जम्मू और कश्मीर


जम्मू और कश्मीर सामान्य ज्ञान (Jammu and Kashmir General Knowledge):

जम्मू और कश्मीर भारत के सबसे उत्तरी भाग में स्थित राज्य है। जम्मू-कश्मीर की दो राजधानियाँ है, ग्रीष्‍मकाल में श्रीनगर और शीतकाल में जम्मू राजधानी रहती है। यह भारत की ओर से उत्तर में चीन और अफगानिस्तान, पूर्व में चीन, और दक्षिण में हिमाचल प्रदेश और पंजाब से घिरा है। पश्चिम में यह पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम फ्रंटीयर प्रांत और पंजाब से घिरा है। जम्मू-कश्मीर का क्षेत्र 222,236 वर्ग किमी. है।जम्मू कश्मीर को भारत के संविधान में उल्लिखित धारा 370 के अंतर्गत एक विशेषाधिकार प्राप्त राज्य है।

जम्मू और कश्मीर का इतिहास (Jammu and Kashmir History):

दो प्रामाणिक ग्रंथों राजतरंगिणी तथा नीलम पुराण में यह आख्‍यान मिलता है कि कश्मीर की घाटी कभी बहुत बड़ी झील हुआ करती थी। जम्मू-कश्मीर पहले हिंदू शासकों और फिर मुस्लिम सुल्तानों के अधीन रहा। बाद में यह राज्य अकबर के शासन में मुगल साम्राज्य का हिस्सा बन गया। सन् 1756 से अफगान शासन के बाद, सन् 1819 में यह राज्य पंजाब के सिख साम्राज्य के अधीन हो गया। सन् 1846 में रंजीत सिंह ने जम्मू क्षेत्र महाराजा गुलाब सिंह को सौंप दिया। सन् 1846 में सबरुन की निर्णायक लड़ाई के बाद अमृतसर संधि के मुताबिक कश्मीर भी महाराजा गुलाब सिंह को सौंप दिया गया। सन 1947 तक जम्मू पर डोगरा शासकों का शासन रहा।

सन् 1947 में यह राज्य पाकिस्तान के सशस्त्र हमले का विषय बना। 26 अक्टूबर 1947 को महाराजा हरिसिंह के अनुवृध्दि के समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद इसे भारत में शामिल होना मंजूर किया गया। उस विलय पत्र पर 26 अक्टूबर, 1947 को पण्डित जवाहरलाल नेहरू और महाराज हरीसिंह ने हस्ताक्षर किये। इस विलय पत्र के अनुसार- “राज्य केवल तीन विषयों- रक्षा, विदेशी मामले और संचार -पर अपना अधिकार नहीं रखेगा, बाकी सभी पर उसका नियंत्रण होगा। इसी क्रम में भारतीय संविधान में ‘अनुच्छेद 370’ जोड़ा गया, जिसमें बताया गया कि जम्मू-कश्मीर से सम्बंधित राज्य उपबंध केवल अस्थायी है, स्थायी नहीं।

जम्मू और कश्मीर का भूगोल (Jammu and Kashmir Geography):

जम्मू-कश्मीर का क्षेत्र 222,236 वर्ग किमी. है। जम्मू और कश्मीर 395 से लेकर 6910 मीटर की उंचाई पर स्थित है। पश्चिम में यह पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम फ्रंटीयर प्रांत और पंजाब से घिरा है। इस राज्य में तीन क्षेत्र हैंः जम्मू का तलहटी मैदान, कश्मीर की नीली घाटियां और झीलें, और लद्दाख का खूबसूरत पहाड़ी इलाका। सिंधु नदी कश्मीर से बहकर गुजरती है और क्षेत्र के उत्तरपूर्वी इलाके से झेलम का उदय होता है। जम्मू और कश्मीर का राजकीय पेड ‘चिनार’ है। जम्मू और कश्मीर का राजकीय पक्षी ‘श्याम-कण्ठी सारस’ है। जम्मू और कश्मीर का राजकीय पशु ‘हंगुल’ है।

जम्मू और कश्मीर की जलवायु(Jammu and Kashmir Climate):

राज्य का लगभग 90% से अधिक भाग पहाड़ी है। यहां की जलवायु विविध है इसका मुख्य कारण रूखी टोपोग्राफी है। यहां गर्मियों की जलवायु हल्की है इसका कारण बाहरी मैदानों और पहाडि़यों पर होने वाली बरसात है। ऊँची चोंटियों पर नमीदार तेज हवाओं के कारण यहां तापमान गिर जाता है। मैदानी इलाकों के मुकाबले घाटी के उंचाई पर स्थित होने के कारण यहां की जलवायु बहुत ठंडी है। सर्दियों में भूमध्यसागरीय हवाओं के कारण यहां बर्फबारी होती है। गर्मियां यहां हल्की और कम अवधि की होती हैं और सर्दियां ठंडी और शुष्क होती हैं। पर्वत श्रृंखलाओं पर बर्फबारी के कारण उंचाई के साथ ठंड बढ़ती जाती है। राज्य में औसत वार्षिक वर्षा उत्तर में 75 मिमी से लेकर दक्षिण-पूर्व में 1150 मिमी होती है।

जम्मू और कश्मीर की सरकार और राजनीति (Jammu and Kashmir Government and Politics):

जम्मू और कश्मीर में सरकार के पास ही सर्वोच्च अधिकार हैं। अन्य किसी भी राज्य की तरह यहां भी 3 शाखाएं हैं- कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका। कार्यपालिका शाखा की प्रधान सरकार होती है जो कि राज्य की भी मुखिया है। राज्य के कार्यकारी अधिकार मुख्यमंत्री के पास होते हैं। राज्य की विधानसभा में 89 सदस्य हैं और विधान परिषद में 36 सदस्य हैं।

जम्मू और कश्मीर की वर्तमान मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती सईद है। उन्होंने 04 अप्रैल 2016 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। जम्मू और कश्मीर के मुख्‍यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति मेहर चंद महाजन थे। उन्होंने 15 अक्टूबर 1947 में राज्य के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

जम्मू और कश्मीर के वर्तमान राज्यपाल नरिंदर नाथ वोहरा है। नरिंदर नाथ वोहरा ने 25 जून 2008 को जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है।

जम्मू और कश्मीर की अर्थव्यव्स्था (Jammu and Kashmir Economy):

कृषि:
राज्‍य की लगभग 80% जनसंख्‍या कृषि पर निर्भर है। धान, गेहूँ और मक्‍का यहाँ की प्रमुख फ़सलें हैं। कुछ भागों में जौ, बाजरा और ज्‍वार उगाई जाती है। लद्दाख में चने की खेती होती है। फलोद्यानों का क्षेत्रफल 242 लाख हेक्‍टेयर है। राज्‍य में 2000 करोड़ रुपये के फलों का उत्‍पादन प्रतिवर्ष होता है जिसमें अखरोट निर्यात के 120 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। जम्मू-कश्‍मीर राज्‍य सेब और अखरोटों के लिए कृषि निर्यात क्षेत्र घोषित किया गया है।

खनिज सम्पदा (Jammu and Kashmir Minerals):

इस क्षेत्र में खनिज और जीवाश्म ईंधन के साधन सीमित हैं। इनका अधिकांश भाग जम्मू क्षेत्र में संकेंन्द्रित है। प्राकृतिक गैस के छोटे भण्डार जम्मू के निकट पाए जाते हैं। बॉक्साइट और जिप्सम के भण्डार उधमपुर ज़िले में हैं। अन्य खनिजों में चूना पत्थर, कोयला, जस्ता और ताँबा शामिल है।

जम्मू और कश्मीर की जनसंख्या (Jammu and Kashmir Population):

जम्मू और कश्मीर की जनसंख्या वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 1,25,41,302 है। राज्य की ज्यादातर जनसंख्या मुस्लिम है। मुस्लिमों की ज्यादा संख्या होने के अलावा राज्य में हिंदू, बौद्ध और सिख धर्म के लोग भी हैं। कश्मीर घाटी में एक और समुदाय की आबादी है जिसे कश्मीरी पंडित या कश्मीरी ब्राम्हण कहा जाता है।

जम्मू और कश्मीर की भाषा (Jammu and Kashmir Languages):

फारसी में लिखी गई उर्दू जम्मू और कश्मीर की आधिकारिक भाषा है। जम्मू और कश्मीर में बोली जाने वाली अन्य भाषाओं में कश्मीरी, पहाड़ी, डोगरी, बाल्टी, गोजरी, पश्तो, लद्दाखी और शिना है।

जम्मू और कश्मीर की संस्कृति (Jammu and Kashmir Culture):

जम्मू और कश्मीर में भारत के किसी भी राज्य के मुकाबले मुस्लिम आबादी का अनुपात सबसे अधिक है। यहां करीब दो-तिहाई आबादी मुस्लिम है। जम्मू और कश्मीर में विविध और अनूठा संस्कृति संगम है जो सारे देश से इसे अलग बनाता है। यह सिर्फ सांस्कृतिक और विरासत की दृष्टि से ही अलग नहीं है बल्कि भौगोलिक, जनसंख्या, नैतिक, सामाजिक हर रुप से अलग है। इसके विभिन्न सांस्कृतिक रुप जैसे कला, वास्तुकला, मेले, त्यौहार, रस्में, रिवाज, भाषा, पर्वत सबमें अनंत इतिहास समाहित है और इससे इस राज्य की अनेकता में एकता के बारे में पता चलता है। कश्मीर संस्कृत और फारसी सीखने का केंद्र रहा है। यहां प्रारंभिक इंडो-आर्यन सभ्यता का प्रारंभ और पोषण हुआ। यहीं से भारत में इस्लाम का भी आगमन हुआ।

जम्मू और कश्मीर की वेशभूषा या पहनावा (Jammu and Kashmir Costumes):

म्मू और कश्मीर की वेशभूषा मूल रूप से एक व्यापक ढीला गाउन शामिल हैं। पुरुषों द्वारा पतलून और कोट पुरुषों द्वारा पहने जाते हैं।मुसलमान महिलाएं पहरे पहनते वक्त मूल रूप से एक खोपड़ी की टोपी पहनती हैं जो एक लाल रंग की पट्टिका से घिरा होती है और पंडित महिलाओं के मामले में एक सफेद कपड़े पट्टिका पहनी जाती है।

जम्मू और कश्मीर के मुख्य त्योहार (Jammu and Kashmir Famous Festivals):

इस प्रदेश के कुछ मुख्य त्योहारों में नवरेह (नवचंद्र वर्ष), शिवरात्रि, ईद-उल-फितर, ईद उल ज़ुहा, ईद-ए-मिलाद या मीलादुन्नबी, मेराज आलम, मुहर्रम, गोम्‍पा, हेमिस उत्‍सव, लोहड़ी, रामबन, मकर संक्रांति और अगस्‍त माह में भदरवाह में मेला पात आदि शामिल हैं।

जम्मू और कश्मीर का खाना (Jammu and Kashmir Food):

देश के हर राज्य की भांति जम्मू और कश्मीर का भी अपना अलग खानपान हैं। चावल को जम्मू और कश्मीर का एक मुख्य भोजन माना जाता है। मुस्लिम आबादी अधिक होने के कारण मांस यहाँ पर अत्यधिक मात्रा में उपयोग किया जाता है। अन्य व्यंजनों में राग्वेदा, मच्छी, चिक्कन, मुत्तों, बाल्टी कर्री और मटन शामिल है। हरी चाय एक पारंपरिक पेय है और इसे बादाम और मसालों से बनाया जाता है जिन्हें कवा कहा जाता है।

जम्मू और कश्मीर के पर्यटन स्थल (Jammu and Kashmir Tourist Places):

इस राज्य में कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैैं। जम्मू और कश्मीर के मुख्य पर्यटन स्थलों में आइस स्केटिंग केन्द्र, चश्‍मेशाही झरना, शालीमार बाग, डल झील, गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग और अमरनाथ की पर्वत गुफा तथा जम्मू के निकट वैष्‍णो देवी मंदिर, पटनी टाप और लद्दाख के बौद्ध मठ राज्‍य के प्रमुख पर्यटन केंद्र हैं।

भारतीय संविधान में जम्मू और कश्मीर की विशेष स्थिति (Special status of Jammu and Kashmir in Indian Constitution):

संवैधानिक प्रावधान स्वतः जम्मू तथा कश्मीर पर लागू नहीं होते। केवल वहीं प्रावधान जिनमे स्पष्ट रूप से कहा जाए कि वे जम्मू कश्मीर पे लागू होते है, उस पर लागू होते हैं। जम्मू कश्मीर की विशेष स्थिति का ज्ञान इन तथ्यों से होता है-

  1. जम्मू कश्मीर संविधान सभा द्वारा निर्मित राज्य संविधान से वहाँ का कार्य चलता है ये संविधान जम्मू कश्मीर के लोगों को राज्य की नागरिकता भी देता है केवल इस राज्य के नागरिक ही संपत्ति खरीद सकते है या चुनाव लड सकते है या सरकारी सेवा ले सकते है।
  2. संसद जम्मू कश्मीर से संबंध रखने वाला ऐसा कोई कानून नहीं बना सकती है जो इसकी राज्य सूची का विषय हो।
  3. अवशेष शक्ति जम्मू कश्मीर विधान सभा के पास होती है।
  4. इस राज्य पर सशस्त्र विद्रोह की दशा मे या वित्तीय संकट की दशा मे आपात काल लागू नहीं होता है।
  5. संसद राज्य का नाम क्षेत्र सीमा बिना राज्य विधायिका की स्वीकृति के नहीं बदलेगीं।
  6. राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति राज्य मुख्यमंत्री की सलाह के बाद करेगी।
  7. संसद द्वारा पारित निवारक निरोध नियम राज्य पर अपने आप लागू नहीं होगा।
  8. राज्य की पृथक दंड संहिता तथा दंड प्रक्रिया संहिता है।

जम्मू और कश्मीर के जिले (Jammu and Kashmir Districts):

जम्मू और कश्मीर राज्य में कुल 22 जिले है, क्षेत्रफल के आधार पर लेह राज्य का सबसे बड़ा ज़िला है और जनसँख्या में आधार पर जम्मू सबसे बड़ा ज़िला है।

जम्मू एवं कश्मीर राज्य के जिलों की सूची:-

अनंतनाग, उधमपुर, कठुआ, कारगिल, किश्तवाड़, कुपवाड़ा, कुलगाम, गांदरबल, जम्मू, डोडा, पंच, पुलवामा, बड़गाम, बांदीपुरा, बारामूला, राजौरी, रामबन, रियासी, लेह, शुपियां, श्रीनगर और सांबा।

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