बेनजीर भुट्टो का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

बेजनीर भुट्टो का जीवन परिचय | Biography of Beznir Bhutto in Hindi
किसी मुस्लिम देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री: बेजनीर भुट्टो का जीवन परिचय

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे बेनजीर भुट्टो (Beznir Bhutto) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए बेनजीर भुट्टो से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Beznir Bhutto Biography and Interesting Facts in Hindi.

बेनजीर भुट्टो के बारे में संक्षिप्त जानकारी

नामबेनजीर भुट्टो (Beznir Bhutto)
जन्म की तारीख21 जून 1953
जन्म स्थानकराची, पाकिस्तान
निधन तिथि27 दिसम्बर 2007
माता व पिता का नामबेगम नुसरत भुट्टो / ज़ुल्फिकार अली भुट्टो
उपलब्धि1988 - किसी मुस्लिम देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री
पेशा / देशमहिला / राजनीतिज्ञ / पाकिस्तान

बेनजीर भुट्टो (Beznir Bhutto)

बेनजीर भुट्टो एक पाकिस्तानी राजनीतिज्ञ थीं, जिन्होंने वर्ष 1988 से 1990 तक और फिर 1993 से 1996 पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पदभार ग्रहण किया था। वह मुस्लिम बहुसंख्यक राष्ट्र में लोकतांत्रिक सरकार का नेतृत्व करने वाली पहली महिला थीं। पूरब की बेटी के नाम से जानी जाने वाली बेनज़ीर किसी भी मुसलिम देश की पहली महिला प्रधानमंत्री तथा दो बार चुनी जाने वाली पाकिस्तान की पहली प्रधानमंत्री थीं। वे पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की प्रतिनिधि तथा मुसलिम धर्म की शिया शाखा की अनुयायी थीं।

बेनजीर भुट्टो का जन्म

बेनजीर भुट्टो का जन्म 21 जून 1953 को कराची, पाकिस्तान के धनी ज़मींदार परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम जुल्फिकार अली भुट्टो और माता का नाम नुसरत भुट्टो था| इनके पिता एक रजनेता थे जिन्हें पीपीपी समाजवादी मंच पर प्रधान मंत्री चुना गया था और बाद में वह पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष थे ।

बेनजीर भुट्टो का निधन

बेनजीर भुट्टो 27 दिसंबर 2007 को (54 वर्ष की आयु) रावलपिंडी , पंजाब , पाकिस्तान में हुई। हलाकि इनकी मौत का कारण इनकी हत्या थी। इन्होने अपनी मौत से पहले अफगान के राष्ट्रपति हामिद करजई के साथ मुलाकात की थी। इसके बाद इन्होने दोपहर में, रावलपिंडी के लियाकत नेशनल बाग में आयोजित एक पीपीपी रैली में भाषण दिया। इसके बाद वह अपनी बुलेटप्रूफ गाड़ी से बहार आकर खड़ी हो गयी तभी इनपर एक बन्दूक धारी ने तीन गोलीया चला दी उसके बाद एक विस्फोट बंद आदमी इनके पास आकार खड़ा हो गया और इसी विस्फोट के कारण इनकी मृत्यु हो गयी इनकी मृत्यु के साथ साथ कई अन्य लोगो की मृत्यु हुई थी।

बेनजीर भुट्टो की शिक्षा

बेनजीर ने शुरू में कराची के लेडी जेनिंग्स नर्सरी स्कूल में पढ़ाई की। उसके बाद उसे कराची में यीशु और मैरी के कॉन्वेंट में भेजा गया और वहाँ से मुर्री में एक बोर्डिंग स्कूल जीसस एंड मैरी कॉन्वेंट भेजा गया। दिसंबर 1968 में अपनी परीक्षा देते हुए, भुट्टो ने उच्च ग्रेड के साथ अपना ओ-स्तर पास किया था।

बेनजीर भुट्टो का करियर

बेनजीर भुट्टो को ऑक्सफ़ोर्ड में अध्ययन के दौरान वे ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन की अध्यक्ष के रूप में चुना गया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे 1977 में पाकिस्तान वापस पहुँचीं और घर वापस आने के कुछ ही दिनों के अंदर उनके पिता और पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री ज़ुल्फिकार अली भुट्टो का तख़्तापलट हो गया। वे चुनाव जीत कर सत्ता में आए थे, लेकिन उनके विरोधियों का आरोप था कि चुनाव में धांधली हुई है। भुट्टो के चुनाव के विरोध में पाकिस्तान की सड़कों पर प्रदर्शन हुए। इसी बीच सेना प्रमुख जनरल ज़िया उल हक ने भुट्टो को बंदी बना लिया और शासन की बागडोर अपने हाथ में ले ली। भुट्टो पर आरोप लगा कि उन्होंने अपने सहयोगियों की हत्या करवाई है। 4 अप्रैल 1979 में भुट्टो को फांसी दे दी गई। भुट्टो को फांसी देने के बाद सैनिक सरकार द्वारा बेनज़ीर को हिरासत में ले लिया गया। 1977 से 1984 के बीच बेनज़ीर अनेक बार रिहा हुई और अनेक बार कैद हुईं। 1984 में तीन साल की क़ैद के बाद उन्हें पाकिस्तान से बाहर जाने की अनुमति दी गई। उस समय वे लंदन जाकर रहीं। भुट्टो की पहली कैबिनेट पाकिस्तान के इतिहास में सबसे बड़ी थी। उसने खुद को नए कोषागार मंत्री के रूप में नियुक्त किया।

प्रशासन के अधिकांश लोगों को राजनीतिक अनुभव बहुत कम था। मुमताज़ अली भुट्टो सहित पीपीपी पुराने गार्ड के विभिन्न सदस्यों ने अपने द्वारा लिए गए समर्थक पूँजीवादी निर्देश पर निराशा में पार्टी छोड़ दी। 1988 में बेनज़ीर भारी मतों से चुनाव जीत कर आईं और पाकिस्तान की प्रधानमंत्री बनीं। वे किसी इस्लामी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। दो साल बाद 1990 में उनकी सरकार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति ग़ुलाम इशाक ख़ान ने बर्ख़ास्त कर दिया। 1993 में फिर आम चुनाव हुए और वे फिर विजयी हुईं। उन्हें 1996 में दोबारा भ्रष्टाचार के आरोप में बर्ख़ास्त किया गया। पहली बार प्रधानमंत्री निर्वाचित होने के समय बेनज़ीर लोकप्रियता के शिखर पर थीं। उनकी ख्याति विश्व स्तर पर सर्वप्रमुख महिला नेता की थी। लेकिन दूसरी बार सत्ता से बेदखल किए जाने तक उनकी छवि पूरी तरह बदल चुकी थी। 1999 में पाकिस्तान छोड़ दिया और संयुक्त अरब इमारात के नगर दुबई में आकर रहने लगीं। उनकी अनुपस्थिति में पाकिस्तान की सैनिक सरकार ने उन पर लगे भ्रष्टाचार के विभिन्न आरोपों की जाँच की और उन्हें निर्दोष पाया गया। वे 18 अक्टूबर 2007 में पाकिस्तान लौटीं। उसी दिन एक रैली के दौरान कराची में उन पर दो आत्मघाती हमले हुए जिसमें करीब 140 लोग मारे गए, लेकिन बेनज़ीर बच गईं थी।

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नीचे दिए गए प्रश्न और उत्तर प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रख कर बनाए गए हैं। यह भाग हमें सुझाव देता है कि सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं। यह प्रश्नोत्तरी एसएससी (SSC), यूपीएससी (UPSC), रेलवे (Railway), बैंकिंग (Banking) तथा अन्य परीक्षाओं में भी लाभदायक है।

महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर (FAQs):

  • प्रश्न: ऑक्सफ़ोर्ड में अध्ययन के दौरान कौन ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन की अध्यक्ष चुनी जाने वाली पहली एशियाई महिला थीं?
    उत्तर: बेनजीर भुट्टो
  • प्रश्न: बेनजीर भुट्टो के पिता का क्या नाम था जो पाकिस्तान की पीपुल्स पार्टी के संस्थापक थे?
    उत्तर: ज़ुलफ़कर अली भुट्टो
  • प्रश्न: इसमें से किसको पूरब की बेटी के नाम से जाना जाता था?
    उत्तर: बेनजीर भुट्टो
  • प्रश्न: बेनजीर भुट्टो किस वर्ष में भारी मतों से चुनाव जीत कर आईं और पाकिस्तान की प्रधानमंत्री बनीं?
    उत्तर: 1988
  • प्रश्न: ज़ुल्फिकार अली भुट्टो की पुत्री बेनजीर भुट्टो का जन्म कब हुआ था?
    उत्तर: 21 जून 1953

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