लीला सेठ का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे लीला सेठ (Leila Seth) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए लीला सेठ से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Leila Seth Biography and Interesting Facts in Hindi.

लीला सेठ का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नामलीला सेठ (Leila Seth)
जन्म की तारीख20 अक्टूबर 1930
जन्म स्थानलखनऊ, (भारत)
निधन तिथि06 मई 2017
उपलब्धि1991 - प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश
पेशा / देशपुरुष / न्यायाधीश / भारत

लीला सेठ (Leila Seth)

यह भारत की पहली ऐसी महिला है, जो उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायधीश बनी थी। इन्होने लंदन परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था, तथा यह कारनामा करने वाली पहली भारतीय महिला थी। लीला सेठ राजन पिल्लै केस के जांच आयोग की सदस्य भी रह चुकी थीं। वे 2000 तक विधि आयोग में रहीं और ‘हिंदू सक्सेशन एक्ट" में संशोधन का श्रेय भी उन्हीं को जाता है।

लीला सेठ का जन्म 20 अक्टूबर 1930 में लखनऊ (भारत) में हुआ था। इनके पिता का नाम राज बिहारी सेठ था। इनके पिता इम्पीरियल रेलवे सेवा में काम करते थे। जब यह ग्यारह साल की थी तभी इनके पिता का देहांत हो गया था और इनकी माता ने आर्थिक रूप से संघर्ष किया था। यह अपने माता पिता की इकलोती बेटी थी परन्तु इनके दो भाई भी थे|
लीला सेठ की मृत्यु 5 मई 2017 (आयु 86 वर्ष) को नोएडा , भारत में इनके आवास स्थान पर हार्ट-अटैक आने से हुई थी।
लन्दन में बार की परीक्षा 1958 में शीर्ष पर रहने, भारत के 15वें विधि आयोग की सदस्य बनने और कुछ चर्चित न्यायिक मामलों में विशेष योगदान के कारण लीला सेठ का नाम विख्यात है। उन्होने कोलकाता मे वकालत की शुरुआत की, लेकिन बाद में पटना आकर उन्होंने अभ्यास शुरू किया। 1959 में उन्होंने बार में दाखिला किया पटना के बाद दिल्ली में वकालत की थी।
1978 मे वे दिल्ली उच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश बनी थी। 1991 मे हिमाचल प्रदेश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त की गई थी। 1995 में उन्होने पुलिस हिरासत में हुई राजन पिलाई की मौत की जांच के लिये बनाई एक सदस्यीय आयोग की ज़िम्मेदारी संभाली। 1998 से 2000 तक वे भारतीय विधि आयोग की सदस्य रही थी। उनके ही नेतृत्व में हिन्दू उत्तराधिकार कानून में संसोधन कराया गया था। जिसके तहत संयुक्त परिवार मे बेटियों को बराबर का अधिकार प्रदान किया गया था। 1998 से 2000 तक वे भारतीय विधि आयोग की सदस्य रही और हिन्दू उतराधिकार कानून में संशोधन कराया जिसके तहत संयुक्त परिवार में बेटियों को बराबर का अधिकार प्रदान किया गया। लीला सेठ की जीवनी “ऑन बैलेंस” के को 2003 में पेन्गुइन इंडिया ने प्रकाशित किया। 2010 में लीला सेठ ने “वी, द चिल्ड्रन ऑफ़ इंडिया” लिखी थी। यह किताब बच्चों को भारतीय संविधान की उद्देशिका समझाती है। 2014 में उनकी किताब “टॉकिंग ऑफ़ जस्टिस: पीपल्ज़ राईट्स इन मॉडर्न इंडिया” प्रकाशित हुई थी। जिसमें उन्होने अपने लम्बे कानूनी सफर में जिन महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया है।

📅 Last update : 2022-06-28 11:44:49