दिल्ली का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

✅ Published on October 29th, 2021 in भारत, भारतीय केन्द्रशासित प्रदेश

इस अध्याय के माध्यम से हम दिल्ली (Delhi) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त दिल्ली राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है। Delhi General Knowledge and Recent Developments (Hindi).

दिल्ली का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नामदिल्ली (Delhi)
इकाई स्तरकेन्द्रशासित प्रदेश
राजधानीनई दिल्ली
राज्य का गठन1 नवम्बर 1966
कुल क्षेत्रफल1484 वर्ग किमी
जिले11
वर्तमान मुख्यमंत्रीअरविंद केजरीवाल
वर्तमान गवर्नर अनिल बैजल (उपराज्यपाल)
राजकीय पक्षी गौरैया
राजकीय फूलरिज़का या अल्फाल्फा
राजकीय जानवरनीलगाय
राजकीय पेड़अभी तक नामित नहीं किया गया है
राजकीय भाषाहिंदी, अंग्रेजी

दिल्ली (Delhi)

दिल्ली (आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली) यमुना नदी के किनारे देश का एक केंद्र-शासित प्रदेश और महानगर है। इसमें नई दिल्ली सम्मिलित है, जो देश की राजधानी है। इस प्रदेश की सीमाएं उत्तर, दक्षिण और पश्चिम भाग में हरियाणा और पूर्व में उत्तर प्रदेश से लगती है। दिल्ली का कुल क्षेत्रफल 1,483 वर्ग किलोमीटर है। दिल्‍ली प्रति व्यक्ति औसत आय की दृष्टि से भी देश के सबसे संपन्न नगरो में गिना जाता है। दिल्ली में स्थित साल 1656 में बनी जामा मस्जिद भारत की सबसे बड़ी मस्जिद है।

दिल्ली के इतिहास का उल्लेख महाकाव्य महाभारत में मिलता है। प्राचीन समय में दिल्ली को इन्द्रप्रस्थ के नाम से जाना जाता था। दिल्ली पर कई राजवंशों का शासन रहा है जिनमें मौर्य, गुप्त, पाल, पल्लव और गुप्त आदि प्रमुख थे। उसके बाद तुकों और अफगान ने तेरहवीं से पन्द्रहवीं शताब्दी तक और सबसे बाद में 16वीं सदी में मुगल शासकों ने दिल्ली पर राज किया। 18वीं शताब्दी के मध्य से दिल्ली पर ब्रिटिश शासन का अधिकार हो गया था। वर्ष 1911 भारत की राजधानी कोलकाता से बदलकर दिल्ली कर दी गई, इसलिए अब यह शहर सभी प्रकार की मुख्य गतिवधियों का केंद्र बन गया था। सन् 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद दिल्ली को भारत की राजधानी के रूप में स्वीकार किया गया। 1956 में इसे केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा प्राप्त हुआ था। संविधान के 69वें संशोधन (1991) द्वारा दिल्ली में विधानसभा का गठन किया गया था। इस केन्द्रशासित प्रदेश को 01 फ़रवरी, 1992 से नया नाम ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली’ दिया गया।
दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम में अरावली पहाड़ियां और पूर्व में यमुना नदी है। दिल्ली का सबसे ऊँचा स्थान भाटी गाँव है, जिसकी ऊँचाई समुद्रतल से 322 मीटर है। इस प्रदेश के दक्षिण में महरौली और तुग़लकाबाद के पास का क्षेत्र कोही या पहाड़ी कहलाता है। यमुना के किनारे का मैदान बांगर के नाम से जाना जाता है। भूगर्भिक दृष्टि से दिल्ली की शैलें मध्य प्रोटेरोजोइक और अभिनवकाल की हैं। यह दिल्ली प्रक्रम और अलवर शृंखला का भाग है। दिल्ली का राजकीय पक्षी 'गौरैया' है। दिल्ली का राजकीय पशु 'नीलगाय' है।
दिल्ली की जलवायु ट्राॅपिकल मैदानी है। यह पर गर्मियों के मौसम में तापमान 30 डिग्री से लेकर जून में 44 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। सर्दियों में यहाँ तापमान 7 डिग्री से लेकर जून में 18 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। यहां पर मानसून का मौसम जून से अक्टूबर के बीच रहता है। यहां औसत वार्षिक बारिश 71.5 मिमी. तक होती है।

जनवरी 1997 से पूर्व दिल्ली केवल एक ज़िला था, लेकिन वर्तमान में यहाँ 11 ज़िले तथा 27 सबडिवीजन/तहसील हैं। दिल्ली में विधानसभा सदस्यों की संख्या 70,  लोकसभा सदस्यों की संख्या 07 और राज्य सभा के सदस्यों की संख्या 03 हैं। दिल्ली सरकार, भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सर्वोच्च नियंत्रक और प्रशासन प्राधिकारी है। इसमें एक कार्यपालक शाखा है, जिसके अध्यक्ष दिल्ली के लेफ़्टिनेंट गवर्नर, के संग एक न्यायपालिका रूप में दिल्ली उच्च न्यायालय और एक विधायिका है, जो विधान सभा में बैठती है। दिल्ली को तीन विधायी शाखाओं में बांटा गया है- नई दिल्ली नगर पालिका, दिल्ली नगर निगम और दिल्ली छावनी बोर्ड। देश का सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट भी दिल्ली में ही स्थित है।

दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल है। उन्होंने फरवरी 2015 को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी। दिल्ली के वर्तमान उप-राज्यपाल (प्रशासक) अनिल बैजल है, उन्होंने 31 दिसंबर 2016 को दिल्ली के 21वें उप-राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की थी।


देश की राजधानी दिल्‍ली पूरे उत्‍तर भारत का सबसे बड़ा व्‍यावसायिक केंद्र होने के साथ-2 लघु उद्योगों का भी सबसे बड़ा केंद्र है। यहां के इंजीनियरिंग, आईटी, वस्त्र और रसायन उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं ज्यादातर उद्योग पश्चिम, दक्षिण और दक्षिण-पूर्व में स्थित हैं। दिल्ली का सबसे प्रमुख उद्योग क्षेत्र सेवा क्षेत्र है, जो सकल घरेलू राज्य उत्पाद में बहुत बड़ा योगदान देता है। वर्ष 1990 के बाद से दिल्ली विदेशी निवशेकों का पसंदीदा स्थान है।
यहां की प्रमुख फसलें गेहूं, बाजरा, ज्‍वार, चना और मक्‍का हैं, लेकिन अब किसान अनाज वाली फसलों की बजाय फलों और सब्जियों, दुग्‍ध उत्‍पादन, मुर्गी पालन, फूलों की खेती को ज्‍यादा महत्‍व दे रहे हैं।
सन् 2011 की जनगणना के अनुसार दिल्ली की साक्षरता दर 86.21% है। यहां पर लगभग 160 से ज्यादा काॅलेज और देश के कुछ प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय हैं, जिनमें जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, जामिया मिलिया विश्वविद्यालय आदि प्रमुख है। इनके अलावा यहाँ पर बड़ी संख्या में निजी और सरकारी स्कूल भी हैं जो लगभग 20 लाख से ज्यादा छात्रों को शिक्षा प्रदान कराते हैं।
दिल्ली में विभिन्‍न प्रकार की वस्तुओं का निर्माण किया जाता हैं, यहाँ के मुख्य उद्योगों में टेलीविजन, टेपरिकार्डर, इंजीनियरिंग, साज-सामान, मशीनें, मोटरगाडि़यों के हिस्‍से-पुर्जे, खेलकूद का सामान, साइकिलें, पी.वी.सी. से बनी वस्‍तुएं, जूते-चप्‍पल, वस्त्र, उर्वरक, दवाएं, चमड़े की वस्‍तुएं, साफ्टवेयर आदि प्रमुख हैं।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार दिल्ली की जनसंख्या 1,67,87,941 है। यहाँ पर पुरुषों की जनसंख्या 8,987,326 और महिलाओं की जनसंख्या 7,800,615 है। देश के सभी महानगरों में जनसंख्या के हिसाब से दिल्ली का दूसरे स्थान पर है। यहां का लिंग अनुपात 1000 पुरुषों पर 866 महिलाओं का है। यहां का जनसंख्या घनत्व 11,297 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. का है।
दिल्ली में देश के भिन्न-2 राज्यों के लोग निवास करते हैं, इसलिए आपको यहां पर अलग-अलग प्रकार के पहनावे देखने को मिलेंगे। दिल्ली के लोग मुख्य रूप से गर्मियों में पुरुष पेन्ट-कमीज, टी-शर्ट, कुर्ता-पायजामा, जींस आदि पहनते हैं और महिलाएं सलवार या चुनरीदार कमीज़-दुपट्टा, सलवार-कमीज़ और सलवार-सूट आदि का पहनती है। सर्दियों में यहाँ के लोग उनी वस्त्र जैसे मोजे, स्वेटर, जैकेट और शॉल आदि का उपयोग करते है।
विभिन्न प्रान्तों तथा वर्गों से आने वाले लोगों की वजह से दिल्ली की संस्कृति परम्परा, पहनावा, विश्वास-मत आदि सब भिन्न-भिन्न हैं। यहाँ पर विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प के और हठकरघों की कलाओं के लिए बहुत से बाजार भी है जिनमें प्रगति मैदान, दिल्ली, दिल्ली हाट, हौज खास, रोहिणी हाट मुख्य है। प्रगति मैदान में वार्षिक पुस्तक मेला आयोजित होता है। यह विश्व का दूसरा सबसे बड़ा पुस्तक मेला है, जिसमें विश्व के 23 राष्ट्र भाग लेते हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा दिल्ली शहर में लगभग 1200 धरोहर स्थल घोषित किए है, और इनमें से 175 स्थल राष्ट्रीय धरोहर स्थल घोषित किए गए हैं। यहाँ पर बहुत से सरकारी कार्यालय, सरकारी आवास, तथा ब्रिटिश काल के अवशेष और इमारतें हैं। दिल्ली की अत्यंत महत्त्वपूर्ण इमारतों में राष्ट्रपति भवन, केन्द्रीय सचिवालय, राजपथ, संसद भवन और विजय चौक आदि आते हैं।
यहां की मुख्य भाषा हिंदी है, क्योंकि ज्यादातर जनसंख्या द्वारा हिंदी भाषा का ही प्रयोग किया जात है। यहाँ बोली जाने वाली अन्य मुख्य भाषाएँ: हिन्दी, पंजाबी, उर्दू और अंग्रेज़ी हैं।
दिल्ली की अत्यधिक मिश्रित जनसंख्या के कारण भारत के विभिन्न भागों के खानपान की झलक मिलती है। दिल्ली के कई भागों में पंजाबी और मुगलई खान पान जैसे कबाब और बिरयानी प्रसिद्ध हैं। यहाँ के अन्य मुख्य व्यंजनों में राजस्थानी, महाराष्ट्रियन, बंगाली, हैदराबादी खाना और दक्षिण भारतीय खाने के आइटम जैसे इडली, सांभर, दोसा इत्यादि बहुतायत में मिल जाते हैं।
दिल्ली देश का सबसे महानगर हैं, इसलिए यहाँ पर दिल्ली में सभी धर्मों (हिंदु, मुस्लिम, सिख और ईसाई) के लोग अपने-2 त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। यहाँ के धार्मिक त्यौहारों में दीवाली, होली, दशहरा, दुर्गा पूजा, महावीर जयंती, गुरु परब, क्रिसमस, महाशिवरात्रि, ईद उल फितर, बुद्ध जयंती लोहड़ी पोंगल और ओड़म जैसे आदि शामिल हैं। यहाँ कई राष्ट्रीय त्यौहार जैसे: गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गाँधी जयंती खूब हर्षोल्लास से मनाए जाते हैं। दिल्ली में कुछ वार्षिक उत्‍सवों का भी आयोजन होता हैं, जिनमें रोशनआरा उत्‍सव, शालीमार उत्‍सव, कुतुब मेला, शीतकालीन मेला, उद्यान पर्यटन मेला, जहाने-खुसरो उत्‍सव तथा आम महोत्‍सव आदि प्रमुख है।
आश्चर्यजनक रूप से राजधानी में कई खानाबदोश समुदाय हैं- बावरिया, सांसी, भेड़कुट, गड़िया लोहार, बंजारा, राय सिख, सपेरा, सिंघी, बहेलिया, कलंदर, नट, कंजर, ओडे और पर्ना।
दिल्ली अपने ऐतिहासिक भवन सुन्दर-सुन्दर बाग़- बगीचो के कारण विश्व प्रसिद्ध है। यह केंद्र शासित प्रदेश एक बहुत ही लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैं। यहाँ के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों में लाल क़िला, जामा मस्जिद, कुतुब मीनार, इंडिया गेट, हुमायूँ का मक़बरा, कमल मंदिर, राष्ट्रपति भवन, मुग़ल गार्डन, संसद भवन, चांदनी चौक, राजघाट, शान्तिवन, विजयघाट, शक्ति स्थल, पुराना क़िला (इन्द्रप्रस्थ), सफ़दरगंज का मक़बरा, जन्तर-मन्तर, बिड़ला मन्दिर, विज्ञान भवन, चिड़ियाघर, राष्ट्रीय संग्रहालय, कनॉट प्लेस, बुद्ध जयन्ती पार्क, रवीन्द्र रंगशाला और नेहरू मेमोरियलट आदि काफी प्रसिद्ध हैं।

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