सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

✅ Published on December 15th, 2020 in प्रसिद्ध व्यक्ति, राजनीति में प्रथम

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए सरदार वल्लभभाई पटेल से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Sardar Vallabhbhai Patel Biography and Interesting Facts in Hindi.

सरदार वल्लभभाई पटेल के बारे में संक्षिप्त जानकारी

नामसरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel)
वास्तविक नाम / उपनामवल्लभभाई झावेरभाई पटेल / सरदार पटेल
जन्म की तारीख31 अक्टूबर 1875
जन्म स्थाननडियाद, गुजरात
निधन तिथि15 दिसम्बर 1950
माता व पिता का नामलाडबा देवी / झवेरभाई पटेल
उपलब्धि1947 - स्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमंत्री और उप-प्रधानमंत्री
पेशा / देशपुरुष / राजनीतिज्ञ / भारत

सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel)

वल्लभभाई झावेरभाई पटेल, जिन्हें सरदार पटेल के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने भारत के पहले उप प्रधान मंत्री के रूप में कार्य किया। वह एक भारतीय बैरिस्टर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और भारतीय गणराज्य के एक संस्थापक पिता थे जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए देश के संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाई और एक एकीकृत, स्वतंत्र राष्ट्र में अपने एकीकरण का मार्गदर्शन किया। भारत और अन्य जगहों पर, उन्हें अक्सर हिंदी, उर्दू और फ़ारसी में सरदार कहा जाता था, जिसका अर्थ है “प्रमुख”। उन्होंने भारत के राजनीतिक एकीकरण और 1947 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान 15 दिसम्बर 1950 तक गृह मंत्री के रूप में कार्य किया था।

सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म

वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात में एक छोटे गांव नादिद में हुआ था। इनके पिता का नाम झवेरभाई पटेल और माता का नाम लाड बाई था। सरदार वल्लभभाई पटेल को ‘लौह पुरुष"" या ‘भारत के बिस्मार्क"" के नाम से भी जाना जाता है। यह अपने माता पिता की चोथी संतान थे|

सरदार वल्लभभाई पटेल का निधन

सरदार वल्लभभाई पटेल का निधन 15 दिसंबर 1950 (उम्र 75 वर्ष) बॉम्बे , बॉम्बे स्टेट , भारत में दूसरा दिल का दौरा पड़ने के कारण हुई ।

सरदार वल्लभभाई पटेल की शिक्षा

उनकी शिक्षा मुख्यतः स्वाध्याय से ही हुई। लन्दन जाकर उन्होंने बैरिस्टर की पढाई की और वापस आकर अहमदाबाद में वकालत करने लगे। जिसके बाद महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर उन्होने भारत के स्वतन्त्रता आन्दोलन में भाग लिया।

सरदार वल्लभभाई पटेल का करियर

स्वतन्त्रता आन्दोलन में सरदार पटेल का सबसे पहला और बड़ा योगदान खेडा संघर्ष में हुआ था और यह सरदार पटेल की पहली सफलता थी। गांधी जी की इच्छा का आदर करते हुए आजादी के बाद हुए प्रधानमंत्री पद के चुनाव में सबसे ज्यादा मत प्राप्त होने के बाबजूद पटेल जी ने प्रधानमंत्री पद की दौड से अपने को दूर रखा और जवाहरलाल नेहरू जी का समर्थन किया था। सन 1917 से 1924 तक सरदार पटेल ने अहमदनगर के पहले भारतीय निगम आयुक्त के रूप में सेवा प्रदान की। उन्हें 1934 और 1937 में भारत छोड़ो आंदोलन का प्रचार करते हुए पार्टी के आयोजन के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 49 वें अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। वर्ष 1930 में नमक सत्याग्रह के दौरान सरदार पटेल को तीन महीने की जेल हुई थी। मार्च, 1931 में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के करांची अधिवेशन की अध्यक्षता की थी। स्वतंत्रता के समय भारत में 562 देसी रियासतें थीं। इनका क्षेत्रफल भारत का 40 प्रतिशत था। सरदार पटेल ने आजादी के ठीक पूर्व (संक्रमण काल में) ही वीपी मेनन के साथ मिलकर कई देसी राज्यों को भारत में मिलाने के लिये कार्य आरम्भ कर दिया था। पटेल और मेनन ने देसी राजाओं को बहुत समझाया कि उन्हे स्वायत्तता देना सम्भव नहीं होगा। इसके परिणामस्वरूप तीन को छोडकर शेष राजवाडों ने स्वेच्छा से भारत में विलय का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था। फरवरी 1948 में वहाँ जनमत संग्रह कराया गया, जो भारत में विलय के पक्ष में रहा। हैदराबाद भारत की सबसे बड़ी रियासत थी, जो चारों ओर से भारतीय भूमि से घिरी थी। वहाँ के निजाम ने पाकिस्तान के प्रोत्साहन से स्वतंत्र राज्य का दावा किया और अपनी सेना बढ़ाने लगा। सरदार पटेल ढेर सारे हथियार आयात करते रहे।

अन्ततः भारतीय सेना 13 सितंबर 1948 को हैदराबाद में प्रवेश कर गयी। तीन दिनों के बाद निजाम ने आत्मसमर्पण कर दिया और नवंबर 1948 में भारत में विलय का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। 1947 तक केवल तीन रियासतें-कश्मीर, जूनागढ़ और हैदराबाद छोड़कर उस लौह पुरुष ने सभी रियासतों को भारत में मिला दिया। इन तीन रियासतों में भी जूनागढ़ को 9 नवम्बर 1947 को मिला लिया गया तथा जूनागढ़ का नवाब पाकिस्तान भाग गया। 13 नवम्बर को सरदार पटेल ने सोमनाथ के भग्न मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया, जो पंडित नेहरू के तीव्र विरोध के पश्चात भी बना। 1948 में हैदराबाद भी केवल 4 दिन की पुलिस कार्रवाई द्वारा मिला लिया गया। न कोई बम चला, न कोई क्रांति हुई, जैसा कि डराया जा रहा था। सरदार पटेल को वर्ष 1947 में टाइम पत्रिका के कवर पर चित्रित किया गया था। इसके बाद वर्ष 1982 में सईद जाफरी ने पटेल को चित्रित किया था।

सरदार वल्लभभाई पटेल के बारे में अन्य जानकारियां

केंद्र सरकार ने देश की एकता और अखंडता में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम से सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार आरंभ किया है। यह पुरस्कार राष्ट्रीय एकता और अखंडता तथा सुदृढ़ और संगठित भारत के प्रति उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जायेगा। देश के सभी नागरिक तथा संस्थायें और संगठन इस पुरस्कार के लिए आवेदन करने के पात्र हैं।

सरदार वल्लभभाई पटेल के पुरस्कार और सम्मान

बारदोली सत्याग्रह के कुशल नेतृत्व के कारण उन्हें ‘सरदार"" की उपाधि मिली थी। सन 1991 में मरणोपरान्त सरदार वल्लभभाई पटेल को देश के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न"" से सम्मानित किया गया। सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारतीय राज्य गुजरात में स्थित एक स्मारक है यह वड़ोदरा के पास साधु बेट से 3.2 किमी दूर नर्मदा बांध के निकट बनी हुई है। यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है, जो वसंत मंदिर बुद्ध से 54 मीटर अधिक ऊँची है। यह प्रतिमा संबंधित संरचनाएं 20000 वर्ग मीटर में फैली हुई हैं और 12 किमी में फैली एक कृत्रिम झील से घिरी हुई है और इसकी अनुमानित लागत 29.8 बिलियन है। इसका उद्घाटन भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को उनकी 143 वीं वर्षगांठ पर किया था। अहमदाबाद के हवाई अड्डे का नामकरण सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र रखा गया है। गुजरात के वल्लभ विद्यानगर में सरदार पटेल विश्वविद्यालय उनके नाम पर है सन 1991 में मरणोपरान्त सरदार वल्लभभाई पटेल को देश के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न"" से सम्मानित किया गया।

भारत के अन्य प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ

व्यक्तिउपलब्धि
प्रणब मुखर्जी की जीवनीभारत के तेरहवें राष्ट्रपति
रामनाथ कोविंद की जीवनीभारत के 14वें और वर्तमान राष्ट्रपति
सुषमा स्वराज की जीवनीहरियाणा विधानसभा के सदस्य के रूप में
शीला दीक्षित की जीवनीदिल्ली की दूसरी महिला मुख्यमंत्री
सैफुद्दीन किचलू की जीवनीलेनिन शांति पुरस्कार से सम्मानित प्रथम भारतीय पुरुष
लाल बहादुर शास्त्री की जीवनीमरणोपरांत 'भारत रत्न' से सम्मानित प्रथम साहित्यकार
इंदिरा गाँधी की जीवनीप्रथम भारतीय महिला प्रधानमंत्री
वी. के. कृष्ण मेनन की जीवनीब्रिटेन में उच्चायुक्त बनने वाले प्रथम भारतीय व्यक्ति
मेघनाद साहा की जीवनीलोकसभा हेतु निर्वाचित प्रथम भारतीय वैज्ञानिक
डॉ. मनमोहन सिंह की जीवनीभारत के प्रथम सिख प्रधानमंत्री
मुथुलक्ष्मी रेड्डी की जीवनीभारत की पहली महिला विधायक
पंडित जवाहरलाल नेहरू की जीवनीभारत के प्रथम प्रधानमंत्री
सुचेता कृपलानी की जीवनीभारत के किसी राज्य की प्रथम महिला मुख्यमंत्री
जानकी रामचंद्रन की जीवनीभारत के किसी राज्य की मुख्यमंत्री बनने वाली प्रथम महिला अभिनेत्री
ज्ञानी जैल सिंह की जीवनीभारत के प्रथम सिख राष्ट्रपति
डॉ. ज़ाकिर हुसैन की जीवनीभारत के प्रथम मुस्लिम राष्ट्रपति
राधाबाई सुबारायन की जीवनीभारत की प्रथम महिला सांसद
वी. एस. रमादेवी की जीवनीभारत की प्रथम महिला मुख्य चुनाव आयुक्त
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनीभारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, भारत रत्न से सम्मानित प्रथम भारतीय
नजमा हेपतुल्ला की जीवनीइंटर पार्लियामेंट्री यूनियन की प्रथम आजीवन महिला अध्यक्ष
सत्येन्द्र प्रसन्न सिन्हा की जीवनीवायसराय की कार्यकारिणी परिषद् के पहले भारतीय सदस्य
डॉ. सच्चिदानन्द सिन्हा की जीवनीभारतीय संविधान सभा के प्रथम अध्यक्ष
सरोजिनी नायडू की जीवनीप्रथम महिला राज्यपाल
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जीवनीभारत के प्रथम राष्‍ट्रपति
गणेश वासुदेव मावलंकर की जीवनीस्वतंत्र भारत के प्रथम लोकसभा अध्यक्ष
अमृत कौर की जीवनीभारत की प्रथम महिला केंद्रीय मंत्री
व्योमेश चन्द्र बनर्जी की जीवनीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष
अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनीभारत के प्रथम विशुद्ध गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री
प्रतिभा पाटिल की जीवनीभारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति
विजय लक्ष्मी पंडित की जीवनीसंयुक्त राष्ट्र संघ महासभा की प्रथम महिला अध्यक्ष
लाल मोहन घोष की जीवनीब्रिटिश संसद हेतु चुनाव लड़ने वाले प्रथम भारतीय पुरुष
दादा भाई नौरोजी की जीवनीब्रिटिश सांसद बनने वाले प्रथम भारतीय व्यक्ति
मायावती की जीवनीभारत के किसी राज्य की प्रथम दलित मुख्यमंत्री
शन्नो देवी की जीवनीविधानसभा की प्रथम महिला अध्यक्ष
चोकिला अय्यर की जीवनीप्रथम भारतीय महिला विदेश सचिव
रेहाना अमीर की जीवनीब्रिटेन में पार्षद बनने वाली प्रथम भारतीय महिला
रंगनाथ मिश्र की जीवनीराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रथम अध्यक्ष
मीरा कुमार की जीवनीप्रथम महिला लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर)
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जीवनीभारत के 11वें राष्ट्रपति
फखरुद्दीन अली अहमद की जीवनीभारत के पांचवे राष्ट्रपति
गोपाल कृष्ण गोखले की जीवनीभारत सेवक समाज के संस्थापक
मदन मोहन मालवीय की जीवनीबनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्थापक
संजय गांधी की जीवनीमारुति 800 को देश में लाने का श्रेय

नीचे दिए गए प्रश्न और उत्तर प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रख कर बनाए गए हैं। यह भाग हमें सुझाव देता है कि सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं। यह प्रश्नोत्तरी एसएससी (SSC), यूपीएससी (UPSC), रेलवे (Railway), बैंकिंग (Banking) तथा अन्य परीक्षाओं में भी लाभदायक है।

sardar vallabhbhai patel biography in hindi - महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर (FAQs):

प्रश्न: वह कौन सी महान हस्ती है जिसे 'भारत के बिस्मार्क' या 'लौह पुरुष' के नाम से जाना जाता है?
उत्तर: सरदार वल्लभभाई पटेल
प्रश्न: सरदार पटेल ने कब से कब तक अहमदनगर के पहले भारतीय निगम आयुक्त के रूप में सेवा प्रदान की थी?
उत्तर: 1917 से 1924 तक
प्रश्न: बारदोली सत्याग्रह के कुशल नेतृत्व के कारण सरदार पटेल को किसकी उपाधि मिली थी?
उत्तर: सरदार
प्रश्न: 1930 में नमक सत्याग्रह के दौरान सरदार पटेल को कितने महीनो की जेल हुई थी?
उत्तर: तीन महीने
प्रश्न: सरदार पटेल ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के करांची अधिवेशन की अध्यक्षता कब की थी?
उत्तर: 1931


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