इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे बहादुर शाह जफर (Bahadur Shah Zafar) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए बहादुर शाह जफर से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Bahadur Shah Zafar Biography and Interesting Facts in Hindi.

बहादुर शाह जफर का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नामबहादुर शाह जफर (Bahadur Shah Zafar)
जन्म की तारीख24 अक्टूबर
जन्म स्थानदिल्ली (भारत)
निधन तिथि07 नवम्बर
माता व पिता का नामलालबाई / अकबर शाह द्वितीय
उपलब्धि1837 - मुग़ल साम्राज्य के अंतिम बादशाह
पेशा / देशपुरुष / स्वतंत्रता सेनानी / भारत

बहादुर शाह जफर - मुग़ल साम्राज्य के अंतिम बादशाह (1837)

बहादुर शाह जफर मुग़ल साम्राज्य के अंतिम बादशाह और उर्दू के जानेे-माने शायर थे। इनका शासनकाल 1837-57 तक था। बहादुर शाह ज़फ़र एक कवि, संगीतकार व खुशनवीस थे और राजनीतिक नेता के बजाय सौंदर्यानुरागी व्यक्ति अधिक थे।

बहादुर शाह जफर का जन्म 24 अक्टूबर 1775 को दिल्ली( भारत) में हुआ था| इनका पूरा नाम अबू ज़फ़र सिराज-उद-दिन मुहम्मद बहादुर शाह था| इनके पिता का नाम अकबर शाह द्वितीय और मां का नाम लालबाई था|
बहादुर शाह जफर की मृत्यु 7 नवंबर 1862 (आयु 87 वर्ष) को ,रंगून , ब्रिटिश बर्मा में हुआ था।
बहादुर शाह ज़फर भारत में मुग़ल साम्राज्य के आखिरी शहंशाह, और उर्दू के जानेे-माने शायर थे। उन्होंने 1857 का प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भारतीय सिपाहियों का नेतृत्व किया। इन्होने 1857 की पहली भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भारतीय सिपाहियों का नेतृत्व किया था। 1857 ई. में स्वतंत्रता संग्राम शुरू होने के समय बहादुर शाह 82 वर्ष के बूढे थे। सितम्बर 1857 ई. में अंग्रेज़ों ने दुबारा दिल्ली पर क़ब्ज़ा जमा लिया और बहादुर शाह द्वितीय को गिरफ़्तार करके उन पर मुक़दमा चलाया गया तथा उन्हें रंगून निर्वासित कर दिया गया था। बहादुर शाह ज़फ़र को मेजर हडसन द्वारा बंधी बनाया गया था। जिसके बाद उन्हें रंगून ले जाया गया था। बादशाह बनने के बाद बहादुर शाह जफर ने गोहत्या पर पाबंदी का जो आदेश दिया था वह कोई नया आदेश नहीं था।
उनके दफन स्थल को अब बहादुर शाह जफर दरगाह के नाम से जाना जाता है। उनकी याद में बांग्लादेश के ओल्ड ढाका शहर स्थित विक्टोरिया पार्क का नाम बदलकर बहादुर शाह जफर पार्क कर दिया गया है। जफर को 1857 के नाटक में चित्रित किया गया था: जावेद सिद्दीकी द्वारा 1857 के भारतीय विद्रोह के दौरान एक सफरनामा। 2008 में नादिरा बब्बर और नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा रिपर्टरी कंपनी द्वारा दिल्ली की प्राणपाला प्राणिमाला में इसका मंचन किया गया था। नानबी भट्ट द्वारा निर्देशित एक हिंदी-उर्दू श्वेत-श्याम फिल्म, लाल क़िला (1960), बहादुर शाह ज़फर को बड़े पैमाने पर प्रदर्शित करती है। 1986 में दूरदर्शन पर प्रसारित "बहादुर शाह ज़फ़र" नामक एक टेलीविज़न श्रृंखला। अशोक कुमार ने इसमें मुख्य भूमिका निभाई थी।

बहादुर शाह जफर प्रश्नोत्तर (FAQs):

बहादुर शाह जफर का जन्म 24 अक्टूबर 1775 को दिल्ली (भारत) में हुआ था।

बहादुर शाह जफर को 1837 में मुग़ल साम्राज्य के अंतिम बादशाह के रूप में जाना जाता है।

बहादुर शाह जफर की मृत्यु 07 नवम्बर 1862 को हुई थी।

बहादुर शाह जफर के पिता का नाम अकबर शाह द्वितीय था।

बहादुर शाह जफर की माता का नाम लालबाई था।

  Last update :  Tue 28 Jun 2022
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