ल्हासा तिब्बत चीन के पोताला पैलेस का इतिहास तथा महत्वपूर्ण जानकारी

✅ Published on July 16th, 2019 in प्रसिद्ध आकर्षण, प्रसिद्ध महल

पोताला पैलेस के बारे में जानकारी (Information about Potala Palace):

पोतला महल चीन के ल्हासा शहर के उत्तर पश्चिम भाग की लाल पहाड़ी पर स्थित है। यह एक शानदार बुर्जनुमा भवन है और साथ ही तिब्बत का एक प्रतिकात्मक वास्तुकला का उदाहरण भी है। इसका निर्माण 1645 ई॰ में तिब्बत के थुबो राजकाल में न्गवांग लोबसांग ग्यात्सो ने थांग राजवंश की राजकुमारी वनछङ के साथ विवाह के लिए किया था। यह महल ल्हासा की तीन मुख्य पहाड़ियाँ “तिब्बत के तीन रक्षक” का प्रतिनिधित्व करती हैं। परंतु अब यह एक संग्रहालय के रूप में विश्व धरोहर स्थल है।

पोताला पैलेस का संक्षित्प विवरण (Quick Info About Potala Palace):

स्थान ल्हासा, तिब्बत (चीन)
निर्माण न्गवांग लोबसांग ग्यात्सो
निर्माता 1945
प्रकार पैलेस (महल)
अन्य नाम ल्हासा का ऐतिहासिक पहनावा

पोताला पैलेस का इतिहास (History of Potala Palace):

पोताला पैलेस का निर्माण लोजंग ग्यात्सो ने करवाया था, जिन्हे द ग्रेट फिफ्थ दलाई लामा, के नाम से भी जाना जाता है। इसका निर्माण उन्होने अपने आध्यात्मिक सलाहकार कोंचोग चोपेल की मृत्यु के बाद करवाया था और बतया कि महल सरकार की सीट के रूप में आदर्श थी, क्योंकि यह डेरेंग और सेरा मठों और पुराने शहर के बीच में स्थित है। इसके बाद 1959 में तिब्बत में चीन के खिलाफ विद्रोह के दौरान महल को बहुत नुकसान पहुँचाया गया था। पोताला पैलेस को 1994 में वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में, 2000 में संपत्ति के विस्तार के रूप में जोखांग मंदिर और 2001 में नॉरबुलिंगका को संपत्ति के एक और विस्तार के रूप में अंकित किया गया था। महल की संरचना को विस्तृत करने के लिए महल के प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की थी। परंतु चीनी सरकार ने इस क्षेत्र में 21 मीटर से अधिक लंबी किसी भी संरचना के निर्माण पर रोक लगाते हुए एक नियम बनाकर जवाब दिया।

पोताला पैलेस के बारे में रोचक तथ्य(Interesting facts about the Potala Palace):

  1. पोताला महल का नाम माउंट पोटलका के नाम पर रखा गया है, जो बोधिसत्व अवलोकितेवारा का पौराणिक निवास स्थान है।
  2. इमारत 400 मीटर पूर्व-पश्चिम और 350 मीटर उत्तर-दक्षिण के क्षेत्र में स्थित है, जिसमें 3 मीटर मोटी, और 5 मीटर की आधार पर मोटी ढलान वाले पत्थर की दीवारें हैं, जिसके साथ तांबे को भूकंप से संरक्षित करने के लिए नींव में डाला गया है।
  3. पैलेस तेरह मंजिला इमारतों के साथ बना हुआ है जिसमें 1000 से अधिक कमरे, 10,000 मंदिर और लगभग 2,00,000 मूर्तियाँ हैं।
  4. महल की इमारतों के समूह का मध्य भाग के ऊपर एक विशाल चतुष्कोणीय आकार में बना हुआ है, जो जोकहांग के समान गिल्ट कैनोपी में समाप्त होता है।
  5. महल के इस केंद्रीय बनावट के कारण और इसके लाल रंग से “लाल महल” कहा जाता है, महल में दलाई लामाओं के प्रमुख हॉल, चैपल और मंदिर हैं। इन में बहुत समृद्ध सजावटी पेंटिंग है जो नक्काशी और अन्य संसकरणों से बनाए गए हैं।
  6. महल के दक्षिण की ओर निचले सफेद भाग का उपयोग दो विशालकाय थंगकों को फहराने के लिए किया गया था, जो फरवरी महीने के 30 वें दिन सतरंग महोत्सव के दौरान तारा और शाक्यमुनि के आंकड़ों का प्रतिनिधित्व करते थे।
  7. ल्हासा की तीन मुख्य पहाड़ियाँ हैं। जो तिब्बत के तीन रक्षक का प्रतिनिधित्व करतीं हैं। जिसमें पोताला के दक्षिण में चोकपोरी,व्रजापानी आत्मापर्वत, मंजुश्री की पोंगवारी, और अंत में मार्पोरी है, परंतु जिस पहाड़ी पर पोताला पैलेस स्थित है, वह अवलोकीतेवारा पैलेस का प्रतिनिधित्व करता है।

पोताला पैलेस कैसे पहुंचे(How to reach the Potala Palace):

  1. पोताला पैलेस का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन ल्हासा रेलवे स्टेशन है। पैलेस स्टेशन से 6.2 किमी की दूरी पर स्थित है। जहां से पैलेस तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।
  2. इसके अतिरिक्त पैलेस का सबसे निकटतम हवाई अड्डा ल्हासा गोंगगर हवाई अड्डा है।जो पैलेस से केवल 9.4 किमी की दूरी पर स्थित है।
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