इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे वारेन हेस्टिंग्स (Warren Hastings) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए वारेन हेस्टिंग्स से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Warren Hastings Biography and Interesting Facts in Hindi.

वारेन हेस्टिंग्स का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नामवारेन हेस्टिंग्स (Warren Hastings)
जन्म की तारीख06 दिसम्बर
जन्म स्थानचर्चिल, ऑक्सफोर्डशायर
निधन तिथि22 अगस्त
माता व पिता का नामहेस्टर हेस्टिंग्स / पेनिस्टोन हेस्टिंग्स
उपलब्धि1773 - भारत के प्रथम ब्रिटिश गवर्नर जनरल ऑफ़ बंगाल
पेशा / देशपुरुष / गवर्नर जनरल / भारत

वारेन हेस्टिंग्स - भारत के प्रथम ब्रिटिश गवर्नर जनरल ऑफ़ बंगाल (1773)

वारेन हास्टिंग्स भारत के पहले ब्रिटिश गवर्नर जनरल ऑफ़ बंगाल थे। इनका कार्यकाल 1772 से 1785 तक था। हेस्टिंग्स का जन्म 06 दिसम्बर 1732 में चर्चिल, ऑक्सफ़ोर्डशायर में हुआ था। उनके पिता का नाम पेनीस्टोन हेस्टिंग्स और माता का नाम हेस्टर हेस्टिंग्स था, हास्टिंग्स का जन्म होने के तुरंत बाद उनकी माँ का निधन हो गया था।

हेस्टिंग्स का जन्म 06 दिसम्बर 1732 में चर्चिल, ऑक्सफ़ोर्डशायर में हुआ था| यह एक गरीब परिवार में पैदा हुए थे| इनके पिता का नाम पेनीस्टोन हेस्टिंग्स और माता का नाम हेस्टर हेस्टिंग्स था| इनके जन्म होने के तुरंत बाद इनकी माँ का निधन हो गया था।
वारेन हेस्टिंग्स का निधन 22 अगस्त 1818 (85 वर्ष की आयु) को डेलेसफोर्ड, ग्लॉस्टरशायर में हुआ था।
वारेन हेस्टिंग्स ने वेस्टमिंस्टर स्कूल में भाग लिया, जहां उन्होंने भविष्य के प्रधान मंत्री लॉर्ड शेलबर्न और ड्यूक ऑफ पोर्टलैंड के साथ और कवि विलियम काउपर के साथ मुलाकात की। वह 1750 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी में एक क्लर्क के रूप में शामिल हुए और अगस्त 1750 में कलकत्ता पहुंचकर भारत के लिए रवाना हुए। वहाँ उन्होंने परिश्रम के लिए एक प्रतिष्ठा का निर्माण किया और अपना खाली समय भारत के बारे में सीखने और उर्दू और फ़ारसी में महारत हासिल करने में बिताया। उनके काम ने उन्हें 1752 में पदोन्नति दी जब उन्हें बंगाल के एक प्रमुख व्यापारिक पद कासिमबाजार भेजा गया, जहाँ उन्होंने विलियम वत्स के लिए काम किया। वहाँ रहते हुए उन्होंने पूर्वी भारत की राजनीति में और अनुभव प्राप्त किया।
1750 ई. में वारेन हेस्टिंग्स ईस्ट इण्डिया कम्पनी के एक ‘क्लर्क" (लिपिक) के रूप में कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) पहुँचा। वारेन हेस्टिंग्स को सन् 1773 में ”रेग्युलेटिंग एक्ट" के द्वारा 1774 ई. में बंगाल का गर्वनर-जनरल नियुक्त किया गया। सर्वप्रथम 1772 ई. में प्रशासनिक सुधार के अन्तर्गत वारेन हेस्टिंग्स ने ‘कोर्ट ऑफ़ डाइरेक्टर्स" के आदेशानुसार बंगाल से ‘द्वैध शासन प्रणाली" की समाप्ति की घोषणा की और सरकारी ख़ज़ाने का स्थानान्तरण मुर्शिदाबाद से कलकत्ता किया। 1772 ई. में उसने प्रत्येक ज़िले में एक फ़ौजदारी तथा दीवानी अदालतों की स्थापना की। दीवानी न्यायलय कलेक्टरों के अधीन थे, जहाँ पर 500 रु. के मामलों का निपटारा किया जाता था। वारेन हेस्टिंग्स ने राजस्व सुधारों को व्यवस्थित करने के लिए परीक्षण तथा अशुद्धि के नियम को अपनाया। इसकी न्याय व्यवथा मुग़ल प्रणाली पर आधारित थी। वारेन हेस्टिंग्स ने व्यावसायिक सुधार के अन्तर्गत ज़मीदारों के क्षेत्र में कार्य कर रहे शुल्क गृहों को बन्द करवा दिया। 1776 ई. में वारेन हेस्टिंग्स की संस्कृत भाषा में एक पुस्तक ‘कोड ऑफ़ जिनेटो लॉ" प्रकाशित हुई। वारेन हेस्टिंग्स ने मुग़ल सम्राट को मिलने वाली 26 लाख रुपये की वार्षिक पेंशन बन्द करवा दी। सन् 1785 में जब वारेन हेस्टिग्स इंग्लैण्ड पहुँचा, तो उसके ऊपर महाभियोग लगाया गया। ब्रिटिश पार्लियामेंट में यह महाभियोग 1788 ई. से 1795 ई. तक चला, परन्तु अन्त में उसे आरोपों से मुक्त कर दिया गया। 1784 में, के बाद दस साल की सेवा के दौरान, जिसमें उन्होंने मदद का विस्तार और नियमित नवजात राज के द्वारा बनाई गई क्लाइव भारत, हेस्टिंग्स इस्तीफा दे दिया।

वारेन हेस्टिंग्स प्रश्नोत्तर (FAQs):

वारेन हेस्टिंग्स का जन्म 06 दिसम्बर 1732 को चर्चिल, ऑक्सफोर्डशायर में हुआ था।

वारेन हेस्टिंग्स को 1773 में भारत के प्रथम ब्रिटिश गवर्नर जनरल ऑफ़ बंगाल के रूप में जाना जाता है।

वारेन हेस्टिंग्स की मृत्यु 22 अगस्त 1818 को हुई थी।

वारेन हेस्टिंग्स के पिता का नाम पेनिस्टोन हेस्टिंग्स था।

वारेन हेस्टिंग्स की माता का नाम हेस्टर हेस्टिंग्स था।

  Last update :  Tue 28 Jun 2022
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