विश्व के प्रमुख वैज्ञानिक अनुसंधानो की सूची


General Knowledge: Scientific Research Institutions Of World In Hindi
Vishv Ke Pramukh Vaigyaanik Anusandhaano Ki Suchi



विश्व के प्रमुख वैज्ञानिक अनुसंधानो की सूची: (Major Scientific Research Institutions of World in Hindi) 

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद: 

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद भारत का सबसे बड़ा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर अनुसंधान एवं विकास संबंधी संस्थान है। इसकी स्थापना 1942 में हुई थी। इसकी 39 प्रयोगशालाएं एवं 50 फील्ड स्टेशन भारत पर्यन्त फैले हुए हैं। इसमें 17000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। हालांकि इसकी वित्त प्रबंध भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा होता है, फिर भी ये एक स्वायत्त संस्था है। इसका पंजीकरण भारतीय सोसायटी पंजीकरण धारा 1860 के अंतर्गत हुआ है।

  • स्टेम सेल अनुसंधान: अमेरिकी और जापानी शोधकर्ताओं ने वयस्क त्वचा कोशिकाओं को भ्रूण से प्राप्त होने वाली स्टेम सेल कोशिकाओं की तरह कार्य करने के लिए प्रोग्राम करने में सफलता प्राप्त की। यह खोज इस संभावना के लिए रास्ता बनाती है कि भविष्य में वैज्ञानिक किसी भ्रूण की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त किए बिना वयस्क कोशिकाओं का प्रयोग कर बीमारियों का इलाज ढूंढ़ सकेंगे।
  • सर्वाधिक चमकदार सुपरनोवा: कैलिफोर्निया और टेक्सास में खगोलवेत्ताओं ने ब्रह्माण्ड में अब तक देखे गए सबसे चमकदार और सबसे बड़े विस्फोट को दर्ज किया।

खगोल विज्ञान में ‘सुपरनोवा’ कहलाने वाली इस प्रक्रिया में हमारे सूरज से लगभग 100 से 200 गुना आकार वाला सितारा ब्लैक होल में तब्दील हो गया। इसके बाद इसमें प्रचंड विस्फोट हुआ और यह घटना हुई पृथ्वी से लगभग 240 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक आकाश गंगा में।

  • जीन मैपिंग: जीनोम आधारित औषधि के क्षेत्र में कार्य कर रही दो कंपनियों ने लगभग एक साथ ही किसी मानव का पूरा जीनतंत्र पढ़ लेने में सफलता प्राप्त की। जेम्स वॉटसन और जे. क्रेग वेंटर नामक दो व्यक्तियों पर हुए इन स्वतंत्र अध्ययनों में इन्हें वंशानुक्रम में प्राप्त हुए क्रोमोसोम्स तक का सफल अध्ययन कर लिया गया।
  • प्राकृतिक हार्ट वॉल्व: लंदन में शोधकर्ताओं के एक दल ने मानव अस्थि मज्जा से प्राप्त कोशिकाओं को हार्ट वॉल्व के ऊतक के रूप में विकसित करने में सफलता प्राप्त की। यह ऊतक संपूर्ण हार्ट वाल्व के रूप में विकसित हो सकता है और उम्मीद है कि आगामी पाँच वर्र्षो में इस तरह से तैयार प्राकृतिक हार्ट वॉल्व को मनुष्यों में प्रत्यारोपित किया जा सकेगा।
  • अंटार्कटिका में नई प्रजातियाँ: वैज्ञानिकों ने घोषणा की कि उन्होंने अंटार्कटिका के निकट गहरे पानी में लगभग 700 नई प्रजातियों को खोज लिया है। इनमें जायंट सी स्पाइडर, माँसाहारी स्पंज और दीमक जैसे क्रस्टेशियन्स शामिल हैं। पहले यह क्षेत्र ग्लेशियर की बर्फ से ढका हुआ था।
  • डायनासोर जैसी बड़ी चिड़िया: फॉसिल्स का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों ने चीन में एक बड़े माँसाहारी डायनासोर के जीवाश्म प्राप्त किए। इस डायनासोर की भुजाएं पंखों जैसी थीं। इस खोज ने उस पुराने स्थापित तथ्य को खारिज कर दिया कि उड़ान में सक्षम होने के साथ ही माँसाहारी जीवों का आकार छोटा होने लगता है।
  • प्राचीनतम जीवित जंतु: आइसलैंड के तटवर्ती क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने 405 साल पुराने क्लैम को ढूंढ़ निकाला और दावा किया कि यह विश्व का प्राचीनतम जीवित जंतु है। अफसोस कि इसके कवच पर मौजूद छल्लों के अध्ययन के दौरान इन्हीं वैज्ञानिकों के हाथों उसकी ‘हत्या’ हो गई।
  • जीवन कीभट्ठियाँ‘: ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने सौरमंडल के बाहर तीन विशालकाय ग्रहों को खोज निकाला। आकार में बृहस्पति ग्रह के बराबर इन ग्रहों का तापमान इतना अधिक है कि वहाँ पर जीवन नहीं हो सकता, लेकिन यह इस बात का इशारा करते हैं कि इनके आसपास मौजूद दूसरे छोटे ग्रहों में जीवन के अनुकूल परिस्थितियाँ मिल सकती हैं।
  • होमोसेपियंस का नवीन अध्ययन:1952 में दक्षिण अफ्रीका में मिली एक मानव खोपड़ी का अध्ययन इस साल पूरा हो गया। इस जीवाश्म के सुराग यह कहते हैं कि आधुनिक मानव (होमोसेपियंस) का मूलस्थान अफ्रीका का उप-सहारा क्षेत्र था और यहाँ से इसने लगभग 65,000-25,000 वर्ष पूर्व यूरेशिया की तरफ कदम बढ़ाए।
  • वास्तविक क्रिप्टोनाइट: ‘सुपरमैन रिटर्न’ मूवी की कल्पना इस साल हकीकत में तब्दील हो गई जब वैज्ञानिकों ने क्रिप्टोनाइट के समतुल्य रासायनिक समीकरण वाले यौगिक अयस्क को साइबेरिया में ढूंढ़ निकाला। सोडियम लीथियम बोरॉन सिलिकेट हाइड्रोक्साइड फार्मूला वाले इस यौगिक अयस्क को वैज्ञानिकों ने जैडेराइट का नाम दिया। काश यह सुपरमैन की फिल्म की तरह हरे रंग की चमक बिखेरता, तो इसे वही सुपरहिट नाम (क्रिप्टोनाइट) मिल जाता।

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