आन्ध्र प्रदेश


आन्ध्र प्रदेश सामान्य ज्ञान (Andhra Pradesh General Knowledge):

आन्ध्र प्रदेश भारत के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित एक राज्य है। जनसंख्या की दृष्टि से भारत का 8वां सबसे बड़ा और क्षेत्र के अनुसार देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। आन्ध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद है। हैदराबाद को 10 के लिए तेलंगाना और आन्ध्र प्रदेश की संयुक्त राजधानी बनाया गया है। अमरावती, आन्ध्र प्रदेश की प्रस्तावित राजधानी का नाम है। तेलंगाना भारत का 29वाँ राज्य है। आन्ध्र प्रदेश का क्षेत्रफल 160,205 वर्ग किमी है। आन्ध्र प्रदेश के उत्तर में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा, पूर्व में बंगाल की खाड़ी, दक्षिण में तमिल नाडु और पश्चिम में कर्नाटक से घिरा हुआ है।

आन्ध्र प्रदेश का इतिहास (Andhra Pradesh History):

आंध्र प्रदेश का प्रारंभिक इतिहास के बारे में ऐतरेय ब्राह्मण (लगभग 2000 ईसा पूर्व) जैसे महाकाव्यों में विवरण मिलता है। इसमें उल्लेख हैं कि आंध्र प्रदेश के निवासी मूल रूप से आर्य जाति के थे और उत्तर भारत में रहते थे, जहां से वे विंध्य पर्वतों के दक्षिण तक चले गए और कालान्तर में अनार्यो के साथ घुल मिल गए। इतिहासकारों के अनुसार आंध्र प्रदेश का नियमित इतिहास 236 ईसा पूर्व से मिलना शुरू होता है। सदियों पहले आंध्र प्रदेश एक प्रमुख बौद्ध केन्द्र और सम्राट अशोक के विशाल राज्य का हिस्सा था। सम्राट अशोक की मृत्यु के बाद सातवाहन ने इस क्षेत्र में अपने साम्राज्य की स्थापना की। 7वीं सदी के दौरान चालुक्य ने आंध्र प्रदेश में अपना अधिकार स्थापित किया और यह दसवीं शताब्दी तक रहा। उसके बाद यहां की सत्ता चोल राजवंश के पास आ गई। 14वीं सदी में मुस्लिम शासक इस दक्षिणी राज्य में आए और सदियों तक इस रियासत पर राज किया, फिर अंत में सन् 1713 में मुगल शासक औरंगज़ेब के एक सेनापति ने इसे हथिया लिया।17वीं शताब्दी से अंग्रेज़ों ने देश के कई भागों को अपने नियंत्रण में ले लिया और मद्रास प्रांत की स्थापना कर दी।

आजादी के बाद तेलुगु भाषी क्षेत्र को मद्रास प्रांत से अलग करके 01 अक्टूबर 1953 को नए राज्य का निर्माण किया गया, जिसका नाम आंध्र प्रदेश रखा गया। राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 बनने के बाद हैदराबाद राज्य को आंध्र प्रदेश में मिला कर 01 नवंबर, 1956 में ‘आंध्र प्रदेश’ राज्य की स्थापना की गयी थी।

आन्ध्र प्रदेश का भूगोल (Andhra Pradesh Geography):

आन्ध्र प्रदेश 12°41′ तथा 22°उ॰ अक्षांश और 77° तथा 84°40’पू॰ देशांतर रेखांश के बीच है। यह राज्य दो टोपोग्राफिक भागों से बना है। राज्य का पूर्वी हिस्सा डेक्कन पठार और पूर्वी घाट का है। राज्य का उत्तरी भाग तेलंगाना का क्षेत्र है और दक्षिणी भाग रायलसीमा के तौर पर जाना जाता है। आंध्र प्रदेश का उत्तरी इलाका पहाड़ी है। आन्ध्र प्रदेश की प्रमुख नदियाँ, गोदावरी, कृष्णा, पेन्ना और तुंगभद्रा हैं। इस राज्य के उत्तरी-पूर्व में स्थित गोदावरी डेल्टा में है। तमिल नाडु और कर्नाटक इसके अन्य दो पड़ोसी राज्य है। यहां की सबसे उंची चोटी महेन्द्रगिरी है जो कि समुद्र तल से 1,500 मीटर उपर है। आन्ध्र प्रदेश का राजकीय पक्षी ‘भारतीय रोलर’ है। आन्ध्र प्रदेश का राजकीय पेड ‘नीम’ है। आन्ध्र प्रदेश का राजकीय फूल ‘नीलकमल’ है। आन्ध्र प्रदेश का राजकीय पशु ‘कृष्णमृग’ है।

आन्ध्र प्रदेश की जलवायु (Andhra Pradesh Climate):

आन्ध्र प्रदेश की जलवायु आम तौर पर गर्म और नम है। राज्य की जलवायु का निर्धारण करने में दक्षिण पश्चिम मानसून की प्रमुख भूमिका है। लेकिन आन्ध्र प्रदेश में सर्दियां सुखद होती हैं। आन्ध्र प्रदेश में ग्रीष्मकाल मार्च से जून तक चलता है। इन महीनों में तापमान काफ़ी ऊंचा रहता है। यहाँ गर्मियों में तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।

आन्ध्र प्रदेश में जुलाई से सितंबर उष्णकटिबंधीय बारिश का मौसम होता है। इन महीनों के दौरान राज्य में भारी वर्षा होती है। साल भर में यहां 125 सेमी बारिश होती है। अक्टूबर महीने के आस-पास राज्य में सर्दी का मौसम आता है। आन्ध्र प्रदेश में अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी और फरवरी सर्दी के महीने हैं। राज्य का तटीय इलाका काफी लंबा होने की वजह से सर्दियों में मौसम बहुत ठंडा नहीं होता है। सर्दियों में तापमान का विस्तार आम तौर पर 13 डिग्री सेल्सियस से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।

आन्ध्र प्रदेश की राजनीति (Andhra Pradesh Government and Politics):

आन्ध्र प्रदेश के वर्तमान मुख्‍यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू है। उन्होंने 08 जून 2014 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। आन्ध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति नीलम संजीव रेड्डी थे। उन्होंने 01 नवम्बर 1956 में राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

आन्ध्र प्रदेश के वर्तमान राज्यपाल ई॰एस॰एल॰ नरसिंहन है।  ई॰एस॰एल॰ नरसिंहन दिसम्बर 2009 से आन्ध्र प्रदेश के राज्यपाल के रूप में कार्यरत है। आंध्र प्रदेश में 175 सीटों वाली एकल सदन विधानसभा है।

आन्ध्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था (Andhra Pradesh Economy):

कृषि (Agriculture):

आंध्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्रोत कृषि है। आन्ध्र प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत लोग कृषि से हुए हुए है और यह भारत में चावल के उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र है। ऐतिहासिक रूप से आन्ध्र प्रदेश को “भारत का धान का कटोरा” कहा जाता है। यहां की मुख्य फसलें चावल, मक्का, बाजरा, दालें, अरंडी, तंबाकू, कपास, गन्ना, मूंगफली और केला है। राज्य का वन क्षेत्र लगभग 23 प्रतिशत है और प्रमुख वन उत्पादों में सागौन, नीलगिरी, काजू, बांस और नरम लकड़ी शामिल हैं।

उद्योग (Industry):

राज्य के कुछ प्रमुख उद्योगों में मशीनी उपकरण, सिंथेटिक दवाएं, फार्माक्यूटिकल्स, भारी विद्युत मशीनरी, जहाज, खाद, इलेक्ट्राॅनिक उपकरण, एयरोनाॅटिकल पुर्जे, सीमेंट और सीमेंट के उत्पाद, केमिकल, एस्बेस्टस, कांच और घडि़यां शामिल हैं”।

 

आन्ध्र प्रदेश की जनसंख्या (Andhra Pradesh Population):

सन् 2011 की जनगणना के अनुसार आंध्र प्रदेश की कुल आबादी 4,93,86,799 है। यहां पुरुष और महिला जनसंख्या क्रमशः 2,47,38,067 और 2,46,48,731 है। इस राज्य का कुल क्षेत्रफल 160,205 वर्ग किमी है और यहां का जनसंख्या घनत्व 343 प्रति वर्ग किमी है। सन् 2011 के आंकड़ों के अनुसार आंध्र प्रदेश के जिलों की कुल साक्षरता दर 67 प्रतिशत है।

आन्ध्र प्रदेश की जनजातियाँ (Andhra Pradesh Tribes):

आन्ध्र प्रदेश में गोंड, संथाल, भील आदि प्रमुख जनजातियाँ निवास करती है।

आन्ध्र प्रदेश की संस्कृति और कला (Andhra Pradesh Culture):

आंध्र प्रदेश का भारतीय सांस्कृतिक में उल्लेखनीय योगदान है। प्राचीन इतिहास से इस क्षेत्र में वास्तुकला और चित्रकला अत्यंत विकसित रही है। कुचिपूड़ी आंध्र प्रदेश का सबसे प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य है। राज्य के अन्य नृत्यों में चेंचु भागोतम, कुचिपूड़ी, भामाकलापम, बुर्रकथा, वीरनाट्यम, बुट्ट बोम्मलु, डप्पु, तप्पेट गुल्लु, लंबाडी, बोनालु, धीम्सा, कोलाट्टम और चिंदु शामिल है।

आन्ध्र प्रदेश की भाषा (Andhra Pradesh Languages): 

आंध्र प्रदेश की राजभाषा तेलुगू है, यहाँ लगभग 85% से ज्यादा लोग तेलगु बोलते है। भारत की अत्यधिक बोली जाने वाली भाषाओं में तेलुगू का तीसरा स्थान है। भारत सरकार ने 1 नवम्बर 2008 को एक शास्त्रीय और प्राचीन भाषा के रूप में तेलुगू को नामित किया था। यहां के दक्षिणी क्षेत्र में तमिल भी काफी बोली जाती है और कर्नाटक की सीमा पर कन्नड़ बोलने वाले लोग भी हैं। हैदराबाद में उर्दू बोलने वाले बड़ी संख्या में हैं और इनकी आबादी राज्य की जनसंख्या का लगभग 07% है।

आन्ध्र प्रदेश की वेशभूषा (Andhra Pradesh Costumes):

आन्ध्र प्रदेश के लोग अक्सर शर्ट (कमीज) और गोटेदार लुंगी या धोती पहनते है, विशेष अवसरों पर इस लुंगी या धोती के साथ कंधे पर एक अन्य छोटी धोती को तह बना कर रखा जाता है, माथे पर चंदन या रोली का तिलक लगाया जाता है। यहाँ की महिलाये अक्सर हलकी गोटेदार साड़ी के साथ माथे पर हल्दी कुमकुम और मांग बेनी लगाती है, कमर में एक कमर बंध भी महिलाओ के पहनावे का हिस्सा है।

आन्ध्र प्रदेश के मुख्य त्योहार (Andhra Pradesh Famous Festivals):

आन्ध्र प्रदेश में सभी धर्म के लोग अपने-2 त्योहारों को बड़ी धूमधाम से मानते है। हिन्दुओं में दशहरा, दीपावली, श्री रामनवमी, कृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी और महाशिवरात्री त्योहार मनाए जाते हैं। इसी प्रकार मुस्लिम त्यौहार जैसे बकरीद, ईद-उल-फितर और ईसाई त्यौहार जैसे क्रिसमस, ईस्टर और नव वर्ष भी उत्साह से मनाए जाते हैं। हालांकि तेलगु नव वर्ष उगाडि, संक्राति, दशहरा और गणेश चतुर्थी के उत्सव इस राज्य में अनूठे ही हैं।

आन्ध्र प्रदेश का खानपान (Andhra Pradesh Food):

आन्ध्र प्रदेश के व्यंजन, सभी भारतीय व्यंजनों में सबसे ज़्यादा मसालेदार के रूप में विख्यात हैं। आन्ध्र प्रदेश के व्यंजनो में कई प्रकार की भिन्नताएं पायी जाती हैं। भारतीय अचार और चटनी, जिसे तेलुगू में पच्चडी कहा जाता है, आन्ध्र प्रदेश में विशेष रूप से लोकप्रिय है और कई क़िस्म के अचार और चटनी इस राज्य की ख़ासियत है। आम के अचारों में संभवतः आवकाय आन्ध्र के अचारों में सबसे ज़्यादा प्रसिद्ध है। टमाटर, बैंगन और अंबाडा (गोंगूरा) सहित व्यावहारिक तौर पर प्रत्येक सब्ज़ी से चटनी बनाई जाती है। मांसाहारी व्यंजन में मेमने, मुर्गी और मछली का मांस सबसे ज़्यादा व्यापक रूप से प्रयुक्त होता है। हैदराबादी व्यंजनों में सबसे विशिष्ट और लोकप्रिय व्यंजन शायद बिरयानी है। आन्ध्र प्रदेश अट्टू, डोसा, उलवचारु और पायसम जैसे व्यंजनों के लिए भी जाना जाता है।

आन्ध्र प्रदेश के पर्यटन स्थल (Andhra Pradesh Tourist Places):

आंध्र प्रदेश में कई मंदिर और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल हैं। चित्तूर जिले का तिरुपति मंदिर भारत के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। हैदराबाद में चारमीनार, सालारजंग संग्रहालय और गोलकुंडा क़िला, वारंगल में सहस्त्र स्तंभ मंदिर और क़िला, गोलकुंडा क़िला, श्रीलक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर, बौद्ध स्तूप, श्री तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर, श्रीमल्लिकार्जुनस्वामी मंदिर, विजयवाड़ा का कनक दुर्गा मंदिर, श्री सत्यनारायण स्वामी मंदिर, श्री वराह नरसिंह स्वामी मंदिर, श्री सीताराम मंदिर, अरकुघाटी, होर्सले पहाडियाँ, शेषचलम पहाड़ियाँ, एरामला पर्वतमाला, नल्लामलाई पर्वत और नेलापटटू आदि आंध्र प्रदेश के महत्त्वपूर्ण पर्यटन स्थल हैं।

आन्ध्र प्रदेश के जिले (Andhra Pradesh Districts):

आंध्र प्रदेश में वर्तमान में 13 जिले हैं:- अनंतपुर, चित्तूर, पूर्वी गोदावरी, गुंटूर, कृष्णा, कुरनूल, प्रकाशम, श्री पोट्टी श्रीरामुलु (नेल्लोर), श्रीकाकुलम, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, पश्चिम गोदावरी और वाईएसआर।

Comments are closed