लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

✅ Published on October 2nd, 2021 in पुरस्कारों के प्रथम प्राप्तकर्ता, प्रसिद्ध व्यक्ति

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए लाल बहादुर शास्त्री से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Lal Bahadur Shastri Biography and Interesting Facts in Hindi.

लाल बहादुर शास्त्री के बारे में संक्षिप्त जानकारी

नामलाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri)
जन्म की तारीख02 अक्टूबर 1904
जन्म स्थानमुगलसराय, वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
निधन तिथि11 जनवरी 1966
माता व पिता का नामरामदुलारी / मुंशी शारदा प्रसाद श्रीवास्तव
उपलब्धि1966 - मरणोपरांत 'भारत रत्न' से सम्मानित प्रथम साहित्यकार
पेशा / देशपुरुष / राजनीतिज्ञ / भारत

लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri)

लाल बहादुर शास्त्री स्वतंत्र भारत के दूसरे प्रधानमंत्री एवं स्वतंत्रता सेनानी थे। वह 09 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक लगभग 18 महीने देश के प्रधानमंत्री रहे। शारीरिक कद में छोटे होने के बावजूद भी वह महान साहस और इच्छाशक्ति के व्यक्ति थे। वर्ष 1966 में लाल बहादुर शास्त्री को उनकी सादगी, देशभक्ति और ईमानदारी के लिये मरणोपरान्त देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न‘ से सम्मानित किया गया था।

लालबहादुर शास्त्री का जन्म 02 अक्टूबर 1904 में मुगलसराय, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। उनके पिता का नाम मुंशी शारदा प्रसाद श्रीवास्तव और उनकी माता का नाम रामदुलारी था। इनके पिता प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षक थे और इसी कारण से सब उन्हें मुंशीजी ही कहते थे। बाद में उन्होंने राजस्व विभाग में लिपिक (क्लर्क) की नौकरी की थी। परिवार में सबसे छोटा होने के कारण बालक लालबहादुर को परिवार वाले प्यार में नन्हें कहकर ही बुलाया करते थे।
लाल बहादुर शास्त्री का निधन 11 जनवरी 1966 (उम्र 61) को ताशकन्द समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद उसी रात इनकी मृत्यु हो गयी। इनकी मृत्यु का कारण हार्ट अटैक बताया गया। परन्तु इनकी मृत्यु को लेकर तरह-तरह के कयास लगाये जाते रहे। इनके परिवार के लोगो का कहना था की इनकी मृत्यु हार्ट से नहीं बल्कि जहर देने से हुई थी यह विवाद आजतक पता नहीं चला।
शास्त्री जी के परिवार में, कई कायस्थ परिवारों के साथ, यह उस युग में बच्चों के लिए उर्दू भाषा और संस्कृति में शिक्षा प्राप्त करने का रिवाज था। ऐसा इसलिए है क्योंकि उर्दू / फ़ारसी सदियों से सरकार की भाषा थी, अंग्रेजी द्वारा प्रतिस्थापित होने से पहले, और पुरानी परंपराएं 20 वीं शताब्दी में बनी रहीं। इसलिए, शास्त्री ने चार साल की उम्र में मुगलसराय के पूर्व मध्य रेलवे इंटर कॉलेज में एक मौलवी (एक मुस्लिम मौलवी), बुरहान मियां के संरक्षण में शिक्षा शुरू की। उन्होंने वहां छठी कक्षा तक पढ़ाई की। 1917 में, बिंदेश्वरी प्रसाद (जो अब घर के मुखिया थे) को वाराणसी स्थानांतरित कर दिया गया था, और पूरा परिवार रामदुलारी देवी और उनके तीन बच्चों सहित वहां चला गया। वाराणसी में, शास्त्री हरीश चंद्र हाई स्कूल में सातवीं कक्षा में शामिल हुए। इस समय, उन्होंने "श्रीवास्तव" (जो कायस्थ परिवारों की एक उप-जाति के लिए एक पारंपरिक उपनाम है) के अपने जाति-व्युत्पन्न उपनाम को छोड़ने का फैसला किया।
संस्कृत भाषा में स्नातक स्तर तक की शिक्षा समाप्त करने के बाद लाल बहादुर शास्त्री भारत सेवक संघ से जुड़ गये और देशसेवा का व्रत लेते हुए यहीं से अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत की। शास्त्रीजी सच्चे गान्धीवादी थे जिन्होंने अपना सारा जीवन सादगी से बिताया और उसे गरीबों की सेवा में लगाया। भारतीय स्वाधीनता संग्राम के सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों व आन्दोलनों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही और उसके परिणामस्वरूप उन्हें कई बार जेलों में भी रहना पड़ा। स्वाधीनता संग्राम के जिन आन्दोलनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही उनमें 1921 का असहयोग आंदोलन, 1930 का दांडी मार्च तथा 1942 का भारत छोड़ो आन्दोलन उल्लेखनीय हैं। दूसरे विश्व युद्ध में इंग्लैण्ड को बुरी तरह उलझता देख जैसे ही नेताजी ने आजाद हिन्द फौज को "दिल्ली चलो" का नारा दिया, गान्धी जी ने मौके की नजाकत को भाँपते हुए 8 अगस्त 1942 की रात में ही बम्बई से अँग्रेजों को "भारत छोड़ो" व भारतीयों को "करो या मरो" का आदेश जारी किया और सरकारी सुरक्षा में यरवदा पुणे स्थित आगा खान पैलेस में चले गये। 9 अगस्त 1942 के दिन शास्त्रीजी ने इलाहाबाद पहुँचकर इस आन्दोलन के गान्धीवादी नारे को चतुराई पूर्वक "मरो नहीं, मारो!" में बदल दिया और अप्रत्याशित रूप से क्रान्ति की दावानल को पूरे देश में प्रचण्ड रूप दे दिया। पूरे ग्यारह दिन तक भूमिगत रहते हुए यह आन्दोलन चलाने के बाद 19 अगस्त 1942 को शास्त्रीजी गिरफ्तार हो गये। शास्त्रीजी के राजनीतिक दिग्दर्शकों में पुरुषोत्तमदास टंडन और पण्डित गोविंद बल्लभ पंत के अतिरिक्त जवाहरलाल नेहरू भी शामिल थे। सबसे पहले 1929 में इलाहाबाद आने के बाद उन्होंने टण्डनजी के साथ भारत सेवक संघ की इलाहाबाद इकाई के सचिव के रूप में काम करना शुरू किया। इलाहाबाद में रहते हुए ही नेहरूजी के साथ उनकी निकटता बढ़ी। इसके बाद तो शास्त्रीजी का कद निरन्तर बढ़ता ही चला गया और एक के बाद एक सफलता की सीढियाँ चढ़ते हुए वे नेहरूजी के मंत्रिमण्डल में गृहमन्त्री के प्रमुख पद तक जा पहुँचे। और इतना ही नहीं, नेहरू के निधन के पश्चात भारतवर्ष के प्रधान मन्त्री भी बने।
शास्त्री जीवन भर अपनी ईमानदारी और विनम्रता के लिए जाने जाते थे। उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था, और दिल्ली में उनके लिए एक स्मारक "विजय घाट" बनाया गया था। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (मसूरी, उत्तराखंड) सहित कई शिक्षण संस्थान उनके नाम पर हैं। 2011 में, शास्त्री की 45 वीं पुण्यतिथि पर, उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी के रामनगर में शास्त्री के पैतृक घर के नवीनीकरण की घोषणा की और इसे एक जीवनी संग्रहालय में बदलने की योजना की घोषणा की। वाराणसी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखा गया है।
व्यक्तिउपलब्धि
प्रणब मुखर्जी की जीवनीभारत के तेरहवें राष्ट्रपति
रामनाथ कोविंद की जीवनीभारत के 14वें और वर्तमान राष्ट्रपति
सुषमा स्वराज की जीवनीहरियाणा विधानसभा के सदस्य के रूप में
शीला दीक्षित की जीवनीदिल्ली की दूसरी महिला मुख्यमंत्री
सैफुद्दीन किचलू की जीवनीलेनिन शांति पुरस्कार से सम्मानित प्रथम भारतीय पुरुष
इंदिरा गाँधी की जीवनीप्रथम भारतीय महिला प्रधानमंत्री
सरदार वल्लभभाई पटेल की जीवनीस्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमंत्री और उप-प्रधानमंत्री
वी. के. कृष्ण मेनन की जीवनीब्रिटेन में उच्चायुक्त बनने वाले प्रथम भारतीय व्यक्ति
मेघनाद साहा की जीवनीलोकसभा हेतु निर्वाचित प्रथम भारतीय वैज्ञानिक
डॉ. मनमोहन सिंह की जीवनीभारत के प्रथम सिख प्रधानमंत्री
मुथुलक्ष्मी रेड्डी की जीवनीभारत की पहली महिला विधायक
पंडित जवाहरलाल नेहरू की जीवनीभारत के प्रथम प्रधानमंत्री
सुचेता कृपलानी की जीवनीभारत के किसी राज्य की प्रथम महिला मुख्यमंत्री
जानकी रामचंद्रन की जीवनीभारत के किसी राज्य की मुख्यमंत्री बनने वाली प्रथम महिला अभिनेत्री
ज्ञानी जैल सिंह की जीवनीभारत के प्रथम सिख राष्ट्रपति
डॉ. ज़ाकिर हुसैन की जीवनीभारत के प्रथम मुस्लिम राष्ट्रपति
राधाबाई सुबारायन की जीवनीभारत की प्रथम महिला सांसद
वी. एस. रमादेवी की जीवनीभारत की प्रथम महिला मुख्य चुनाव आयुक्त
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनीभारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, भारत रत्न से सम्मानित प्रथम भारतीय
नजमा हेपतुल्ला की जीवनीइंटर पार्लियामेंट्री यूनियन की प्रथम आजीवन महिला अध्यक्ष
सत्येन्द्र प्रसन्न सिन्हा की जीवनीवायसराय की कार्यकारिणी परिषद् के पहले भारतीय सदस्य
डॉ. सच्चिदानन्द सिन्हा की जीवनीभारतीय संविधान सभा के प्रथम अध्यक्ष
सरोजिनी नायडू की जीवनीप्रथम महिला राज्यपाल
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जीवनीभारत के प्रथम राष्‍ट्रपति
गणेश वासुदेव मावलंकर की जीवनीस्वतंत्र भारत के प्रथम लोकसभा अध्यक्ष
अमृत कौर की जीवनीभारत की प्रथम महिला केंद्रीय मंत्री
व्योमेश चन्द्र बनर्जी की जीवनीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष
अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनीभारत के प्रथम विशुद्ध गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री
प्रतिभा पाटिल की जीवनीभारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति
विजय लक्ष्मी पंडित की जीवनीसंयुक्त राष्ट्र संघ महासभा की प्रथम महिला अध्यक्ष
लाल मोहन घोष की जीवनीब्रिटिश संसद हेतु चुनाव लड़ने वाले प्रथम भारतीय पुरुष
दादा भाई नौरोजी की जीवनीब्रिटिश सांसद बनने वाले प्रथम भारतीय व्यक्ति
मायावती की जीवनीभारत के किसी राज्य की प्रथम दलित मुख्यमंत्री
शन्नो देवी की जीवनीविधानसभा की प्रथम महिला अध्यक्ष
चोकिला अय्यर की जीवनीप्रथम भारतीय महिला विदेश सचिव
रेहाना अमीर की जीवनीब्रिटेन में पार्षद बनने वाली प्रथम भारतीय महिला
रंगनाथ मिश्र की जीवनीराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रथम अध्यक्ष
मीरा कुमार की जीवनीप्रथम महिला लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर)
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जीवनीभारत के 11वें राष्ट्रपति
फखरुद्दीन अली अहमद की जीवनीभारत के पांचवे राष्ट्रपति
गोपाल कृष्ण गोखले की जीवनीभारत सेवक समाज के संस्थापक
मदन मोहन मालवीय की जीवनीबनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्थापक
संजय गांधी की जीवनीमारुति 800 को देश में लाने का श्रेय

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अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर:

प्रश्न: सर्वोच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश कौन थे?
उत्तर: लाल बहादुर शास्त्री
प्रश्न: लाल बहादुर शास्त्री ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई विभागों का प्रभार कब संभाला था?
उत्तर: 1951
प्रश्न: लालबहादुर शास्त्री गृह मंत्री कब बने थे?
उत्तर: 1961
प्रश्न: करो या मरो का नारा किसने दिया था
उत्तर: लाल बहादुर शास्त्री
प्रश्न: लाल बहादुर शास्त्री की मौत किस कारण हुई थी?
उत्तर: दिल का दौरा पड़ने से

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी:

प्रश्न: सर्वोच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश कौन थे?
Answer option:

      बिपिन चंद्र पाल

    ❌ Incorrect

      महात्मा गाँधी

    ❌ Incorrect

      लाल बहादुर शास्त्री

    ✅ Correct

      जवाहरलाल नेहरु

    ❌ Incorrect

प्रश्न: लाल बहादुर शास्त्री ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई विभागों का प्रभार कब संभाला था?
Answer option:

      1980

    ❌ Incorrect

      1957

    ❌ Incorrect

      1951

    ✅ Correct

      1952

    ❌ Incorrect

प्रश्न: लालबहादुर शास्त्री गृह मंत्री कब बने थे?
Answer option:

      1965

    ❌ Incorrect

      1971

    ❌ Incorrect

      1961

    ✅ Correct

      1980

    ❌ Incorrect

प्रश्न: करो या मरो का नारा किसने दिया था
Answer option:

      लाला लाजपत राय

    ❌ Incorrect

      लाल बहादुर शास्त्री

    ✅ Correct

      भगत सिंह

    ❌ Incorrect

      महात्मा गाँधी

    ❌ Incorrect

प्रश्न: लाल बहादुर शास्त्री की मौत किस कारण हुई थी?
Answer option:

      कैंसर होने से

    ❌ Incorrect

      दिल का दौरा पड़ने से

    ✅ Correct

      ज़हर खाने से

    ❌ Incorrect

      फांसी लगाने से

    ❌ Incorrect


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