गोल गुंबज बीजापुर संक्षिप्त जानकारी

स्थानबीजापुर, कर्नाटक, भारत
निर्माण1626-1656 ई०
वास्तुकारदाबुल के याकूत
प्रकारमकबरा
ऊँचाई51 मीटर (167.323 फुट)
खुलने का समयसुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक

गोल गुंबज बीजापुर का संक्षिप्त विवरण

गोल गुम्बज अथवा गोल गुम्बद आदिलशाही वंश के 7वें सम्राट मुहम्मद आदिलशाह का मक़बरा है, जो दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक के शहर बीजापुर में स्थित है। यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गुम्बद है। आदिल शाह, 1460 से 1696 के बीच शाही राजवंश का शासक था। साधारण निर्माण होने पर भी यह गुम्बज अपनी स्थापत्य विशेषताओं के कारण दक्षिण वास्तुकला का विजय स्तंभ माना जाता है।

गोल गुंबज बीजापुर का इतिहास

इसका निर्माण फ़ारसी वास्तुकार दाबुल के याकूत ने करवाया था। इसको बनाने का कार्य 1626 में शुरु किया गया और 1656 में पूरी तरह से बनकर तैयार हुआ था। इस गुम्बद का निर्माण करने में करीब 30 साल का समय लगा था।

गोल गुंबज बीजापुर के रोचक तथ्य

  1. इसकी संरचना के मूल में 47.5 मीटर (156 फीट) की भुजाओं वाला एक घन है, जिसके ऊपर 44 मी॰ (144.35 फीट) बाह्य व्यास वाला एक बड़ा गुम्बद है।
  2. इस घन के चारों कोनो पर गुम्बदनुमा छतरी से ढंके हुए अष्टकोणीय सप्त-तलीय अट्टालिकाएं या मीनारें बनी हुई हैं।
  3. मकबरे के मुख्य हॉल के अन्दर चारों ओर सीढ़ियों से घिरा हुआ एक चतुर्भुजाकार चबूतरा है। इस चबूतरे के बीच एक कब्र का पत्थर है, जिसके नीचे इसकी असल कब्र बनी है।
  4. इसके बड़ी दीवारों वाले गार्डन में 51 मीटर की ऊॅचाई और 1700 वर्ग मीटर का क्षेत्र कब्र बनाने के लिए निर्मित करवाया गया था।
  5. मकबरे के गुम्बद के आन्तरिक परिधि पर एक गोलाकार गलियारा बना हुआ है, जिसे अंग्रेज़ों ने "व्हिस्परिंग गैलरी" अर्थात फ़ुस्फ़ुसाने वाला गलियारा नाम दिया है।
  6. मुख्य हॉल में प्रवेश करने के बाद ऊपर चढ़ने के लिए 100 से ज्यादा संकरी सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। यह कोई सात मंजिल की चढ़ाई है। पर रास्ते में विश्राम स्थल और झरोखों के कारण चढ़ाई रूचिकर बन जाती है।
  7. 18,000 वर्ग फीट में बना यह विश्व का सबसे बड़ा एकल कक्ष वाला मकबरा है। इसके निर्माण में किसी मध्य आधार का इस्तेमाल नहीं हुआ है।
  8. इस गैलरी में आवाज 7 बार गूजॅती है और एक तरफ से दूसरी तरफ बिलकुल साफ़ सुनाई देती है।
  9. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित इस इमारत में प्रवेश का शुल्क 15 रुपये है। कैमरा या वीडियो कैमरे का शुल्क अलग से है।
  10. टिकट घर के पास ही एक क्लॉक रूम भी मौजूद है, जहां आप अपने बैग आदि जमा करवा सकते हैं। क्लॉक रुम का शुल्क 10 रुपये प्रति नग (वस्तु) है।
  11. परिसर के भीतर एक संग्रहालय है। यह संग्रहालय 1892 में ब्रिटिश शासन के दौरान स्थापित किया गया था।
  12. इसकी सबसे खास बात है कि यह भारत का सबसे बड़ा गुंबज है।
  13. यह गुम्बद सेंट पीटर्स के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गुम्बद वाला स्मारक है।
  14. गोल गुम्बद के ऊपर से पूरे बीजापुर शहर का बहुत ही सुंदर नजारा दिखाई पड़ता है।
  15. गोल गुंबज के भीतर एक कैंटीन भी है, इसके साथ ही बाहर भी खाने पीने का अच्छा खासा प्रबंध हैं।
  16. इस गुम्बद की खूबसूरती को देखने के लिए पूरी दुनिया से हर साल लाखो की संख्या में लोग कर्नाटक घुमने आते है।
  17. इसकी दूरी रेलवे स्टेशन से महज दो किलोमीटर है। आटो रिक्शा से 10 रुपये देकर आप यहां तक आसानी से पहुंच सकते हैं।

  Last update :  Tue 28 Jun 2022
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