विश्व किडनी/गुर्दा दिवस (मार्च माह का दूसरा गुरुवार) पर निबंध हिंदी में

विश्व किडनी/गुर्दा दिवस (मार्च माह का दूसरा गुरुवार) | World Kidney Day in Hindi

विश्व किडनी/गुर्दा दिवस (मार्च माह का दूसरा गुरुवार): (World Kidney Day in Hindi)

विश्व किडनी/गुर्दा दिवस कब मनाया जाता है?

प्रतिवर्ष संपूर्ण विश्व में मार्च माह के दूसरे गुरुवार को ‘वर्ल्ड किडनी डे’ अथवा ‘विश्व गुर्दा दिवस’ मनाया जाता है।

विश्व गुर्दा दिवस 2017:

संपूर्ण विश्व में 09 मार्च, 2017 को ‘वर्ल्ड किडनी डे’ मनाया गया। वर्ष 2017 में इस दिवस का मुख्य विषय (Theme)-‘Kidney Disease and Obesity’ था।

विश्व किडनी दिवस का इतिहास:

विश्व किडनी दिवस की शुरूआत दो साल पहले हुई थी। 2006 से मनना शुरू हुए इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को किडनी संबंधी रोगों के प्रति जागरूक करना और समस्या का निदान करना है। इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ किडनी डिसीजेस और इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी द्वारा लगातार बढ़ रही किडनी डिसीज को बढ़ता देख यह दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। यह प्रत्येक वर्ष मार्च माह के दूसरे गुरूवार को मनाया जाता है।

  • यह इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर नेफ्रोलॉजी (ISN) तथा द इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ फाउंडेशन (IFKF) की एक संयुक्त पहल है।
  • उल्लेखनीय है कि आईएसएन की स्थापना वर्ष 1960 में की गई थी।
  • आईएसएन मुख्य रूप से किडनी रोग विशेषज्ञों की एक गैर-लाभकारी सदस्यता संगठन है जो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुर्दारोग चिकित्सा का प्रतिनिधित्व करती है और किडनी रोग के उपचार और रोकथाम के लिए समर्पित है।
  • वहीं आईएफकेएफ (IFKF) विश्व भर के सभी महाद्वीपों पर बीमारी के इलाज तथा इसके रोकथाम के लिए कार्यरत है।
  • इसकी स्थापना वर्ष 1999 में हुई थी।
  • ‘वर्ल्ड किडनी डे’ एक वैश्विक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान है, जिसके अंतर्गत किडनी की बीमारी और उससे संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं को कम करना तथा किडनी के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना है।

किडनी/गुर्दे की बीमारियां होने के प्रमुख कारण:

गुर्दे की बीमारियां विकसित होने वाले कुछ कारण निम्नलिखित हैं:-

  • जन्म दोष।
  • ट्रामा/आघात।
  • पेशाब में रुकावट।
  • संक्रमण।
  • आनुवंशिक।
  • प्रणालीगत रोग।

किडनी/गुर्दे की बीमारियों के लक्षण:

किडनी/गुर्दे की बीमारियों के संकेत और लक्षण निम्नलिखित हो सकते है:-

  • बुख़ार।
  • पेशाब के दौरान जलन या दर्द।
  • पेशाब की मात्रा में बढ़ोत्तरी।
  • पेशाब में रक्त आना।
  • बिस्तर गीला होना।
  • आंखों, चेहरे, पैरों और टखनों के आसपास (जिसे एडीमा कहा जाता है) सूजन होना।
  • खूनी दस्त/आतिसार/डायरिया।
  • थकावट।
  • भूख में कमी।
  • पेट में दर्द।

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