मेघनाद साहा का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

✅ Published on October 6th, 2021 in प्रसिद्ध व्यक्ति, राजनीति में प्रथम

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे मेघनाद साहा (Meghnad Saha) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए मेघनाद साहा से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Meghnad Saha Biography and Interesting Facts in Hindi.

मेघनाद साहा का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नाममेघनाद साहा (Meghnad Saha)
जन्म की तारीख06 अक्टूबर 1893
जन्म स्थानशोरतोली, ढाका, बंगाल
निधन तिथि16 फ़रवरी 1956
माता व पिता का नामभुवनेश्वरी देवी / जगन्नाथ साहा
उपलब्धि1952 - लोकसभा हेतु निर्वाचित प्रथम भारतीय वैज्ञानिक
पेशा / देशपुरुष / राजनीतिज्ञ / भारत

मेघनाद साहा (Meghnad Saha)

मेघनाद साहा भारत के एक महान खगोल वैज्ञानिक थे। डॉ. मेघनाद साहा ने तारों के ताप और वर्णक्रम के निकट संबंध के भौतकीय कारणों को खोज निकाला था। भारतीय कैलेंडर के क्षेत्र में भी उनका महत्त्वपूर्ण योगदान था। वह साल 1952 में हुए संसदीय चुनावों में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में खड़े हुए और उनकी बड़े अंतर से चुनाव में जीत हुई, इसके साथ ही वे लोकसभा हेतु निर्वाचित होने वाले देश के प्रथम भारतीय वैज्ञानिक बन गए।

मेघनाद साहा का जन्म 06 अक्टूबर 1893 को ढाका (वर्तमान बांग्लादेश) से लगभग 45 किलोमीटर दूर शाओराटोली गाँव में एक गरीब परिवार में हुआ था।इनके पिता का नाम जगन्नाथ साहा तथा माता का नाम भुवनेश्वरी देवी था।
मेघनाद साहा की मृत्यु 16 फरवरी 1956 (आयु 62 वर्ष) को नई दिल्ली भारत में कार्डियक अरेस्ट से साहा की मौत हुई। वह अपनी मृत्यु से पहले दस महीने से उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे। जब वह राष्ट्रपति भवन में योजना आयोग के कार्यालय के लिए जा रहे थे ,तभी वह कुछ गज की दूरी पर गिर गए। अस्पताल ले जाते समय सुबह 10:15 बजे ( IST ) उनकी मौत हो गई।
गरीबी के कारण साहा को आगे बढ़ने के लिये बहुत संघर्ष करना पड़ा। उनकी आरम्भिक शिक्षा ढाका कॉलेजिएट स्कूल में हुई। इण्ट्रेंस में पूर्वी बंगाल मे प्रथम रहे। इसके बाद वे ढाका कालेज में पढ़े। वहीं पर विएना से़ डाक्टरेट करके आए प्रो नगेन्द्र नाथ सेन से उन्होंने जर्मन भाषा सीखी। कोलकाता के प्रेसिडेन्सी कॉलेज से भी शिक्षा ग्रहण की।
वर्ष 1917 में साहा कोलकाता के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ साइंस में प्राध्यापक के तौर पर नियुक्त हो गए। वहां वो क्वांटम फिजिक्स पढ़ाते थे। वर्ष 1934 में उन्होंने ‘भारतीय विज्ञान कांग्रेस" की अध्यक्षता की। भारत सरकार ने कलैण्डर सुधार के लिए जो समिति गठित की थी, उसके अध्यक्ष भी मेघनाद साहा ही थे। इन्होंने साहा नाभिकीय भौतिकी संस्थान तथा इण्डियन एसोसियेशन फॉर द कल्टिवेशन ऑफ साईन्स नामक दो महत्त्वपूर्ण संस्थाओं की स्थापना की। उन्होंने वर्ष 1947 में इंस्टिट्यूट ऑफ़ नुक्लेअर फिजिक्स की स्थापना की थी, जो बाद में उनके नाम पर ‘साहा इंस्टिट्यूट ऑफ़ नुक्लेअर फिजिक्स" हो गया। साहा ने सौर किरणों के वजन और दबाव को मापने के लिए एक उपकरण का भी आविष्कार किया और कई वैज्ञानिक संस्थानों, जैसे कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भौतिकी विभाग और कलकत्ता में परमाणु भौतिकी संस्थान का निर्माण करने में मदद की। उन्होंने विज्ञान और संस्कृति पत्रिका की स्थापना की और अपनी मृत्यु तक संपादक रहे। वह कई वैज्ञानिक समाजों, जैसे कि राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (1930), इंडियन फिजिकल सोसाइटी (1934), भारतीय विज्ञान संस्थान (1935) के आयोजन में अग्रणी भावना थी। वह 1953-1956 के दौरान इंडियन एसोसिएशन ऑफ द कल्टिवेशन ऑफ साइंस के निदेशक थे। उन्होंने देश की आजादी में भी योगदान दिया था। अंग्रेज सरकार ने वर्ष 1905 में बंगाल के आंदोलन को तोड़ने के लिए जब इस राज्य का विभाजन कर दिया तो समूचे मेघनाद भी इससे अछूते नहीं रहे। उस समय पूर्वी बंगाल के गर्वनर सर बामफिल्डे फुल्लर थे। अशांति के इस दौर में जब फुल्लर मेघनाद के ढाका कालिजियट स्कूल में मुआयने के लिए आए तो मेघनाद ने अपने साथियों के साथ फुल्लर का बहिष्कार किया। नतीजतन मेघनाद को स्कूल से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। प्रेसीडेंसी कालेज में पढ़ते हुए ही मेघनाद क्रांतिकारियों के संपर्क में आए। उस समय आजादी के दीवाने नौजवानों के लिए अनुशीलन समिति से जुड़ना देश सेवा का पहला पाठ माना जाता था। मेघनाद भी इस समिति से जुड़ गए।
सन् 1918 में उनकी ‘थीसिस ऑफ रेडियेशन, प्रेशर एंड इलेक्ट्रोमैगनेटिक थ्योरी" के लिए साहा को कलकत्ता विश्वविद्यालय ने डी.एससी. की उपाधि दी। वर्ष 1927 में उन्हें लंदन की ‘रॉयल एशियाटिक सोसायटी" का फ़ैलो चुना गया। कोलकाता में 1943 में स्थापित साहा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स का नाम उनके नाम पर रखा गया है।
व्यक्तिउपलब्धि
प्रणब मुखर्जी की जीवनीभारत के तेरहवें राष्ट्रपति
रामनाथ कोविंद की जीवनीभारत के 14वें और वर्तमान राष्ट्रपति
सुषमा स्वराज की जीवनीहरियाणा विधानसभा के सदस्य के रूप में
शीला दीक्षित की जीवनीदिल्ली की दूसरी महिला मुख्यमंत्री
सैफुद्दीन किचलू की जीवनीलेनिन शांति पुरस्कार से सम्मानित प्रथम भारतीय पुरुष
लाल बहादुर शास्त्री की जीवनीमरणोपरांत 'भारत रत्न' से सम्मानित प्रथम साहित्यकार
इंदिरा गाँधी की जीवनीप्रथम भारतीय महिला प्रधानमंत्री
सरदार वल्लभभाई पटेल की जीवनीस्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमंत्री और उप-प्रधानमंत्री
वी. के. कृष्ण मेनन की जीवनीब्रिटेन में उच्चायुक्त बनने वाले प्रथम भारतीय व्यक्ति
डॉ. मनमोहन सिंह की जीवनीभारत के प्रथम सिख प्रधानमंत्री
मुथुलक्ष्मी रेड्डी की जीवनीभारत की पहली महिला विधायक
पंडित जवाहरलाल नेहरू की जीवनीभारत के प्रथम प्रधानमंत्री
सुचेता कृपलानी की जीवनीभारत के किसी राज्य की प्रथम महिला मुख्यमंत्री
जानकी रामचंद्रन की जीवनीभारत के किसी राज्य की मुख्यमंत्री बनने वाली प्रथम महिला अभिनेत्री
ज्ञानी जैल सिंह की जीवनीभारत के प्रथम सिख राष्ट्रपति
डॉ. ज़ाकिर हुसैन की जीवनीभारत के प्रथम मुस्लिम राष्ट्रपति
राधाबाई सुबारायन की जीवनीभारत की प्रथम महिला सांसद
वी. एस. रमादेवी की जीवनीभारत की प्रथम महिला मुख्य चुनाव आयुक्त
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनीभारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, भारत रत्न से सम्मानित प्रथम भारतीय
नजमा हेपतुल्ला की जीवनीइंटर पार्लियामेंट्री यूनियन की प्रथम आजीवन महिला अध्यक्ष
सत्येन्द्र प्रसन्न सिन्हा की जीवनीवायसराय की कार्यकारिणी परिषद् के पहले भारतीय सदस्य
डॉ. सच्चिदानन्द सिन्हा की जीवनीभारतीय संविधान सभा के प्रथम अध्यक्ष
सरोजिनी नायडू की जीवनीप्रथम महिला राज्यपाल
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जीवनीभारत के प्रथम राष्‍ट्रपति
गणेश वासुदेव मावलंकर की जीवनीस्वतंत्र भारत के प्रथम लोकसभा अध्यक्ष
अमृत कौर की जीवनीभारत की प्रथम महिला केंद्रीय मंत्री
व्योमेश चन्द्र बनर्जी की जीवनीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष
अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनीभारत के प्रथम विशुद्ध गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री
प्रतिभा पाटिल की जीवनीभारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति
विजय लक्ष्मी पंडित की जीवनीसंयुक्त राष्ट्र संघ महासभा की प्रथम महिला अध्यक्ष
लाल मोहन घोष की जीवनीब्रिटिश संसद हेतु चुनाव लड़ने वाले प्रथम भारतीय पुरुष
दादा भाई नौरोजी की जीवनीब्रिटिश सांसद बनने वाले प्रथम भारतीय व्यक्ति
मायावती की जीवनीभारत के किसी राज्य की प्रथम दलित मुख्यमंत्री
शन्नो देवी की जीवनीविधानसभा की प्रथम महिला अध्यक्ष
चोकिला अय्यर की जीवनीप्रथम भारतीय महिला विदेश सचिव
रेहाना अमीर की जीवनीब्रिटेन में पार्षद बनने वाली प्रथम भारतीय महिला
रंगनाथ मिश्र की जीवनीराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रथम अध्यक्ष
मीरा कुमार की जीवनीप्रथम महिला लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर)
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जीवनीभारत के 11वें राष्ट्रपति
फखरुद्दीन अली अहमद की जीवनीभारत के पांचवे राष्ट्रपति
गोपाल कृष्ण गोखले की जीवनीभारत सेवक समाज के संस्थापक
मदन मोहन मालवीय की जीवनीबनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्थापक
संजय गांधी की जीवनीमारुति 800 को देश में लाने का श्रेय

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अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर:

प्रश्न: मेघनाद साहा को डी.एससी. की उपाधि कब दी गई थी?
उत्तर: सन् 1918
प्रश्न: वर्ष 1927 में लंदन की ‘रॉयल एशियाटिक सोसायटी’ का फ़ैलो किसे चुना गया था?
उत्तर: मेघनाद साहा
प्रश्न: वर्ष 1934 में ‘भारतीय विज्ञान कांग्रेस’ की अध्यक्षता' किसने की थी?
उत्तर: मेघनाद साहा
प्रश्न: इंस्टिट्यूट ऑफ़ नुक्लेअर फिजिक्स की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर: 1947
प्रश्न: इण्डियन एसोसियेशन फॉर द कल्टिवेशन ऑफ साईन्स की स्थापना किसना की थी?
उत्तर: मेघनाद साहा

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी:

प्रश्न: मेघनाद साहा को डी.एससी. की उपाधि कब दी गई थी?
Answer option:

      सन् 1918

    ✅ Correct

      सन् 1910

    ❌ Incorrect

      सन् 1915

    ❌ Incorrect

      सन् 1978

    ❌ Incorrect

प्रश्न: वर्ष 1927 में लंदन की ‘रॉयल एशियाटिक सोसायटी’ का फ़ैलो किसे चुना गया था?
Answer option:

      मेघनाद साहा

    ✅ Correct

      सर विल्लियम जोंस

    ❌ Incorrect

      सत्यब्रत चक्रवर्ती

    ❌ Incorrect

      स्वामी विवेकानंद

    ❌ Incorrect

प्रश्न: वर्ष 1934 में ‘भारतीय विज्ञान कांग्रेस’ की अध्यक्षता' किसने की थी?
Answer option:

      डॉ राजेन्‍द्र प्रसाद

    ❌ Incorrect

      मेघनाद साहा

    ✅ Correct

      विलियम वेडरबर्न

    ❌ Incorrect

      व्योमेशचन्द्र बनर्जी

    ❌ Incorrect

प्रश्न: इंस्टिट्यूट ऑफ़ नुक्लेअर फिजिक्स की स्थापना कब हुई थी?
Answer option:

      1947

    ✅ Correct

      1980

    ❌ Incorrect

      1920

    ❌ Incorrect

      1948

    ❌ Incorrect

प्रश्न: इण्डियन एसोसियेशन फॉर द कल्टिवेशन ऑफ साईन्स की स्थापना किसना की थी?
Answer option:

      चन्द्रशेखर वेंकट रामन्

    ❌ Incorrect

      मेघनाद साहा

    ✅ Correct

      जयंत नार्लीकर

    ❌ Incorrect

      सुरेन्द्रनाथ बैनर्जी

    ❌ Incorrect

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