ओडिशा

ओडिशा सामान्य ज्ञान (Odisha General Knowledge):

ओड़िशा भारत के पूर्वी तट पर स्थित एक राज्य है। ओडिशा को पहले उड़ीसा के नाम से जाना जाता था। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर है। ओड़िशा का सबसे बड़ा नगर ‎भुवनेश्वर है। यहां बड़ी संख्या में खूबसूरत और नक्काशीदार मंदिर होने के कारण इस प्रांत को “मंदिरों की धरती” के नाम से भी जाना जाता है। राज्य में 01 अप्रैल को उत्कल दिवस (ओड़िशा दिवस) के रूप में मनाया जाता है।

ओडिशा का इतिहास (Odisha History):

प्राचीन समय में ओडिशा राज्य ‘कलिंग’ के नाम से विख्यात था। ओडिशा का इतिहास लगभग 5,000 साल पुराना है। ओडिशा कलिंग शासन के कारण प्रसिद्ध हुआ। अशोक सबसे महान मौर्य शासक थे जिन्होंने लगभग पूरे भारत और आसपास के देशों पर विजय प्राप्त कर ली थी। चौथी शताब्दी मेें गुप्तों ने ओडिशा पर शासन आया। 10वीं सदी में भौम कारा साम्राज्य और उसके बाद सोम राजवंश ने ओडिशा में राज किया। 13वीं और 14वीं सदी से लेकर सन् 1568 तक मुस्लिम शासकों का यहां वर्चस्व था। ओडिशा ने हैदराबाद के नवाब और मराठों का भी राज देखा है। 19वीं सदी की शुरुआत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने शासन किया,वह 1803 ईस्वी में यहाँ आये थे। बंगाल के तटीय इलाके को बिहार और ओडिशा में बदल दिया गया था। सन् 1936 में बिहार और ओडिशा का विभाजन हो गया। ओडिशा सन् 1950 में आधिकारिक तौर पर भारत का राज्य बन गया।

ओडिशा का भूगोल (Odisha Geography):

क्षेत्रफल के अनुसार ओड़िशा भारत का नौवां और जनसंख्या के हिसाब से 11वां सबसे बड़ा राज्य है। ओडिशा का कुल क्षेत्रफल 1,55,707 वर्ग किलोमीटर का है। यह राज्य पश्चिम में छत्तीसगढ़, दक्षिण में आंध्र प्रदेश, उत्तर-पूर्व में पश्चिम बंगाल और उत्तर में झारखंड से घिरा है। बंगाल की खाड़ी राज्य के पूर्व में है। राज्य के आंतरिक भाग और कम आबादी वाले पहाड़ी क्षेत्र हैं। 1672 मीटर ऊँचा देवमाली, राज्य का सबसे ऊँचा स्थान है। यहां के समुद्री इलाके और नदी की घाटियां अद्भुत हैं। ओडिशा की प्रमुख नदियों में महानदी, ब्राम्हणी और वंसधरा शामिल है। इस प्रांत में तीन मुख्य क्षेत्र हैं: पठार, पहाड़ी और तटीय मैदान। सुब्मरेखा, वैतरणी, रुशिकुल्य और बुधबलंग जैसी नदियों के कारण यहां कई डेल्टा का निर्माण हुआ है। ओड़िशा के संबलपुर के पास स्थित हीराकुंड बांध विश्व का सबसे लंबा मिट्टी का बांध है। ओडिशा का राजकीय पक्षी ‘हिमालयी मोनाल’ है। ओडिशा का राजकीय पेड ‘बुरंस’ है। ओडिशा का राजकीय फूल ‘बुरांस’ है। ओडिशा का राजकीय पशु ‘सांभर’ है।

ओडिशा की जलवायु (Odisha Climate):

ओडिशा की जलवायु उष्णकटिबंधीय आर्द्र-शुष्क़ (उष्णकटिबंधीय सवाना घास के मैदान) है। यहाँ पर जनवरी में सबसे ज्यादा सर्दी पड़ती है, जिसमें औसत तापमान 20° से. रहता है, मई का महिना यहाँ सबसे गर्म होंता है जिसमें औसत तापमान 33° से. तक बढ़ जाता है।  यहाँ पर जून से अक्टूबर के महीनों में वर्षा होती है। राज्य में औसत वार्षिक वर्षा लगभग 1,800 मिमी है।

ओडिशा की सरकार और राजनीति (Odisha Government and Politics): 

ओडिशा के मुख्यमंत्री सरकार के मुखिया होते हैं। भारत के संविधान के अनुसार राज्यपाल, राज्य सरकार के विधिक प्रमुख होते हैं लेकिन वास्तविक अधिकार मुख्यमंत्री के पास होते हैं। सरकार का कार्यकाल पाँच वर्षों का होता है या फिर सरकार को पाँव वर्षों से पहले भी भंग किया जा सकता है। भारतीय संसद में ओडिशा से 21 सीटें लोकसभा की और राज्य सभा की 10 सीटें हैं।

वर्तमान समय में ओडिशा में बीजू जनता दल की सरकार है। ओडिशा के वर्तमान मुख्‍यमंत्री नवीन पटनायक है। उन्होंने 21 मई 2014 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। ओडिशा के मुख्‍यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति हरेकृष्ण महताब थे। उन्होंने 23 अप्रैल 1946 में राज्य के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

ओडिशा के वर्तमान राज्यपाल एस॰सी॰ जमीर है। उन्होंने 09 मार्च 2013 को ओडिशा के राज्यपाल के रूप में शपथ ली है।

ओडिशा की अर्थव्यवस्था (Odisha Economy):

कृषि (Agriculture):

राज्य की अर्थ-व्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है। ओडिशा की लगभग 80% जनसंख्या कृषि कार्य में लगी है, हालांकि यहाँ की अधिकांश भूमि अनुपजाऊ या एक से अधिक वार्षिक फ़सल के लिए अनुपयुक्त है। राज्य के कुल क्षेत्रफल के लगभग 45% भाग में खेत है। इसके 80 प्रतिशत भाग में चावल उगाया जाता है।गन्ना राज्य की दूसरी सबसे बडी नगदी फसल हैं। गन्ना उत्पादन में ओडिशा का आठवां स्थान है। यहॉ की प्रमुख फसलें धान, दालें, तेल के बीज, जूट, गन्ना, हल्दी की खेती, नारियल आदि हैं।

ओडिशा की जनसंख्या (Odisha Population):

सन् 2011 की जनगणना के अनुसार ओडिशा की आबादी 4,19,74,218 थी। महिला और पुरुषों का अनुपात 1000 पुरुषों के मुकाबले 978 महिलाओं का है।

शिक्षा (Education):

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ओडिशा की साक्षरता दर लगभग 73% है, जिसमें पुरुषों की दर 82% और महिलाओं की दर 64% है। यह आंकड़ा है।

ओडिशा की भाषा (Odisha Languages):

ओड़िआ भाषा राज्य की अधिकारिक और सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। भाषाई सर्वेक्षण के अनुसार ओड़िशा की 93.33% जनसंख्या ओड़िआ भाषी है। हिंदी यहां दूसरी सबसे लोकप्रिय और व्यापक रुप से स्वीकृत भाषा है। इसके अलावा यहां उर्दू और बंगाली भी बोली जाती है और कुछ लोग तेलगु भी बोलते हैं। ओड़िआ की खोज उरजंग में 1051 ईस्वी में की गई थी। इसकी लिपी ब्रम्ही में शुरु की गई थी और द्रविड़ में खत्म की गई।

ओडिशा की संस्कृति और वेशभूषा (Odisha Culture and Costumes):

ओडिशा समृद्ध परंपरा और संस्कृति का गढ़ है और यह इसके ऐतिहासिक स्मारकों, मूर्तिकला, कलाकारों, नृत्य और संगीत में दिखता है। इस राज्य में एक विभाग है जो संस्कृति को देखने के साथ ही कला और संस्कृति को व्यवस्थित तरीके से बढ़ावा भी देता है। इस प्रांत में कई सारे मंदिर हैं और इसके लिए यह दुनिया भर में प्रसिद्ध भी है। ओडिशा का शास्त्रीय नृत्य ओडिसा 700 वर्षों से भी अधिक समय से अस्तित्व में है। मूलत: यह ईश्वर के लिए किया जाने वाला मंदिर नृत्य था।

ओडिशा की संस्कृति में यहां की जनजातियों और आदिवासियों की भी बड़ी भूमिका है। ओडिशा की मशहूर रथयात्रा पुरी में आयोजित होती है और बड़े भक्ति भाव और श्रद्धा से निकाली जाती है। यहां के हस्तशिल्प और हथकरघा वस्त्र उल्लेखनीय हैं। चांदी का महीन काम, पिक्चर फ्रेम और इकत के कपड़े बहुत प्रसिद्ध हैं।

ओडिशा का खानपान (Odisha Food):

उड़ीसा का पारंपरिक भोजन मसालेदार है और इसमें चावल, सब्जियां, दालों, चटनी और अचार शामिल हैं। तटीय क्षेत्रों में झींगा और फ्लैट पोमफ्रैट मछली सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हैं। उड़ीसा मुख्य रूप से दूध से तैयार मिठाई के लिए जाना जाता है। कुछ विशिष्ट मीठे पदार्थों में रसगुल्ला, रसमलई, चेनपुडा, खिरमाहन, राजभागा, रबड़ी, चिंजाहिली, रसबाली (दोनों दूध से बना) और पिठा (केक) शामिल हैं। उबले हुए भोजन में चावल, दाल, सब्जियां, करी और मीठे व्यंजन शामिल हैं।

ओडिशा के मुख्य त्योहार (Odisha Famous Festivals):

ओडिशा के अपने अनेक पारंपरिक त्योहार हैं। राज्य का सबसे अनोखा त्योहार अक्टूबर या नवंबर में मनाया जाने वाला बोइता बंदना (नौकाओं की पूजा) है। उड़ीसा के कुछ प्रसिद्ध मेलों और त्यौहारों में कटक की बाली यात्रा, कालीजल द्वीप, चिल्का झील, भुवनेश्वर के आदिवासी मेला, दुर्गा पूजा, मंगल मेला, भुवनेश्वर के भगवान लिंगराजा का कार उत्सव और पुरी में रथ यात्रा शामिल है।

ओडिशा के पर्यटन स्थल (Odisha Tourist Places):

राज्य के अन्य प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र हैं। राज्य के सबसे प्रसिद्ध स्थानों में कोणार्क का सूर्य मंदिर, पूरी का जगन्नाथ मन्दिर, नंदनकानन, चिलका झील, धौली बौद्ध मंदिर, उदयगिरि-खंडगिरि की प्राचीन गुफाएं, रत्नगिरि, ललितगिरि, उदयगिरि के बौद्ध भित्तिचित्र और गुफाएं, सप्तसज्या का मनोरम पहाडी दृश्य, हीराकुंड बांध, दुदुमा जलप्रपात, उषाकोठी वन्य जीव अभयारण्य, गोपानपुर समुद्री तट, हरिशंकर, नृसिंहनाथ, तारातारिणी, तप्तापानी, भितरकणिका, भीमकुंड कपिलाश आदि स्थान शामिल हैं।

ओडिशा के जिले (Odisha Districts):

ओडिशा में 30 जिले हैं जिनमें अनुगुल, बालासोर, बोलांगिर, बौध, बरगड़, भद्रक, कटक, देवगढ़, ढेन्कनाल, गजपति, जगतसिंहपुर, कालाहांडी, झारसुगुड़ा, नयागड़, सुंदरगड़, रायगड़ा, पुरी, केंद्रपड़ा, कोरापुट, खुर्दा, मालकानगिरी, गंजम, सोनपुर, संबलपुर, कंधमाल, नबरंगपुर, मयूरभंज और जाजपुर शामिल हैं।

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