स्वतंत्रता सेनानी

स्वतंत्रता सेनानी सामान्य ज्ञान (Famous Indian Freedom Fighters GK in Hindi): दोस्‍तो इस पोस्ट के माध्यम से आप भारत को आजादी दिलाने वाले देश के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी या क्रांतिकारियों का जीवन परिचय व उनसे संबन्धित महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान जानकारी प्राप्त करेंगे। इस अध्याय में आप शिवराम राजगुरु, खुदीराम बोस,अल्लूरी सीताराम राजू, राम प्रसाद बिस्मिल, शहीद भगत सिंह, डॉ. एनी बेसेंट, मैडम भीखाजी कामा, अरुणा आसफ अली, मंगल पांडे, गोपाल कृष्ण गोखले, लाला लाजपत राय, मदन मोहन मालवीय, गणेश वासुदेव मावलंकर, चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, लक्ष्मी सहगल, सरदार वल्लभभाई पटेल तथा बाल गंगाधर तिलक आदि जैसे प्रमुख क्रांतिकारियों के बारे में ज्ञान अर्जित कर सकते है, जिससे आप आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं में देश के स्वतंत्रता सेनानियों से सम्‍बन्धित पूछे जाने प्रश्‍नों की तैयारी ठीक प्रकार से कर सके।

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15-Oct-1931 – 27-Jul-2015 – डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम पूर्व भारतीय राष्ट्रपति, जानेमाने वैज्ञानिक और अभियंता (इंजीनियर) के रूप में विख्यात थे। उन्हें ‘मिसाइल मैन” और ‘जनता के राष्ट्रपति” के नाम से भी जाना जाता है। वह भारत के 11वें निर्वाचित और पहले गैर-राजनीतिज्ञ राष्ट्रपति थे। वे 25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 तक देश के राष्ट्रपति पद पर कार्यरत रहे। 27 जुलाई 2015 को दिल का दौरा पड़ने से इस महान व्यक्ति का निधन हो गया था।

14-Oct-1884 – 04-Mar-1939 – लाला हरदयाल जी एक प्रसिद्द भारतीय क्रांतिकारी थे। विदेशों में भटकते हुए अनेक कष्ट सहकर लाला हरदयाल जी ने देशभक्तों को भारत की आज़ादी के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित किया था। उन्होंने अपने सरल जीवन और बौद्धिक कौशल के कारण प्रथम विश्व युद्ध के समय ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध लड़ने के लिए कनाडा और अमेरिका में रहने वाले अनेक भारतीय प्रवासीयो को प्रेरित किया था|

23-Mar-1910 – 12-Oct-1967 – राम मनोहर लोहिया भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा समाजवादी राजनेता थे। राम मनोहर लोहिया को भारत एक अजेय योद्धा और महान् विचारक के रूप में देखता है। देश की राजनीति में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान और स्वतंत्रता के बाद ऐसे कई नेता हुए जिन्होंने अपने दम पर शासन का रुख़ बदल दिया जिनमें एक थे राममनोहर लोहिया थे।

11-Oct-1902 – 08-Oct-1979 – जयप्रकाश नारायण भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता थे। मातृभूमि के वरदपुत्र जयप्रकाश नारायण ने हमारे देश की सराहनीय सेवा की है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण त्याग एवं बलिदान की प्रतिमूर्ति थे। इन्हें साल 1970 में इंदिरा गांधी के विरुद्ध विपक्ष का नेतृत्व करने के लिए जाना जाता है।

02-Oct-1869 – 30-Jan-1948 – महात्मा गांधी भारत एवं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे। राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। वह एक ऐसे नेता थे जो भारत की स्वतंत्रता को अहिंसा से दिलाना चाहते थे। उनकी माता का नाम पुतलीबाई गाँधी था तथा वह परनामी वैश्य समुदाय की थीं।

28-Sep-1907 – 23-Mar-1931 – भगत सिंह भारत के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे। भगतसिंह संधु जाट सिक्ख थे वे देश की आज़ादी के लिए जिस साहस के साथ शक्तिशाली ब्रिटिश सरकार का मुक़ाबला किया था उन्हें शायद ही कोई भुला पाए। फांसी के बाद सारे देश ने उनके बलिदान को बड़ी गम्भीरता से याद किया था। भगत सिंह की अंतिम इच्छा थी कि उन्हें गोली मार कर मौत दी जाए। हालांकि, ब्रिटिश सरकार ने उनकी इस इच्छा को भी नज़रअंदाज़ कर दिया।

24-Sep-1861 – 13-Aug-1936 – भीकाजी कामा एक महान महिला स्वतंत्रता सेनानी थी। जिन्होंने भारत के बाहर रहते हुए भी देश में आजादी की लढाई शुरू की थी. वे ऐसी प्रथम महीला स्वतंत्रता सेनानी है जिन्होंने इंटरनेशनल असेंबली में भारत का ध्वज लहराया था।

09-Sep-1850 – 06-Jan-1885 – भारतेन्दु हरिश्चंद्र को आधुनिक हिंदी साहित्य का पितामह कहा जाता हैं। बाबू भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का जन्म काशी नगरी के प्रसिद्ध ‘सेठ अमीचंद” के वंश में 09 सितम्बर सन् 1850 को हुआ था। वे हिन्दी में आधुनिकता के पहले रचनाकार थे। हिंदी पत्रकारिता, नाटक और काव्य के क्षेत्र में उनका बहुमूल्य योगदान रहा है। भारतेन्दु के नाटक लिखने की शुरुआत बंगला के विद्यासुंदर (1867) नाटक के अनुवाद से होती है।

24-Aug-1908 – 23-Mar-1931 – शिवराम राजगुरु भारत के प्रसिद्ध वीर स्वतंत्रता सेनानी थे। ये सरदार भगत सिंह और सुखदेव के घनिष्ठ मित्र थे। इन्हें भगत सिंह और सुखदेव के साथ 23 मार्च 1931 को फाँसी पर लटका दिया गया था। इन्हें देश की आजादी के लिए दी गई राजगुरु की शहादत ने इनका नाम भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित करवा दिया है।

23-Jan-1897 – 18-Aug-1945 – सुभाषचंद्र बोस के अलावा भारत के इतिहास में ऐसा कोई व्यक्ति ने जन्म नही लिया, जो एक साथ महान् सेनापति, वीर सैनिक, राजनीति का अद्भुत खिलाड़ी और अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पुरुषों, नेताओं के समकक्ष साधिकार बैठकर कूटनीति तथा चर्चा करने वाला हो। नेताजी में सच्चाई के सामने खड़े होने की अद्भुत क्षमता थी।

18-Feb-1883 – 17-Aug-1909 – मदन लाल ढींगरा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान् क्रान्तिकारी थे। स्वतंत्र भारत के निर्माण के लिए भारत-माता के कितने शूरवीरों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों का उत्सर्ग किया था, उन्हीं महान् शूरवीरों में ‘अमर शहीद मदन लाल ढींगरा” का नाम स्वर्णाक्षरों में लिखे जाने योग्य है।

03-Dec-1889 – 11-Aug-1908 – खुदीराम बोस केवल 19 साल की उम्र में हिन्दुस्तान की आज़ादी के लिये फाँसी पर चढ़ने वाले क्रांतिकारी थे। खुदीराम बोस राजनीतिक गतिविधियों में स्कूल के दिनों से ही भाग लेने लगे थे। उन दिनों अंग्रेज़ों से छोटे-छोटे हिन्दुस्तानी स्कूली बच्चे भी नफ़रत किया करते थे। वे जलसे जलूसों में शामिल होते थे तथा अंग्रेज़ी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ नारे लगाते थे।

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