कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

✅ Published on May 15th, 2021 in प्रसिद्ध व्यक्ति

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा (K M Cariappa) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। K M Cariappa Biography and Interesting Facts in Hindi.

कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

नामकोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा (K M Cariappa)
उपनामकीपर
जन्म की तारीख28 जनवरी 1899
जन्म स्थानकोडागु (कुर्ग), कर्नाटक
निधन तिथि15 मई 1993
उपलब्धि1949 - स्वतंत्र भारत के प्रथम सेनाध्यक्ष (फ़ील्ड मार्शल)
पेशा / देशपुरुष / कमांडर / भारत

कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा (K M Cariappa)

फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा भारत के प्रथम सेनाध्यक्ष थे। उनका पूरा नाम कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा था। करिअप्पा का जन्म 28 जनवरी, 1899 में कर्नाटक के कोडागु (कुर्ग) में शनिवर्सांथि नामक स्थान पर हुआ था। उन्होंने साल 1947 में हुए भारत-पाक युद्ध में पश्चिमी सीमा पर भारतीय सेना का नेतृत्व किया। वे भारतीय सेना के उन दो अधिकारियों में शामिल हैं जिन्हें फील्ड मार्शल की पदवी दी गयी थी। इसके बाद से ही 15 जनवरी ‘सेना दिवस" के रूप में मनाया जाता है। सन 1953 में फील्ड मार्शल करिअप्पा भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हो गए। 15 मई 1993 में 94 वर्ष की आयु में के. एम. करियप्पा का निधन हो गया।

कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा का जन्म 28 जनवरी, 1899 में कर्नाटक के कोडागु (कुर्ग) में शनिवर्सांथि नामक स्थान पर हुआ था। इनका पूरा नाम कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा था। करिअप्पा को घर में सभी लोग प्यार से ‘चिम्मा" कहकर पुकारते थे। इनके पिता का नाम मदप्पा था जो कोडंडेरा माडिकेरी में एक राजस्व अधिकारी थे। ये अपने माता पिता के दूसरे संतान थे इनके माता पिता के चार बेटे और दो बेटिया थी।
कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा गठिया और दिल की समस्याओं से पीड़ित थे। 1991 में करियप्पा का स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण इन्हें कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन कुछ समय बाद 15 मई 1993 (उम्र 95 वर्ष) को बैंगलोर , कर्नाटक , भारतको बेंगलुरू कमांड अस्पताल में उनकी नींद में मृत्यु हो गई।
करिअप्पा को उनके क़रीबी लोग "चिम्मा" कहकर पुकारते थे। इन्होंने अपनी औपचारिक शिक्षा "सेंट्रल हाई स्कूल, मडिकेरी" से प्राप्त की थी। आगे की शिक्षा मद्रास के प्रेसिडेंसी कॉलेज से पूरी की। अपने छात्र जीवन में करिअप्पा एक अच्छे खिलाड़ी के रूप में भी जाने जाते थे। वे हॉकी और टेनिस के माने हुए खिलाड़ी थे। संगीत सुनना भी इन्हें पसन्द था। शिक्षा पूरी करने के बाद ही प्रथम विश्वयुद्ध (1914-1918 ई.) में उनका चयन सेना में हो गया।
करियप्पा को ‘कीपर’ के नाम से पुकारा जाता था। वह फील्ड मार्शल के पद पर पहुंचने वाले इकलौते भारतीय है। के. एम. करिअप्पा भारतीय सेना के पहले अधिकारी हैं जिन्हें फील्ड मार्शल की पदवी दी गई। फील्ड मार्शल सैम मानेकशा दूसरे ऐसे अधिकारी थे, जिन्हें फील्ड मार्शल का रैंक दिया गया था। के. एम. करिअप्पा को 15 जनवरी 1949 में सेना प्रमुख नियुक्त किया गया। साल 1953 में के. एम. करिअप्पा को ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैण्ड में भारत के उच्चायुक्त के रूप में नियुक्त किया गया। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी एस. ट्रूमैन द्वारा उन्हें ‘Order of the Chief Commander of the Legion of Merit’ उपाधि से सम्मानित किया। भारत सरकार ने साल 1986 में उनकी सेवाओं के लिए उन्हें ‘Field Marshal’ का पद प्रदान किया।
अपनी अभूतपूर्व योग्यता और नेतृत्व के गुणों के कारण करिअप्पा बराबर प्रगति करते गए और अनेक उपलब्धियों को प्राप्त किया। सेना में कमीशन पाने वाले प्रथम भारतीयों में वे भी शामिल थे। अनेक मोर्चों पर उन्होंने भारतीय सेना का पूरी तरह से सफल नेतृत्व किया था। स्वतंत्रता से पहले ही ब्रिटिश सरकार ने उन्हें सेना में "डिप्टी चीफ़ ऑफ़ जनरल स्टाफ़" के पद पर नियुक्त कर दिया था। किसी भी भारतीय व्यक्ति के लिए यह एक बहुत बड़ा सम्मान था। भारत के स्वतंत्र होने पर 1949 में करिअप्पा को "कमाण्डर इन चीफ़" बनाया गया था। इस पद पर वे 1953 तक रहे थे।
व्यक्तिउपलब्धि
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अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर:

प्रश्न: करियप्पा को और किस नाम से पुकारा जाता था?
उत्तर: कीपर
प्रश्न: पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति और फील्ड मार्शल अयूब खाने ने किस वर्ष के. एम. करिअप्पा के तहत काम किया था?
उत्तर: 1946
प्रश्न: 15 जनवरी 1949 में किसे सेना प्रमुख नियुक्त किया गया था?
उत्तर: के. एम. करिअप्पा
प्रश्न: किस वर्ष में के. एम. करिअप्पा को ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैण्ड में भारत के उच्चायुक्त के रूप में नियुक्त किया गया?
उत्तर: 1953
प्रश्न: भारत सरकार ने किस वर्ष में करिअप्पा की सेवाओं के लिए उन्हें 'Field Marshal' का पद प्रदान किया?
उत्तर: 1986

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी:

प्रश्न: करियप्पा को और किस नाम से पुकारा जाता था?
Answer option:

      राम किपर

    ❌ Incorrect

      कीपर

    ✅ Correct

      बाबू लाल

    ❌ Incorrect

      कियर

    ❌ Incorrect

प्रश्न: पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति और फील्ड मार्शल अयूब खाने ने किस वर्ष के. एम. करिअप्पा के तहत काम किया था?
Answer option:

      1946

    ✅ Correct

      1943

    ❌ Incorrect

      1920

    ❌ Incorrect

      1940

    ❌ Incorrect

प्रश्न: 15 जनवरी 1949 में किसे सेना प्रमुख नियुक्त किया गया था?
Answer option:

      एफ. डब्ल्यू. राबर्टसन

    ❌ Incorrect

      के. एम. करिअप्पा

    ✅ Correct

      श्री आर. एन. बनर्जी

    ❌ Incorrect

      सर रोस बार्कर

    ❌ Incorrect

प्रश्न: किस वर्ष में के. एम. करिअप्पा को ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैण्ड में भारत के उच्चायुक्त के रूप में नियुक्त किया गया?
Answer option:

      1952

    ❌ Incorrect

      1958

    ❌ Incorrect

      1921

    ❌ Incorrect

      1953

    ✅ Correct

प्रश्न: भारत सरकार ने किस वर्ष में करिअप्पा की सेवाओं के लिए उन्हें 'Field Marshal' का पद प्रदान किया?
Answer option:

      1981

    ❌ Incorrect

      1986

    ✅ Correct

      1982

    ❌ Incorrect

      1980

    ❌ Incorrect

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