वर्ष 2022 में जारी सभी भारतीय स्मारक डाक टिकटों की सूची

स्‍मारक डाक टिकट क्या है ?

स्मारक स्‍टाम्‍प, महत्वपूर्ण घटनाओं, विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख व्यक्तित्व, प्रकृति के पहलुओं, सुंदर या दुर्लभ वनस्पतियों और जीवों, पर्यावरणीय मुद्दों, कृषि गतिविधियों, राष्ट्रीय / अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों, खेल आदि के स्‍मरण में जारी किए जाते हैं। ये टिकट केवल टिकट संग्रहण (फिलटेलक) कार्यालयों और उनके काउंटरों पर अथवा टिकट संग्रहण (फिलटेलक) जमा खाता योजना के तहत उपलब्ध हैं। ये स्‍टाम्‍प सीमित मात्रा में मुद्रित किए जाते हैं।

स्‍मारक डाक टिकट का इतिहास

ऐतिहासिक रूप से, एक डाक टिकट एक कागज के एक टुकड़े के रूप में शुरू हुआ था, पेनी ब्लैक, विश्व की पहली डाक टिकट हैं यह एक विशिष्ट मूल्य को दर्शाता हुआ एक रसीद, जो डाक सेवा के लिए पूर्व भुगतान का एक टोकन था जो इसके अंकित मूल्य के बराबर था। लेकिन समय के साथ-साथ वर्तमान में , डाक टिकट अपनी मूल भूमिका से लेकर विभिन्न कार्यों के साथ एक लेख में विकसित हुआ है, जो किसी राष्ट्र की विरासत के उत्सव और प्रचार के लिए एक उपकरण के रूप में कार्य करता है, और साथ ही दोनों आंतरिक रूप से एक सामूहिक वस्तु के रूप में कार्य करता है। परंतु वास्तविक मूल्य, इसके डाक मूल्य से बहुत भिन्न हो सकता है।

वर्ष 2022 में जारी सभी भारतीय स्मारक डाक टिकट

  • राज वैद्य बृहस्पति देव त्रिगुणा
  • वैद्य शास्त्री शंकर दाजी पदे
  • हकीम मोहम्म्द कबिरुद्दीन
  • वैद्य भास्कर विश्व नाथ गोखले
  • वैद्य भूषणम के राघवन थिरुमूलपाड
  • डॉ के जी सक्सेना
  • वैद्य यादव जी त्रिकमजी आचार्य
  • स्वामी कुवलयानंद
  • हकीम मोहम्मद अब्दुल अजीज लखनवी
  • डॉ दिनशॉ मेहता
  • महर्षि महेश योगी
  • तिरु टी॰ वी॰ संबाशिवम पिल्लई
  • वेदांत देसिकन
  • कलवल कुन्नान चेट्टी
  • बालासोर के फकीर मोहन कॉलेज पर जारी स्मारक डाक टिकट
  • आधुनिक भारत में गांधीवादी विरासत पर दो स्मारक टिकटों का एक सेट
  • भारत-कोरिया संयुक्त मुद्दे पर दो स्मारक टिकटों का एक सेट
  • AHIMSA PARMO DHARMA पर दो स्मारक डाक टिकटों का एक सेट
  • असंख्य फैशन में भारतीय फैशन-साड़ी पर चार स्मारक डाक टिकटों का एक सेट
  • पंजाब नेशनल बैंक का एक स्मारक डाक टिकट
  • बालासोर के फकीर मोहन कॉलेज पर एक स्मारक डाक टिकट
  • महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर सात स्मारक डाक टिकटों का एक सेट
  • प्रथम विश्व युद्ध में भारतीयों पर 15 स्मारक डाक टिकट का एक सेट
  • जलियांवाला बाग नरसंहार के 100 वर्षों पर दो स्मारक टिकटों का एक सेट
  • भारत के हस्तशिल्प विषय का स्मारक डाक टिकट
  • IIT (BHU) (1919-2019) पर एक स्मारक डाक टिकट
  • एयरो इंडिया पर दो स्मारक डाक टिकटों का एक सेट
  • कुंभ मेला, प्रयागराज पर स्मारक डाक टिकट

प्रश्नोत्तर (FAQs):

𝒜. लॉर्ड डलहौजी ब्रिटिश का वह गवर्नर जनरल था, जिसने भारत में वर्ष 1854 में डाक टिकट शुरू किया था। जिसके साथ-साथ तार व्यवस्था भी शुरू हुई। उनका प्रशासन चलाने का तरीका साम्राज्यवाद से प्रेरित था। उसके काल मे राज्य विस्तार का काम अपने चरम पर था।

𝒜. यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) एकमात्र ऐसा देश है, जिसके डाक टिकट पर उसका नाम प्रदर्शित नहीं है।

𝒜. भारत में पहली बार 1 जुलाई, 1852 को सिंध के मुख्य आयुक्त सर बर्टलेफ्ररोर ने सिंध राज्य और मुंबई-कराची मार्ग पर इस्तेमाल के लिए 'सिंध डाक' नामक डाक टिकट जारी किया था। इसके बाद 1854 में रानी विक्टोरिया की तस्वीर वाली डाक टिकट जारी की गई थी, जो 1931 तक प्रकाशित हुईं।

𝒜. भारत सरकार ने सागरमल गोपा के सम्मान में वर्ष 1986 में डाक टिकट जारी किया था। सागरमल गोपा भारत के स्वतन्त्रता सेनानी एवं देशभक्त थे। वे जैसलमेर, राजस्थान के निवासी थे। सागरमल गोपा प्रतिबन्धित प्रजामण्डल के नेता थे।

𝒜. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीरजा भनोट का नाम हीरोइन ऑफ हाईजैक के तौर पर मशहूर है। वर्ष 2004 में उनके सम्मान में भारत सरकार ने एक डाक टिकट भी जारी किया और अमेरिका ने वर्ष 2005 में उन्हें जस्टिस फॉर क्राइम अवार्ड दिया है।

  Last update :  2022-11-29 04:35:49
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