क्राइस्ट द रिडीमर, रियो डी जनेरियो (ब्राजील)

रियो डी जनेरियो ब्राजील के क्राइस्ट द रिडीमर का इतिहास तथा महत्वपूर्ण जानकारी

क्राइस्ट द रिडीमर, रियो डी जनेरियो (ब्राज़ील) के बारे जानकारी: (Christ the Redeemer, Brazil GK in Hindi)

विश्व की कई ऊँची प्रतिमाओ में से एक क्राइस्ट द रिडीमर ब्राजील के रियो डी जनेरियो के माउंट कोरकोवाडो में स्थापित ईसा मसीह की एक विशालकाय प्रतिमा है। यह मूर्ति ब्राजील में ईसाइयों की श्रद्धा का प्रतीक है। यह प्रतिमा पुर्तगाली शिल्प कौशल व वास्तुकला का एक उन्नत उदाहरण प्रस्तुत करती है।

क्राइस्ट द रिडीमर का संक्षिप्त विवरण: (Quick Info about Christ the Redeemer)

स्थान माउंट कोरकोवाडो, रियो डी जनेरियो (ब्राजील)
निर्माण 1922 ई॰ -1931 ई॰
वास्तुकार पॉल लैंडोवस्की, अल्बर्ट कैक्वोट, हीटर दा सिल्वा कोस्टा और गियोरघे लियोनिडा
प्रकार धार्मिक प्रतिमा
सामग्री कांक्रीट और सोपस्टोन

क्राइस्ट द रिडीमर का इतिहास: (Christ the Redeemer History in Hindi)

इस प्रतिमा को बनाने का पहली बार विचार 1850 के दशक में एक कैथोलिक पादरी पेड्रो मारिया बॉस को आया था जिसने राजकुमारी इसाबेल से एक विशाल धार्मिक स्मारक बनाने के लिए सहायता मांगी थी। परंतु राजकुमारी ने इसको नजर अंदाज कर दिया और जब 1889 ई. में ब्राजील के एक एक गणतंत्र बन गया तो इसे पूर्णता मना कर दिया गया क्यूंकि यह धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ होता। 1921 ई. में इस विचार को पुन: रियो के कैथोलिक सर्कल द्वारा जीवित किया गया और इसके निर्माण में समर्थन देने के लिए सेमाना डू मोनुमेंटो (“मोनुमेंट वीक”) नामक एक कार्यक्रम को आयोजित किया गया था जिसमे अधिकतर कैथोलिक समुदाय के लोग ही आए। ईसा मसीह की प्रतिमा के लिए चुने कई डिजाइन को एकत्रित किया गया परंतु अंत में खुली बाहों के साथ क्राइस्ट द रिडीमर की प्रतिमा को ही चुना गया जो शांति का एक प्रतीक भी थी। इसका निर्माण 1922 में शुरू हुआ और 1931 तक इसे पूर्णरूप से बना लिया गया और 12 अक्टूबर 1931 में इसे सामान्य जनता के लिए खोल दिया गया था।

क्राइस्ट द रिडीमर के बारे में रोचक तथ्य: (Interesting Facts about Christ the Redeemer in Hindi)

  1. इस मूर्ति को बनाने में लगभग 9 वर्षो का समय लगा था, इसका निर्माण कार्य 1922 में शुरू हुआ और इस 1931 तक पूरा बना लिया गया था
  2. यह भव्य मूर्ति विश्व की सबसे बड़ी डेको कला की मूर्ति है जिसका आधार 9.5 मीटर, ऊंचाई 130 फीट और चौड़ाई 98 फीट है।
  3. इस मूर्ति को बनाने में करीब 250,000 अमेरिकी डॉलर की लागत आई थी जिसे ब्राजील के कैथोलिक ईसाइयों ने मिलकर दान दिया था।
  4. विश्व में सात अजूबे मौजूद है जिसमे से एक क्राइस्ट द रिडीमर की मूर्ति भी शामिल है जिसे 7 जुलाई 2007 में विश्व के सात आश्चर्य में शामिल किया गया था और इसके लिए बैंको ब्राडेस्को और रेडे ग्लोबो सहित अन्य प्रमुख कॉरपोरेट प्रायोजकों ने अनुगमन किया था।
  5. यह मूर्ति तिजुका फोरेस्ट नेशनल पार्क में कोर्कोवाडो पर्वत की चोटी पर स्थित  है जिसके साथ ही मूर्ति का  कुल भार लगभग 635 टन है।
  6. यह मूर्ति कॉर्कोवाडो माउंटेन के शीर्ष पर, तिजुका नामक ब्राजील के राष्ट्रीय वन में स्थित है जहाँ पंहुचने के लिए पर्यटकों को रेलवे की सुविधा उपलब्ध करायी गई है जिसे 1882 में सम्राट डोम पेड्रो द्वितीय ने पर्वत के शीर्ष पर पहुंचने की लिए बनवाया था।
  7. 10 फरवरी 2008 में आए एक तूफान और बिजली इस मूर्ति को क्षति पंहुची इस मूर्ति की उंगलियों, सिर और भौहें को नुकसान पहुंचा था जिसे सरकार द्वारा बाद में ठीक करा दिया गया था।
  8. इस प्रतिमा का ढांचा फ्रांसीसी मूर्तिकार पॉल लैंडोव्स्की द्वारा तैयार किया गया था और स्थानीय इंजीनियर हीटर डा सिल्वा कोस्टा ने प्रतिमा को रूपांकित किया था।
  9. यह प्रतिमा मजबूत कंक्रीट और सोपस्टोन से बनी है जो मूर्ति को मजबूती प्रदान करती है।
  10. इस प्रतिमा को कई काल्पनिक कथाओं और मीडिया की अलग-अलग रचाओं में दिखाया गया है जिसमें फिल्म 2012 में प्रतिमा को एक विनाशकारी दृश्य रूप को दिखया गया है।

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