व्योमेश चन्द्र बनर्जी का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

✅ Published on December 29th, 2021 in प्रसिद्ध व्यक्ति, राजनीति में प्रथम

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे व्योमेश चन्द्र बनर्जी (Womesh Chunder Bonnerjee) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए व्योमेश चन्द्र बनर्जी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Womesh Chunder Bonnerjee Biography and Interesting Facts in Hindi.

व्योमेश चन्द्र बनर्जी का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नामव्योमेश चन्द्र बनर्जी (Womesh Chunder Bonnerjee)
जन्म की तारीख29 दिसम्बर 1844
जन्म स्थानकलकत्ता, पश्चिम बंगाल(भारत)
निधन तिथि21 जुलाई 1906
माता व पिता का नामसरस्वती देवी / गिरीश चन्द्र बनर्जी
उपलब्धि1885 - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष
पेशा / देशपुरुष / राजनीतिज्ञ / भारत

व्योमेश चन्द्र बनर्जी (Womesh Chunder Bonnerjee)

व्योमेश चन्द्र बनर्जी एक प्रसिद्ध भारतीय बैरिस्टर एवं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष थे। ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स के लिये चुनाव लड़ने वाले वे प्रथम भारतीय थे वह कोलकाता उच्च न्यायालय के प्रमुख वक़ील थे। ये भारत में अंग्रेज़ी शासन से प्रभावित थे और उसे देश के लिये अच्छा मानते थे।

व्योमेश चन्द्र बनर्जी का जन्म 29 दिसम्बर 1844 को कलकत्ता, पश्चिम बंगाल में हुआ था। ये एक उच्च मध्यम वर्ग के कुलीन ब्राह्मण परिवार से थे| इनके पिता का नाम पिता का नाम गिरीश चंद्र बैनर्जी और माता का नाम सरस्वती देवी था|
व्योमेश चन्द्र बनर्जी का निधन 21 जुलाई 1906 (आयु 61 वर्ष) को क्रॉयडन, लंदन, इंग्लैंड में हुआ था।
व्योमेश चन्द्र बनर्जी ने शुरुआती अध्यन ओरिएंटल सेमिनरी और हिंदू स्कूल में अध्ययन किया। सन 1859 में, उन्होंने हेमंगिनी मोतीलाल से शादी की। उनके करियर की शुरुआत 1862 में हुई थी, जब वे एक क्लर्क के रूप में कलकत्ता सुप्रीम कोर्ट के वकीलों, डब्ल्यू. पी. गिलंडर्स, की फर्म से जुड़े। इस पद पर उन्होंने कानून का अच्छा ज्ञान प्राप्त किया जिससे उनके बाद के करियर में काफी मदद मिली। 1864 में उन्हें बॉम्बे के श्री आरजे जीजीभाई से छात्रवृत्ति के माध्यम से इंग्लैंड भेजा गया, जहां वे मध्य मंदिर में शामिल हो गए। 1868 में कलकत्ता लौटने पर, उन्होंने सर चार्ल्स पॉल में एक संरक्षक पाया। , कलकत्ता उच्च न्यायालय के बैरिस्टर-एट-लॉ। एक अन्य बैरिस्टर, जे. पी. केनेडी ने भी एक वकील के रूप में अपनी प्रतिष्ठा स्थापित करने में उनकी बहुत मदद की। कुछ ही वर्षों में वह हाईकोर्ट में बैरिस्टर बन गए। वह एक स्थायी वकील के रूप में कार्य करने वाले पहले भारतीय थे
1865 में दादाभाई नौरोजी ने लंदन भारतीय समाज की स्थापना की और बैनर्जी को इसका महासचिव बनाया गया। संबर 1866 में, नौरोजी लंदन भारतीय समाज को भंग कर दिया और पूर्व भारतीय संघ का गठन किया। जब बैनर्जी कांग्रेस के अध्यक्ष बने, तो नैरोजी ने अर्डले नॉर्टन और विलियम डिग्बी के साथ मिलकर लंदन में कांग्रेस राजनीतिक एजेंसी, के नाम से कांग्रेस की एक शाखा खोली। 1868 में वह कलकत्ता वापस आ गए और उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय में बैरिस्टर-एट-लॉ की नौकरी कर ली| बैनर्जी, लंदन की संसद और न्यायालयों की अपनी यात्राओं से बहुत प्रभावित थे, जल्द ही वह भारत सरकार के युवा और सबसे सुवक्ता, वकीलों में से एक बन गए। 1892 में व्योमेश चंद्र बनर्जी को फिर से इलाहाबाद में भारत की राष्ट्रीय कांग्रेस के एक बड़े सातवें सत्र की अध्यक्षता करने के लिए आमंत्रित किया गया। इस अधिवेशन में उन्होंने भारत की राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए उसकी योग्यता साबित करने की स्थिति की निंदा की। इसी वर्ष बनर्जी कलकत्ता विश्वविद्यालय के सीनेट की तरफ से विधान परिषद में प्रतिनिधित्व करने के लिए निर्वाचित किया गया| वर्ष 1885 में बम्बई में हुए अधिवेशन में उन्हें ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस" का प्रथम अध्यक्ष चुना गया था। यह सत्र 28 दिसम्बर से 31 दिसम्बर तक चला था और 72 सदस्यों ने इसमें भाग लिया था। 1892 में बैनर्जी को लिबरल पार्टी ने बैरो इन फर्नेस सीट से हाउस आफ कॉमन्स के लिये अपना उम्मीदवार बनाया, परन्तु बैनर्जी अपने प्रतिद्वंदी चार्ल्स सेज़र से हार गए। इसी चुनाव में दादाभाई नैरोजी ने फिन्सबरी सीट से अपने प्रतिद्वंदी को 5 वोटों से हरा दिया| इस प्रकार 1893 में नौरोजी ब्रिटिश संसद के पहले भारतीय सदस्य बने। दादाभाई नैरोजी, व्योमेश चंद्र बनर्जी बदरुद्दीन तैय्यबजी ने मिलकर इंग्लैण्ड में इंग्लैंड में भारतीय संसदीय समिति की स्थापना भी की। 1901 में कलकत्ता बार से सेवानिवृत्त होने के बाद वह लंदन चले गए, यहाँ उन्होंने प्रिवी कौंसिल से अपनी वकालत जारी रखी, परन्तु 1904 में उनकी आँखों की रौशनी जाती रही| व्योमेश चन्द्र बैनर्जी की अपने प्रिय मित्र गोपाल कृष्ण गोखले, जिन्होंने बनारस कांग्रेस अधिवेशन की अध्यक्षता भी की थी सन् 1901 में वे कलकत्ता बार से सेवानिवृत्त होने के बाद वह लंदन (इंग्लैंड) में जाकर बस गये थे। ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स के लिये चुनाव लड़ने वाले वे प्रथम भारतीय थे (किन्तु वे जीत नहीं पाये)। व्योमेश बनर्जी अंग्रेज़ी चाल-ढाल के इतने कट्टर अनुयायी थे, कि इन्होंने स्वयं अपने पारिवारिक नाम ‘बनर्जी" का अंग्रेज़ीकरण करके उसे ‘बोनर्जी" कर दिया था।
व्यक्तिउपलब्धि
प्रणब मुखर्जी की जीवनीभारत के तेरहवें राष्ट्रपति
रामनाथ कोविंद की जीवनीभारत के 14वें और वर्तमान राष्ट्रपति
सुषमा स्वराज की जीवनीहरियाणा विधानसभा के सदस्य के रूप में
शीला दीक्षित की जीवनीदिल्ली की दूसरी महिला मुख्यमंत्री
सैफुद्दीन किचलू की जीवनीलेनिन शांति पुरस्कार से सम्मानित प्रथम भारतीय पुरुष
लाल बहादुर शास्त्री की जीवनीमरणोपरांत 'भारत रत्न' से सम्मानित प्रथम साहित्यकार
इंदिरा गाँधी की जीवनीप्रथम भारतीय महिला प्रधानमंत्री
सरदार वल्लभभाई पटेल की जीवनीस्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमंत्री और उप-प्रधानमंत्री
वी. के. कृष्ण मेनन की जीवनीब्रिटेन में उच्चायुक्त बनने वाले प्रथम भारतीय व्यक्ति
मेघनाद साहा की जीवनीलोकसभा हेतु निर्वाचित प्रथम भारतीय वैज्ञानिक
डॉ. मनमोहन सिंह की जीवनीभारत के प्रथम सिख प्रधानमंत्री
मुथुलक्ष्मी रेड्डी की जीवनीभारत की पहली महिला विधायक
पंडित जवाहरलाल नेहरू की जीवनीभारत के प्रथम प्रधानमंत्री
सुचेता कृपलानी की जीवनीभारत के किसी राज्य की प्रथम महिला मुख्यमंत्री
जानकी रामचंद्रन की जीवनीभारत के किसी राज्य की मुख्यमंत्री बनने वाली प्रथम महिला अभिनेत्री
ज्ञानी जैल सिंह की जीवनीभारत के प्रथम सिख राष्ट्रपति
डॉ. ज़ाकिर हुसैन की जीवनीभारत के प्रथम मुस्लिम राष्ट्रपति
राधाबाई सुबारायन की जीवनीभारत की प्रथम महिला सांसद
वी. एस. रमादेवी की जीवनीभारत की प्रथम महिला मुख्य चुनाव आयुक्त
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनीभारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, भारत रत्न से सम्मानित प्रथम भारतीय
नजमा हेपतुल्ला की जीवनीइंटर पार्लियामेंट्री यूनियन की प्रथम आजीवन महिला अध्यक्ष
सत्येन्द्र प्रसन्न सिन्हा की जीवनीवायसराय की कार्यकारिणी परिषद् के पहले भारतीय सदस्य
डॉ. सच्चिदानन्द सिन्हा की जीवनीभारतीय संविधान सभा के प्रथम अध्यक्ष
सरोजिनी नायडू की जीवनीप्रथम महिला राज्यपाल
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जीवनीभारत के प्रथम राष्‍ट्रपति
गणेश वासुदेव मावलंकर की जीवनीस्वतंत्र भारत के प्रथम लोकसभा अध्यक्ष
अमृत कौर की जीवनीभारत की प्रथम महिला केंद्रीय मंत्री
अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनीभारत के प्रथम विशुद्ध गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री
प्रतिभा पाटिल की जीवनीभारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति
विजय लक्ष्मी पंडित की जीवनीसंयुक्त राष्ट्र संघ महासभा की प्रथम महिला अध्यक्ष
लाल मोहन घोष की जीवनीब्रिटिश संसद हेतु चुनाव लड़ने वाले प्रथम भारतीय पुरुष
दादा भाई नौरोजी की जीवनीब्रिटिश सांसद बनने वाले प्रथम भारतीय व्यक्ति
मायावती की जीवनीभारत के किसी राज्य की प्रथम दलित मुख्यमंत्री
शन्नो देवी की जीवनीविधानसभा की प्रथम महिला अध्यक्ष
चोकिला अय्यर की जीवनीप्रथम भारतीय महिला विदेश सचिव
रेहाना अमीर की जीवनीब्रिटेन में पार्षद बनने वाली प्रथम भारतीय महिला
रंगनाथ मिश्र की जीवनीराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रथम अध्यक्ष
मीरा कुमार की जीवनीप्रथम महिला लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर)
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जीवनीभारत के 11वें राष्ट्रपति
फखरुद्दीन अली अहमद की जीवनीभारत के पांचवे राष्ट्रपति
गोपाल कृष्ण गोखले की जीवनीभारत सेवक समाज के संस्थापक
मदन मोहन मालवीय की जीवनीबनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्थापक
संजय गांधी की जीवनीमारुति 800 को देश में लाने का श्रेय

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अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर:

प्रश्न: सन् 1865 में किसने लंदन भारतीय समाज की स्थापना कब की थी?
उत्तर: दादाभाई नौरोजी
प्रश्न: व्योमेश चन्द्र बनर्जी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष कब चुना गया था?
उत्तर: 1885
प्रश्न: वर्ष 1885 में बम्बई में हुए अधिवेशन में कितने प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया था?
उत्तर: 72
प्रश्न: ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स के लिये चुनाव लड़ने वाले प्रथम भारतीय कौन थे?
उत्तर: व्योमेश चन्द्र बनर्जी
प्रश्न: व्योमेश चन्द्र बनर्जी को कलकत्ता बार से सेवानिवृत्त कब किया गया था?
उत्तर: सन् 1901

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी:

प्रश्न: सन् 1865 में किसने लंदन भारतीय समाज की स्थापना कब की थी?
Answer option:

      मदर टेरेसा

    ❌ Incorrect

      केशवचन्द्र सेन

    ❌ Incorrect

      देवेन्द्रनाथ टैगोर

    ❌ Incorrect

      दादाभाई नौरोजी

    ✅ Correct

प्रश्न: व्योमेश चन्द्र बनर्जी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष कब चुना गया था?
Answer option:

      1887

    ❌ Incorrect

      1889

    ❌ Incorrect

      1885

    ✅ Correct

      1882

    ❌ Incorrect

प्रश्न: वर्ष 1885 में बम्बई में हुए अधिवेशन में कितने प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया था?
Answer option:

      78

    ❌ Incorrect

      76

    ❌ Incorrect

      72

    ✅ Correct

      70

    ❌ Incorrect

प्रश्न: ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स के लिये चुनाव लड़ने वाले प्रथम भारतीय कौन थे?
Answer option:

      दादाभाई नौरोजी

    ❌ Incorrect

      अनंत गीते

    ❌ Incorrect

      व्योमेश चन्द्र बनर्जी

    ✅ Correct

      सुरेन्द्रनाथ बैनर्जी

    ❌ Incorrect

प्रश्न: व्योमेश चन्द्र बनर्जी को कलकत्ता बार से सेवानिवृत्त कब किया गया था?
Answer option:

      सन् 1901

    ✅ Correct

      सन् 1908

    ❌ Incorrect

      सन् 1904

    ❌ Incorrect

      सन् 1902

    ❌ Incorrect

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