फखरुद्दीन अली अहमद का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे फखरुद्दीन अली अहमद (Fakhruddin Ali Ahmed) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए फखरुद्दीन अली अहमद से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Fakhruddin Ali Ahmed Biography and Interesting Facts in Hindi.

फखरुद्दीन अली अहमद का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नामफखरुद्दीन अली अहमद (Fakhruddin Ali Ahmed)
जन्म की तारीख13 मई 1905
जन्म स्थानदिल्ली, भारत
निधन तिथि11 फ़रवरी 1977
माता व पिता का नामसाहिबज़ादी रूकैया सुल्तान / कर्नल, जलनूर अली अहमद
उपलब्धि1974 - भारत के पांचवे राष्ट्रपति
पेशा / देशपुरुष / स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ / भारत

फखरुद्दीन अली अहमद (Fakhruddin Ali Ahmed)

फखरुद्दीन अली अहमद भारत के 5वें राष्ट्रपति (नाम के अनुसार फ़ख़रुद्दीन अली अहमद पाँचवें राष्ट्रपति और कार्यकाल के अनुसार यह छठे राष्ट्रपति) थे। बतौर राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली 1974 से 1977 तक पद पर रहे। उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के सहयोग से 29 अगस्त, 1974 को देश का 5वां राष्ट्रपति चुना गया था। फखरुद्दीन अली अहमद डॉ. जाकिर हुसैन के बाद राष्ट्रपति बनने वाले वे दूसरे मुस्लिम व्यक्ति थे।

फ़ख़रुद्दीन अली अहमद का जन्म 13 मई,1905 को पुरानी दिल्ली के हौज़ क़ाज़ी इलाक़े में हुआ था। इनके पिता का नाम कर्नल जलनूर अली अहमद और इनकी माता का नाम साहिबजादी रूकइया सुल्तान था। इनके पिता ज़ल्नुर अली अहमद, पहले आसामी इंसान थे जिनके पास एम.डी. (डॉक्टर ऑफ़ मेडिसिन) की उपाधि थी और साथ ही उत्तर-पूर्व भारत से भी वे यह डिग्री हासिल करने वाले पहले भारतीय थे।
वह 11 फरवरी 1977 को कार्यालय में मरने वाले दूसरे भारतीय राष्ट्रपति थे। उनकी मृत्यु उनके दैनिक नमाज प्रार्थना में भाग लेने की तैयारी के दौरान उनके कार्यालय में गिरने के बाद हुई। उनकी मौत का कारण दिल का दौरा था। आज, उनकी कब्र नई दिल्ली में संसद चौक पर, सुनहरी मस्जिद के बगल में भारत की संसद के ठीक सामने स्थित है।
फखरुद्दीन अली अहमद के पिता ज़ल्नुर अली अहमद, पहले आसामी इंसान थे जिनके पास एम.डी. (डॉक्टर ऑफ़ मेडिसिन) की उपाधि थी और साथ ही उत्तर-पूर्व भारत से भी वे यह डिग्री हासिल करने वाले पहले भारतीय थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गोंडा जिल के सरकारी हाई-स्कूल और दिल्ली सरकारी हाई-स्कूल में हुई। उच्च शिक्षा के लिए वे 1923 में इंग्लैंड गए, जहां उन्होंनें सेंट कैथरीन कॉलेज, कैम्ब्रिज में अध्ययन किया। 1928 में उन्होंने लाहौर उच्च न्यायालय में कानूनी अभ्यास आरंभ किया।
सन 1925 में इंग्लैंड में फखरुद्दीन की मुलाकात जवाहरलाल नेहरू से हुई। तभी वे ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस" में भी शामिल हो गये और भारतीय स्वतंत्रता अभियान में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वे वर्ष 1935 में असम विधानसभा के लिए निर्वाचित किया गये थे। बाद में वे वर्ष 1936 में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य बने। इसके बाद वे सितम्बर 1938 में असम प्रदेश में वित्त, राजस्व और श्रम मंत्री बने। उन्हें साल 1942 में ‘भारत छोडो अभियान" में गिरफ्तार किया गया और उन्हें साढ़े तीन साल जेल में रहने की सजा सुनाई गयी थी। फखरुद्दीन अली अहमद वर्ष 1961 में दिल्ली गोल्फ क्लब और दिल्ली जिमखाना क्लब के सदस्य बने। वह साल 1967 में अखिल भारतीय क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी चुने गए थे। अहमद को 1974 में प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी द्वारा राष्ट्रपति पद के लिए चुना गया था, और 20 अगस्त 1974 को, वह भारत के राष्ट्रपति चुने जाने वाले दूसरे मुस्लिम बन गए। उन्हें उसी दिन इंदिरा गांधी के साथ बैठक के बाद आधी रात को कागजात पर हस्ताक्षर करके आपातकाल की घोषणा जारी करने के लिए जाना जाता है। 1975 में भारत में आपातकाल घोषित होने के बाद उन्होंने अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल राज्य के प्रमुख के रूप में किया।
यूगोस्लाविया की यात्रा के दौरान, 1975 में कोसोवो में प्रिस्टिना विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। उन्हें कई बार असम फुटबॉल एसोसिएशन और असम क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया; और असम स्पोर्ट्स काउंसिल के उपाध्यक्ष भी थे। अप्रैल 1967 में, उन्हें अखिल भारतीय क्रिकेट संघ का अध्यक्ष चुना गया। वह 1961 से दिल्ली गोल्फ क्लब और दिल्ली जिमखाना क्लब के सदस्य थे। बरपेटा असम में एक मेडिकल कॉलेज, फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज का नाम उनके नाम पर रखा गया है।

📅 Last update : 2021-05-13 00:30:18

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