विज्ञान और प्रौद्योगिकी का अर्थ, इतिहास, शाखाएँ एवं महत्वपूर्ण अवधारणाएं

✅ Published on October 12th, 2019 in भारतीय रेलवे, विज्ञान, सामान्य ज्ञान अध्ययन

प्रौद्योगिकी का इतिहास एवं अर्थ:

विज्ञान की परंपरा विश्व की प्राचीनतम वैज्ञानिक परंपराओं में एक है। भारत में विज्ञान का उद्भव ईसा से 3000 वर्ष पूर्व हुआ है। हड़प्पा तथा मोहनजोदड़ो की खुदाई से प्राप्त सिंध घाटी के प्रमाणों से वहाँ के लोगों की वैज्ञानिक दृष्टि तथा वैज्ञानिक उपकरणों के प्रयोगों का पता चलता है। प्राचीन काल में चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में चरक और सुश्रुत, खगोल विज्ञान व गणित के क्षेत्र में आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और आर्यभट्ट द्वितीय और रसायन विज्ञान में नागार्जुन की खोजों का बहुत महत्त्वपूर्ण योगदान है।

प्रौद्योगिकी, व्यावहारिक, औद्योगिक कलाओं और प्रयुक्त विज्ञानों से संबंधित अध्ययन या विज्ञान का एक विकराल समूह है। प्रौद्योगिकी तकनीकों, कौशल, विधियों, और वस्तुओं या सेवाओं के उत्पादन में या उद्देश्यों की सिद्धि में उपयोग की जाने वाली प्रक्रियाओं का योग है, जैसे कि वैज्ञानिक जांच। प्रौद्योगिकी का सबसे सरल रूप बुनियादी उपकरणों का विकास और उपयोग है। आग को नियंत्रित करने की प्रागैतिहासिक खोज और बाद में नियोलिथिक क्रांति ने भोजन के उपलब्ध स्रोतों में वृद्धि की, और पहिया के आविष्कार ने मनुष्यों को अपने वातावरण में यात्रा करने और नियंत्रित करने में मदद मिली। ऐतिहासिक समय में विकास, जिसमें प्रिंटिंग प्रेस, टेलीफोन और इंटरनेट इत्यादि शामिल हैं, ने संचार के लिए भौतिक बाधाओं को कम किया है और मनुष्यों को वैश्विक स्तर पर स्वतंत्र रूप से बातचीत करने की अनुमति दी। कई लोग तकनीकी और अभियान्त्रिकी शब्द एक दूसरे के लिये प्रयुक्त करते हैं। जो लोग प्रौद्योगिकी को व्यवसाय रूप में अपनाते है उन्हे अभियन्ता कहा जाता है।

विज्ञान का अर्थ एवं इतिहास:

विज्ञान विज्ञान का अर्थ है विशेष ज्ञान। मनुष्य ने अपनी आवश्यकताओं के लिए जो नए-नए आविष्कार किए हैं, वे सब विज्ञान की ही देन हैं। आज का युग विज्ञान का युग है। विज्ञान के अनगिनत आविष्कारों के कारण मनुष्य का जीवन पहले से अधिक आरामदायक हो गया है। दुनिया विज्ञान से ही विकसित हुई हैं।

विज्ञान शब्द एक लैटिन शब्द है, जिसका अर्थ है “ज्ञान”। विज्ञान की शुरुआती जड़ों का पता प्राचीन मिस्र और मेसोपोटामिया से लगभग 3500 से 3000 ईसा पूर्व में लगाया जा सकता है। गणित, खगोल विज्ञान और चिकित्सा में उनका योगदान शास्त्रीय पुरातनता के ग्रीक प्राकृतिक दर्शन में प्रवेश किया और आकार दिया, जिससे प्राकृतिक कारणों के आधार पर भौतिक दुनिया में घटनाओं की व्याख्या प्रदान करने के लिए औपचारिक प्रयास किए भी गए।

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विज्ञान और प्रौद्योगिकी से संबंधित महत्वपूर्ण अवधारणा:

  • रोबोटिक्स: विज्ञान की वह तकनीक जिसके माध्यम से माईक्रोप्रोसेसर , कैमरा, और संवेदी यंत्रों से युक्त किसी संरचना को इस प्रकार संयोजित/नियंत्रित किया जाता है की वह एक स्वचालित मशीन के रूप में कार्य करता है। 1913 में सर्वप्रथम अमेरिका के वैज्ञानिकों ने ” जार्ज ” नमक रोबोट का निर्माण किया।
  • स्टेम सेल तकनीक: स्टेम सेल ऐसी मूलभूत कोशिकाएं होती है जिन्हें मानव शरीर के फेफड़े, त्वचा, आँख के रेटिना, मांसपेशियाँ, यकृत, मष्तिष्क, तंत्रिका तंत्र, और ह्रदय आदि की लगभग 250 विभिन्न प्रकार की कोशिकयों या उतकों में विकसित या परिवर्तित किया जा सकता है। इसे मानव शरीर में आसानी से प्रतिरोपित कर अनुवांशिक बीमारी सहित कई बिमारियों को ठीक किया जा सकता है। भारत में स्टेम सेल तकनीक हेतु प्रथम अनुसंधान केंद्र के स्थापना हैदराबाद में की गई है।
  • क्लोनिंग: क्लोन वास्तव में एक जीव अथवा रचना है जो गैर-यौनिक विधि द्वारा एकल जनक (माता-पिता में से कोई एक) से व्युत्पन्न होता है। इस तकनीक में सर्वप्रथम कोशिका से नाभिक को यांत्रिक विधि द्वारा निकाल लिया जाता है और फिर नाभिक रहित अंडाणु में प्रवेश कराया जाता है अंततः पूर्ण विकसित अंडाणु को प्रतिनियुक्त माँ के गर्भ में आरोपित कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया के साथ ही गर्भाधान, बच्चे का विकास और जन्म की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है।। क्लोन पैदा करने की इस तकनीक को क्लोनिंग कहते है।
  • लेसर (LASER – Light Amplification by Stimulated Emission of Radiation): यह एक ऐसी युक्ति है जिसमे विकिरण से प्रेरित उत्सर्जन द्वारा एकवर्णीय प्रकाश प्राप्त किया जाता है। इन लेसर तरंगो की आवृति एक सामान होती है। लेसर की खोज 1960 में थियोडोर मेनन (अमेरिका) ने की थी।
  • ट्रेटर प्रौधोगिकी: इस तकनीक का प्रयोग बहुजीन ट्रांसजेनिक फसलों (अनुवांशिक जीनों के प्रोसेस से निर्मित) के उत्पादन में किया जाता है। इस तकनीक से विकसित बीजों का अंकुरण तो हो जाता है लेकिन उसमे रूपांतरित लक्षण तब तक नहीं आते जब तक इनमे विशेष तौर से विकसित रसायनों का उपयोग न किया जाये।
  • बायोमेट्रिक तकनीक: यह तकनीक व्यक्ति को उसके शारीरिक एवं व्यावहारिक विशेषताओ, गुण तथा दोषों के आधार पर पहचानने, सत्यापित करने तथा मान्यता प्रदान करने की स्वचालित विधि है। इसके अंतर्गत व्यक्ति का चेहरा, फिंगरप्रिंट, हथेली की रेखाएं, रेटिना, लिखावट, ब्लड पल्स, तथा आवाज की विशेषताओं की जांच की जाती है।

  • जैविक कृषि: कृषि की वह पध्दति जिसमे खेतों की जुताई और उत्पादन में वृध्दि के लिए उन तकनीकों का प्रयोग किया जाता है जिनसे मृदा की जीवन्तता भी बनी रहे और पर्यावरण को भी नुकसान न हो। इस तकनीक में मृदा को भौतिक तत्त्व न मानकर जैविक माना जाता है और रसायन विहीन खेती की जाती है।
  • ग्लोबल वार्मिंग: ग्रीन हाउस गैसों (क्लोरोफ्लोरोकार्बन, कार्बन डाईआक्साइड, मीथेन, नाईट्रस आक्साइड आदि) की बढती सांद्रता से पृथ्वी के वायुमंडलीय तापमान में जो वृध्दि हो रही है उसके परिणामस्वरूप ग्लेसियरों के पिघलने का खतरा है जिससे समुद्रों में जल का स्तर बढ़ जायेगा। तापमान वृध्दि की इस प्रक्रिया को ग्लोबल वार्मिंग कहते है। विश्व में सर्वप्रथम ग्लोबल वार्मिंग की वजह से पापुआ न्यू गिनी देश का एक द्वीप डूब गया है।
  • ई-अपशिष्ट/ई-कचरा: इलेक्ट्रोनिक उत्पादों के ख़राब होने के उपरांत उनका विनिष्टीकरण पूर्ण वैज्ञानिक पध्दिती से नहीं हो पाता परिणामतः इसमें से निकलने वाले रेडियोधर्मी विकिरण पर्यावरण और जीव जगत के लिए नुकसानदायक होते है। कई विकसित देश डंपिंग के द्वारा इन अनुपयोगी उत्पादों को अल्पविकसित देशों में भेज देते है जिससे भू-गर्भिक जल संसाधन प्रदूषित हो गए है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस दिशा में सकारात्मक पहल कर अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने का निर्णय किया है।
  • 3G तकनीक: यह तीसरी पीढी की संचार तकनीक है जिसके माध्यम से हाईस्पीड इन्टरनेट, तीव्र डाटा सम्प्रेषण दर, वीडियो कॉल, आधुनिक मल्टीमीडिया सुविधायों के साथ साथ मोबाइल टीवी की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
    भारत में सर्वप्रथम इस तकनीक का प्रारंभ बीएसएनएल कंपनी ने किया है।

विज्ञान की प्रमुख शाखाएँ

शाखा अध्ययन का विषय
भूविज्ञान पृथ्वी की आंतरिक्ष संरचना
रत्न विज्ञान रत्नों का अध्ययन
विरूपताविज्ञान (टेराटोलॉजी) ट्‌यूमर का अध्ययन
टैक्टोलॉजी पशु – शरीर का रचनात्मक संघटन
त्वचाविज्ञान (डर्मेटोलॉजी) त्वचा एवं संबंधित रोगों का अध्ययन
डेन्ड्रोलॉजी वृक्षों का अध्ययन
डेक्टाइलॉजी अंकों (संख्याओ) का अध्ययन
तंत्रिकाविज्ञान (न्यूरोलॉजी) नाड़ी स्पंदन एवं संबंधित विषय
मुद्राविज्ञान (न्यूमिसमेटिक्स) मुद्रा – निर्माण एवं अंकन
रोगविज्ञान (पैथोलॉजी) रोगों के कारण एवं संबंधित विषय
जीवाशिमकी (पैलिओंटोलॉजी) जीवाश्म एवं संबंधित विषय
परजीवीविज्ञान (पैरासाइटोलॉजी) परजीवी वनस्पतियां एवं जीवाणु
फायनोलॉजी जीव-जन्तुओं का जातीय विकास
ब्रायोफाइटा-विज्ञान (ब्रायोलॉजी) दलदल एवं कीचड़ का अध्ययन
बैलनियोलॉजी खनिज निष्कासन एवं संबंधित विषय
जीवविज्ञान (बायलॉजी) जीवधारियों का शारीरिक अध्ययन
वनस्पति विज्ञान पौधों का अध्ययन
जीवाणु-विज्ञान (बैक्टीरियोलॉजी) जीवाणुओं से संबंधित विषय
मारफोलॉजी जीव एवं भौतिक जगत्‌ की आकारिकी का अध्ययन
खनिजविज्ञान (मिनेरालॉजी) खनिजों का अध्ययन
मौसम विज्ञान (मेटेरोलॉजी) वातावरण एवं संबंधित विषय
अंतरिक्ष विज्ञान अंतरिक्ष यात्रा एवं संबंधित विषय
मत्स्यविज्ञान मछलियां एवं संबंधित विषय
अस्थि विज्ञान (आस्टियोलॉजी) अथियों (हड्डियों) का अध्ययन
पक्षीविज्ञान (आर्निन्थोलॉजी) पक्षियों से संबंधित विषय
प्रकाशिकी (ऑप्टिक्स) प्रकाश का गुण एवं उसकी संरचना
परिस्थितिविज्ञान(इकोलॉजी) परिस्थितिकी का अध्ययन
इक्क्राइनोलॉजी गुप्त सूचनाएं एवं संबंधित विषय
शरीर-रचना विज्ञान (एनाटॉमी) मानव-शरीर की संरचना
एयरोनॉटिक्स विमानों की उड़ान
खगोलिकी (एस्ट्रोनॉमी) तारों एवं ग्रहों से संबंधित विषय तथा आकाशीय पिंडों का अध्ययन
एग्रोलॉजी भूमि (मिट्‌टी) का अध्ययन
कीटविज्ञान (एंटोमोलॉजी) कीट एवं संबंधित विषय
एरेक्नोलॉजी मकड़े एवं संबंधित विषय
भ्रूणविज्ञान (एम्ब्रायोलॉजी) भ्रण एवं संबंधित विषय
समुद्र विज्ञान समुद्र से संबंधित विषय
ब्रह्माण्डविद्या ब्रम्हांड का अध्ययन
बीज-लेखन गुप्त लेखन अथवा गूढ लिपि
स्त्री-रोग विज्ञान मादाओं के प्रजनन अंगों का अध्ययन
माइक्रोलॉजी फफूंद एवं संबंधित विषय
मायोलॉजी मांस-पेशियों का अध्ययन
विकिरणजैविकी (रेडियोबायोलॉजी) जीव-जंतुओं पर सौर विकिरण का प्रभाव
शैल लक्षण (लिथोलॉजी) चट्टानों एवं पत्थरों से संबंधित विषय
लिम्नोलॉजी झीलों एवं स्थलीय जल भागों का अध्ययन
सीरमविज्ञान (सीरोलॉजी) रक्त सीरम एवं रक्त आधान से संबंधित
स्पलैक्नोलॉजी शरीर के आंतरिक अंग एवं संबंधित
अंतरिक्ष जीवविज्ञान (स्पेस बायलोजी) पृथ्वी से परे अंतरिक्ष में जीवन की सम्भावना का अध्ययन
रुधिरविज्ञान (हीमेटोलॉजी) रक्त एवं संबंधित विषयों का अध्ययन
हेलियोलॉजी सूर्य का अध्ययन
उभयसृपविज्ञान (हरपेटोलॉजी) सरीसृपों का अध्ययन
ऊतकविज्ञान (हिस्टोलॉजी) शरीर के ऊतक एवं संबंधित विषय
हिप्नोलॉजी निद्रा एवं संबंधित विषयों का अध्ययन

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विज्ञान और प्रौद्योगिकी - अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर:

प्रश्न: DNA finger-printing की अद्यतन प्रौद्योगिकी किस क्षेत्र में प्रयुक्त होती है?
उत्तर: विधि/न्याय विज्ञान
📝 This question was asked in exam:- SSC LDC Oct, 1998
प्रश्न: जिस संवेष्टन प्रौद्योगिकी के कारण हरित क्रांति आई, इसके मुख्य अंग थे-
उत्तर: सिंचाई, जैव-रासायनिक उर्वरक और अधिक उत्पादन करने वाले बीजों की किस्में
📝 This question was asked in exam:- SSC CML May, 2001
प्रश्न: पी० सी० में प्रयुक्त होने वाले एकीकृत परिपथ (इंटीग्रेटेड सर्किट) प्रौद्योगिकी विकास के लिए किसको नोबेल पुरस्कार दिया गया?
उत्तर: जैक किल्बी
📝 This question was asked in exam:- SSC CGL Mar, 2002
प्रश्न: विकास के क्षेत्र में अग्रणी उद्योगों यथा-इलेक्ट्रॉनिक्स तथा जैव प्रौद्योगिकी को क्या कहा जाता है?
उत्तर: सनराइज उद्योग
📝 This question was asked in exam:- SSC CML May, 2002
प्रश्न: मोबाइल फोनों में प्रयुक्त ‘CDMA’ प्रौद्योगिकी है-
उत्तर: कोड डिविजन मल्टिपल ऐक्सेस
📝 This question was asked in exam:- SSC CGL Feb, 2007
प्रश्न: आंतरिक्ष विभाग ने सात भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की शैली पर भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। उसका स्वतंत्र परिसर कहाँ होगा?
उत्तर: तिरूवनंतपुरम में
📝 This question was asked in exam:- SSC TA Nov, 2007
प्रश्न: किस व्यक्ति को ‘भारतीय मिसाइल प्रौद्योगिकी का पिता’ कहा जाता है?
उत्तर: डॉ० ए० पी० जे० अब्दुल कलाम
📝 This question was asked in exam:- SSC CGL Jul, 2008
प्रश्न: 'केन्द्रीय जूट प्रौद्योगिकी अनुसन्धान संस्थान' कहाँ स्थित है?
उत्तर: कोलकाता
📝 This question was asked in exam:- SSC CHSL May, 2013
प्रश्न: बेतार नेटवर्किंग स्थापित करने के लिए किस प्रौद्योगिकी का प्रयोग किया जाता है
उत्तर: ब्लूटूथ
📝 This question was asked in exam:- SSC CHSL May, 2013
प्रश्न: केन्द्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (C.F.T.R.I.) कहाँ स्थित है?
उत्तर: मैसूर में
📝 This question was asked in exam:- SSC MTS Feb, 2014

विज्ञान और प्रौद्योगिकी - महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी:

प्रश्न: DNA finger-printing की अद्यतन प्रौद्योगिकी किस क्षेत्र में प्रयुक्त होती है?
Answer option:

      इनमे से कोई नही

    ❌ Incorrect

      विद्यालय

    ❌ Incorrect

      कार्यालय

    ❌ Incorrect

      विधि/न्याय विज्ञान

    ✅ Correct

प्रश्न: जिस संवेष्टन प्रौद्योगिकी के कारण हरित क्रांति आई, इसके मुख्य अंग थे-
Answer option:

      सिंचाई, जैव-रासायनिक उर्वरक और अधिक उत्पादन करने वाले बीजों की किस्में

    ✅ Correct

      मानसून

    ❌ Incorrect

      पृथ्वी घूर्णन की गति

    ❌ Incorrect

      सौरविकिरण

    ❌ Incorrect

प्रश्न: पी० सी० में प्रयुक्त होने वाले एकीकृत परिपथ (इंटीग्रेटेड सर्किट) प्रौद्योगिकी विकास के लिए किसको नोबेल पुरस्कार दिया गया?
Answer option:

      जैक किल्बी

    ✅ Correct

      एडविन हॉवर्ड आर्मस्ट्रांग

    ❌ Incorrect

      हैरोल्ड स्टीफन ब्लैक

    ❌ Incorrect

      निकोला टेस्ला

    ❌ Incorrect

प्रश्न: विकास के क्षेत्र में अग्रणी उद्योगों यथा-इलेक्ट्रॉनिक्स तथा जैव प्रौद्योगिकी को क्या कहा जाता है?
Answer option:

      लघु उद्योग

    ❌ Incorrect

      पपर्यटन उद्योग

    ❌ Incorrect

      कुटीर उद्योग

    ❌ Incorrect

      सनराइज उद्योग

    ✅ Correct

प्रश्न: मोबाइल फोनों में प्रयुक्त ‘CDMA’ प्रौद्योगिकी है-
Answer option:

      कोड डिविजन मल्टिपल ऐक्सेस

    ✅ Correct

      कोड डिविजन मोबाइल ऐप्लीकेशन

    ❌ Incorrect

      कोड डिविजन मल्टिपल ऐप्लीकेशन

    ❌ Incorrect

      कम्प्यूटर डिवेलप्ड मेनेजमेंट ऐप्लीकेशन

    ❌ Incorrect

प्रश्न: आंतरिक्ष विभाग ने सात भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की शैली पर भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। उसका स्वतंत्र परिसर कहाँ होगा?
Answer option:

      बंगलौर में

    ❌ Incorrect

      तिरूवनंतपुरम में

    ✅ Correct

      भोपाल में

    ❌ Incorrect

      हैदराबाद में

    ❌ Incorrect

प्रश्न: किस व्यक्ति को ‘भारतीय मिसाइल प्रौद्योगिकी का पिता’ कहा जाता है?
Answer option:

      डॉ. यू. आर. राव

    ❌ Incorrect

      डॉ० ए० पी० जे० अब्दुल कलाम

    ✅ Correct

      एल्बर्ट आइन्स्टाइन

    ❌ Incorrect

      दादा भाई नौरेजी

    ❌ Incorrect

प्रश्न: 'केन्द्रीय जूट प्रौद्योगिकी अनुसन्धान संस्थान' कहाँ स्थित है?
Answer option:

      उत्तरप्रदेश

    ❌ Incorrect

      दिल्ली

    ❌ Incorrect

      कोलकाता

    ✅ Correct

      हैदराबाद

    ❌ Incorrect

प्रश्न: बेतार नेटवर्किंग स्थापित करने के लिए किस प्रौद्योगिकी का प्रयोग किया जाता है
Answer option:

      वाई-फाई

    ❌ Incorrect

      इन्टरनेट

    ❌ Incorrect

      ब्लूटूथ

    ✅ Correct

      मेसेज

    ❌ Incorrect

प्रश्न: केन्द्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (C.F.T.R.I.) कहाँ स्थित है?
Answer option:

      हिमाचल में

    ❌ Incorrect

      चेन्नई में

    ❌ Incorrect

      मैसूर में

    ✅ Correct

      बंगलौर में

    ❌ Incorrect


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