गोपाल कृष्ण गोखले का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

✅ Published on May 9th, 2021 in प्रसिद्ध व्यक्ति, स्वतंत्रता सेनानी

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे गोपाल कृष्ण गोखले (Gopal Krishna Gokhale) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए गोपाल कृष्ण गोखले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Gopal Krishna Gokhale Biography and Interesting Facts in Hindi.

गोपाल कृष्ण गोखले के बारे में संक्षिप्त जानकारी

नामगोपाल कृष्ण गोखले (Gopal Krishna Gokhale)
जन्म की तारीख09 मई 1866
जन्म स्थानबॉम्बे प्रेसीडेंसी, (भारत)
निधन तिथि19 फरवरी 1916
माता व पिता का नामसत्यभामा बाई / कृष्णा राव गोखले
उपलब्धि1905 - भारत सेवक समाज के संस्थापक
पेशा / देशपुरुष / राजनीतिज्ञ / भारत

गोपाल कृष्ण गोखले (Gopal Krishna Gokhale)

गोपाल कृष्ण गोखले भारत के एक स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी, विचारक एवं प्रसिद्ध समाज सुधारक थे। कृष्ण गोखले जी को वित्तीय मामलों की अपार समझ और उस पर अधिकारपूर्वक बहस करने की क्षमता से उन्हें भारत का "ग्लेडस्टोन" कहा जाता है। इनका मानना था कि वैज्ञानिक और तकनीकी शिक्षा भारत की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। स्व-सरकार व्यक्ति की औसत चारित्रिक दृढ़ता और व्यक्तियों की क्षमता पर निर्भर करती है।

गोपाल कृष्ण गोखले का जन्म 9 मई 1866 में रत्नागिरी जिले के गुहागर तालुक के कोटलुक गाँव महाराष्ट्र में एक चितपावन ब्राह्मण परिवार में हुआ था। अपेक्षाकृत इनका परिवार काफी गरीब था। इनके पिता का नाम कृष्णा राव गोखले और माता का नाम वलुबाई गोखले था।
गोपाल कृष्ण गोखले की मृत्यु 19 फरवरी 1915 (आयु 48 वर्ष) को बॉम्बे , बॉम्बे प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत में हुई थी।
गोखले जी का ब्राह्मणी परिवार उस समय अपेक्षाकृत काफी गरीब था, परंतु उन्होने गोखले जी की शिक्षा में कोई कमी नहीं होने दी। गोखले जी को अंग्रेजी शिक्षा प्राप्त करने के लिए कोल्हापुर के “राजाराम कॉलेज” में भेजा गया जहाँ उन्होने अपनी माध्यमिक स्तर की शिक्षा प्राप्त की। माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद गोपाल कृष्ण गोखले को स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त करने के लिए बम्बई के एलफिंस्टन कॉलेज में भेजा गया, जहाँ उन्होने वर्ष 1884 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उनकी पहली शादी 1880 में सावित्री बाई जी से हुई थी, जो एक लाइलाज बीमारी से पीड़ित थी, सावित्री बाई ने वर्ष 1887 में गोकले जी को दूसरी शादी करने के लिए कहा, जिसके बाद गोखले जी ने 1887 में ऋषिबामा जी से विवाह किया जिनकी भी मृत्यु वर्ष 1899 में दो बेटियों को जन्म देने के बाद हो गई थी।
वर्ष 1886 में वह फर्ग्यूसन कालेज में अंग्रेज़ी के प्राध्यापक के रूप में डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी में सम्मिलित हुए थे। गोखले जी ने दो बार शादी की थी। गोखले का राजनीति में पहली बार प्रवेश 1888 ई. में इलाहाबाद में हुए कांग्रेस के अधिवेशन में हुआ था। वर्ष 1889 में गोखले प्रसिद्ध समाज सुधारक महादेव गोविंद रानाडे के शिष्य के रूप में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य बने। 1896 में वेल्बी कमीशन के समज्ञा गवाही देने के लिए वह इंग्लैण्ड भी गए थे। गोपाल कृष्ण गोखले भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के मार्गदर्शकों में से एक थे। वह शुरुआत से ही उदारवादी विचारधारों वाले व्यक्ति रहे है। जिस कारण वह भारत का स्वशासन चाहते थे और साम्राज्य वाद का अंत। गोपाल कृष्ण गोखले का ज्ञान क्षेत्र केवल अंग्रेजी और राजनीति तक ही सीमित नहीं था बल्कि वह अर्थशास्त्र और गणित के भी बहुत बड़े ज्ञाता थे। उन्हे वित्तीय मामलों की अद्वितीय समझ थी जिस कारण उन्हे भारत का ‘ग्लेडस्टोन" कहा जाता है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस शुरू से ही गठबंधनी स्वभाव की पार्टी रही है, जिस कारण इसमे नरम दल, गरम दल, वाम पंथी, चरम पंथी और आदि दलो की प्रधानता थी, गोखले भी इन्ही में से एक नरमपंथी के सबसे प्रसिद्ध नेता थे। गोखले जी को वर्ष 1899 में बॉम्बे विधान परिषद के लिए चुना गया था। जिसके बाद वह 20 दिसंबर 1901 को भारत के गवर्नर-जनरल की इम्पीरियल काउंसिल के लिए भी चुने गए थे। वर्ष 1902 में गोखले को ‘इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउन्सिल" का सदस्य चुना गया था। वर्ष 1905 में गोखले जी के उन्न्त उदारवादी विचारो को देखते हुये भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने उन्हें अपना अध्यक्ष बना दिया था। वर्ष 1905 में गोखले जी ने ब्रिटिश भारत की कुरीतियों को दूर करने के लिए “भारत सेवक समाज” (सरवेंट्स ऑफ़ इंडिया सोसाइटी) की स्थापना की थी। गोपाल कृष्ण गोखले ने भारतीय समाज को जागरूक करने के लिए वर्ष 1911 में एक प्रसिद्ध अंग्रेजी साप्ताहिक समाचार पत्र “द हितवाद” की भी शुरुआत की थी। वर्ष 1915 में महात्मा गांधी अफ्रीका से लौटे तो उनका भारत में मार्ग दर्शन करने का कार्य गोखले जी ने ही किया था, जिस कारण महात्मा गांधी ने गोखले जी को ही अपना गुरु और मार्गदर्शक कहा था।
व्यक्तिउपलब्धि
प्रणब मुखर्जी की जीवनीभारत के तेरहवें राष्ट्रपति
रामनाथ कोविंद की जीवनीभारत के 14वें और वर्तमान राष्ट्रपति
सुषमा स्वराज की जीवनीहरियाणा विधानसभा के सदस्य के रूप में
शीला दीक्षित की जीवनीदिल्ली की दूसरी महिला मुख्यमंत्री
सैफुद्दीन किचलू की जीवनीलेनिन शांति पुरस्कार से सम्मानित प्रथम भारतीय पुरुष
लाल बहादुर शास्त्री की जीवनीमरणोपरांत 'भारत रत्न' से सम्मानित प्रथम साहित्यकार
इंदिरा गाँधी की जीवनीप्रथम भारतीय महिला प्रधानमंत्री
सरदार वल्लभभाई पटेल की जीवनीस्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमंत्री और उप-प्रधानमंत्री
वी. के. कृष्ण मेनन की जीवनीब्रिटेन में उच्चायुक्त बनने वाले प्रथम भारतीय व्यक्ति
मेघनाद साहा की जीवनीलोकसभा हेतु निर्वाचित प्रथम भारतीय वैज्ञानिक
डॉ. मनमोहन सिंह की जीवनीभारत के प्रथम सिख प्रधानमंत्री
मुथुलक्ष्मी रेड्डी की जीवनीभारत की पहली महिला विधायक
पंडित जवाहरलाल नेहरू की जीवनीभारत के प्रथम प्रधानमंत्री
सुचेता कृपलानी की जीवनीभारत के किसी राज्य की प्रथम महिला मुख्यमंत्री
जानकी रामचंद्रन की जीवनीभारत के किसी राज्य की मुख्यमंत्री बनने वाली प्रथम महिला अभिनेत्री
ज्ञानी जैल सिंह की जीवनीभारत के प्रथम सिख राष्ट्रपति
डॉ. ज़ाकिर हुसैन की जीवनीभारत के प्रथम मुस्लिम राष्ट्रपति
राधाबाई सुबारायन की जीवनीभारत की प्रथम महिला सांसद
वी. एस. रमादेवी की जीवनीभारत की प्रथम महिला मुख्य चुनाव आयुक्त
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनीभारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, भारत रत्न से सम्मानित प्रथम भारतीय
नजमा हेपतुल्ला की जीवनीइंटर पार्लियामेंट्री यूनियन की प्रथम आजीवन महिला अध्यक्ष
सत्येन्द्र प्रसन्न सिन्हा की जीवनीवायसराय की कार्यकारिणी परिषद् के पहले भारतीय सदस्य
डॉ. सच्चिदानन्द सिन्हा की जीवनीभारतीय संविधान सभा के प्रथम अध्यक्ष
सरोजिनी नायडू की जीवनीप्रथम महिला राज्यपाल
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जीवनीभारत के प्रथम राष्‍ट्रपति
गणेश वासुदेव मावलंकर की जीवनीस्वतंत्र भारत के प्रथम लोकसभा अध्यक्ष
अमृत कौर की जीवनीभारत की प्रथम महिला केंद्रीय मंत्री
व्योमेश चन्द्र बनर्जी की जीवनीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष
अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनीभारत के प्रथम विशुद्ध गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री
प्रतिभा पाटिल की जीवनीभारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति
विजय लक्ष्मी पंडित की जीवनीसंयुक्त राष्ट्र संघ महासभा की प्रथम महिला अध्यक्ष
लाल मोहन घोष की जीवनीब्रिटिश संसद हेतु चुनाव लड़ने वाले प्रथम भारतीय पुरुष
दादा भाई नौरोजी की जीवनीब्रिटिश सांसद बनने वाले प्रथम भारतीय व्यक्ति
मायावती की जीवनीभारत के किसी राज्य की प्रथम दलित मुख्यमंत्री
शन्नो देवी की जीवनीविधानसभा की प्रथम महिला अध्यक्ष
चोकिला अय्यर की जीवनीप्रथम भारतीय महिला विदेश सचिव
रेहाना अमीर की जीवनीब्रिटेन में पार्षद बनने वाली प्रथम भारतीय महिला
रंगनाथ मिश्र की जीवनीराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रथम अध्यक्ष
मीरा कुमार की जीवनीप्रथम महिला लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर)
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जीवनीभारत के 11वें राष्ट्रपति
फखरुद्दीन अली अहमद की जीवनीभारत के पांचवे राष्ट्रपति
मदन मोहन मालवीय की जीवनीबनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्थापक
संजय गांधी की जीवनीमारुति 800 को देश में लाने का श्रेय

अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर:

प्रश्न: गोपाल कृष्ण गोखले कब फर्ग्यूसन कालेज में अंग्रेज़ी के प्राध्यापक के रूप में डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी में सम्मिलित हुए थे?
उत्तर: 1886
प्रश्न: 1896 में वेल्बी कमीशन के समज्ञा गवाही देने के लिए गोपाल कृष्ण गोखले कहाँ गए थे?
उत्तर: इंग्लैण्ड
प्रश्न: गोखले का राजनीति में पहली बार प्रवेश कब हुआ था?
उत्तर: 1888 ई.
प्रश्न: वर्ष 1902 में इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउन्सिल का सदस्य किसको चुना गया था?
उत्तर: गोपाल कृष्ण गोखले
प्रश्न: गोखले ने भारत सेवक समाज की स्थापना कब की थी?
उत्तर: 1905

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी:

प्रश्न: गोपाल कृष्ण गोखले कब फर्ग्यूसन कालेज में अंग्रेज़ी के प्राध्यापक के रूप में डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी में सम्मिलित हुए थे?
Answer option:

      1886

    ✅ Correct

      1986

    ❌ Incorrect

      1929

    ❌ Incorrect

      1882

    ❌ Incorrect

प्रश्न: 1896 में वेल्बी कमीशन के समज्ञा गवाही देने के लिए गोपाल कृष्ण गोखले कहाँ गए थे?
Answer option:

      लन्दन

    ❌ Incorrect

      इंग्लैण्ड

    ✅ Correct

      गोवा

    ❌ Incorrect

      दिल्ली

    ❌ Incorrect

प्रश्न: गोखले का राजनीति में पहली बार प्रवेश कब हुआ था?
Answer option:

      1898 ई.

    ❌ Incorrect

      1868 ई.

    ❌ Incorrect

      1888 ई.

    ✅ Correct

      1988 ई.

    ❌ Incorrect

प्रश्न: वर्ष 1902 में इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउन्सिल का सदस्य किसको चुना गया था?
Answer option:

      गोपाल कृष्ण गोखले

    ✅ Correct

      मांटेग्यू चेम्सफ़ोर्ड

    ❌ Incorrect

      सर दिनकरराव

    ❌ Incorrect

      पुलिन बिहारी दास

    ❌ Incorrect

प्रश्न: गोखले ने भारत सेवक समाज की स्थापना कब की थी?
Answer option:

      1902

    ❌ Incorrect

      1905

    ✅ Correct

      1992

    ❌ Incorrect

      1920

    ❌ Incorrect

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