इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे नीरू चड्ढा (Neeru Chadha) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए नीरू चड्ढा से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Neeru Chadha Biography and Interesting Facts in Hindi.

नीरू चड्ढा का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नामनीरू चड्ढा (Neeru Chadha)
जन्म की तारीख मार्च
जन्म स्थानभारत
उपलब्धि2017 - 'इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी' की न्यायाधीश बनने वाली पहली भारतीय
पेशा / देशमहिला / वकील / भारत

नीरू चड्ढा - 'इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी' की न्यायाधीश बनने वाली पहली भारतीय (2017)

नीरू चड्ढा एक प्रसिद्ध वकील हैं। वह समुद्र संबंधी कानून से जुड़े विवादों से निपटने वाली संयुक्त राष्ट्र न्यायिक संस्था ‘इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी" की न्यायाधीश बनने वाली पहली भारतीय है। नीरू को 9 साल के कार्यकाल के लिए निर्वाचित हुईं।

नीरू चड्ढा का जन्म 27 मार्च 1955 को दिल्ली(भारत) में हुआ था|
नीरू चड्ढा के पास दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून में मास्टर डिग्री (एलएलएम) और यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन लॉ स्कूल और दिल्ली विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट (पीएचडी) कानून है।
नीरू चड्ढा ने भारत सरकार के लिए विभिन्न पदों पर कार्य किया, जिसमें विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और कानूनी सलाहकार (एएस एंड एलए), भारत सरकार के एक कानूनी सलाहकार, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के लिए परामर्शदाता और कानूनी सलाहकार शामिल हैं, और विदेश मंत्रालय के कानूनी और संधियों के प्रभाग में संयुक्त सचिव और कानूनी सलाहकार (जेएस एंड एलए) के रूप कार्य किया है। चड्ढा को जून 2015 में नौ साल के कार्यकाल के लिए अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून से संबंधित विवादों से निपटने के लिए यूनाइटेड नेशन के प्राथमिक न्यायिक अंग, इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल ऑफ लॉ ऑफ द सी के न्यायाधीश के रूप में चुना गया था। नीरू चड्ढा को एशिया-प्रशांत समूह के दो न्यायाधीशों में से एक के रूप में चुना गया था, उन्होंने 120 वोट प्राप्त किए और खुद को मतदान के पहले दौर में निर्वाचित किया, लेबनान, इंडोनेशिया और थाईलैंड के उम्मीदवारों को हराया। वह ITLOS में एक जजशिप के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। 14 जून 2017 को एक सीट के चुनाव आयोजित हुआ था,‘इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर लॉ ऑफ द सी" (आईटीएलओएस) की स्थापना वर्ष 1996 में हुई थी, जिसका केंद्र जर्मनी के हैमबर्ग में है। जिसमें नीरू चड्ढा को इंटरनेशनल ट्रिब्‍यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी (आइटीएलओएस) की पहली भारतीय महिला के सदस्‍य के रूप में निर्वाचित किया गया। इससे पहले यह उपलब्धि दिवंगत विजय लक्ष्‍मी पंडित के नाम थी। नीरू चड्ढा 21 सदस्यीय अदालत में स्थान पाने वाली पहली भारतीय महिला न्यायाधीश बनी है। नीरू विदेश मामलों के मंत्रालय की मुख्य कानूनी सलाहकार चुनी जाने वाली पहली भारतीय महिला हैं। नीरू चड्ढा पहली ऐसी एकमात्र उम्मीदवार थीं, जिन्होंने मतदान के पहले चरण में ही चुनाव जीत लिया।

नीरू चड्ढा प्रश्नोत्तर (FAQs):

नीरू चड्ढा का जन्म मार्च 1996 मे भारत में हुआ था।

नीरू चड्ढा को 2017 में 'इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी' की न्यायाधीश बनने वाली पहली भारतीय के रूप में जाना जाता है।

  Last update :  Tue 28 Jun 2022
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