लोधी गार्डन नई दिल्ली के बड़ा गुम्बद का इतिहास तथा महत्वपूर्ण जानकारी

✅ Published on July 15th, 2018 in ऐतिहासिक स्मारक, प्रसिद्ध आकर्षण, प्रसिद्ध स्थान

बड़ा गुम्बद, लोधी गार्डन (नई दिल्ली) के बारे जानकारी: (Bara Gumbad, Lodhi Garden Delhi GK in Hindi)

भारत की राजधानी नई दिल्ली अपने राजनैतिक वातावरण और ऐतिहासिक स्मारकों के लिए पूरे विश्व में विख्यात है। भारतीय इतिहास के सजीव चित्रों का दर्शन दिल्ली में आसानी से किया जा सकता है, क्यूंकि यह राजधानी अपने भीतर भारतीय इतिहास की ऐतिहासिक स्मारकों को समेटे हुये है। देश की राजधानी नई दिल्ली के लोधी गार्डन में स्थित बड़ा गुम्बद देश के सबसे प्राचीन गुम्बदो में से एक है।

बड़ा गुम्बद का संक्षिप्त विवरण: (Quick Info about Bara Gumbad)

स्थान लोधी गार्डन, नई दिल्ली (भारत)
निर्मित 1490 ई.
निर्मिता लोधी वंश
समर्पित सिकंदर लोधी
वास्तुकला इस्लामी और हिंदू वास्तुकला का मिश्रित रूप
प्रकार गुंबद, मस्जिद

बड़ा गुम्बद का इतिहास: (Bara Gumbad History in Hindi)

ऐसा माना जाता है कि इस भव्य गुंबद का निर्माण लगभग 14वीं शताब्दी ई. में लोधी वंश के सबसे प्रसिद्ध शासक सिकंदर लोधी ने करवाया था। कुछ इतिहासकारों द्वारा ऐसा माना जाता है कि यह गुम्बद दिल्ली में स्थित किसी भी इमारत के गुंबद में सबसे पुराना गुंबद है। बड़ा गुम्बद दिल्ली में पहली ऐसी मस्जिद थी जिसे एक विशेष प्रकार की शैली में बनाया गया था, जिसे पहली बार में देखने पर लोधी राजवंश के शासको की कलाकृति, नक्काशी और वास्तुकला के प्रति उच्च ज्ञान का बोध होता है।

बड़ा गुम्बद के बारे में रोचक तथ्य: (Interesting Facts about Bara Gumbad in Hindi)

  • इस भव्य और ऐतिहासिक गुंबद का निर्माण लगभग 1490 ई. में लोधी वंश के शासको द्वारा किया गया था, कुछ इतिहासकारों का मानना है कि लगभग 1494 ई. में इसका पुर्ननिर्माण प्रसिद्ध लोधी वंश के शासक सिकंदर लोधी द्वारा करवाया गया था।
  • दिल्ली में स्थित प्रसिद्ध जामा मस्जिद में एक मेहराब है, जिसमे इस्लामी चंद्र कैलेंडर के अनुसार इस गुंबद का निर्माण काल लगभग 900 आफ्टर हिजरी बताया गया है।
  • यह गुंबद लोधी गार्डन में स्थित है जहाँ इसके आलावा 3 प्रमुख संरचनाए भी मौजूद है, जिनमे सिकंदर लोधी का मकबरा, शिशा गुंबद और मुहम्मद शाह की कब्र आदि सम्मिलित है।
  • यह गुंबद दक्षिण पश्चिम में सिकंदर लोधी के मकबरे से लगभग 400 मीटर और दक्षिण में शिशा गुंबद से 75 मीटर की दूरी पर स्थित है।
  • बड़ा गुम्बद और इसके आस पास की संरचनाओ का निर्माण 4 मीटर उच्चे एक मंच पर किया गया है, जो लगभग 1,050 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैले हुए है।
  • मस्जिद और मेहमान खाना को छोड़कर बड़ा गुंबद के भूतल का कुल क्षेत्रफल लगभग 361 वर्ग मीटर है।
  • इस स्मारक की ऊंचाई गुंबद सहित लगभग 29 मीटर है और इसकी दीवारे लगभग 12 मीटर ऊँची है। इस बड़े गुम्बद की लंबाई लगभग 20 मीटर और चौड़ाई लगभग 20 मीटर है।
  • इस स्मारक के उत्तर और दक्षिण की दीवार में ओरियल खिड़कियां और पतली मीनार है, जिनका उपयोग इनके बाद की वास्तुशिल्प शैलियों में बहुत किया गया हैं।
  • इस गुंबद को सिकंदर लोधी ने एक मस्जिद और “मेहमान खाने” के रूप में विकसित किया था जिसमें लगभग 5 छत के खण्ड (छोटे गुंबद) जैसी छोटी संरचना सम्मिलित है, जिसमे से 3 छोटे गुंबद इसकी मस्जिद वाली संरचना में सम्मिलित है।
  • इस प्रसिद्ध गुंबद और इसकी आस पास की संरचना को देखते हुये ब्रिटिश सरकार ने इनके आस-पास के क्षेत्र को एक पार्क के रूप में विकसित कर दिया था। इसका उद्घाटन 9 अप्रैल 1936 को वाइसराय लॉर्ड विलिंगडन की पत्नी लेडी विलिंगडन ने किया था, जिस कारण इसे लेडी विलिंगडन पार्क भी कहा जाता था।
  • वर्ष 1947 में भारत पूर्ण रूप से स्वतंत्र हो गया था जिसके बाद इस पार्क का मूल नाम “लेडी विलिंगडन पार्क” को बदलकर लोधी गार्डन कर दिया गया था।

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