जे.आर.डी. टाटा का जीवन परिचय | Biography of J.R.D Tata in Hindi

जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा (Jahangir Ratanji Dadabhai Tata) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Jahangir Ratanji Dadabhai Tata Biography and Interesting Facts in Hindi.

जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

नामजहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा (Jahangir Ratanji Dadabhai Tata)
जन्म की तारीख29 जुलाई 1904
जन्म स्थानपेरिस, फ़्राँस
निधन तिथि29 नवम्बर 1993
माता व पिता का नामसुजैन ब्रियरे / रतनजी दादाभाई टाटा
उपलब्धि1992 - भारत के प्रथम लाइसेंसधारी पायलट
पेशा / देशपुरुष / विमान-चालक / भारत

जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा (Jahangir Ratanji Dadabhai Tata)

जे.आर.डी. टाटा भारत के अग्रणी उद्योगपति थे। इनका पूरा नाम जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा था। वे दशको तक टाटा ग्रुप के निर्देशक रहे और इस्पात, इंजीनीयरींग, होट्ल, वायुयान और अन्य उद्योगो का भारत मे विकास किया। 10 फरवरी 1929 को उन्हें भारत में जारी किया गया पहला पायलट लाइसेंस प्राप्त हुआ था। वे भारत के पहले लाइसेंसधारी पायलट थे और उन्होंने उन्होंने साल 1948 में एयर इंडिया की स्थापना की थी।

जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा का जन्म

जे. आर. डी. टाटा का जन्म 29 जुलाई 1904 को पारसी परिवार में जहाँगीर के रूप में हुआ था। वह व्यवसायी रतनजी दादाभाई टाटा और उनकी फ्रांसीसी पत्नी, सुज़ैन सूनी बेरीरी (Suzanne "Sooni" Brière) की दूसरी संतान थे। उनके पिता भारत में अग्रणी उद्योगपति जमशेदजी टाटा के पहले चचेरे भाई थे। उनकी बहन, सियाला का विवाह पेटिट्स के तीसरे बैरन, दिनशॉ मानेकजी पेटिट से हुआ था। उनकी बहन की भाभी, रतनबाई पेटिट, मुहम्मद अली जिन्ना की पत्नी थीं, जो बाद में अगस्त 1947 में पाकिस्तान के संस्थापक बने। जिन्ना और रतनबाई की बेटी दीना जिन्ना ( Dina Jinnah), ने नेविले वाडिया (Neville Wadia), से शादी की थी।

जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा का निधन

29 नवंबर 1993 को गुर्दे में संक्रमण के कारण जिनेवा में 89 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। उनकी मृत्यु पर भारतीय संसद उनकी स्मृति में स्थगित कर दी गई थी। उनको पेरिस में पेरे लेचसे नामक कब्रिस्तान में दफनाया गया है।

जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा की शिक्षा

उन्होंने कैथेड्रल और जॉन कॉनन स्कूल (Cathedral and John Connon School), बॉम्बे में एड्मिशन लिया। टाटा की शिक्षा लंदन, जापान, फ्रांस और भारत में हुई थी। स्कूल की शिक्षा खत्म होने के बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड चले गए, जहाँ उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की जब उनके पिता टाटा कंपनी में शामिल हुए तो उन्होंने पूरे परिवार को लंदन ले गए। इस दौरान, जे. आर. डी. की माँ का 43 वर्ष की कम उम्र में निधन हो गया, जबकि उनके पिता भारत में थे और उनका परिवार फ्रांस में था।

जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा का करियर

वर्ष 1932 में जे.आर.डी. टाटा ने देश की पहली वाणिज्यिक विमान सेवा टाटा एयरलाइंस (Tata Airlines) शुरू की थी, जो आगे चलकर सन 1946 में भारत की राष्ट्रीय विमान सेवा ‘एयर इंडिया’ बन गई। वर्ष 1936 में उन्होंने टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान (TISS) की स्थापना की थी। वर्ष 1953 में भारत सरकार ने उन्हें ‘एयर इंडिया’ का अध्यक्ष और ‘इंडियन एयरलाइंस’ के बोर्ड का निर्देशक नियुक्त किया था। उन्होंने 1968 में ‘टाटा कम्प्यूटर सेंटर’ (अब टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) और 1979 में ‘टाटा स्टील’ की स्थापना की। 10 फरवरी 1929 कोमें, जे. आर. डी. ऐसे पहले भारतीयों में से एक बने जिन्हें वाणिज्यिक पायलट का लाइसेंस दिया गया था। वर्ष 1941 में उन्होंने ‘टाटा मेमोरियल सेंटर फ़ॉर कैंसर रिसर्च एंड ट्रीटमेंट’ की स्‍थापना की थी। वे भारतीय विमानन, उद्यमी, टाटा समूह के अध्यक्ष और टाटा संस के शेयरधारक भी थे। टाटा समूह के तहत कई उद्योगों के संस्थापक होने के लिए उन्हें सबसे ज्यादा जाना जाता है, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा मोटर्स, टाइटन इंडस्ट्रीज, टाटा टी, वोल्टस और एयर इंडिया के लिए वर्ष 1983 में उन्हें फ्रेंच लीजियन ऑफ़ ऑनर से सम्मानित किया गया था।

जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा के पुरस्कार और सम्मान

साल 1954 में फ़्राँस ने उन्हें अपने सर्वोच्‍च नागरिकता पुरस्कार लीजन ऑफ द ऑनर (Legion of Honour) से भी नवाजा था। देश के विकास में उनके अतुलनीय योगदान को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 1955 मे पद्म विभूषण (Padma Vibhushan) सम्मान से सम्मानित किया था। भारत सरकार द्वारा साल 1992 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न (Bharat Ratna) से भी नवाजा गया था। साल 1992 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने भारत में जनसंख्या नियंत्रण में अहम योगदान देने के लिए उन्हें यूनाइटेड नेशन पापुलेशन आवार्ड (United nation population award) से सम्‍मानित किया था।

उनकी 114वीं जयंती पर जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट पर हवाई जहाजों की एक प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी का उद्घाटन टाटा स्टील के वीपी सुनील भाष्करण ने किया। प्रदर्शनी में टाटा स्टील के सभी हवाई जहाजों के साथ छोटे-छोटे एयर क्राफ्ट भी हैं। टाटा के 10 जहाजों और हेलीकॉप्टर के अलावा छोटे एयर क्राफ्ट के 30 से ज्यादा मॉडलों को दिखाया गया।

जेआरडी टाटा को कई पुरस्कार मिले 1948 में उन्हें भारतीय वायुसेना द्वारा समूह के कप्तान के मानद रैंक को सम्मानित किया गया था, और एयर कमांडर रैंक (सेना में ब्रिगेडियर के समतुल्य) के लिए पदोन्नत किया गया था और 1 अप्रैल 1974 को वायु वाइस मार्शल रैंक को आगे भी पदोन्नत किया गया था। इसके अतिरिक्त उन्हें ओर भी कई पुरस्कार एवं सम्मान दिये गए थे।

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व्यक्तिउपलब्धि

नीचे दिए गए प्रश्न और उत्तर प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रख कर बनाए गए हैं। यह भाग हमें सुझाव देता है कि सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं। यह प्रश्नोत्तरी एसएससी (SSC), यूपीएससी (UPSC), रेलवे (Railway), बैंकिंग (Banking) तथा अन्य परीक्षाओं में भी लाभदायक है।

महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर (FAQs):


  • प्रश्न: वर्ष 1932 में देश की पहली वाणिज्यिक विमान सेवा 'टाटा एयरलाइन' किसने शुरू की थी?
    उत्तर: जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा
  • प्रश्न: जे.आर.डी.टाटा. को कब 'एयर इंडिया' का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था?
    उत्तर: 1953
  • प्रश्न: 1992 में भारत सरकार द्वारा देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से किसे नवाज़ा गया था?
    उत्तर: जे.आर.डी. टाटा
  • प्रश्न: संयुक्त राष्ट्र संघ ने भारत में जनसंख्या नियंत्रण में अहम योगदान देने के लिए किसे 'यूनाइटेड नेशन पापुलेशन' आवार्ड से सम्मानित किया गया था?
    उत्तर: जे.आर.डी.टाटा
  • प्रश्न: टाटा एयरलाइन्स किस सन में भारत की राष्ट्रीय विमान सेवा 'एयर इंडिया' बन गयी?
    उत्तर: 1946

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