ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकारो की सूची (वर्ष 1965 से 2018 तक)


General Knowledge: Gyanpeeth Award Winners List In Hindi
Gyaanapeeth Puraskaar Se Sammaanit Saahityakaaro Ki Suchi (varsh 1965 Se 2017 Tak)



ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता (1965 से अब तक): [(Jnanpith (Gyanpith) Award Winners List in Hindi)]

ज्ञानपीठ पुरस्कार किसे कहते है?

भारतीय ज्ञानपीठ न्यास द्वारा ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ भारतीय साहित्य के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार की स्थापना साल 1965 में की गयी थी। देश का कोई भी व्यक्ति जो भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में बताई गई 22 भाषाओं में से किसी भी भाषा में लिखता हो इस पुरस्कार के योग्य है। अब तक हिन्दी तथा कन्नड़ भाषा के लेखक सबसे अधिक 7 बार इस सम्मान को प्राप्त कर चुके हैं। साल 1965 में मलयालम लेखक जी शंकर कुरुप को प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

Quick Info About Bharatiya Jnanpith Award in Hindi

पुरस्कार का वर्ग साहित्य
स्थापना वर्ष 1965
पुरस्कार राशि 11 लाख रुपये
प्रथम विजेता जी शंकर कुरुप (मलयालम)
भारत की प्रथम महिला विजेता आशापूर्णा देवी (बांग्ला)
आखिरी विजेता कृष्णा सोबती (2017)
विवरण भारतीय साहित्य के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार

ज्ञानपीठ पुरस्कार में कितनी पुरस्कार राशि दी जाती है?

इसमें पुरस्कार स्वरूप 11 लाख रुपये, प्रशस्तिपत्र और वाग्देवी की कांस्य प्रतिमा प्रदान की जाती है। जब वर्ष 1965 में ज्ञानपीठ पुरस्कार की स्थापना हुई थी, तो उस समय पुरस्कार राशि मात्र एक लाख रुपये थी। वर्ष 2005 में पुरस्कार राशि को एक लाख रुपये से बढाकर सात लाख रुपये कर दिया गया, जो वर्तमान में ग्यारह लाख रुपये हो चुकी है।

53वां ज्ञानपीठ पुरस्कार 2017:

वर्ष 2017 का 53वां ज्ञानपीठ पुरस्कार हिन्दी की प्रतिष्ठित लेखिका कृष्णा सोबती को प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के रूप में उन्हें वाग्देवी की प्रतिमा, 11 लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। कृष्णा सोबती को उनके उपन्यास ‘जिंदगीनामा’ के लिए वर्ष 1980 का साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था। उन्हें साल 1996 में अकादमी के उच्चतम सम्मान साहित्य अकादमी फैलोशिप से भी नवाजा गया था। कृष्णा सोबती की प्रमुख रचनाओं में ज़िन्दगीनामा, ऐ लड़की, मित्रो मरजानी और जैनी मेहरबान सिंह शामिल है।

बांग्ला साहित्य के प्रसिद्ध कवि शंखा घोष को वर्ष 2016 के प्रतिष्ठित ’52वें ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था।

वर्ष 1965 से अब तक ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेताओं की सूची:-

वर्ष ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार
2017 कृष्णा सोबती (हिन्दी)
2016 शंख घोष (बांग्ला)
2015 रघुवीर चौधरी (गुजराती)
2014 भालचन्द्र नेमाड़े (मराठी) एवं रघुवीर चौधरी (गुजराती)
2013 केदारनाथ सिंह (हिन्दी)
2012 रावुरी भारद्वाज (तेलुगू)
2011 प्रतिभा राय (ओड़िया)
2010 चन्द्रशेखर कम्बार (कन्नड)
2009 अमरकान्त व श्रीलाल शुक्ल (हिन्दी)
2008 अखलाक मुहम्मद खान शहरयार (उर्दू)
2007 ओ.एन.वी. कुरुप (मलयालम)
2006 रवीन्द्र केलकर (कोंकणी) एवं सत्यव्रत शास्त्री (संस्कृत)
2005 कुँवर नारायण (हिन्दी)
2004 रहमान राही (कश्मीरी)
2003 विंदा करंदीकर (मराठी)
2002 दण्डपाणी जयकान्तन (तमिल)
2001 राजेन्द्र केशवलाल शाह (गुजराती)
2000 इंदिरा गोस्वामी (असमिया)
1999 निर्मल वर्मा (हिन्दी) एवं गुरदयाल सिंह (पंजाबी)
1998 गिरीश कर्नाड (कन्नड़)
1997 अली सरदार जाफरी (उर्दू)
1996 महाश्वेता देवी (बांग्ला)
1995 एम.टी. वासुदेव नायर (मलयालम)
1994 यू.आर. अनंतमूर्ति (कन्नड़)
1993 सीताकांत महापात्र (ओड़िया)
1992 नरेश मेहता (हिन्दी)
1991 सुभाष मुखोपाध्याय (बांग्ला)
1990 वी.के.गोकक (कन्नड़)
1989 कुर्तुल एन. हैदर (उर्दू)
1988 डॉ. सी नारायण रेड्डी (तेलुगु)
1987 विष्णु वामन शिरवाडकर कुसुमाग्रज (मराठी)
1986 सच्चिदानंद राउतराय (ओड़िया)
1985 पन्नालाल पटेल (गुजराती)
1984 तक्षी शिवशंकरा पिल्लई (मलयालम)
1983 मस्ती वेंकटेश अयंगर (कन्नड़)
1982 महादेवी वर्मा (हिन्दी)
1981 अमृता प्रीतम (पंजाबी)
1980 एस.के. पोट्टेकट  (मलयालम)
1979 बिरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य (असमिया)
1978 एच. एस. अज्ञेय (हिन्दी)
1977 के. शिवराम कारंत (कन्नड़)
1976 आशापूर्णा देवी (बांग्ला)
1975 पी.वी. अकिलानंदम (तमिल)
1974 विष्णु सखा खांडेकर (मराठी)
1973 दत्तात्रेय रामचंद्र बेन्द्रे (कन्नड़) एवं गोपीनाथ महान्ती (ओड़िया)
1972 रामधारी सिंह दिनकर (हिन्दी)
1971 विष्णु डे (बांग्ला)
1970 विश्वनाथ सत्यनारायण (तेलुगु)
1969 फ़िराक गोरखपुरी (उर्दू)
1968 सुमित्रानंदन पंत (हिन्दी)
1967 के.वी. पुत्तपा (कन्नड़) एवं उमाशंकर जोशी (गुजराती)
1966 ताराशंकर बंधोपाध्याय (बांग्ला)
1965 जी शंकर कुरुप (मलयालम)

इन्हें भी पढे: पद्म पुरस्कार 2016 से सम्मानित व्यक्तियों की सूची

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2 Comments:

  1. दिनेश कुमार

    बहुत ही must ह सर जी

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