमीटर लंबे और 6 मीटर चौडे एक वैकल्पिक मार्ग को भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। इस मार्ग को बनाने में करीब 80 करोड़ रुपये की लागत आई थी।
  • वर्ष 1986 के बाद से श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा इस तीर्थ स्थान का प्रबंधन और यात्रियों की यात्रा आरामदायक बनाने के उद्देश्य से विकासात्मक गतिविधियां सम्पन्न की जा रही है। बोर्ड द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न प्रकार के विकास कार्य यहाँ आये हुए दान से किया जाता है।
  • कटरा व जम्मू के आसपास कई दर्शनीय पर्यटन स्थल  हैं, जहाँ आप जम्मू की ठंडी वादियों का लुत्फ ले सकते हैं। जम्मू में अमर महल, बहू फोर्ट, मंसर लेक, रघुनाथ टेंपल आदि देखने लायक स्थान हैं। जम्मू से लगभग 112 किमी की दूरी पर ‘पटनी टॉप’ एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। सर्दियों में आप यहाँ स्नो फॉल का भी मजा ले सकते हैं। कटरा के नजदीक शिव खोरी, झज्झर कोटली, सनासर, बाबा धनसार, मानतलाई, कुद, बटोट आदि कई दर्शनीय स्थल हैं।
  • 3 सितम्बर 2019 को जलशक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने स्वच्छ प्रतिष्ठित स्थानों की रैंकिंग जारी की है। जिसके अनुसार माता वैष्णो देवी के मंदिर को भारत का “सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ प्रतिष्ठित स्थल” घोषित किया गया है।

वैष्णो धाम कब और कैसे पहुंचे:

  • हवाई मार्ग द्वारा: वैष्णो देवी का नजदीकी हवाई अड्डा जम्मू है, जो यहाँ से 48 कि.मी. की दूरी पर स्थित है और दिल्ली से यह सफ़र मात्र 1 घंटा 20 मिनट का है। दिल्ली, मुंबई, श्रीनगर और बड़े महानगरो से जामु के लिए रोजाना हवाई जहाज उपलब्ध है।
  • रेल मार्ग द्वारा: वैष्णो देवी का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन कटरा है। जम्मू शहर देश के बड़े नगरो से रेल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है।
  • सड़क मार्ग द्वारा: राष्टीय राजमार्ग 1A जम्मू से श्रीनगर और जम्मू अच्छी तरह से अन्य महानगरो से जुड़ा हुआ है।

वैष्णो मंदिर जाने का सबसे उत्तम समय:

वैष्णो देवी मंदिर वर्षभर भक्तो के लिए खुला रहता है। वैष्णो धाम की यात्रा के लिए गर्मियों का मौसम सबसे उत्तम रहता है, क्योकि सर्दियों के मौसम मे जम्मू में भारी बर्फबारी होती है जिसके कारण यात्रा करना कठिन हो जाता है।

This post was last modified on September 5, 2019 5:11 pm

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