राजस्थान

राजस्थान सामान्य ज्ञान (Rajasthan General Knowledge):

राजस्थान भारत के पश्चिमोत्तर में स्थित एक राज्य है। राजस्थान की राजधानी और राज्य का सबसे बड़ा शहर जयपुर है। राज्य के उत्तर में पंजाब, पश्चिम में पाकिस्तान, दक्षिण-पूर्व में मध्यप्रदेश और दक्षिण-पश्चिम में गुजरात, उत्तर-पूर्व में उत्तरप्रदेश और हरियाणा स्थित है। राजस्थान का कुल क्षेत्रफल लगभग 3,42,239 वर्ग किलोमीटर है। राजस्थान क्षेत्रफल के आधार पर भारत का सबसे बड़ा राज्य है।

राजस्थान का इतिहास (Rajasthan History):

पुरातात्विक और ऐतिहासिक प्रमाणों के आधार पर पता चलता है कि राजस्थान का इतिहास प्रागैतिहासिक काल से शुरू होता है। राज्य में सातवीं से ग्यारहवीं सदी के बीच कई राजवंशों का उदय हुआ था जिनमें मीणा,गुर्जर, राजपूत, मौर्य, जाट आदि प्रमुख थे। अकबर, कुछ राजपूत राज्यों को मुगल शासन के अधीन लेकर आया। 19वीं सदी की शुरुआत में वे मराठों से संबंद्ध हो गए। सन् 1935 में ब्रिटिशशासन वाले भारत में प्रांतीय स्वायत्तता लागू होने के बाद राजस्थान में नागरिक स्वतंत्रता तथा राजनीतिक अधिकारों के लिए कई आंदोलन हुए। साल 1948 में इन बिखरी हुई रियासतों को एक करने की प्रक्रिया शुरू हुई, जो 1956 में राज्य में पुनर्गठन क़ानून लागू होने तक जारी रही। सबसे पहले 1948 में ‘मत्स्य संघ’ बना, जिसमें कुछ ही रियासतें शामिल हुईं। धीरे-धीरे बाकी रियासतें भी इसमें मिलती गईं। सन् 1949 तक बीकानेर, जयपुर, जोधपुर और जैसलमेर जैसी मुख्य रियासतें इसमें शामिल हो चुकी थीं और इसे ‘बृहत्तर राजस्थान संयुक्त राज्य’ का नाम दिया गया। सन् 1958 में अजमेर, आबू रोड तालुका और सुनेल टप्पा के भी शामिल हो जाने के बाद वर्तमान राजस्थान राज्य विधिवत अस्तित्व में आया।

राजस्थान का भूगोल (Rajasthan Geography):

पश्चिम राजस्थान अपेक्षाकृत सूखा और बंजर है, इसके कुछ हिस्से में थार का रेगिस्तान भी आता है जिसे ग्रेट इंडियन डेज़र्ट भी कहा जाता है और घग्घर नदी का अंतिम छोर है। विश्व की पुरातन श्रेणियों में प्रमुख अरावली श्रेणी राजस्थान की एकमात्र पहाड़ी है जो माउंट आबू और विश्वविख्यात दिलवाड़ा मंदिर को सम्मिलित करती है। पूर्वी राजस्थान में दो बाघ अभयारण्य, रणथम्भौर एवं सरिस्का हैं और भरतपुर के समीप केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान है, जो पक्षियों की रक्षार्थ निर्मित किया गया है। राजस्थान का राजकीय फूल ‘रोहेड़ा’ है। राजस्थान का राजकीय पक्षी ‘विशाल भारतीय तिलोर’ है। राजस्थान का राजकीय पेड ‘खेजड़ी’ है। राजस्थान का राजकीय पशु ‘ऊंट’ है। राजस्थान में बहुत से नदियाँ बहती है जिनमें चम्बल, काली सिंध, बनास, बाणगंगा, पार्वती, गंभीरी, लूनी, मादी, घग्घर (प्राचीन सरस्वती), काकनी, सोम, जोखम, काटली और साबी नदी शामिल है।

राजस्थान की जलवायु (Rajasthan Climate):

राजस्थान की जलवायु शुष्क से उप-आर्द्र मानसूनी जलवायु है। यहां पर ग्रीष्म ऋतु में तापमान 25 डिग्री से 46 डिग्री सेल्सियस तक और सर्दियों में तापमान 8 डिग्री से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। राज्य में औसत वार्षिक वर्षा पश्चिमी रेगिस्तान में लगभग 100 मिमी. और राज्य के दक्षिण-पूर्व हिस्से में 650 मिमी. तक होती है।

राजस्थान की सरकार और राजनीति (Rajasthan Government and Politics):

राजस्थान के मुख्यमंत्री उत्तर-पुर्व राज्य के सरकार के प्रमुख हैं। भारत के संविधान के मुताबिक, राजस्थान के राज्यपाल राज्य के न्यायपालिक है, लेकिन वास्तविक कार्यकारी प्राधिकारी मुख्यमंत्री होता है। मिज़ोरम में विधानसभा की 200 सीटें है। राज्य से भारतीय संसद में 35 सदस्य जाते हैं, जिसमें 10 राज्य सभा यानि उपरी सदन और 25 लोक सभा यानि निचले सदन में जाते हैं।

राज्य में वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। राजस्थान के वर्तमान मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे है। राजस्थान के मुख्‍यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के हीरा लाल शास्त्री थे। उन्होंने 07 अप्रैल 1949 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

राजस्थान के वर्तमान राज्यपाल कल्‍याण सिंह है। कल्‍याण सिंह ने 04 सितम्बर 2014 को राजस्थान के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है।

राजस्थान की अर्थव्यवस्था (Rajasthan Economy):

कृषि (Agriculture):

राजस्थान की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है। राजस्थान के लगभग 80% लोग कृषि तथा संबंधित गतिविधियों पर आश्रित हैं। राजस्थान में कुल मिलाकर खेती लायक भूमि 27,465 हजार हेक्टेयर है और बुवाई क्षेत्र 20,167 हजार हेक्टेयर है। राज्य की प्रमुख फसलें चावल, जौ, ज्वार, बाजरा, मक्का, चना, गेहूँ, तिलहन, दालें, कपास, लाल मिर्च, सरसों, मेथी, ज़ीरा, हींग और तंबाकू एक है।

खनिज पदार्थ (Minerals):

राजस्थान सांस्कृतिक रूप में समृद्ध होने के साथ-साथ खनिजों के मामले में भी समृद्ध रहा है। राज्य में कई प्रकार के प्राकृतिक संसाधन भी पाए जाते है, जिनमें मुख्य रूप से लिग्नाइट, फुलर्सअर्थ, टंगस्टन, बैण्टोनाइट, जिप्सम, संगमरमर , कच्चा तेल(जैसलमेर क्षेत्र में), ताबा , जस्ता, अभ्रक, पन्ना तथा घीया पत्थर शामिल है।

उद्योग (Industry):

राज्य के प्रमुख उद्यगों में  वस्त्र, ऊनी कपडे, चीनी, सीमेंट, काँच, सोडियम संयंत्र, ऑक्सीजन, वनस्पति, रंग, कीटनाशक, जस्ता, उर्वरक, रेल के डिब्बे, बॉल बियरिंग, पानी व बिजली के मीटर, टेलीविज़न सेट, सल्फ्यूरिक एसिड, सिंथेटिक धागे तथा तापरोधी ईंटें आदि शामिल है।राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक परिसर जयपुर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा में हैं।

राजस्थान की जनसंख्या या आबादी (Rajasthan Population):

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान की आबादी 68,548,437 करोड़ है। जिसमे पुरुषों की जनसंख्या 35,550,997 और महिलाओं की जनसंख्या 32,997,440 है।  राजस्थान का लिंग अनुपात 1000 पुरुषों पर 926 महिलाओं का है। राजस्थान के सबसे बड़े शहर जयपुर, जोधपुर और कोटा हैं।

राजस्थान की जनजातियां (Rajasthan Tribes):

यहाँ पाई जाने वाली अन्य जनजातियों में मीणा, बंजारे, गडिया लोहार, भील, ग्रासिया, खानाबदोश और मवेशी शामिल हैं।

शिक्षा (Education):

राजस्थान पिछले कुछ वर्षो से शिक्षा के क्षेत्र में बहुत प्रगति कर रहा है। सन् 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान की साक्षरता दर 67.06% है। राज्य में स्कूल स्तर की शिक्षा या तो राजस्थान माध्यमिक शिक्षा मंडल या राजस्थान केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध है। राज्य में नौ विश्वविद्यालय और 250 से ज्यादा काॅलेज हैं। यहां तकरीबन 23 पाॅलिटेक्निक काॅलेज और 150 से ज्यादा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं।

भाषा (Languages):

यहां की आधिकारिक भाषा राजस्थानी है। राजस्थान के लोगों द्वारा बोले जाने वाली अन्य भाषाओं में मारवाड़ी, जयपुरी या धुंधारी, मालवी, मेवाती, ब्रज और हिंदी शामिल हैं।

राजस्थान की संस्कृति और वेशभूषा (Rajasthan Culture and Costumes):

राजस्थान राज्य की अपनी परम्परा व संस्कृति है, इस राज्य के आभूषण में कुड़क, मुरकी, ओगन्या, टोटी व गुड़दा है जो कान में पहने जाने वाले जेवर है व सटका कमर पर पहने जाने वाला गहना है। राजस्थान का लोकप्रिय नृत्य कटपुतली नृत्य है। इतिहास के साधनों में शिलालेख, पुरालेख और साहित्य के समानान्तर कला भी एक महत्त्वपूर्ण स्थान रखती है। इसमें स्थापत्य, मूर्ति, चित्र, मुद्रा, वस्त्राभूषण, शृंगार-प्रसाधन, घरेलू उपकरण इत्यादि जैसे कई विषय समाहित है जो पुन: विभिन्न भागों में विभक्त किए जा सकते हैं।

राजस्थान के मुख्य त्यौहार (Rajasthan Famous Festivals):

राजस्थान में भारतीय राज्यों की भांति विभिन्न प्रकार के त्यौहार मनाये जाते है। देश के राष्ट्रीय त्योहारों होली, दीपावली, विजयदशमी, तीज, गणगौर, क्रिसमस के अलावा अनेक देवी-देवताओं, संतों और लोकनायकों के जन्मदिन मनाए जाते हैं। राजस्थान के मशहूर मेलों में पुष्कर पशु मेला, नागौर मेला, श्री महावीर जी सवाई माधोपुर मेला, रामदेउरा (जैसलमेर), जंभेश्वर जी मेला, डेजर्ट फेस्टिवल, श्याम जी मेला (सीकर) और कोलायत मेला आदि शामिल है।

राजस्थान का खानपान (Rajasthan Food):

राजस्थान के खाने के अपनी ही अलग विशेषता है। राजस्थानी खाना विशेष रूप से शाकाहारी भोजन होता है और यह अपने स्वाद के कारण सारे विश्व में प्रसिद्ध हो गया है। राजस्थानी खाने में बेसन, दाल, मठा, दही, सूखे मसाले, सूखे मेवे, घी, दूध का अधिकाधिक प्रयोग होता है। राजस्थान के प्रमुख व्यंजनों में गट्टे की खिचड़ी, दिल खुशाल, बूंदों रायता, राजस्थानी कढ़ी, चूरमा लड्डू, मीठी बाजरा रोटी, भुजिया, सान्गरी, दाल बाटी, चूरमा, पिटौर की सब्जी, दाल की पूरी, मावा मालपुआ, बीकानेरी रसगुल्ला, घेवर, हल्दी का साग, झाजरिया, लपसी, बालूशाही, गौंदी, गट्टे की सब्जी और पंचकूट शामिल है।

राजस्थान के पर्यटन स्थल (Rajasthan Tourist Places):

पर्यटन राजस्थान की अर्थव्यवस्था का बहुत अहम हिस्सा है। थार मरुस्थल राजस्थान के पसंदीदा पर्यटन स्थलों में एक है। राजस्थान की जयपुर अपने भव्य किलों, महलों और सुंदर झीलों के लिए बहुत प्रसिद्ध है, जो विश्वभर के सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करते है। यहाँ के महत्‍वपूर्ण पर्यटन स्थलों में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, माउंट आबू, पुष्कर, अजमेर, जैसलमेर, पाली, चित्तौड़गढ़, अलवर, भरतपुर, कोटा, बूंदी, डीग महल, कौलवी और केशवरायपाटन है।

राजस्थान के जिले (Rajasthan Districts):

राजस्थान राज्य में कुल 33 जिले हैं, जनसँख्या के आधार पर जयपुर राज्य का सबसे बड़ा जिला है, जबकि क्षेत्रफल के आधार पर सबसे बड़ा जिला राज समंद हैं।

राजस्थान में निम्नलिखित 33 जिले हैं:- अजमेर, अलवर, उदयपुर, करौली, कोटा, गंगानगर, चित्तौड़गढ़, चुरू, जयपुर, जालोर, जैसलमेर, जोधपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, टोंक, डूंगरपुर, दौसा, धौलपुर, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, बाड़मेर, बारां, बीकानेर, बूंदी, भरतपुर, भीलवाड़ा, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सिरोही, सीकर और हनुमानगढ़ हैं।

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