प्रधानमंत्री सुकन्या समृद्धि योजना का अर्थ, उद्देश्य, तथ्य और लाभ


General Knowledge: Sukanya Samriddhi Yojana Information In Hindi



सुकन्या समृद्धि योजना (स्कीम) क्या है? (Sukanya Samriddhi Yojana Information in Hindi)

भारत सरकार द्वारा सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत 02 दिसंबर 2014 की गयी थी। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई “बेटी बचाओ बेटी, पढाओ अभियान” का ही हिस्सा है।

सुकन्या समृद्धि योजना का उद्देश्य:

सरकार द्वारा देश में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत की है। सुकन्या समृद्धि योजना का उद्देश्य बेटियों की पढ़ाई और उनकी शादी पर आने वाले खर्च को आसानी से पूरा करना है। महिला और बाल विकास मंत्रालय की वेबसाइट से मिली आंकड़े बताते हैं कि 1991 में भारत का बाल यौन अनुपात (CSR) 945 था और 2001 में 927 तक गिरावट आई थी जबकि एक दशक बाद यह आंकड़ा 919 था। 1961 से बाल यौन अनुपात (CSR) की आंकड़ों में लगातार होती गिरावट चिंता का बड़ा मामला रहा है। महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे देश में बेटियों के लिए सकारात्मक माहौल तैयार हो, भारत में बेटो और बेटियों के बीच होने वाले भेदभाव और लिंगानुपात को कम किया जा सके।

सुकन्या समृद्धि योजना के नियम: सुकन्या समृद्धि खाता कैसे खोल सकते है?

सुकन्या समृद्धि योजना केवल के लड़कियों के लिए ही है, इस योजना अंतर्गत लड़की के माता-पिता या संरक्षक बेटी के नाम से खाता खुलवा सकते हैं। यह खाता किसी भी लड़की के जन्म से लेकर उसकी 10 वर्ष की उम्र तक अधिकृत बैंक शाखा या किसी डाकघर (पोस्ट ऑफिस) में खोला जा सकता है। इस योजना के अंतर्गत बेटी नाम से सिर्फ एक ही खाता खोला जा सकता है। माता-पिता या संरक्षक दो बेटियों के अलग-अलग एक खाता खोल सकते हैं। यदि जुड़ुआ बेटियां हैं तो जन्म संबंधी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा जिसके बाद तीसरा खाता खोला जा सकता है।

आइये जानते है सुकन्या समृद्धि खाता खोलने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज आवश्यक होते हैं:

  • बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र (एड्रेस प्रूफ)
  • पहचान प्रमाण पत्र (आईडी प्रूफ)
  • कानूनी अभिभावक के दो फोटो

सुकन्या समृद्धि खाते खोलने के लिए अधिकृत बैंक कौन-कौन से है:

जो बैंक योजना के तहत खाता खोलने के लिए अधिकृत हैं उनमें भारतीय स्‍टेट बैंक, स्‍टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्‍टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्‍टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्‍टेट बैंक ऑफ बीकानेर और जयपुर, स्‍टेट बैक ऑफ पटियाला, विजया बैक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, सिंडिकेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, इंडियन ओवसीज बैंक, इंडियन बैंक, आईडीबीआई बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, देना बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्‍सिस बैंक, आंध्रा बैंक और इलाहाबाद बैंक शामिल हैं।

सुकन्या समृद्धि खाता के बारे में तथ्य और सूचना:

  • सुकन्या समृद्धि योजना के तहत किसी भी लड़की जिसकी आयु 10 साल से कम उसका खाता खोला जा सकता है। यह योजना 02 दिसंबर 2014 को शुरू हुई थी।
  • इस योजना में जमा की जाने वाली रकम की न्‍यूनतम सीमा 1000 रुपये और अधिकतम सीमा एक लाख 50 हजार रुपये हैं।
  • यह पैसा अकाउंट खुलने के 14 साल तक ही जमा करवाना होगा और यह खाता बेटी के 21 साल की होने पर ही मैच्योर होगा।
  • योजना के नियमों के अंतर्गत बेटी के 18 साल के होने पर आधा पैसा निकलवा सकते हैं।
  • 21 साल के बाद खाता बंद हो जाएगा और पैसा अभिभावक को मिल जाएगा।
  • अगर बेटी की 18 से 21 साल के बीच शादी हो जाती है, तो अकांउट उसी वक्त बंद हो जाएगा।
  • अकाउंट में अगर पेमेंट लेट हुई तो सिर्फ 50 रुपए की पैनल्टी लगाई जाएगी।

यदि योजना कोई व्यक्ति इस योजना के अंतर्गत 2018 में 1,000 रुपए महीने से खाता खोलता है, तो उसे 14 साल तक यानी 2032 तक हर साल 12 हजार रुपए डालने होंगे। यदि उसे हर साल 8.6 फीसदी ब्याज मिलता रहेगा तो जब बच्ची 21 साल की होगी तो उसे 6,07,128 रुपए मिलेंगे। गौर करने वाली बात यह है कि 14 सालों में अभिभावक ने खाते में कुल 1.68 लाख रुपए ही जमा करने पड़े। बाकी के 4,39,128 रुपए ब्याज के हैं।

बंद हो चुके सुकन्या समृद्धि खाते को दोबारा कैसे शुरू करें?

किसी भी वित्तीय वर्ष के दौरान बंद हो चुके सुकन्या समृद्धी खाता को दोबारा शुरू करने के लिए 50 रु का जुर्माना देकर इसे फिर से सक्रिय करने का प्रावधान है तथा एक वित्तीय वर्ष के लिए 1000 रु की न्यूनतम जमा राशि जमा करानी होगी।

सुकन्या समृद्धि खाता योजना के लाभ:

  • सुकन्या समृद्धि योजना देश में लड़कियों के आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देती है। एक लड़की के वयस्क होने तक उसके अभिभावक द्वारा लड़की के नाम पर खाते में नियमित रूप से पैसे की बचत के साथ लड़की के लिए एक निश्चित वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।
  • जब इस योजना को शुरू की गई थी तब इस योजना के तहत जमा की जाने वाली रकम पर वार्षिक 9.2 प्रतिशत ब्‍याज दिया जाता था, हालांकि, हर साल अप्रैल में इसकी समीक्षा होगी और जो भी बदलाव होगा उसकी जानकारी तत्काल दे दी जाएगी। ब्याज की गणना सालाना होगी, जिसे सीधे बैंक खाते में जमा करवाया जाएगा।
  • सुकन्या समृद्धी अकाउंट स्कीम में खाते में माता-पिता/संरक्षक द्वारा किया निवेश धारा 80 सी के तहत EEE के तहत आयकर से छूट है। EEE द्वारा इसका मतलब है कि मूल, ब्याज और परिपक्वता राशि को कर से छूट दी गई है।
  • कोई भी लड़की के नाम से खाता है वह दस वर्ष की आयु होने के बाद खाते को संचालित कर सकती है, परन्तु जब तक लड़की की दस साल नही होती है, तब तक पिता/अभिभावक खाते को संचालित करेंगे।
  • सुकन्या समृद्धि खाता खाते की परिपक्वता (मैच्योरिटी) खाता खोलने की तारीख से 21 साल या फिर बेटी की शादी की तारीख जो पहले आ जाए होती है।
  • सुकन्या समृद्धी खाते के सामान्य समय से पहले बंद होने की अनुमति 18 साल के पूरा होने के बाद केवल तभी दी जाएगी जब लड़की का विवाह हो।
  • शादी के खर्च के लिए या उच्च शिक्षा के लिए खाताधारक की 18 वर्ष की आयु होने के बाद आंशिक निकासी के रूप में 50% तक की राशि ली जा सकती है।

सुकन्या समृद्धि योजना की इंटरेस्ट रेट 2018?

सुकन्या समृद्धि योजना खाते की वर्तमान ब्याज दर 8.1 प्रतिशत है, जो कि 01 जनवरी 2018 से लागू है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार हर तिमाही में नई ब्याजदर की घोषणा करती है। अप्रैल 2018 से जून 2018 की तिमाही के लिए इस ब्याज दर में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। यानी कि नई तिमाही में भी 8.1 प्रतिशत ब्याज दर ही जारी रहेगी। फिलहाल यह वरिष्ठ नागरिक बचत योजना खाता की ब्याज दर को छोड़कर अन्य सभी सरकारी बचत योजनाओं में मिलने वाली सर्वाधिक ब्याज है।

सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर में हुए बदलाव: (Changes in Sukanya Yojana Interest Rate)

सुकन्या समृद्धि योजना शुरू होने से लेकर अब तक इसकी ब्याज दर इस तरह रही है:-

  • 01 अप्रैल 2014 से 31 मार्च 2015 तक 9.1 %
  • 01 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2016 तक 9.2 %
  • 01 अप्रैल 2016 से 30 सितंबर 2016 तक 8.6 %
  • 01 अक्टूबर 2016 से 31 दिसंबर 2016 तक: 8.5 %
  • 01 जुलाई 2017 से 31 दिसंबर 2017 तक 8.3 %
  • 01 जनवरी 2018 से 30 जून 2018 तक 8.1 %
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