आम बजट 2021-22: आइये जाने वित्त वर्ष 2021-22 के आम बजट की मुख्य बातें

केंद्रीय बजट (Union Budget) 2021

संसद में 1 फरवरी को पेश किया जाने वाला केंद्रीय बजट (Union Budget) 2021 कोरोनावायरस महामारी के चलते पूरी तरह से कागज रहित (paper less) होने जा रहा है। भारत की आजादी के बाद यह पहला मौका होगा जब बजट की प्रति (Copy) नहीं  छपेंगी। इसके संबंध में केंद्र ने संसद के दोनों सदनों से अनुमति ले ली है। यह निर्णय COVID-19 के संक्रमण के कारण लिया गया है, क्योंकि  इस प्रक्रिया के कार्य लगभग 100 कर्मचारीयों से इस प्रक्रिया से जुड़े होते हैं, जो बजट दस्तावेजों के प्रिंट होने, सील होने और बजट के दिन डिलीवर किए जाने तक करीब 15 दिन कैद रहते हैं। उन्हें बाहर जाने या किसी से बात करने की इजाज़त नहीं होती है।

इस साल पेश होने वाला बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यकाल का तीसरा बजट होगा। इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। एक फरवरी 2019 को पीयूष गोयल द्वारा अंतरिम बजट पेश किया गया था। इसके बाद पांच जुलाई 2019 को निर्मला सीतारमण ने अपना पहला आम बजट पेश किया था। एक फरवरी 2020 को उन्होंने अपना दूसरा बजट पेश किया था।

सरकार ने आम लोगों से भी बजट 2021 के लिए सुझाव मांगे थे। इसके साथ ही बजट 2021-22 की चर्चाओं में लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने MyGov प्लेटफॉर्म पर सुविधा दी हुई थी।

केंद्रीय बजट (Union Budget) 2017-18 के बारे में जाने

वित्त वर्ष 2017-18 के आम बजट की मुख्य बातें: (Union Budget 2017-18 Important Facts in Hindi)

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी, 2017 को संसद में वित्त वर्ष 2017-18 का आम बजट पेश किया था। इस बार आम बजट और रेल बजट एक साथ पेश किया गया था। वित्त मंत्री ने बजट में मध्य-वर्ग को राहत देते हुए 3 लाख रुपये की इनकम को टैक्स की श्रेणी से बाहर रखा था। वहीं, 5 लाख तक की इनकम पर 5 फीसदी टैक्स लाग्ने की बात कह गई थी। इनकम टैक्स स्लैब को 2.5 लाख से बढ़ाकर तीन लाख किया गया था। इस बजट में कौन-कौन सी प्रमुख घोषणाएं की गई थी, उनके मुख्य बिंदु नीचे दी गई हैं।

इनकम टैक्स घटाया गया :

  • 5 लाख तक की आमदनी वाले को 5 फीसदी टैक्स देना होगा।
  • 3 से 5 लाख तक की आय वालों के लिए आधा टैक्स।
  • 3 लाख तक की आय में कोई टैक्स नहीं।
  • इनकम टैक्स में छूट की सीमा बढ़ाई गई।
  • 1 करोड़ से ज्यादा आय पर 15 फीसदी सरचार्ज जारी रहेगा।
  • 50 लाख से 1 करोड़ की इनकम पर 10 फीसदी सरचार्ज।

राजनीतिक पार्टियां अब केवल 2 हजार तक ही चंदा कैश में ले सकती है:

  • राजनीतिक पार्टियां एक शख्स से 2 हजार रुपये ही चंदा ले सकेंगी। 2 हजार से ज्यादा की रकम चेक से चंदा ले सकेंगी।
  • 3 लाख से ज्यादा कैश लेने देने डिजिटल होगा।
  • 2017-18 में एलएनजी पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 4 फीसदी से 2.5 फीसदी की गई।
  • भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा कर मुक्त होगा।
  • विमुद्रीकरण के बाद व्यक्तिगत इनकम पर लगने वाले एंडवास टैक्स में 34.8 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है।
  • सस्ते घरों के लिए प्रस्ताव में लाएंगे बदलाव।
  • 2017-18 में विज्ञान मंत्रालय के लिए 37,435 करोड़ रुपये आवंटित।
  • अगले 3 साल में 3 फीसदी कम किया जाएगा राजकोषीय घाटा।
  • रक्षा बजट 2.74 लाख करोड़ रुपये आवंटित।
  • 2017-18 के लिए 21.47 लाख करोड़ का बजट खर्च करेगी सरकार।
  • डिफोल्टरों की संपत्तिया कुर्क करने के लिए नए नियम बनाए जाएंगे।
  • महात्मा गांधी की 150 वीं जयंति मनाने के लिए कमेटी बनाने का प्रस्ताव।
  • फौजियों के लिए क्रेंदिय यात्रा प्रणाली लाने का प्रस्ताव।
  • डिजिटल योजना में पोस्ट ऑफिस की भागीदारी ली जाएगी।
  • डाकघरों में बन सकेंगे पासपोर्ट।
  • डेविड और क्रेडिट कार्ड नहीं होने पर आधार कार्ड से होगा भुगतान।
  • 2017-18 के लिए 2500 करोड़ डिजिटल लेने-देन का लक्ष्य।
  • व्यापारियों के लिए कैश-बैक योजना का ऐलान।
  • रेलवे से जुड़ी 3 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होगी।
  • 125 लाख लोगों ने भीम एप को अपनाया है। एप को बढ़ावा देने के लिए दो नई स्कीम शुरू की जाएगी।
  • बुनियादी ढाचे के लिए 3.96 लाख करोड़ रुपये आवंटित किया जाएगा।
  • शेयर बाजार में आईआरटीसी बतौर कंपनी लिस्ट होगी।
  • डिजिटल अर्थवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड को खत्म किया जाएगा।
  • 90 फीसदी से ज्यादा एफडीआई ऑटो रूट के जरिए।
  • विदेशी निवेश के लिए ऑन लाइन अर्जी दर्ज कर सकेंगी कंपनियां।
  • ग्रामीण कृषि के लिए 2017-18 में 1.87 करोड़ रुपये आवंटित।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए एलआईसी योजना।
  • मेडीकल में पीजी कोर्स के लिए 5 हजार सीटें बढ़ाई जाएगी।
  • दीनदयाल अंत्योदी के लिए 4500 करोड़।
  • 2025 तक टीवी की बीमारी खत्म की जाएगी।
  • 2017 तक कालाबाजार खत्म करने का ब्लूप्रिंट बनाया गया है।
  • आईआईटी और मेडिकल की परिक्षाओं के लिए अगल बॉडी बनेगी।
  • झारखंड और गुजरात में दो नए एम्स बनेंगे।

रेलवे ई -टिकट पर अब कोई सर्विस चार्ज नहीं लगेगा:

  • आईआरसीटीसी से ई टिकट पर नहीं लगेगा सर्विस चार्ज।
  • 7 हजार स्टेशनों पर सोलर लाइट लगेंगी।
  • 500 किलोमीटर नई रेल पटरी बनाने का लक्ष्य।
  • 5 साल के लिए रेल संरक्षण कोष के लिए 1 लाख करोड़ रुपये।
  • धार्मिक रूटों पर विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी।
  • रेलवे में विकास और स्वच्छता पर जोर दिया जाएगा।
  • मानव रहित क्रॉसिंग को पूरी तरह खत्म किया जाएगा।

मनरेगा के लिए 48,000 करोड़ रुपये निर्धारित:

  • 350 ऑन लाइन पाठ्यक्रम शुरू करेगी सरकार।
  • 3.50 करोड़ युवाओं को बाजार के हिसाब से कौशल विकास की ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • गांवों में पाइपलाइन से जल सप्लाई का प्रस्ताव।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना पर 2019 तक 4 लाख करोड़ रुपये खर्च।
  • 2017-18 में प्रतिदिन 133 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी।
  • विज्ञान की शिक्षा और पाठ्यक्रम में लचीलेपन को बल दिया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के लिए 27 हजार करोड़ रुपये
  • मनरेगा के लिए 2017-18 के लिए बजट बढ़ाकर 48,000 करोड़ रुपये किया गया है, 2016 में 37,000 करोड़ था।

मनरेगा में 5 लाख तालाबों का लक्ष्य:

  • मनरेगा में 5 लाख तालाबों का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री ग्राम विकास योजना पर 4 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी।
  • वामपंथी उग्रवाद वाले इलाकों को सड़कों से जोड़ने का काम 2019 तक पूरा कर लिया जाएगा।
  • जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के किसानों को कर्ज देने में प्रमुखता दिखाई जाएगी।
  • 8 हजार करोड़ रुपये का डेयरी कोष दिया जाएगा।
  • सिचाई फंड के लिए 5 हजार करोड़ रुपये देगी सरकार।
  • फसल बीमा 30 फीसदी की बजाय 40 फीसदी होगी।

किसानों को 10 लाख करोड़ का कर्ज सरकार देगी:

  • फसलों की बीमा के लिए किसानों को 9 हजार करोड़ रुपये देंगे।
  • किसानों को 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज देंगे।
  • मॉनसून के अच्छे रहने की वजह से इस साल कृषि विकास दर के 4.1 फीसदी रहने का अनुमान है।
  • जम्मू-कश्मीर में रहने वाले किसानों को ऋण देने के लिए विशिष्ट कोशिश की गई है।
  • किसानों की आय 5 सालों में दोगुना करने की कोशिश की गई है।
  • युवा शिक्षा, कौशल और रोजगार मुहैया करना।
  • रेल बजट का आम बजट के साथ विलय करना ऐतिहासिक है। हमने 1924 से चली आ रही औपनिवैशिक नियम को बदला है।
  • नोटबंदी से भ्रष्टाचार खत्म होगा।
  • 2017 में आर्थिक विकास तेज होने की संभावना।
  • बजट को ग्रामीण क्षेत्रों को ध्यान रखकर बनाया गया है।
  • 2016-17 में वित्तीय घाटा जीडीपी का 0.3 फीसदी हुआ है।
  • अमरिका मेें व्याज दरों में बढ़ोतरी का भारत पर असर पड़ेगा।
  • नोटबंदी से अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। अर्थव्यवस्था पर मामूली असर पड़ेगा। बैंकों में काफी धन जमा हो गया है।
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