स्वतंत्रता सेनानी

स्वतंत्रता सेनानी सामान्य ज्ञान (Famous Indian Freedom Fighters GK in Hindi): दोस्‍तो इस पोस्ट के माध्यम से आप भारत को आजादी दिलाने वाले देश के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी या क्रांतिकारियों का जीवन परिचय व उनसे संबन्धित महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान जानकारी प्राप्त करेंगे। इस अध्याय में आप शिवराम राजगुरु, खुदीराम बोस,अल्लूरी सीताराम राजू, राम प्रसाद बिस्मिल, शहीद भगत सिंह, डॉ. एनी बेसेंट, मैडम भीखाजी कामा, अरुणा आसफ अली, मंगल पांडे, गोपाल कृष्ण गोखले, लाला लाजपत राय, मदन मोहन मालवीय, गणेश वासुदेव मावलंकर, चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, लक्ष्मी सहगल, सरदार वल्लभभाई पटेल तथा बाल गंगाधर तिलक आदि जैसे प्रमुख क्रांतिकारियों के बारे में ज्ञान अर्जित कर सकते है, जिससे आप आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं में देश के स्वतंत्रता सेनानियों से सम्‍बन्धित पूछे जाने प्रश्‍नों की तैयारी ठीक प्रकार से कर सके।

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25-May-1886 – 21-Jan-1945 – रास बिहारी बोस एक भारतीय क्रान्तिकारी थे, जिन्होने अंग्रेजी हुकुमत के विरुद्ध ‘गदर” एवं ‘आजाद हिन्द फौज” के संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने न सिर्फ देश के अन्दर बल्कि दूसरे देशों में भी रहकर अँगरेज़ सरकार के विरुद्ध क्रान्तिकारी गतिविधियों का संचालन किया और ताउम्र भारत को स्वतन्त्रता दिलाने का प्रयास करते रहे।

18-Jan-1842 – 16-Jan-1901 – महादेव गोविन्द रानाडे एक ब्रिटिश काल के भारतीय न्यायाधीश, लेखक एवं समाज-सुधारक थे। उन्हें “महाराष्ट्र का सुकरात” कहा जाता है। रानाडे ने समाज सुधार के कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। प्रार्थना समाज, आर्य समाज और ब्रह्म समाज का इनके जीवन पर बहुत प्रभाव था।

12-Jan-1863 – 04-Jul-1902 – स्वामी विवेकानंद वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। भारत का आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वेदान्त दर्शन अमेरिका और यूरोप के हर एक देश में स्वामी विवेकानन्द की वक्तृता के कारण ही पहुँचा था।

09-Sep-1850 – 06-Jan-1885 – भारतेन्दु हरिश्चंद्र को आधुनिक हिंदी साहित्य का पितामह कहा जाता हैं। बाबू भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का जन्म काशी नगरी के प्रसिद्ध ‘सेठ अमीचंद” के वंश में 09 सितम्बर सन् 1850 को हुआ था। वे हिन्दी में आधुनिकता के पहले रचनाकार थे। हिंदी पत्रकारिता, नाटक और काव्य के क्षेत्र में उनका बहुमूल्य योगदान रहा है। भारतेन्दु के नाटक लिखने की शुरुआत बंगला के विद्यासुंदर (1867) नाटक के अनुवाद से होती है।

26-Dec-1899 – 31-Jul-1940 – उधम सिंह का नाम भारत की आज़ादी की लड़ाई में पंजाब के क्रान्तिकारी के रूप में दर्ज है। शहीद उधम सिंह ने जलियाँवाला के कांड के लिए प्रतिज्ञा ली थी की। वह जनरल डायर को मारेंगे तथा ऐसा उन्होंने लंदन की एक असेंबली में कर दिया था।

25-Dec-1861 – 12-Nov-1946 – मदन मोहन मालवीय महान् स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ और शिक्षाविद ही नहीं, बल्कि एक बड़े समाज सुधारक भी थे। इतिहासकार वीसी साहू के अनुसार हिन्दू राष्ट्रवाद के समर्थक मदन मोहन मालवीय देश से जातिगत बेड़ियों को तोड़ना चाहते थे। मालवीय जी सत्य, ब्रह्मचर्य, व्यायाम, देशभक्ति तथा आत्मत्याग में ज्यादा प्रसिद थे।

11-Jun-1897 – 19-Dec-1927 – राम प्रसाद बिस्मिल भारत के महान् स्वतन्त्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि उच्च कोटि के कवि, शायर, अनुवादक, बहुभाषाविद् व साहित्यकार भी थे। इन्होने भारत की आज़ादी के लिये फांसी के फंदे पर चढ़ गये थे। तथा जब-जब भारत में क्रांतिकारियों की बात होगी इस महान आदमी का नाम ज़रूर आएगा।

22-Oct-1900 – 19-Dec-1927 – अशफ़ाक़ुल्लाह ख़ाँ को भारत के प्रसिद्ध अमर शहीद क्रांतिकारियों में गिना जाता है। देश की आज़ादी के लिए उन्होंने हंसते-हंसते प्राण न्यौछावर कर दिए थे। अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रबल पक्षधर थे। इन्होने काकोरी कांड में अहम् भूमिका निभाई थी।

08-Dec-1897 – 29-Apr-1960 – पंडित कवि बालकृष्ण शर्मा नवीन हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध भारतीय कवि, गद्यकार और अद्वितीय वक्ता थे। पढ़ाई छोड़ने के बाद बालकृष्ण शर्मा नवीन पूरी तरह देश भक्ति के रंग में रंग गए तथा राष्ट्रीय आन्दोलन में भाग लेने के कारण इनकी पहली गिरफ्तारी 1921 में प्रयाग में हुई। इनके जेल के साथियों में पंडित जवाहरलाल नेहरु, राजर्षि, पुरुषोतम टंडन, देवदास गांधी आदि राष्ट्रनेता थे।

14-Apr-1891 – 06-Dec-1956 – भीमराव आम्बेडकर जी एक बहुजन राजनीतिक नेता और एक बौद्ध पुनरुत्थानवादी भी थे। उन्हें बाबासाहेब के नाम से भी जाना जाता है। आम्बेडकर ने अपना सारा जीवन हिन्दू धर्म की चतुवर्ण प्रणाली और भारतीय समाज में सर्वत्र व्याप्त जाति व्यवस्था के विरुद्ध संघर्ष में बिता दिया था। उन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और दलितों के खिलाफ सामाजिक भेद भाव के विरुद्ध अभियान चलाया। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री एवं भारतीय संविधान के प्रमुख वास्तुकार थे।

03-Dec-1889 – 11-Aug-1908 – खुदीराम बोस केवल 19 साल की उम्र में हिन्दुस्तान की आज़ादी के लिये फाँसी पर चढ़ने वाले क्रांतिकारी थे। खुदीराम बोस राजनीतिक गतिविधियों में स्कूल के दिनों से ही भाग लेने लगे थे। उन दिनों अंग्रेज़ों से छोटे-छोटे हिन्दुस्तानी स्कूली बच्चे भी नफ़रत किया करते थे। वे जलसे जलूसों में शामिल होते थे तथा अंग्रेज़ी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ नारे लगाते थे।

20-Nov-1750 – 04-May-1799 – टीपू सुल्तान भारत के तत्कालीन मैसूर राज्य के शासक थे। टीपू सुल्तान के बारे में कहा जाता है की वह एक महान शासक थे। वे अपनी ताकत से 1761 मे मैसूर साम्राज्य के शासक बने। टीपू को मैसूर के शेर के रूप में जाना जाता है। योग्य शासक के अलावा टीपू एक विद्वान, कुशल सैनापति और कवि भी थे।

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