प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई) क्या है? (Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana Information in Hindi)

प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना का अर्थ: प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना (PMVVY) वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक उम्र) के लोगों के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई पेंशन योजना है। इस योजना के तहत सदस्यों को 10 वर्ष तक 8% सुनिश्चित रिटर्न के रूप में पेंशन मिलती है। वरिष्ठ नागरिक मासिक, तिमाही, छमाही या वार्षिक आधार पर पेंशन लेते है। यही नहीं रिटर्न 8% से कम आने पर सरकार उसकी भरपाई करती है।

प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना की शुरुआत कब और किसने की?

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना की शुरुआत 04 मई 2017 थी। इस योजना के अंतर्गत निवेश करने की समय सीमा 04 मई, 2017 से 3 मई, 2018 तक थी। प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना के बारे में ताजा जानकारी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 02 मई 2018 को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में वरिष्ठ नागरिकों की भलाई को ध्यान में रखते हुए "प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना" में कुछ जरूरी सुधार किए गए जो इस प्रकार हैं:-

  • अब पीएमवीवीवाई के तहत निवेश सीमा को साढे सात लाख बढ़ाकर 15 लाख कर दिया गया है।  निवेश सीमा बढ़ने से वरिष्ठ नागरिकों को प्रति माह 10 हजार रूपए तक पेंशन मिल सकेगी।
  • प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना का सदस्‍य बनने की अंतिम तारीख को भी दो साल बढ़ाकर 31 मार्च 2020 कर दिया है। पहले निवेश की समय सीमा 04 मई, 2017 से 03 मई 2018 तक थी।

प्रधानमंत्री व्यय वंदन योजना का उद्देश्‍य:

प्रधानमंत्री व्यय वंदन योजना (पीएमवीवीवाई) भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) चला रही है। इसका उद्देश्‍य 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को सामाजिक सुरक्षा देना है। केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2018 तक कुल 2.23 लाख वरिष्‍ठ नागरिकों ने इस योजना को ग्रहण किया है।

पेंशन भुगतान का तरीका:

पेंशन धारक को मासिक, त्रैमासिक, अर्ध-वार्षिक और वार्षिक तौर पर पेंशन का भुगतान किया जाएगा। पेंशन का भुगतान एनईएफटी (NEFT) द्वारा या आधार सक्षम भुगतान प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।

प्रधानमंत्री व्यय वंदन योजना के लिए आवेदन कैसे सकते है?

प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना के लिए आप दो पारकर से आवेदन कर सकते है:-

  • ऑनलाइन
  • ऑफलाइन

प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना में ऑफलाइन आवेदन-पत्र: भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के माध्यम से एप्लीकेशन फॉर्म को भरकर ऑफिस में ही जमा करा कर आप ऑफलाइन आवेदन कर सकते है। प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना में ऑनलाइन आवेदन-पत्र: प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना में ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आप  www.licindia.in वेबसाइट पर जाकर एप्लीकेशन फॉर्म में दी योजना से जुड़ी दी गयी जानकारी व विवरण को भरकर आवेदन से कर सकते है। प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना में आवेदन के लिए पेनकार्ड और आईडी कार्ड होना अनिवार्य है। आप भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की वेबसाइट पर इस योजना के बारे अधिक जानकारी ले सकते है। पेंशन भुगतान का तरीका: पेंशन धारक को मासिक, त्रैमासिक, अर्ध-वार्षिक और वार्षिक तौर पर पेंशन का भुगतान किया जाएगा। पेंशन का भुगतान एनईएफटी (NEFT) द्वारा या आधार सक्षम भुगतान प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।

प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना के लाभ:

प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना के तहत मिलने वाले लाभ निम्नलिखित है:-

  • इस पेंशन योजना के तहत सदस्यों को 8% सुनिश्चित (एश्योर्ड) रिटर्न मिलती है।
  • यह योजना केवल 10 वर्ष के लिए है।
  • एक बार पेंशन प्लान ले लेने पर आपको अगले 10 सालों तक मासिक आधार पर पेंशन दी जाती रहेगी।
  • इसमें पेंशन मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना आधार पर लेने का विकल्प है।
  • इस योजना को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से छूट दी गई है।
  • पेंशन लेने के 3 साल बाद नकदी जरूरतों को पूरा करने के लिये खरीद मूल्य का 75% तक कर्ज लिया जा सकता है।
  • पेंशनभोगी की पॉलिसी अवधि के दौरान मौत होने की स्थिति में खरीद मूल्य लाभार्थियों को सौंपा जाएगा। इस दौरान लागत का भुगतान सरकार से सब्सिडी के रूप में एलआईसी को करेगी।
  • इस योजना में स्वयं या पति या पत्नी की किसी भी गंभीर/टर्मिनल बीमारी के इलाज के लिए समयपूर्व निकासी की अनुमति भी है।
  • इस योजना के तहत समय-पूर्व निकासी के मामले में योजना क्रय मूल्य की 98 प्रतिशत राशि वापस की जाएगी।

अन्य लाभ: परिपक्वता लाभ (मैच्योरिटी बेनिफिट): पॉलिसी अवधि के अंति तक पेंशनर के गुजर-बसर के लिए पेंशन के खरीद मूल्य और अंतिम किस्त का भुगतान पेंशनभोगी को दिया जाएगा। पेंशन का भुगतान: पेंशनरों को पॉलिसी अवधि के दौरान पेंशन मिलेगी। उदाहरण के लिए, अगर आप एक महीने की पॉलिसी की तारीख के बाद मासिक पेंशन मोड का चुनाव करते हैं तो आपको अगले महीने से ही पेंशन मिलना शुरु हो जाएगी। योजना के अंतर्गत मृत्यु लाभ: पॉलिसी टर्म (10 साल) के दौरान पेंशनर की मौत होने पर, नॉमिनी को पर्चेज प्राइज वापस कर दिया जाएगा। फ्री लुक अवधि: अगर कोई पॉलिसीधारक पॉलिसी के "नियम और शर्तों" से संतुष्ट नहीं है, तो वह पॉलिसी की प्राप्ति की तारीख से पॉलिसी को 15 दिनों के भीतर निगम को आपत्ति के कारण के साथ वापस कर सकता/सकती है। (30 दिन अगर यह पॉलिसी ऑनलाइन खरीदी जाती है) अगर वह ऐसा करता है तो उसे, स्टाम्प ड्यूटी और अगर किसी पेंशन की किश्त का भुगतान हुआ है तो वह शुल्क घटाकर पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। एक्सक्लूशन: आत्महत्या: अगर कोई पालिसीधारक आत्महत्या करता है तो उसके नॉमिनी को पूर्ण खरीदी मुल्य का भुगतान किया जाएगा। टैक्स लाभ: आयकर 1961 की धारा 80C के इस योजना के तहत जमा की गई राशि करमुक्त है। हालांकि जमा हुई राशि से अर्जित ब्याज पर आपको आयकर देना होगा।

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  Last update :  Tue 8 May 2018
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