राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्षों का नाम और उनके कार्यकाल की सूची (1992 से 2018 तक)

General Knowledge: Chairperson Of National Commission For Women In Hindi

राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्षों की सूची (1992-2018): (Chairpersons of Indian National Commission for Women in Hindi)

राष्ट्रीय महिला आयोग किसे कहते है?

राष्ट्रीय महिला आयोग भारतीय संसद द्वारा 1990 में पारित अधिनियम के तहत जनवरी 1992 में गठित एक संवैधानिक निकाय है। यह एक ऐसी इकाई है जो शिकायत या स्वतः संज्ञान के आधार पर महिलाओं के संवैधानिक हितों और उनके लिए कानूनी सुरक्षा उपायों को लागू कराती है। आयोग की पहली प्रमुख सुश्री जयंती पटनायक थीं। 17 सितंबर, 2014 को ममता शर्मा का कार्यकाल पूरा होने के पश्चात ललिता कुमारमंगलम को आयोग का प्रमुख बनाया गया है।

राष्ट्रीय महिला आयोग का उद्देश्य:

राष्ट्रीय महिला आयोग का उद्देश्य भारत में महिलाओं के अधिकारों का प्रतिनिधित्व करने के लिए और उनके मुद्दों और चिंताओं के लिए एक आवाज प्रदान करना है। आयोग ने अपने अभियान में प्रमुखता के साथ दहेज, राजनीति, धर्म और नौकरियों में महिलाओं के लिए प्रतिनिधित्व तथा श्रम के लिए महिलाओं के शोषण को शामिल किया है, साथ ही महिलाओं के खिलाफ पुलिस दमन और गाली-गलौज को भी गंभीरता से लिया है।

बलात्कार पीड़ित महिलाओं के राहत और पुनर्वास के लिए बनने वाले कानून में राष्ट्रीय महिला आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अप्रवासी भारतीय पतियों के जुल्मों और धोखे की शिकार या परित्यक्त महिलाओं को कानूनी सहारा देने के लिए आयोग की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही है।

राष्ट्रीय महिला आयोग के कार्य एवं अधिकार:

आयोग के कार्यों में संविधान तथा अन्‍य कानूनों के अंतर्गत महिलाओं के लिए उपबंधित सुरक्षापायों की जांच और परीक्षा करना है। साथ ही उनके प्रभावकारी कार्यांवयन के उपायों पर सरकार को सिफारिश करना और संविधान तथा महिलाओं के प्रभावित करने वाले अन्‍य कानूनों के विद्यमान प्रावधानों की समीक्षा करना है। इसके अलावा संशोधनों की सिफारिश करना तथा ऐसे कानूनों में किसी प्रकार की कमी, अपर्याप्‍तता, अथवा कमी को दूर करने के लिए उपचारात्‍मक उपाय करना है। शिकायतों पर विचार करने के साथ-साथ महिलाओं के अधिकारों के वंचन से संबंधित मामलों में अपनी ओर से ध्‍यान देना तथा उचित प्राधिकारियों के साथ मुद्दे उठाना शामिल है। भेदभाव और महिलाओं के प्रति अत्‍याचार के कारण उठने वाली विशिष्‍ट समस्‍याओं अथवा परिस्थितियों की सिफारिश करने के लिए अवरोधों की पहचान करना, महिलाओं के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए योजना बनाने की प्रक्रिया में भागीदारी और सलाह देना तथा उसमें की गई प्रगति का मूल्‍यांकन करना इनके प्रमुख कार्य हैं।

साथ ही कारागार, रिमांड गृहों जहां महिलाओं को अभिरक्षा में रखा जाता है, आदि का निरीक्षण करना और जहां कहीं आवश्‍यक हो उपचारात्‍मक कार्रवाई किए जाने की मांग करना इनके अधिकारों में शामिल है। आयोग को संविधान तथा अन्‍य कानूनों के तहत महिलाओं के रक्षोपायों से संबंधित मामलों की जांच करने के‍ लिए सिविल न्‍यायालय की शक्तियां प्रदान की गई हैं।

राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्षों की सूची:

अध्यक्ष का नाम कार्यकाल का प्रारंभ कार्यकाल की समाप्ति
जयंती पटनायक 03 फरवरी 1992 30 जनवरी 1995
वी मोहिनी गिरि 21 जुलाई 1995 20 जुलाई 1998
विभा पार्थसारथी 18 जनवरी 1999 17 जनवरी 2002
पूर्णिमा आडवाणी 25 जनवरी 2002 24 जनवरी 2005
गिरिजा व्यास 16 फरवरी 2005 15 फरवरी 2008
गिरिजा व्यास 09 अप्रैल 2008 08 अप्रैल 2011
ममता शर्मा 02 अगस्त 2011 01 अगस्त 2014
ललिता कुमारमंगलम 17 सितंबर 2014 अब तक

इन्हें भी पढे: भारतीय दंड सहिंता की धाराएं और मिलने वाली सजा की सूची

Raashtreey Mahila Aayog Ke Adhyakshon Ka Naam Aur Unke Kaaryakaal Ki Suchi

सामान्य ज्ञान अपनी ईमेल पर पाएं!

Leave a Reply

Your email address will not be published.