संस्कृत दिवस (श्रावणी पूर्णिमा)

संस्कृत दिवस का इतिहास, महत्त्व एवं उपयोगिता | Sanskrit Day in Hindi
संस्कृत दिवस का इतिहास, महत्त्व एवं उपयोगिता

संस्कृत दिवस (श्रावणी पूर्णिमा): (Sanskrit Day in Hindi)

संस्कृत भाषा:

संस्कृत भाषा भारत देश की सबसे प्राचीन भाषा है, इसी से देश में दूसरी भाषाएँ निकली है। सबसे पहले भारत में संस्कृत ही बोली गई थी। आज इसे भारत के 22 अनुसूचित भाषाओं में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। उत्तराखंड राज्य की यह एक आधिकारिक भाषा है। भारत देश के प्राचीन ग्रन्थ, वेद आदि की रचना संस्कृत में ही हुई थी। यह भाषा बहुत सी भाषा की जननी है, इसके बहुत से शब्दों के द्वारा अंग्रेजी के शब्द बने है। महाभारत काल में वैदिक संस्कृत का प्रयोग होता है। संस्कृत आज देश की कम बोले जानी वाली भाषा बन गई है। लेकिन इस भाषा की महत्ता को हम सब जानते है, इसके द्वारा ही हमें दूसरी भाषा सिखने बोलने में मदद मिली, इसकी सहायता से बाकि भाषा की व्याकरण समझ में आई।

संस्कृत दिवस 2020:

इस वर्ष विश्व संस्कृत दिवस 3 अगस्त 2020 यानि रक्षा बंधन के दिन मनाया जाएगा। संस्कृत विश्वविद्यालयों के समूह ने विश्व संस्कृत दिवस को 31 जुलाई से 6 अगस्त 2020 तक ‘संस्कृत सप्ताह समारोह’ के तौर मनाने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में यूजीसी ने देश भर के अन्य विश्वविद्यालयों को भी विश्व संस्कृत दिवस से सम्बन्धित आयोजन करने को कहा है। संस्कृत विश्वविद्यालयों के समूह ने देश भर के अन्य विश्वविद्यालयों से ‘संस्कृत सप्ताह समारोह’ को भी मनाने का अनुरोध किया है।

संस्कृत दिवस कब मनाया जाता है?

भारत में प्रतिवर्ष श्रावणी पूर्णिमा के पावन अवसर को संस्कृत दिवस के रूप में मनाया जाता है। श्रावणी पूर्णिमा अर्थात् रक्षा बन्धन ऋषियों के स्मरण तथा पूजा और समर्पण का पर्व माना जाता है। ऋषि ही संस्कृत साहित्य के आदि स्रोत हैं इसलिए श्रावणी पूर्णिमा को ऋषि पर्व और संस्कृत दिवस के रूप में मनाया जाता है।

संस्कृत दिवस का महत्त्व:

संस्कृत दिवस पूरी दुनिया में मनाई जाती है। इसके मनाने का उद्देश्य यही है कि इस भाषा को और अधिक बढ़ावा मिले। इसे आम जनता के सामने लाया जाये, हमारी नयी पीढ़ी इस भाषा के बारे में जाने, और इसके बारे में ज्ञान प्राप्त करे। आजकल के लोगों को लगता है, संस्कृत भाषा पुराने ज़माने की भाषा है, जो समय के साथ पुरानी हो गई, इसे बोलने व पढने में भी लोगों को शर्म आती है।

संस्कृत भाषा का इतिहास:

सन 1969 में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के आदेश से केन्द्रीय तथा राज्य स्तर पर संस्कृत दिवस मनाने का निर्देश जारी किया गया था। तब से संपूर्ण भारत में संस्कृत दिवस श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस दिन को इसीलिए चुना गया था कि इसी दिन प्राचीन भारत में शिक्षण सत्र शुरू होता था। इसी दिन वेद पाठ का आरंभ होता था तथा इसी दिन छात्र शास्त्रों के अध्ययन का प्रारंभ किया करते थे। पौष माह की पूर्णिमा से श्रावण माह की पूर्णिमा तक अध्ययन बन्द हो जाता था। प्राचीन काल में फिर से श्रावण पूर्णिमा से पौष पूर्णिमा तक अध्ययन चलता था, इसीलिए इस दिन को संस्कृत दिवस के रूप से मनाया जाता है।

संस्कृत दिवस मनाने का तरीका:

सरकार संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए, अपने इस कार्यक्रम से स्कूल, कॉलेज को भी जोड़ती है। स्कूल कॉलेज में अलग अलग कार्यक्रम होते है। शहर के सभी स्कूलों के बीच संस्कृत भाषा में निबंध, श्लोक, वाद-विवाद, गायन, पेंटिंग की प्रतियोगिता होती है।

भारत में मौजूद संस्कृत यूनिवर्सिटी (List of Sanskrit University in India):

भारत में अभी भी बहुत से ऐसे लोग है, जो संस्कृत भाषा में अध्ययन करते है। भारत में पहली संस्कृत यूनिवर्सिटी 1791 में वाराणसी में खुली थी।

स्थापना वर्ष यूनिवर्सिटी का नाम स्थान
1791 सम्पूर्ण आनंद संस्कृत यूनिवर्सिटी वाराणसी, उत्तर प्रदेश
1876 सद्विद्या पाठशाला मैसूर, कर्नाटक
1961 कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत यूनिवर्सिटी दरभंगा, बिहार
1962 राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ तिरुपति, आंध्र प्रदेश
1962 श्री लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ नई दिल्ली
1970 राष्ट्रीय संस्कृत संसथान नई दिल्ली
1981 श्री जगन्नाथ संस्कृत यूनिवर्सिटी पूरी, उड़ीसा
1986 नेपाल संस्कृत यूनिवर्सिटी नेपाल
1993 श्री शंकराचार्य यूनिवर्सिटी ऑफ़ संस्कृत कलादी, केरल
1997 कविकुलागुरु कालिदास संस्कृत यूनिवर्सिटी रामटेक, महाराष्ट्र
2001 जगद्गुरु रामानंदचार्य राजस्थान संस्कृत यूनिवर्सिटी जयपुर, राजस्थान
2005 श्री सोमनाथ संस्कृत यूनिवर्सिटी सोमनाथ, गुजरात
2008 महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन, मध्य प्रदेश
2011 कर्नाटक संस्कृत यूनिवर्सिटी बेंगलुरु, कर्नाटक
2011 कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत और प्राचीन अध्ययन विश्वविद्यालय नलबाड़ी, असम
2011 महर्षि बाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय कैथल, हरियाणा

अगस्त माह के महत्वपूर्ण दिवस की सूची - (राष्ट्रीय दिवस एवं अंतराष्ट्रीय दिवस):

तिथि दिवस का नाम - उत्सव का स्तर
01 अगस्तविश्व स्तन दूध दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
02 अगस्तसंस्कृत दिवस - राष्ट्रीय दिवस
03 अगस्तअन्तरराष्ट्रीय मैत्री दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
10 अगस्तडेंगू निरोधक (रोकथाम) दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
12 अगस्तअंतरराष्ट्रीय युवा दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
13 अगस्तअंग दान दिवस - राष्ट्रीय दिवस
15 अगस्तस्वतंत्रता दिवस - राष्ट्रीय दिवस
19 अगस्तविश्व फोटोग्राफी दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
20 अगस्तसद्भावना दिवस (राजीव गाँधी जयन्ती/जन्म दिवस) - राष्ट्रीय दिवस
20 अगस्तविश्व मच्छर दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
29 अगस्तराष्ट्रीय खेल दिवस (ध्यानचंद का जन्म दिवस) - राष्ट्रीय दिवस
30 अगस्तअंतर्राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस - अंतर्राष्ट्रीय दिवस

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