आम बजट 2021-22 की मुख्य बातें

✅ Published on February 1st, 2021 in भारत, सामान्य ज्ञान अध्ययन

केंद्रीय बजट (Union Budget) 2021

इस साल पेश होने वाला बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यकाल का तीसरा बजट था। इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें थी। एक फरवरी 2019 को पीयूष गोयल द्वारा अंतरिम बजट पेश किया गया था। इसके बाद पांच जुलाई 2019 को निर्मला सीतारमण ने अपना पहला आम बजट पेश किया था। एक फरवरी 2020 को उन्होंने अपना दूसरा बजट पेश किया था।

सरकार ने आम लोगों से भी बजट 2021 के लिए सुझाव मांगे थे। इसके साथ ही बजट 2021-22 की चर्चाओं में लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने MyGov प्लेटफॉर्म पर सुविधा दी हुई थी।

2021-22 का बजट दो भागों में विभाजित है जिसके पहले भाग (क) को 6 भागो में विभाजित किया गया है अगले भाग भाग (ख) को प्रत्यक्ष कर प्रस्ताव, अप्रत्यक्ष कर प्रस्ताव और अनुबंध में विभाजित किया गया है।

भाग (क)

2021-22 का भाग (क) बजट प्रस्ताव 6 स्तंभों पर आधारित है।

  1. स्वास्थ्य और कल्याण
  2. भौतिक और वित्तीय पूंजी, और अवसंरचना
  3. आकांक्षात्मक भारत के लिए समावेशी विकास
  4. मानव पूंजी में नए जीवन का का संचार करना
  5. नई वित्त पोषित और अनुसंधान और विकास
  6. न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन

1.स्वास्थ्य और कल्याण

एक नई केंद्र प्रायोजित योजना, पीएम आत्म्ननिहार स्वच्छ भारत योजना, 6 से अधिक 64,180 करोड़ के परिव्यय के साथ लॉन्च की जाएगी यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त होगा। मुख्य योजना के तहत हस्तक्षेप हैं:

  • 17,788 ग्रामीण और 11,024 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सहायता केंद्र।
  • सभी राज्यों में एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना और 11 राज्यों में 3382 सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयाँ स्थापित करना।
  • 602 जिलों और 12 केंद्रीय संस्थान में महत्वपूर्ण देखभाल अस्पताल ब्लॉकों की स्थापना।
  • राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) को मजबूत करना, इसके 5 क्षेत्रीय शाखाएँ और 20 महानगरीय स्वास्थ्य इकाइयों को मजबूत करना।
  • सभी के लिए एकीकृत स्वास्थ्य सूचना पोर्टल का सभी राज्य / संघ राज्य क्षेत्रों मे विस्तार सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं को जोड़ने के लिए 15 स्वास्थ्य आपातकालीन संचालन केंद्र और 2 मोबाइल अस्पताल स्थापित करना।
  • वन हेल्थ, जो डबल्यूएचओ (WHO) दक्षिणी पूर्व एशिया क्षेत्र के लिए क्षेत्रीय अनुसंधान प्लातेफ़ोर्म है, के लिए एक राष्ट्रीय संस्थान, 9 बायो-सेफ़्टी लेवल 3 प्रयोगशालाएँ और विषाणु विज्ञान के लिए 4 क्षेत्रीय राष्ट्रीय संस्थानो की स्थापना करना।
  • सम्पूरक पोषण कार्यक्रम और पोषण अभहीयन का विलय करके मिशन पोषण 2.0 की शुरुआत की जाएगी।
  • जल जीवन मिशन को लॉन्च किया जाएगा। इसका उद्देश्य सभी 4378 शहरी स्थानीय निकायों में 2.86 करोड़ घरेलू नल कनेक्शनों के साथ सर्वसुलभ जल आपूर्ति और 500 अमृत शहरों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था करना है। इसे 2,87,000 करोड़ रु के परीव्यय से 5 वर्ष में कार्यनिवत किया जाएगा।
  • निर्मला सीतारमण ने स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने का ऐलान किया। जिसके तहत शहरों में अमृत योजना को आगे बढ़ाया जाएगा, इसके लिए 2,87,000 करोड़ रुपये जारी किए गए। इसी के साथ वित्त मंत्री की ओर से मिशन पोषण 2.0 का ऐलान किया गया है

2. भौतिक और वित्तीय पूंजी, और अवसंरचना

  • आत्मानिर्भर भारत – उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के लिए विनिर्माण वैश्विक चैंपियन बनाने के लिए PLI योजनाओं की घोषणा 13 क्षेत्रों के लिए की जाएगी।
  • कपड़ा उद्योग को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए, बड़े निवेश को आकर्षित करने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए, पीएलआई (PLI) योजना के अलावा मेगा इन्वेस्टमेंट टेक्सटाइल्स पार्क (MITRA) की एक योजना शुरू की जाएगी।
  • देश में 7 टेक्स्टाइल पार्क बनाए जाएंगे, ताकि इस क्षेत्र में भारत एक्सपोर्ट करने वाला देश बने. ये पार्क तीन साल में तैयार किए जाएंगे। वित्त मंत्री की ओर से डेवलेपमेंट फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट (DFI) बनाने का ऐलान किया गया, जिसमें तीन साल के भीतर 5 लाख करोड़ रुपये के उधारी प्रोजेक्ट हों।
  • बजट में ऐलान किया गया है कि रेलवे, NHAI, एयरपोर्ट अथॉरिटी के पास अब कई प्रोजेक्ट को अपने लेवल पर पास करने की क्षमता होगी। वित्त मंत्री ने पूजीगंत व्यय के लिए 5 लाख कोरड़ से अधिक के बजट का ऐलान किया।
  • बजट में बताया गया है की, 3.3 लाख करोड़ की लागत से 13,000 किलोमीटर से अधिक की सड़कों को पहले ही 5.35 लाख करोड़ की भारतमाला परियोजन योजना के तहत सम्मानित किया जा चुका है, जिसमें 3,800 किलोमीटर का निर्माण किया गया है। मार्च 2022 तक, एक और 8,500 किलोमीटर का ठेका दिया जाएगा और 11,000 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों को पूरा किया जाएगा। सूची इस प्रकार है-
रूपए (रु) राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई राज्य विवरण
1.3 लाख करोड़ 3,500 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग तमिलनाडू मदुरई-कोल्लम कॉरिडोर, चित्तूर-थाचुर कॉरिडोर शामिल हैं।
65,000 करोड़ 1,100 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग केरल मुंबई-कन्याकुमारी गलियारे का 600 किमी खंड शामिल है।
25,000 करोड़ 675 किलोमीटर राजमार्ग पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल राज्य में मौजूदा सड़क-कोलकाता / सिलीगुड़ी शामिल है।
असम राज्य में इस समय लगभग 19, 000 करोड़ रूपए के राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य चल रहे हैं इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्गों के 1300 की.मी. से अधिक को कवर करते हुए 34,000 करोड़ रूपए से अधिक निर्माण कार्य आगे आने वाले तीन वर्षों में पूरे कर दिये जाएंगे।
  • बजट में राष्ट्रीय रेल योजना 2030 तैयार गई है। कुल 1.10 लाख करोड़ रुपये का बजट रेलवे को दिया गया है। भारतीय रेलवे के अलावा मेट्रो, सिटी बस बस सेवा को बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा. इसके लिए 18 हजार करोड़ रुपये की लागत लगाई जाएगी। अब मेट्रो लाइट को लाने पर जोर दिया जा रहा है. कोच्चि, बेंगलुरु, चेन्नई, नागपुर, नासिक में मेट्रो प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने का ऐलान किया गया।
  • इसके अतिरिक्त बिजली क्षेत्र के लिए भी सरकार की ओर से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की स्कीम लॉन्च की जा रही है, जो देश में बिजली से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का काम करेगा। सरकार की ओर से हाइड्रोजन प्लांट बनाया जाएगा। भारत में मर्चेंट शिप्स को बढ़ावा देने के लिए काम किया जाएगा, शुरू में इसके लिए 1624 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा गुजरात में मौजूद प्लांट के जरिए शिप को रिसाइकल करने पर काम किया जाएगा।
  • पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में अगले 3 वर्षों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में 100 और जिलों को जोड़ा जाएगा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में गैस पाइपलाइन परियोजना शुरू की जाएगी।
  • बीमा कंपनियों में 49% से 74% तक अनुमेय एफडीआई (FDI) सीमा को बढ़ाने के लिए बीमा अधिनियम, 1938 में संशोधन करने के लिए कहा। नई संरचना के तहत, बोर्ड पर अधिकांश निदेशक और प्रमुख प्रबंधन व्यक्ति निवासी भारतीय होंगे, कम से कम 50% निदेशक स्वतंत्र निदेशक होने के नाते, और मुनाफे का निर्दिष्ट प्रतिशत सामान्य आरक्षित के रूप में बनाए रखा जाएगा।
  • कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत प्रक्रियात्मक और तकनीकी कंपाउंडेबल अपराधों का निर्णायककरण करके। अब लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) अधिनियम, 2008 के डिक्रिमिनलाइजेशन का प्रस्ताव रखा गया है।
  • छोटी कंपनियों के लिए कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत परिभाषा को संशोधित करने का प्रस्ताव किया गया है और पेड-अप कैपिटल के लिए सीमा बढ़ाकर “50 लाख से अधिक नहीं” से “2 करोड़ से अधिक नहीं” और “2 करोड़ से अधिक नहीं” से टर्नओवर “20 करोड़ से अधिक नहीं” होगी।

3. आकांक्षात्मक भारत के लिए समावेशी विकास

  • बजट में कृषि क्षेत्र को लेकर कहा गया है की यूपीए (UPA) सरकार से करीब तीन गुना राशि मोदी सरकार ने किसानों के खातों में पहुंचाई है। वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार की ओर से हर सेक्टर में किसानों को मदद दी गई है, दाल, गेंहू, धान समेत अन्य फसलों की एमएसपी (MSP) बढ़ाई गई है।
  • स्वीड उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए तमिलनाडु में एक मल्टीपर्पज सीवीड पार्क की स्थापना किए जाने का मेरा प्रस्ताव है।

4. मानव पूंजी में नए जीवन का का संचार करना

  • गैर सरकारी संगठनों/निजी स्कूलों/राज्यों के साथ भागीदारी के साथभागीदारी में 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित किए जाएंगे।
  • बजट के अनुसार देश में करीब 100 नए सैनिक स्कूल बनाए जाएंगे और लद्दाख में उच्चतर शिक्षा की व्यवस्था करने के लिए लेह में एक केंद्रीय विश्वीध्यालय की स्थापना की जाएगी।

5. नई वित्त पोषित और अनुसंधान और विकास

  • न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड इस बार PSLV-CS51 को लॉन्च करेगा। गगनयान मिशन का मानव रहित पहला लॉन्च इसी साल दिसंबर में होगा। वित्त मंत्री और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत एक टर्बियूनल बनाया जाएगा, जो कंपनियों के विवादों का जल्द निपटारा करेगा। आगामी जनगणना पहली डिजिटल जनगणना होगी।
  • बजट के अनुसार एक नई पहल के तहत “राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन (NTLM) की की शुरुआत की जाएगी इससे शासन एवं नीति से संबंधित ज्ञान को भारत की प्रमुख भाषाओं में इंटरनेट पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।
  • एक गहरा सागर मिशन की की शुरुआत की जाएगी जिसके लिए अगले पाँच वर्षों के लिए 4, 000 करोड़ रु की बजट परिवय्य की व्यवस्था की गई है, इस मिशन की तहत गहरे समुन्द्र में सरक्षण की परियोजनाओं को शामिल किया गया है।

6. न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन

  • आगामी जनगणना भारत के इतिहास में पहली डिजिटल जनगणना होगी इस अत्यंत महत्वपूर्ण एवं मिल का पत्थर साबित होने वाले कार्य के लिए बजट में वर्ष 2021-22 में 3,768 करोड़ रु आबंटित किए गए हैं।

राजकोषीय स्थिति

बजट में कहा कि राजकोषीय घाटा को 6.8 फीसदी तक रहने का अनुमान है। इसके लिए सरकार को 80 हजार करोड़ की जरूरत होगी, जो अगले दो महीनों में बाजार से लिया जाएगा।

भाग (ख)

2021-22 का भाग (ख) बजट प्रस्ताव प्रत्यक्ष कर प्रस्ताव, अप्रत्यक्ष कर प्रस्ताव और अनुबंध पर आधारित है।

प्रत्यक्ष कर प्रस्ताव

  • सीनियर सिटीजन के लिए बजट में इस बार स्पेशल ऐलान किया। 75 साल से अधिक उम्र वाले सीनियर सिटीजन को अब टैक्स में राहत दी गई है। अब 75 साल से अधिक उम्र वालों कों ITR नहीं भरना होगा। हालांकि, ये सिर्फ पेंशन लेने वालों को लाभ मिलेगा।
  • एनआरआई (NRI) लोगों को टैक्स भरने में काफी मुश्किलें होती थीं, लेकिन अब इस बार उन्हें डबल टैक्स सिस्टम से छूट दी जा रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि स्टार्ट अप को जो टैक्स देने में शुरुआती छूट दी गई थी, उसे अब 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दिया गया है।

अप्रत्यक्ष कर प्रस्ताव

  • बजट के अनुसार मोबाइल उपकरण पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ा दिया गया है, अब इसे 2.5 फीसदी तक किया गया है। हालांकि, कॉपर और स्टील में ड्यूटी को घटाया गया है। वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि सोना-चांदी से भी कस्टम ड्यूटी को घटाया गया है। एक अक्टूबर से देश में नई कस्टम नीति लागू हो रही है।
  • सोलर इनवर्टनरों पर सुल्क को 5% से बढ़ाकर 20% और सोलर लालटेन पर 5% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है।
  • कृषि उत्पादन में कपास पर सीमा शुल्क को शून्य से बढ़कर 10% और कच्चा रेशम ओर रेशम सूट पर 10% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है और डिनेचर्ड इथाइल अल्कोहल पर उद्दिष्ट उपयोग आधारित छूट को वापस ले ले लिया गया है।

अनुबंध

  1. निवेश का मुख्य आकर्षण/ कार्यनीतिक विनिवेश नीति के उद्देश्य

(ए) वित्तीय संस्थानों सहित केंद्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र में जनता की उपस्थिति अधिक से अधिक करना और गैर-सरकारी क्षेत्र के लिए नए निवेश की संभावना की उत्पत्ति नहीं है।
(बी) विनिवेश के बाद, केंद्रीय सार्वजनिक उप-प्रभाग (CPSE) / वित्तीय संस्थान
अर्थव्यवस्था निजी पूंजी, प्रौद्योगिकी और सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन पद्धति के माध्यम से किया जाएगा। यह आर्थिक विकास और नई नौकरियों में योगदान करेगा।
(ग) विनिवेश प्राप्तियों से सामाजिक क्षेत्र और विकासात्मक विभिन्न कार्यक्रमों का वित्तपोषण किया जाएगा।

केंद्रीय बजट (Union Budget) 2017-18 के बारे में जाने

वित्त वर्ष 2017-18 के आम बजट की मुख्य बातें: (Union Budget 2017-18 Important Facts in Hindi)

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी, 2017 को संसद में वित्त वर्ष 2017-18 का आम बजट पेश किया था। इस बार आम बजट और रेल बजट एक साथ पेश किया गया था। वित्त मंत्री ने बजट में मध्य-वर्ग को राहत देते हुए 3 लाख रुपये की इनकम को टैक्स की श्रेणी से बाहर रखा था। वहीं, 5 लाख तक की इनकम पर 5 फीसदी टैक्स लाग्ने की बात कह गई थी। इनकम टैक्स स्लैब को 2.5 लाख से बढ़ाकर तीन लाख किया गया था। इस बजट में कौन-कौन सी प्रमुख घोषणाएं की गई थी, उनके मुख्य बिंदु नीचे दी गई हैं।

इनकम टैक्स घटाया गया :

  • 5 लाख तक की आमदनी वाले को 5 फीसदी टैक्स देना होगा।
  • 3 से 5 लाख तक की आय वालों के लिए आधा टैक्स।
  • 3 लाख तक की आय में कोई टैक्स नहीं।
  • इनकम टैक्स में छूट की सीमा बढ़ाई गई।
  • 1 करोड़ से ज्यादा आय पर 15 फीसदी सरचार्ज जारी रहेगा।
  • 50 लाख से 1 करोड़ की इनकम पर 10 फीसदी सरचार्ज।

राजनीतिक पार्टियां अब केवल 2 हजार तक ही चंदा कैश में ले सकती है:

  • राजनीतिक पार्टियां एक शख्स से 2 हजार रुपये ही चंदा ले सकेंगी। 2 हजार से ज्यादा की रकम चेक से चंदा ले सकेंगी।
  • 3 लाख से ज्यादा कैश लेने देने डिजिटल होगा।
  • 2017-18 में एलएनजी पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 4 फीसदी से 2.5 फीसदी की गई।
  • भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा कर मुक्त होगा।
  • विमुद्रीकरण के बाद व्यक्तिगत इनकम पर लगने वाले एंडवास टैक्स में 34.8 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है।
  • सस्ते घरों के लिए प्रस्ताव में लाएंगे बदलाव।
  • 2017-18 में विज्ञान मंत्रालय के लिए 37,435 करोड़ रुपये आवंटित।
  • अगले 3 साल में 3 फीसदी कम किया जाएगा राजकोषीय घाटा।
  • रक्षा बजट 2.74 लाख करोड़ रुपये आवंटित।
  • 2017-18 के लिए 21.47 लाख करोड़ का बजट खर्च करेगी सरकार।
  • डिफोल्टरों की संपत्तिया कुर्क करने के लिए नए नियम बनाए जाएंगे।
  • महात्मा गांधी की 150 वीं जयंति मनाने के लिए कमेटी बनाने का प्रस्ताव।
  • फौजियों के लिए क्रेंदिय यात्रा प्रणाली लाने का प्रस्ताव।
  • डिजिटल योजना में पोस्ट ऑफिस की भागीदारी ली जाएगी।
  • डाकघरों में बन सकेंगे पासपोर्ट।
  • डेविड और क्रेडिट कार्ड नहीं होने पर आधार कार्ड से होगा भुगतान।
  • 2017-18 के लिए 2500 करोड़ डिजिटल लेने-देन का लक्ष्य।
  • व्यापारियों के लिए कैश-बैक योजना का ऐलान।
  • रेलवे से जुड़ी 3 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होगी।
  • 125 लाख लोगों ने भीम एप को अपनाया है। एप को बढ़ावा देने के लिए दो नई स्कीम शुरू की जाएगी।
  • बुनियादी ढाचे के लिए 3.96 लाख करोड़ रुपये आवंटित किया जाएगा।
  • शेयर बाजार में आईआरटीसी बतौर कंपनी लिस्ट होगी।
  • डिजिटल अर्थवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड को खत्म किया जाएगा।
  • 90 फीसदी से ज्यादा एफडीआई ऑटो रूट के जरिए।
  • विदेशी निवेश के लिए ऑन लाइन अर्जी दर्ज कर सकेंगी कंपनियां।
  • ग्रामीण कृषि के लिए 2017-18 में 1.87 करोड़ रुपये आवंटित।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए एलआईसी योजना।
  • मेडीकल में पीजी कोर्स के लिए 5 हजार सीटें बढ़ाई जाएगी।
  • दीनदयाल अंत्योदी के लिए 4500 करोड़।
  • 2025 तक टीवी की बीमारी खत्म की जाएगी।
  • 2017 तक कालाबाजार खत्म करने का ब्लूप्रिंट बनाया गया है।
  • आईआईटी और मेडिकल की परिक्षाओं के लिए अगल बॉडी बनेगी।
  • झारखंड और गुजरात में दो नए एम्स बनेंगे।

रेलवे ई -टिकट पर अब कोई सर्विस चार्ज नहीं लगेगा:

  • आईआरसीटीसी से ई टिकट पर नहीं लगेगा सर्विस चार्ज।
  • 7 हजार स्टेशनों पर सोलर लाइट लगेंगी।
  • 500 किलोमीटर नई रेल पटरी बनाने का लक्ष्य।
  • 5 साल के लिए रेल संरक्षण कोष के लिए 1 लाख करोड़ रुपये।
  • धार्मिक रूटों पर विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी।
  • रेलवे में विकास और स्वच्छता पर जोर दिया जाएगा।
  • मानव रहित क्रॉसिंग को पूरी तरह खत्म किया जाएगा।

मनरेगा के लिए 48,000 करोड़ रुपये निर्धारित:

  • 350 ऑन लाइन पाठ्यक्रम शुरू करेगी सरकार।
  • 3.50 करोड़ युवाओं को बाजार के हिसाब से कौशल विकास की ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • गांवों में पाइपलाइन से जल सप्लाई का प्रस्ताव।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना पर 2019 तक 4 लाख करोड़ रुपये खर्च।
  • 2017-18 में प्रतिदिन 133 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी।
  • विज्ञान की शिक्षा और पाठ्यक्रम में लचीलेपन को बल दिया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के लिए 27 हजार करोड़ रुपये
  • मनरेगा के लिए 2017-18 के लिए बजट बढ़ाकर 48,000 करोड़ रुपये किया गया है, 2016 में 37,000 करोड़ था।

मनरेगा में 5 लाख तालाबों का लक्ष्य:

  • मनरेगा में 5 लाख तालाबों का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री ग्राम विकास योजना पर 4 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी।
  • वामपंथी उग्रवाद वाले इलाकों को सड़कों से जोड़ने का काम 2019 तक पूरा कर लिया जाएगा।
  • जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के किसानों को कर्ज देने में प्रमुखता दिखाई जाएगी।
  • 8 हजार करोड़ रुपये का डेयरी कोष दिया जाएगा।
  • सिचाई फंड के लिए 5 हजार करोड़ रुपये देगी सरकार।
  • फसल बीमा 30 फीसदी की बजाय 40 फीसदी होगी।

किसानों को 10 लाख करोड़ का कर्ज सरकार देगी:

  • फसलों की बीमा के लिए किसानों को 9 हजार करोड़ रुपये देंगे।
  • किसानों को 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज देंगे।
  • मॉनसून के अच्छे रहने की वजह से इस साल कृषि विकास दर के 4.1 फीसदी रहने का अनुमान है।
  • जम्मू-कश्मीर में रहने वाले किसानों को ऋण देने के लिए विशिष्ट कोशिश की गई है।
  • किसानों की आय 5 सालों में दोगुना करने की कोशिश की गई है।
  • युवा शिक्षा, कौशल और रोजगार मुहैया करना।
  • रेल बजट का आम बजट के साथ विलय करना ऐतिहासिक है। हमने 1924 से चली आ रही औपनिवैशिक नियम को बदला है।
  • नोटबंदी से भ्रष्टाचार खत्म होगा।
  • 2017 में आर्थिक विकास तेज होने की संभावना।
  • बजट को ग्रामीण क्षेत्रों को ध्यान रखकर बनाया गया है।
  • 2016-17 में वित्तीय घाटा जीडीपी का 0.3 फीसदी हुआ है।
  • अमरिका मेें व्याज दरों में बढ़ोतरी का भारत पर असर पड़ेगा।
  • नोटबंदी से अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। अर्थव्यवस्था पर मामूली असर पड़ेगा। बैंकों में काफी धन जमा हो गया है।

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