पुरस्कारों के प्रथम प्राप्तकर्ता

पुरस्कारों के प्रथम विजेता (First person in awards GK in Hindi): दोस्तो आप इस अध्याय के माध्यम से भारत और विश्व के अलग-अलग क्षेत्रों में दिये जाने वाले प्रमुख पुरस्कारों में प्रथम व्यक्तियों के बारे में सामान्य ज्ञान जानकारी प्राप्त करेंगे। यहाँ आप भारत रत्न प्राप्त करने वाली प्रथम भारतीय महिला संगीतकार, नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली प्रथम महिला, मिस वर्ल्ड से सम्मानित प्रथम भारतीय महिला, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रथम साहित्यकार, ऑस्कर पुरस्कार प्राप्त करने वाली प्रथम भारतीय महिला, भारत रत्न प्राप्त करने वाले प्रथम विदेशी, पदम् भूषण से सम्मानित प्रथम खिलाडी, व्यास सम्मान से सम्मानित प्रथम भारतीय, रेमन मैगसेसे पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रथम भारतीय,अशोक चक्र से सम्मानित भारतीय प्रथम महिला, मिस्टर वर्ल्ड खिताब जीतने वाले प्रथम भारतीय तथा लेनिन शांति पुरस्कार से सम्मानित प्रथम पुरुष आदि जैसे अन्य उपयोगी पोस्ट्स से संबन्धित ज्ञान अर्जित कर सकते है, जिन्हें पढ़कर आप आगामी प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी उचित प्रकार से कर सकते है।

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21-Jan-1944 – प्रतिभा राय ओड़िया भाषा की एक मशहूर लेखिका हैं। उन्होंने अपने उपन्यासों के माध्यम से सामाजिक अन्याय और भष्ट्राचार के विरुद्ध आवाज़ बुलंद की। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय साहित्यिक और शैक्षिक सम्मेलनों में भाग लेने के लिए भारत के अंदर बहुत बड़े पैमाने पर यात्रा की है। इनको 2011में 47वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।इनके अब तक 20 उपन्यास, 24 लघुकथा संग्रह, 10 यात्रा वृत्तांत, दो कविता संग्रह और कई निबंध प्रकाशित हो चुके हैं।

06-Feb-1890 – 20-Jan-1988 – ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान एक महान् राजनेता थे जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था। ब्रिटिश सरकार से आजादी के लिए संघर्षरत ‘स्वतंत्र पख्तूनिस्तान” आंदोलन के प्रणेता थे। अब्दुल गफ्फार खान एक राजनैतिक और आध्यात्मिक नेता थे जिन्हें महात्मा गाँधी की तरह उनके अहिंसात्मक आन्दोलन के लिए जाना जाता है। उनका लक्ष्य संयुक्त, स्वतन्त्र और धर्मनिरपेक्ष भारत बनाने का था। इसके लिये उन्होने 1930 में खुदाई खिदमतगार नाम के संग्ठन की स्थापना की। और यह संगठन “सुर्ख पोश”(या लाल कुर्ती दल ) के नाम से भी जान जाता है।

15-Jan-1888 – 09-Oct-1963 – सैफुद्दीन किचलू एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, वकील, व भारतीय राष्ट्रवादी मुस्लिम नेता थे। एक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनेता, वह पहली बार पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख बने और बाद में 1924 में एआईसीसी के महासचिव बने।

02-Oct-1904 – 11-Jan-1966 – लाल बहादुर शास्त्री स्वतंत्र भारत के दूसरे प्रधानमंत्री एवं स्वतंत्रता सेनानी थे। वह 09 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक लगभग 18 महीने देश के प्रधानमंत्री रहे। शारीरिक कद में छोटे होने के बावजूद भी वह महान साहस और इच्छाशक्ति के व्यक्ति थे। वर्ष 1966 में लाल बहादुर शास्त्री को उनकी सादगी, देशभक्ति और ईमानदारी के लिये मरणोपरान्त देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न‘ से सम्मानित किया गया था।

09-Jan-1922 – 09-Nov-2011 – डॉ. हरगोविंद खुराना एक भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक थे, जिन्हें सन 1968 में प्रोटीन संश्लेषण में न्यूक्लिटाइड की भूमिका का प्रदर्शन करने के लिए चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्हें यह पुरस्कार साझा तौर पर दो और अमेरिकी वैज्ञानिकों के साथ दिया गया।

08-Jan-1909 – 13-Jul-1995 – आशापूर्णा देवी एक प्रसिद्ध बंगाली कवयित्री और उपन्यासकार थीं। इनका परिवार एक मध्यमवर्गीय परिवार था। इनके पिता एक अच्छे चित्रकार थे और इनकी माता की बांग्ला साहित्य में गहरी रुचि थी। पिता की चित्रकारी में रुचि और माँ के साहित्य प्रेम की वजह से आशापूर्णा देवी को उस समय के जाने-माने साहित्यकारों और कला शिल्पियों से निकट परिचय का अवसर मिला। उनकी प्रमुख रचनाएँ निम्न है जैसे; स्वर्णलता, प्रथम प्रतिश्रुति, प्रेम और प्रयोजन, बकुलकथा, गाछे पाता नील, जल, आगुन आदि। उन्हें 1976 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार प्राप्त करने वाली वे पहली महिला हैं।

06-Jan-1967 – ए. आर. रहमान एक प्रसिद्ध भारतीय संगीतकार हैं। इनका पूरा नाम अल्लाह रक्खा रहमान हैं। सुरों के बादशाह रहमान ने हिंदी के अलावा अन्य कई भाषाओं की फ़िल्मों में भी संगीत दिया है। रहमान ने संगीत की आरंभिक शिक्षा मास्टर धनराज से प्राप्त की और 11 साल की अल्पायु में ही वे अपने पिता के करीबी दोस्त एम.के. अर्जुन के साथ मलयालम ऑर्केस्ट्रा बजाना आरम्भ कर दिया था। रहमान एक ही वर्ष में दो ऑस्कर पुरस्कार जितने वाले वे पहले एशियाई व्यक्ति है। रहमान को साल 2009 में आई उनकी फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर” के गीत ‘जय हो” के लिए बेस्ट ऑरिजिनल स्कोर और बेस्ट ऑरिजिनल सॉन्ग के लिए ऑस्कर पुरस्कार से नवाजा गया था।

01-Jan-1954 – शांता रंगास्वामी एक पूर्व भारतीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी है, जो 1980 के दशकों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ओर से टेस्ट और एकदिवसीय खेलती थी। भारत ने इनके नेतृत्व में नवंबर 1978 में पटना में इनकी कप्तानी के तहत वेस्ट इंडीज के खिलाफ अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की थी। वह अब एक क्रिकेट लेखक हैं और कैनरा बैंक (बैंगलोर क्षेत्र) में एक कार्यकारी (महाप्रबंधक ) हैं।वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से महिलाओं के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड पाने वाली पहली प्राप्तकर्ता हैं ।

20-May-1990 – 28-Dec-1997 – सुमित्रानंदन पंत हिंदी साहित्य के एक मशहूर कवि थे। इस युग को जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला” और रामकुमार वर्मा जैसे कवियों का युग कहा जाता है। सुमित्रानंदन पंत को हिन्दी का ‘वर्डस्वर्थ” कहा जाता है। सुमित्रानंदन पंत ऐसे साहित्यकारों में गिने जाते हैं, जिनका प्रकृति चित्रण समकालीन कवियों में सबसे बेहतरीन था। वर्ष 1968 में सुमित्रानंदन पंत को उनकी प्रसिद्ध कविता संग्रह “चिदम्बरा” के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

16-Sep-1916 – 11-Dec-2004 – एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी कर्णाटक की मशहूर संगीतकार थीं। इनका पूरा नाम मदुरै षण्मुखवडिवु सुब्बुलक्ष्मी है। वह देश की प्रथम गायिका थीं, जिन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक अलंकरण ‘भारत रत्न” से सम्मानित किया गया। उनके गाये हुए गाने, ख़ासकर भजन आज भी लोगों के बीच काफ़ी लोकप्रिय हैं। वह पहली भारतीय थीं जिन्होंने 1966 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रदर्शन किया। उनकी पहली रिकॉर्डिंग तब जारी की गई थी जब वह मात्र 10 साल की थीं। एमएस ने अपनी युवावस्था में कुछ तमिल फिल्मों में भी काम किया । उनकी पहली फिल्म का नाम सेवासदनम था जो 2, मई 1938 को रिलीज़ हुई थी

07-Apr-1920 – 11-Dec-2012 – पण्डित रवि शंकर एक विश्वविख्यात भारतीय सितार वादक और संगीतज्ञ थे। उन्हें पूरी दुनिया में शास्त्रीय संगीत में भारत का दूत माना जाता था। भारतीय संगीत को दुनिया भर में सम्मान दिलाने वाले पंडित रविशंकर को भारतरत्न, पद्म भूषण, पद्मविभूषण, मैगसैसे, तीन ग्रैमी अवॉर्ड सहित देश-विदेश के न जाने कितने पुरस्कार मिले।

24-Nov-1961 – अरुंधति राय अंग्रेजी की सुप्रसिद्ध भारतीय लेखिका और समाजसेवी हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अभिनय से की थी। उन्होंने मैसी साहब फिल्म में प्रमुख भूमिका निभाई हैं। अरुंधति राय ने लेखन के अलावा नर्मदा बचाओ आंदोलन समेत भारत के दूसरे जनांदोलनों में भी हिस्सा लिया है। हाल ही में उनकी पुस्तक “The Doctor and the saint:the ambedkar-Gandhi Debate” पुस्तक बहुत चर्चा में है जिसका हिन्दी अनुवाद “एक था डॉक्टर एक था सन्त” है|

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