विश्व विरासत (धरोहर) दिवस: 18 अप्रैल

Inter National Days: World Heritage Day In Hindi

विश्व धरोहर (विरासत) दिवस: 18 अप्रैल (World Heritage Day in Hindi)

विश्व धरोहर (विरासत) दिवस कब मनाया जाता है?

प्रतिवर्ष 18 अप्रैल को ‘विश्व धरोहर दिवस’ या ‘विश्व विरासत दिवस’ अथवा’ स्मारक एवं पुरास्थलों के लिये अंतर्राष्ट्रीय दिवस’ मनाया जाता है। वर्ष 2017 में इस दिवस का मुख्य विषय – “सांस्कृतिक  विरासत और सतत पर्यटन ” (Cultural Heritage and Sustainable Tourism)।

विश्व विरासत दिवस का उद्देश्य:

इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों का ध्यान विश्व विरासत स्थलों की ओर आकर्षित करना, उनके प्रति जागरूकता फैलाना तथा उनकी सुरक्षा व संरक्षा करना है।

विश्व विरासत दिवस का इतिहास:

विश्व विरासत दिवस की शुरूआत 08 अप्रैल, 1982 को हुई थी, जब इकोमास (ICOMOS) संस्था ने ट्यूनीशिया में अंतरराष्ट्रीय स्मारक और पुरास्थल दिवस का आयोजन किया था।

यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति के सदस्य:

सदस्य राष्ट्र सत्र
अंगोला 2015-2019
अज़रबैजान 2015-2019
बुर्किना फासो 2015-2019
क्रोएशिया 2013-2017
क्यूबा 2015-2019
फ़िनलैंड 2013-2017
इंडोनेशिया 2015-2019
जमैका 2013-2017
कजाखस्तान 2013-2017
कुवैत 2015-2019
लेबनान 2013-2017
पेरू 2013-2017
फिलीपींस 2013-2017
पोलैंड 2013-2017
पुर्तगाल 2013-2017
कोरिया गणराज्य 2013-2017
ट्यूनीशिया 2015-2019
तुर्की 2013-2017
तंजानिया 2015-2019
वियतनाम 2013-2017
जिम्बाब्वे 2015-2019
कुल 21

विश्व धरोहर किसे कहा जाता है?

युनेस्को विश्व विरासत स्थल ऐसे खास स्थानों (जैसे वन क्षेत्र, पर्वत, झील, मरुस्थल, स्मारक, भवन, या शहर इत्यादि) को कहा जाता है, जो विश्व विरासत स्थल समिति द्वारा चयनित होते हैं; और यही समिति इन स्थलों की देखरेख युनेस्को के तत्वाधान में करती है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य विश्व के ऐसे स्थलों को चयनित एवं संरक्षित करना होता है जो विश्व संस्कृति की दृष्टि से मानवता के लिए महत्वपूर्ण हैं। कुछ खास परिस्थितियों में ऐसे स्थलों को इस समिति द्वारा आर्थिक सहायता भी दी जाती है। अब तक (2006 तक) पूरी दुनिया में लगभग 830 स्थलों को विश्व विरासत स्थल घोषित किया जा चुका है जिसमें 644 सांस्कृतिक, 24 मिले-जुले और 138 अन्य स्थल हैं।

प्रत्येक विरासत स्थल उस देश विशेष की संपत्ति होती है, जिस देश में वह स्थल स्थित हो; परंतु अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का हित भी इसी में होता है कि वे आनेवाली पीढियों के लिए और मानवता के हित के लिए इनका संरक्षण करें। बल्कि पूरे विश्व समुदाय को इसके संरक्षण की जिम्मेवारी होती है।

विश्व विरासत के भारतीय स्थल:

वर्ष 1983 ई. में पहली बार भारत के चार ऐतिहासिक स्थलों को यूनेस्को ने “विश्व विरासत स्थल” माना था। ये चार स्थल थे- ताजमहल, आगरा का क़िला, अजंता और एलोरा की गुफाएँ। आज पूरे भारत में कई विश्व विरासत के स्थल हैं, जो अलग-अलग राज्यों में स्थित हैं। यूनेस्को ने भारत के कई ऐतिहासिक स्थलों को विश्व विरासत सूची में शामिल किया है। वर्तमान में भारत के कुल 35 स्थल विश्व विरासत सूची में शामिल हैं। जिनमें से 27 को सांस्कृतिक श्रेणी, 07 को प्राकृतिक और 01 को मिश्रित श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है। (विकिपीडिया)

इन्हे भी पढ़े: यूनेस्को की विश्व विरासत में शामिल भारतीय धरोहर स्‍थलों की सूची

चयन मानदंड:

सन 2004 के अंत तक, सांस्कॄतिक धरोहर हेतु 6 मानदण्ड थे और प्राकॄतिक धरोहर हेतु 4 मानदण्ड थे। सन 2005 में, इसे बदल कर कुल मिलाकर 10 मानदण्ड बना दिये गये। किसी भी नामांकित स्थल को न्यूनतम एक मानदण्ड तो पूरा करना ही चाहिये।

"अप्रैल" माह में मनाये जाने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दिवस एवं अंतराष्ट्रीय दिवस की सूची:

तिथि दिवस का नामउत्सव का स्तर
02 अप्रैलविश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवसअन्तरराष्ट्रीय दिवस
05 अप्रैलराष्ट्रीय समुद्री दिवसराष्ट्रीय दिवस
06 अप्रैलविकास एवं शांति के लिए अन्तरराष्ट्रीय खेल दिवसअन्तरराष्ट्रीय दिवस
07 अप्रैलविश्व स्वास्थ्य दिवसअन्तरराष्ट्रीय दिवस
10 अप्रैलविश्व होम्योपैथी दिवसअन्तरराष्ट्रीय दिवस
17 अप्रैलविश्व हीमोफिलिया दिवसअन्तरराष्ट्रीय दिवस
18 अप्रैलविश्‍व विरासत (धरोहर) दिवसअन्तरराष्ट्रीय दिवस
21 अप्रैलभारतीय सिविल सेवा दिवसराष्ट्रीय दिवस
22 अप्रैलअन्तरराष्ट्रीय मातृ पृथ्वी दिवसअन्तरराष्ट्रीय दिवस
23 अप्रैलविश्व पुस्तक दिवस अथवा विश्व पुस्तक कॉपीराइट (प्रतिलिप्‍याधिकार) दिवस (यूनेस्‍को)अन्तरराष्ट्रीय दिवस
24 अप्रैलपंचायती राज दिवसराष्ट्रीय दिवस
25 अप्रैलविश्व मलेरिया दिवसअन्तरराष्ट्रीय दिवस
29 अप्रैलविश्व नृत्य दिवसअन्तरराष्ट्रीय दिवस

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