छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान (Chhattisgarh General Knowledge):

छत्तीसगढ़ भारत का 26वाँ राज्य है। छत्तीसगढ़ राज्य का गठन 01 नवम्बर 2000 को हुआ था। इस राज्य की राजधानी रायपुर है और इसका उच्च न्यायालय बिलासपुर में है। छत्तीसगढ़ का कुल क्षेत्र 135,191 वर्ग किमी है जो कि मध्य प्रदेश का सिर्फ 30% है। भू-भाग सम्पूर्ण भारत के भू-भाग का कुल 4.14% है। क्षेत्रफल के हिसाब से छत्तीसगढ़ देश का 9वाँ बड़ा राज्य है। जनसंख्या की दृष्टि से इस राज्य का 17वाँ स्थान है। छत्तीसगढ़ में कुल 27 जिले हैं।

छत्तीसगढ़ का इतिहास (Chhattisgarh History):

प्राचीन काल में छत्तीसगढ़ को ‘दक्षिण कोशल’ के नाम से जाना जाता था। छठी और बारहवीं शताब्दियों के बीच सरभपूरिया, पांडुवंशी, सोमवंशी, कलचुरी और नागवंशी शासकों ने इस क्षेत्र पर शासन किया। कलचुरी और नागावंशी शासकों ने इस क्षेत्र पर लम्बे समय तक शासन किया। कलचुरियों ने छत्तीसगढ़ पर सन् 980 से लेकर 1791 तक राज किया किया था। आजादी के बाद छत्तीसगढ़ 44 वर्ष तक मध्य प्रदेश का अंग ही था। बाद में 01 नवंबर, 2000 को मध्य प्रदेश का विभाजन करके छत्तीसगढ़ भारतीय संघ के 26वें राज्य के रूप में  पूर्ण अस्तित्व में आया।

छत्तीसगढ़ का भूगोल (Chhattisgarh Geography):

छत्तीसगढ़ के उत्तर में उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिम में मध्यप्रदेश का शहडोल संभाग, उत्तर-पूर्व में उड़ीसा और झारखंड, दक्षिण में तेलंगाना और पश्चिम में महाराष्ट्र राज्य स्थित हैं। छत्तीसगढ़ का कुल क्षेत्र अनुमानित तौर पर 135,191 वर्ग किमी है। छत्तीसगढ़ का विस्तार उत्तर में 17˚46‘ से 24˚05‘ अक्षंाशीय और पूर्व में 80˚15 से 84˚20‘ तक अधोमुखी है। यह प्रदेश ऊँची नीची पर्वत श्रेणियों से घिरा हुआ घने जंगलों वाला राज्य है। यहाँ साल, सागौन, साजा और बीजा और बाँस के वृक्षों की अधिकता है। यहाँ सबसे ज्यादा मिस्रित वन पाया जाता है। छत्तीसगढ़ में भारत के कुल वन क्षेत्र का लगभग 12% है। राज्य की प्रमुख नदियाँ महानदी, शिवनाथ, खारुन, अरपा, पैरी तथा इंद्रावती हैं। छत्तीसगढ़ का राजकीय पेड ‘साल’ है। छत्तीसगढ़ का राजकीय पक्षी ‘पहाड़ मैना’ है। छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु ‘जंगली भैंस’ है।

छत्तीसगढ़ की जलवायु (Chhattisgarh Climate):

राज्य की जलवायु उष्ण-आर्द्र मॉनसून प्रकार की है, जिसे सामान्य बोलचाल में उष्णकटिबंधीय मॉनसूनी जलवायु या शुष्क उप-आर्द्र कहा जाता है। कर्क रेखा प्रदेश के उत्तरी भाग (सरगुजा, कोरिया ज़िले) से होकर गुज़रती है, जिसका पर्याप्त प्रभाव यहाँ की जलवायु पर पड़ता है। सम्पूर्ण प्रदेश की जलवायु में आंशिक भिन्नता है, जो समय-समय पर वर्षा, तापमान आदि के रूप में परिलक्षित होती रहती है।

छत्तीसगढ़ की सरकार और राजनीति(Chhattisgarh Government and Politics):

छत्तीसगढ़ की विधान सभा में 90 सदस्य हैं। इस राज्य से 11 सदस्य लोक सभा और पांच सदस्य राज्य सभा में जाते हैं।

छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्‍यमंत्री रमन सिंह है। उन्होंने 07 दिसम्बर 2003 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। छत्तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति अजीत जोगी थे। उन्होंने 01 नवम्बर 2000 में राज्य के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

छत्तीसगढ़ के वर्तमान राज्यपाल बलराम जी दास टंडन है। बलराम जी दास टंडन ने 25 जुलाई 2014 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है।

छत्तीसगढ़ की अर्थव्यव्स्था (Chhattisgarh Economy):

कृषि (Chhattisgarh Agriculture):

यहां की 80 प्रतिशत आबादी कृषि करती है। यहाँ पर खेती का प्रमुख मौसम ख़रीफ हैं। चावल यहाँ की मुख्य फ़सल है। धान की भरपूर पैदावार के कारण इसे धान का कटोरा भी कहा जाता है और यहां से 600 चावल मिलों को आपूर्ति की जाती है। यहाँ प्रति हेक्टेयर 14 क्विंटल धान का उत्पादन होता है। राज्य की अन्य महत्त्वपूर्ण फ़सलें हैं- मक्का, गेंहूँ कच्चा अनाज, मूँगफली और दलहन। कोरिया छत्तीसगढ़ राज्य के प्रमुख क्षेत्रों में से एक है, जहाँ पर मक्के की खेती सबसे ज़्यादा की जाती है।

छत्तीसगढ़ भारत के प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्यों में से एक है। इसका वन राजस्व राज्य के कुल वन राजस्व का 44 प्रतिशत है। यहां चूना पत्थर, लौह-अयस्क, तांबा अयस्क, राॅक फाॅस्फेट, मैंगनीज़ अयस्क, बाॅक्साइट, कोयला, एस्बस्टस और माइका का प्रचुर भंडार है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र से घिरे इस राज्य में कृषि लोगों की मुख्य गतिविधि है। यहां की 80 प्रतिशत आबादी कृषि करती है।स्टील और बिजली राज्य के प्रमुख उद्योग हैं। देश का 15 प्रतिशत स्टील छत्तीसगढ़ में उत्पादित होता है।

छत्तीसगढ़ की जनसंख्या (Chhattisgarh Population):

सन् 2011 की जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ की आबादी लगभग 2.55 करोड़ है। राज्य की जनसंख्या घनी है और यह 189 प्रति वर्ग किमी है।

छत्तीसगढ़ की जनजातियाँ (Chhattisgarh Tribes):

छत्तीसगढ़ मॆं कई जातियां और जनजातियां हैं। जनगणना 2011 के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य की कुल जनसंख्या में से 30.62 प्रतिशत (78.22 लाख) जनसंख्या अनुसूचित जनजातियों की है। अघरीया, गोंड, कंवर, उरांव, हल्बा, भतरा, सवरा आदि प्रमुख जनजातियॉ है। अबूझमाड़िया, कमार, बैगा, पहाड़ी कोरवा तथा बिरहोर राज्य के विशेष पिछड़ी जनजातियाँ है, इनके अतिरिक्त अन्य जनजाति समूह भी है, जिनकी जनसंख्या अपेक्षाकृत कम है।

छत्तीसगढ़ की भाषा (Chhattisgarh Languages):

राज्य की आधिकारिक भाषा हिंदी है। हालांकि राज्य की ज्यादातर आबादी छत्तीसगढ़ी बोलती है जो कि हिंदी की ही बोली है। राज्य में कुछ लोग तेलगु भी बोलते हैं। उडि़या, भोजपुरी और कोसाली भी राज्य के कुछ भागों में बोली जाती है।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और वेशभूषा (Chhattisgarh Culture and Costumes):

छत्तीसगढ़ की संस्कृति में गीत एवं नृत्य का बहुत महत्व है। छत्तीसगढ़ के प्रमुख और लोकप्रिय गीतों में से कुछ हैं: भोजली, पंडवानी, जस गीत, भरथरी लोकगाथा, बाँस गीत, गऊरा गऊरी गीत, सुआ गीत, देवार गीत, करमा, ददरिया, डण्डा, फाग, चनौनी, राउत गीत और पंथी गीत। इनमें से सुआ, करमा, डण्डा व पंथी गीत नाच के साथ गाये जाते हैं। छत्तीसगढ़ की शिल्पकला में परंपरा और आस्था का अद्भुत समन्वय है। यहाँ की पारंपरिक शिल्प कला में धातु, काष्ठ, बांस तथा मिट्टी एकाकार होकर अर्चना और अलंकरण के लिए विशेष रुप से लोकप्रिय है।

छत्तीसगढ़ का खाना (Chhattisgarh Food):

छत्तीसगढ़ की संस्कृति में खानपान की विशिष्ट और दुर्लभ परंपराएं हैं, जो हर प्रहर, बेला, मौसम और तीज-त्यौहार के मुताबिक सामने आती है। राज्य के मीठे व्यंजनों में तसमई, खुरमी, पपची, अइरसा, देहरौरी, फरा और चौसेला शामिल है तथा राज्य के नमकीन व्यंजनों में ठेठरी, बफौरी, करी, सोहारी, बरा और चीला काफी लोकप्रिय हैं। इसके अलावा मिठाइयों में बबरा, देहरउरी, मालपुआ, दूधफरा, अईरसा, ठेठरी, खुरमी, बिड़िया, पिड़िया, पपची, पूरन लाडू, करी लाडू, बूंदी लाडू, पर्रा लाडू, खाजा, कोचई पपची आदि शामिल है। छत्तीसगढ़ी व्यंजन संतुलित, स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट होते हैं।

छत्तीसगढ़ के मुख्य त्योहार (Chhattisgarh Famous Festivals):

इस प्रदेश के कुछ मुख्य त्योहारों में पोला, नवाखाई, दशहरा, दीपावली, होली, गोवर्धन पूजा शामिल है। बस्तर का दशहरा, रायगढ़ का गणेशोत्सव तथा बिलासपुर का राउत मढ़ई ऐसे ही उत्सव हैं, जिनकी अपनी ही पहचान है।

छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल (Chhattisgarh Tourist Places):

इस राज्य में कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैैं। छत्तीसगढ़ के मुख्य पर्यटन स्थलों में अमरकंटक, चित्रकूट, दूधधारीमठ, इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान, केशकल घाटी, कांगेरघाट राष्ट्रीय पार्क, कैलाश गुफ़ाएं, कुडंबसर गुफ़ाएं, जगदलपुर, बस्तर और दंतेश्वरी मंदिर आदि हैं।

छत्तीसगढ़ के जिले (Chhattisgarh Districts):

छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय यहाँ सिर्फ 16 जिले थे लेकिन अब छत्तीसगढ़ में कुल 27 जिले हैं। राज्य में निम्नलिखित 27 जिले हैं:-

कवर्धा जिला, कांकेर जिला (उत्तर बस्तर), कोरबा जिला, कोरिया जिला, जशपुर जिला, जांजगीर-चम्पा जिला, दन्तेवाड़ा जिला (दक्षिण बस्तर), दुर्ग जिला, धमतरी जिला, बिलासपुर जिला, बस्तर जिला, महासमुन्द जिला, राजनांदगांव जिला, रायगढ जिला, रायपुर जिला, सरगुजा जिला, नारायणपुर जिला, बीजापुर, बेमेतरा, बालोद जिला, बलोदाबाज़ार, बलरामपुर, गरियाबंद, सूरजपुर, कोंडागांव जिला, मुंगेली, सुकमा

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