हंसा मेहता का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

✅ Published on July 3rd, 2021 in प्रसिद्ध व्यक्ति, राजनीति में प्रथम

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे हंसा मेहता (Hansa Mehta) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए हंसा मेहता से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Hansa Mehta Biography and Interesting Facts in Hindi.

हंसा मेहता के बारे में संक्षिप्त जानकारी

नामहंसा मेहता (Hansa Mehta)
जन्म की तारीख03 जुलाई 1897
जन्म स्थानसूरत , गुजरात
निधन तिथि04 अप्रैल 1995
पिता का नाम मनुभाई मेहता
उपलब्धि1941 - प्रथम भारतीय महिला कुलपति
पेशा / देशमहिला / सामाजिक कार्यकर्ता  / भारत

हंसा मेहता (Hansa Mehta)

हंसा मेहता प्रसिद्ध समाजसेवी, स्वतंत्रता सेनानी तथा शिक्षाविद थीं। वे देश की संविधान परिषद की भी सदस्य थीं। वर्ष 1941 से 1958 ई० तक बडौदा विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर (कुलपति) के रूप में हंसा मेहता ने शिक्षा जगत में अपना नाम बनाया। वे भारत की पहली महिला वाइस चांसलर (कुलपति) थी।

हंसा मेहता का जन्म 03 जुलाई, 1897 ई. को सूरत, गुजरात में हुआ था। इनके पिता का नाम मनुभाई मेहता था जी बीकानेर रियासतों के दीवान थे|
हंसा मेहता का निधन 4 अप्रैल 1995 (आयु 97 वर्ष) को हुआ था।
उन्होंने 1918 में दर्शनशास्त्र में स्नातक किया। उन्होंने इंग्लैंड में पत्रकारिता और समाजशास्त्र का अध्ययन किया। 1918 में, वह 1922 में सरोजिनी नायडू और बाद में महात्मा गांधी से मिलीं।
हंसा मेहता का विवाह देश के प्रमुख चिकित्सकों में से एक तथा गाँधी जी के निकट सहयोगी डॉ. जीवराज मेहता के साथ हुआ था। हंसा मेहता ने सन 1857 की क्रांति में विदेशी कपड़े और शराब बेचने वाली दुकानों के बहिष्कार का आयोजन किया, और महात्मा गांधी की सलाह पर अन्य स्वतंत्रता आंदोलन गतिविधियों में भाग लिया। यहां तक कि उन्हें 1932 में अपने पति के साथ अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर जेल तक भेज दिया था। बाद में वह बॉम्बे विधान परिषद से प्रतिनिधि चुनी गईं। स्वतंत्रता के बाद, वह उन 15 महिलाओं में शामिल थीं, जो भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करने वाली घटक विधानसभा का हिस्सा थीं। वह सलाहकार समिति और मौलिक अधिकारों पर उप समिति की सदस्य थीं। उन्होंने भारत में महिलाओं के लिए समानता और न्याय की वकालत की। हंसा 1926 में बॉम्बे स्कूल कमेटी के लिए चुने गए और 1945-46 में अखिल भारतीय महिला सम्मेलन की अध्यक्ष बनीं। हैदराबाद में आयोजित अखिल भारतीय महिला सम्मेलन सम्मेलन में अपने अध्यक्षीय भाषण में, उन्होंने महिला अधिकारों का एक चार्टर प्रस्तावित किया। वह 1945 से 1960 तक भारत में विभिन्न पदों पर रहीं जिसमे एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय की कुलपति, अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सदस्य, इंटर यूनिवर्सिटी बोर्ड ऑफ़ इंडिया की अध्यक्ष और महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा की उपाध्यक्ष प्रमुख पद सम्मिलित हैं। हंसा ने 1946 में महिलाओं की स्थिति पर परमाणु उप-समिति में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 1947-48 में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में भारतीय प्रतिनिधि के रूप में, वह "सभी पुरुषों" से मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की भाषा को बदलने के लिए जिम्मेदार थीं। समान बनाए जाते हैं "(एलेनोर रूजवेल्ट का पसंदीदा वाक्यांश)" सभी मनुष्यों के लिए ", लैंगिक समानता की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हैं। हंसा बाद में 1950 में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार आयोग के उपाध्यक्ष बने। वह यूनेस्को के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य भी थे।
साल 1959 में हंसा मेहता को भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले तीसरे सर्वोच्च सम्मान ‘पद्म भूषण" से नवाजा गया था।

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अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर:

प्रश्न: हंसा मेहता वर्ष 1919 में पत्रकारिता और समाजशास्त्र की उच्च शिक्षा के लिए कहाँ गयी थी?
उत्तर: इंग्लैण्ड
प्रश्न: सविनय अवज्ञा आन्दोलन में शराब और विदेशी वस्त्रों की दुकानों पर धरना देने के कारण सन 1930 और 1932 में किसे जेल जाना पड़ा था?
उत्तर: हंसा मेहता
प्रश्न: हंसा मेहता को मुम्बई लेजिस्लेटिव कौंसिल का सदस्य कब चुना गया था?
उत्तर: वर्ष 1931
प्रश्न: भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले तीसरे सर्वोच्च सम्मान पद्द भूषण से साल 1959 में किसे नवाज़ा गया था?
उत्तर: हंसा मेहता
प्रश्न: 04 अप्रैल, 1995 को किसका निधन हुआ था?
उत्तर: हंसा मेहता

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी:

प्रश्न: हंसा मेहता वर्ष 1919 में पत्रकारिता और समाजशास्त्र की उच्च शिक्षा के लिए कहाँ गयी थी?
Answer option:

      थाईलैंड

    ❌ Incorrect

      इंग्लैण्ड

    ✅ Correct

      मुम्बई

    ❌ Incorrect

      गोवा

    ❌ Incorrect

प्रश्न: सविनय अवज्ञा आन्दोलन में शराब और विदेशी वस्त्रों की दुकानों पर धरना देने के कारण सन 1930 और 1932 में किसे जेल जाना पड़ा था?
Answer option:

      मार्गरेट व्ल्डि थैचर

    ❌ Incorrect

      लिंडा ब्लेक

    ❌ Incorrect

      हंसा मेहता

    ✅ Correct

      जुनको तेबई

    ❌ Incorrect

प्रश्न: हंसा मेहता को मुम्बई लेजिस्लेटिव कौंसिल का सदस्य कब चुना गया था?
Answer option:

      वर्ष 1982

    ❌ Incorrect

      वर्ष 1943

    ❌ Incorrect

      वर्ष 1931

    ✅ Correct

      वर्ष 1980

    ❌ Incorrect

प्रश्न: भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले तीसरे सर्वोच्च सम्मान पद्द भूषण से साल 1959 में किसे नवाज़ा गया था?
Answer option:

      जैनी शिपले

    ❌ Incorrect

      रुथ पेरी

    ❌ Incorrect

      हंसा मेहता

    ✅ Correct

      सरोजिनी नायडू

    ❌ Incorrect

प्रश्न: 04 अप्रैल, 1995 को किसका निधन हुआ था?
Answer option:

      हंसा मेहता

    ✅ Correct

      इंदिरा गाँधी

    ❌ Incorrect

      डॉ.सर्वपल्ली राधाकृषण

    ❌ Incorrect

      रामविलास शर्मा

    ❌ Incorrect

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