ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार की सूची (वर्ष 1965 से 2020 तक)

✅ Published on April 15th, 2019 in पुरस्कार और सम्मान, सामान्य ज्ञान अध्ययन

ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता (1965 से अब तक): [(Jnanpith (Gyanpith) Award Winners List in Hindi)]

ज्ञानपीठ पुरस्कार किसे कहते है?

भारतीय ज्ञानपीठ न्यास द्वारा ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ भारतीय साहित्य के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार की स्थापना साल 1965 में की गयी थी। देश का कोई भी व्यक्ति जो भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में बताई गई 22 भाषाओं में से किसी भी भाषा में लिखता हो इस पुरस्कार के योग्य है। अब तक हिन्दी तथा कन्नड़ भाषा के लेखक सबसे अधिक 7 बार इस सम्मान को प्राप्त कर चुके हैं। साल 1965 में मलयालम लेखक जी शंकर कुरुप को प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

ज्ञानपीठ पुरस्कार के बारें में संक्षिप्त जानकारी:

पुरस्कार का वर्ग साहित्य
स्थापना वर्ष 1965
पुरस्कार राशि 11 लाख रुपये
प्रथम विजेता जी शंकर कुरुप (मलयालम)
भारत की प्रथम महिला विजेता आशापूर्णा देवी (बांग्ला)
आखिरी विजेता अक्कीतम अच्युतन नंबूदिरी (2019)
विवरण भारतीय साहित्य के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार

ज्ञानपीठ पुरस्कार में कितनी पुरस्कार राशि दी जाती है?

इसमें पुरस्कार स्वरूप 11 लाख रुपये, प्रशस्तिपत्र और वाग्देवी की कांस्य प्रतिमा प्रदान की जाती है। जब वर्ष 1965 में ज्ञानपीठ पुरस्कार की स्थापना हुई थी, तो उस समय पुरस्कार राशि मात्र एक लाख रुपये थी। वर्ष 2005 में पुरस्कार राशि को एक लाख रुपये से बढाकर सात लाख रुपये कर दिया गया, जो वर्तमान में ग्यारह लाख रुपये हो चुकी है।

55वां ज्ञानपीठ पुरस्कार 2020:

मलयालम के प्रमुख कवि अक्कीथम को 55वें ज्ञानपीठ पुरस्कार के लिए चुना गया है। ज्ञानपीठ चयन बोर्ड ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। बोर्ड ने बयान जारी कर कहा, ”ज्ञानपीठ चयन बोर्ड ने एक बैठक में आज 55 वें ज्ञानपीठ पुरस्कार 2019 के लिए मलयालम के प्रसिद्ध भारतीय कवि अक्कीथम को चुना है।

अक्कीथम का नाम मलयालम कविता जगत में आदर के साथ लिया जाता है। उनका जन्म 1926 में हुआ था और पूरा नाम अक्कीथम अच्युतन नम्बूदिरी है और वह अक्कीथम के नाम से लोकप्रिय हैं।

उन्होंने 55 पुस्तकें लिखी हैं जिनमें से 45 कविता संग्रह है। पद्म पुरस्कार से सम्मानित अक्कीथम को सहित्य अकादमी पुरस्कार, केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार (दो बार) मातृभूमि पुरस्कार, वायलर पुरस्कार और कबीर सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।

अक्कीथम अभी तक 55 किताबें लिख चुके हैं जिनमें 45 कविता संग्रह हैं । इनमें से कुछ चर्चित किताबे- खंड काव्य, कथा काव्य, चारित्र काव्य और गीत। उनकी कुछ प्रसिद्ध कृतियों में वीरवदाम, बालिदर्शनम, निमिषा क्षेठ्राम, अमृता खटिका, अक्खितम कविताखका, महाकाव्य ऑफ ट्वेंटीथ सेंचुरी और अंतिमहकलम शामिल हैं।

54वां ज्ञानपीठ पुरस्कार 2019:

वर्ष 2018 का 54वां ज्ञानपीठ पुरस्कार अंग्रेजी के प्रतिष्ठित साहित्यकार अमिताव घोष को प्रदान किया गया था। अमिताव घोष देश के सर्वोच्च साहित्य पुरस्कार से सम्मानित होने वाले अंग्रेजी के पहले लेखक है। 14 दिसम्बर 2018 को प्रतिभा रॉय की अध्यक्षता में आयोजित ज्ञानपीठ चयन समिति की बैठक में अमिताव घोष को साल 2018 के लिए 54वां ज्ञानपीठ पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया था। पुरस्कार के रूप में उन्हें वाग्देवी की प्रतिमा, 11 लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। उनकी प्रमुख रचनाओं में ‘द सर्किल ऑफ रीजन’, ‘दे शेडो लाइन’, ‘द कलकत्ता क्रोमोसोम’, ‘द ग्लास पैलेस’, ‘द हंगरी टाइड’, ‘रिवर ऑफ स्मोक’ और ‘फ्लड ऑफ फायर’ शामिल है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंग्रेजी को तीन साल पहले ज्ञानपीठ पुरस्कार की भाषा के रूप में शामिल किया गया था। हिन्दी की प्रतिष्ठित लेखिका कृष्णा सोबती को वर्ष 2017 के प्रतिष्ठित 53वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

वर्ष 1965 से अब तक ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेताओं की सूची:-

वर्ष ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार
2019 अक्कीतम अच्युतन नंबूदिरी (मलयालम)
2018 अमिताव घोष (अंग्रेजी)
2017 कृष्णा सोबती (हिन्दी)
2016 शंख घोष (बांग्ला)
2015 रघुवीर चौधरी (गुजराती)
2014 भालचन्द्र नेमाड़े (मराठी) एवं रघुवीर चौधरी (गुजराती)
2013 केदारनाथ सिंह (हिन्दी)
2012 रावुरी भारद्वाज (तेलुगू)
2011 प्रतिभा राय (ओड़िया)
2010 चन्द्रशेखर कम्बार (कन्नड)
2009 अमरकान्त व श्रीलाल शुक्ल (हिन्दी)
2008 अखलाक मुहम्मद खान शहरयार (उर्दू)
2007 ओ.एन.वी. कुरुप (मलयालम)
2006 रवीन्द्र केलकर (कोंकणी) एवं सत्यव्रत शास्त्री (संस्कृत)
2005 कुँवर नारायण (हिन्दी)
2004 रहमान राही (कश्मीरी)
2003 विंदा करंदीकर (मराठी)
2002 दण्डपाणी जयकान्तन (तमिल)
2001 राजेन्द्र केशवलाल शाह (गुजराती)
2000 इंदिरा गोस्वामी (असमिया)
1999 निर्मल वर्मा (हिन्दी) एवं गुरदयाल सिंह (पंजाबी)
1998 गिरीश कर्नाड (कन्नड़)
1997 अली सरदार जाफरी (उर्दू)
1996 महाश्वेता देवी (बांग्ला)
1995 एम.टी. वासुदेव नायर (मलयालम)
1994 यू.आर. अनंतमूर्ति (कन्नड़)
1993 सीताकांत महापात्र (ओड़िया)
1992 नरेश मेहता (हिन्दी)
1991 सुभाष मुखोपाध्याय (बांग्ला)
1990 वी.के.गोकक (कन्नड़)
1989 कुर्तुल एन. हैदर (उर्दू)
1988 डॉ. सी नारायण रेड्डी (तेलुगु)
1987 विष्णु वामन शिरवाडकर कुसुमाग्रज (मराठी)
1986 सच्चिदानंद राउतराय (ओड़िया)
1985 पन्नालाल पटेल (गुजराती)
1984 तक्षी शिवशंकरा पिल्लई (मलयालम)
1983 मस्ती वेंकटेश अयंगर (कन्नड़)
1982 महादेवी वर्मा (हिन्दी)
1981 अमृता प्रीतम (पंजाबी)
1980 एस.के. पोट्टेकट  (मलयालम)
1979 बिरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य (असमिया)
1978 एच. एस. अज्ञेय (हिन्दी)
1977 के. शिवराम कारंत (कन्नड़)
1976 आशापूर्णा देवी (बांग्ला)
1975 पी.वी. अकिलानंदम (तमिल)
1974 विष्णु सखा खांडेकर (मराठी)
1973 दत्तात्रेय रामचंद्र बेन्द्रे (कन्नड़) एवं गोपीनाथ महान्ती (ओड़िया)
1972 रामधारी सिंह दिनकर (हिन्दी)
1971 विष्णु डे (बांग्ला)
1970 विश्वनाथ सत्यनारायण (तेलुगु)
1969 फ़िराक गोरखपुरी (उर्दू)
1968 सुमित्रानंदन पंत (हिन्दी)
1967 के.वी. पुत्तपा (कन्नड़) एवं उमाशंकर जोशी (गुजराती)
1966 ताराशंकर बंधोपाध्याय (बांग्ला)
1965 जी शंकर कुरुप (मलयालम)

नीचे दिए गए प्रश्न और उत्तर प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रख कर बनाए गए हैं। यह भाग हमें सुझाव देता है कि सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं। यह प्रश्नोत्तरी एसएससी (SSC), यूपीएससी (UPSC), रेलवे (Railway), बैंकिंग (Banking) तथा अन्य परीक्षाओं में भी लाभदायक है।

ज्ञानपीठ पुरस्कार - महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर (FAQs):

प्रश्न: ज्ञानपीठ पुरस्कार की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर: 1965 में
प्रश्न: ज्ञानपीठ पुरस्कार की राशि कितनी होती है?
उत्तर: 11 लाख रूपये
प्रश्न: 1998 में अमर्त्य सेन को किस क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार मिला था?
उत्तर: अर्थशास्त्र के क्षेत्र में
प्रश्न: ज्ञानपीठ अवार्ड किस क्षेत्र में दिया जाता है?
उत्तर: साहित्य
प्रश्न: किन्हे ज्ञानपीठ पुरस्कार से पहली बार सम्मानित किया गया?
उत्तर: जी शंकर कुरूप को
प्रश्न: भारत की प्रथम विजेता महिला कौन थी, जिन्होने ज्ञानपीठ पुरस्कार जीता था?
उत्तर: आशापूर्णा देवी
प्रश्न: साल 1980 में कृष्णा सोबती को उनके उपन्यास 'जिंदगीनामा' के लिए कौन सा पुरस्कार मिला?
उत्तर: साहित्य अकादेमी पुरस्कार
प्रश्न: कृष्णा सोबती को वर्ष 1996 में कौन से पुरस्कार से नवाजा गया?
उत्तर: साहित्य अकादेमी फैलोशिप


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