विल्सन जोन्स का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

विल्सन जोन्स का जीवन परिचय | Biography of Wilson Jones in Hindi
विश्व विलियर्डस् ख़िताब जीतने वाले प्रथम भारतीय खिलाड़ी: विल्सन जोन्स का जीवन परिचय

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे विल्सन जोन्स (Wilson Jones) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए विल्सन जोन्स से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Wilson Jones Biography and Interesting Facts in Hindi.

विल्सन जोन्स के बारे में संक्षिप्त जानकारी

नामविल्सन जोन्स (Wilson Jones)
वास्तविक नामविल्सन लियोनेल गार्टन-जोन्स
जन्म की तारीख02 अप्रैल 1922
जन्म स्थानपुणे, महाराष्ट्र (भारत)
निधन तिथि05 अक्टूबर 2003
उपलब्धि1958 - विश्व विलियर्डस् ख़िताब जीतने वाले प्रथम भारतीय खिलाड़ी
पेशा / देशपुरुष / खिलाड़ी / भारत

विल्सन जोन्स (Wilson Jones)

विल्सन जोन्स भारत के पेशेवर बिलियर्ड्स खिलाड़ी थे। आजादी के 11वें साल भारत को पहली बार विश्व चैंपियन बनाने का कारनामा विल्सन जोन्स ने किया था। दो बार विश्व चैंपियन रहे जोन्स 12 बार बिलियर्डस और पांच बार स्नूकर के नेशनल चैंपियन रहे।

विल्सन जोन्स का जन्म

विल्सन जोन्स का जन्म 02 मई 1922 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। उन्हें अपने बचपन के दिनों में कंचे खेलने का बहुत शौक था और वे यह खेल बड़ी कुशलता से खेला करते थे। इसके साथ-साथ वे अपने अंकल को बिलियर्ड्स खेलते हुए भी देखा करते थे, लेकिन कम उम्र होने के कारण उन्हें बिलियर्ड्स रूम में नहीं जाने दिया जाता था और इसी कारण वे अपने अंकल को खिड़की से झांक कर देखा करते थे।

विल्सन जोन्स का निधन

वर्ष 2003 में, विल्सन जोन्स को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

विल्सन जोन्स की शिक्षा

उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बिशप हाई स्कूल और सेंट विंसेंट के हाई स्कूल से ही प्राप्त की थी। उन्होंने वर्ष 1986 में लिसो साइंटिफिक डिप्लोमा प्राप्त किया, उन्होंने भूभौतिकी पलेर्मो विश्वविद्यालय में विशेषज्ञता के साथ भूवैज्ञानिक विज्ञान के मास्टर कोर्स में पंजीकरण करने का निर्णय लिया। इसके बाद भूवैज्ञानिक विज्ञान में अपनी मास्टर डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्होंने टीवी पर खगोल विज्ञान को लोकप्रिय बनाने का अनुभव लिया ।996 में उन्होंने प्रोफेसर लियोनेल विल्सन की देखरेख में लैंकेस्टर यूनिवर्सिटी (यूके) में अपनी पहली शिक्षा पीएचडी (P.H.D) की शुरुआत की थी। 1997 में, धन की कमी के कारण, उन्होंने अपने पंजीकरण को लैंकेस्टर विश्वविद्यालय में अंशकालिक में बदल दिया और अपने परिवार के पास रहने और वहां से अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए पलेर्मो (दक्षिणी इटली ) में लौट गए।

विल्सन जोन्स का करियर

विल्सन जोन्स वर्ष 1939 में सबसे पहले अपने व्यावसायिक करियर में युद्ध सेवा में शामिल हुए थे। जिसके बाद 1947 से 1950 के बीच जोन्स ने बम्बई मझगांव डाक्स में सिक्योरिटी अफसर के रूप में कार्य किया। और फिर उन्होंने 'हाउस ऑफ विसानजी' में नौकरी ले ली एक और लंबी अवधि तक वहीं कार्य करते रहे। वर्ष 1989 में वह विसान जी के चेयरमैन के पर्सनल असिस्टेंट (पी.ए.) के रूप में रिटायर हुए। विसान जी स्वयं बिलियर्ड्स खेल के बहुत शौकीन थे। और जिसके कारण जोन्स को विसान जी के नेपियन सी रोड के शानदार बंगले में रखी बिलियर्ड्स मेजों पर जाने का मौका अक्सर व आसानी से मिल जाता था। विल्सन जोन्स ने तेजी से खेल में कुशलता प्राप्त करते हुए 1950 में टी.ए. सेल्वराज को हराकर प्रथम राष्ट्रीय खिताब जीत था। और अगले वर्ष भी उनके वही प्रतिद्वन्द्वी थे जिसमे जोन्स ने दौबरा हरा कर अगले वर्ष की भी चैंपियनशिप जीत ली थी। 1953 में जोन्स ने चन्द्रा हिर्जी को हराकर राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीत ली थी। इसके बाद 1958 तक चन्द्रा हिर्जी ही जोन्स के प्रमुख प्रतिद्वन्द्वी रहे। इस प्रकार 1950 से लेकर 1966 के बीच जोन्स बारह बार बिलियर्ड्स में राष्ट्रीय चैंपियन रहे। उन्होंने स्नूकर 1948 से ही खेलना आरम्भ कर दिया था और उसी वर्ष 1948 में भारत में पहली बार उन्होंने स्नूकर की राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीती। इस प्रकार वह स्नूकर में बिलियर्ड्स से पूर्व विजेता बने।

स्नूकर चैंपियनशिप जोन्स ने 1952, 1954, 1958 तथा 1960 में (चार बार) जीती। उन्होंने बिलियर्ड्स की राज्य चैंपियनशिप 8 बार जीती। विल्सन जोन्स ने विश्व स्तर पर पहला प्रयास 1951 कलकत्ता में हुई वर्ल्ड अमेचर बिलियर्ड्स चैंपियनशिप में किया, लेकिन इस वर्ष वह अन्तिम खिलाड़ी रहे। अगले वर्ष वह विश्व प्रतियोगिता में भाग लेने लंदन, गए लेकिन इस बार भी भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया और वह नहीं जीत सके। 1953 में विल्सन जोन्स अन्तरराष्ट्रीय खेल में चौथे स्थान पर रह गए। उनके जीवन में खुशी का क्षण तब आया, जब 1958 में जोन्स ने कलकत्ता के ग्रेट ईस्टर्न होटल में आयोजित "वर्ल्ड अमेचर बिलियर्ड्स चैंपियनशिप" जीत कर यह पुरस्कार जीतने वाले प्रथम भारतीय खिलाड़ी होने का गौरव प्राप्त किया। अगले वर्ष इंग्लैंड में हुई विश्व चैंपियनशिप में वह तीसरे स्थान पर रहे, परन्तु उन्हें इस बात का संतोष था कि उन्होंने 598 अंक का बेहतरीन रिकॉर्ड बनाया था।

विल्सन जोन्स के पुरस्कार और सम्मान

विल्सन जोन्स 12 बार बिलियर्ड्स के राष्ट्रीय चैंपियन रहे। पहली बार वह 1950 में चैंपियनशिप जीते थे। वह 5 बार स्नूकर के राष्ट्रीय चैंपियन रहे। उन्होंने महाराष्ट्र राज्य की बिलियर्ड्स चैंपियनशिप 8 बार जीती है। विल्सन जोन्स ने राज्य की स्नूकर चैंपियनशिप छह बार जीती। 1958 में विल्सन जोन्स ने "विश्व वर्ल्ड अमेचर बिलियर्ड्स चैंपियनशिप" जीती। उन्हें 1962 में "अर्जुन पुरस्कार"" प्रदान किया गया। 1965 में विल्सन जोन्स को "पद्मश्री" पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 1990 में उन्हें महाराष्ट्र सरकार का "महाराष्ट्र गौरव"" पुरस्कार दिया गया। 1996 में जोन्स को "द्रोणाचार्य पुरस्कार"" से सम्मानित किया गया।

भारत के अन्य प्रसिद्ध खिलाड़ी

व्यक्तिउपलब्धि
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नीचे दिए गए प्रश्न और उत्तर प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रख कर बनाए गए हैं। यह भाग हमें सुझाव देता है कि सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं। यह प्रश्नोत्तरी एसएससी (SSC), यूपीएससी (UPSC), रेलवे (Railway), बैंकिंग (Banking) तथा अन्य परीक्षाओं में भी लाभदायक है।

महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर (FAQs):

  • प्रश्न: टी. ए. सेल्वाराज को हराकर विल्सन लायनेल गार्टन जोन्स ने अपना पहला राष्ट्रीय खिताब कब जीता था?
    उत्तर: 1950
  • प्रश्न: विल्सन जोन्स को अर्जुन पुरस्कार से कब सम्मानित किया गया था?
    उत्तर: 1962
  • प्रश्न: साल 1962 में दोबारा विश्व चैंपियनशिप खिताब किसने हासिल किया था?
    उत्तर: विल्सन लायनेल
  • प्रश्न: वर्ष 1990 में महाराष्ट्र सरकार ने विल्सन जोन्स को किस पुरस्कार से सम्मनित किया था?
    उत्तर: महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार
  • प्रश्न: विल्सन जोन्स को द्रोणाचार्य पुरस्कार से कब नवाज़ा गया था?
    उत्तर: 1996

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