नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

✅ Published on January 23rd, 2022 in प्रसिद्ध व्यक्ति, स्वतंत्रता सेनानी

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Subhash Chandra Bose Biography and Interesting Facts in Hindi.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नामनेताजी सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose)
जन्म की तारीख23 जनवरी 1897
जन्म स्थानकटक, उड़ीसा (भारत)
निधन तिथि18 अगस्त 1945
माता व पिता का नामप्रभावती / जानकीनाथ बोस
उपलब्धि1942 - आजाद हिन्द फौज के संस्थापक
पेशा / देशपुरुष / स्वतंत्रता सेनानी / भारत

नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose)

सुभाषचंद्र बोस के अलावा भारत के इतिहास में ऐसा कोई व्यक्ति ने जन्म नही लिया, जो एक साथ महान् सेनापति, वीर सैनिक, राजनीति का अद्भुत खिलाड़ी और अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पुरुषों, नेताओं के समकक्ष साधिकार बैठकर कूटनीति तथा चर्चा करने वाला हो। नेताजी में सच्चाई के सामने खड़े होने की अद्भुत क्षमता थी।

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओड़िशा कटक शहर में हिन्दू कायस्थ परिवार में हुआ था इनके पिता का नाम जानकीनाथ बोस और माँ का नाम प्रभावती था। इनके पिता सरकारी वकील थे और शहर के मशहूर वकीलो में से एक थे मे। इन्होने कटक की महापालिका में लम्बे समय तक काम किया था और वे बंगाल विधानसभा के सदस्य भी रहे थे। ये अपनी माता-पिता की 14 सन्तानों में से नौवीं सन्तान थे। इनकी छ बहने और आठ भाई थे|
विद्वानों की राय की सर्वसम्मति में, सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु 18 अगस्त 1945 को जापानी शासित फॉर्मोसा (अब ताइवान) में उनके अतिभारित जापानी विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद थर्ड-डिग्री बर्न से हुई थी। लेकिन उनके समर्थकों ने उनकी बात पर विश्वास नहीं किया। स्वतन्त्रता के पश्चात् भारत सरकार ने इस घटना की जाँच करने के लिये 1956 और 1977 में दो बार आयोग नियुक्त किया। दोनों बार यह नतीजा निकला कि नेताजी उस विमान दुर्घटना में ही मारे गये। 1999 में मनोज कुमार मुखर्जी के नेतृत्व में तीसरा आयोग बनाया गया। 2005 में ताइवान सरकार ने मुखर्जी आयोग को बता दिया कि 1945 में ताइवान की भूमि पर कोई हवाई जहाज दुर्घटनाग्रस्त हुआ ही नहीं था। 2005 में मुखर्जी आयोग ने भारत सरकार को अपनी रिपोर्ट पेश की जिसमें उन्होंने कहा कि नेताजी की मृत्यु उस विमान दुर्घटना में होने का कोई सबूत नहीं हैं। लेकिन भारत सरकार ने मुखर्जी आयोग की रिपोर्ट को अस्वीकार कर दिया। 18 अगस्त 1945 के दिन नेताजी कहाँ लापता हो गये और उनका आगे क्या हुआ यह भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा अनुत्तरित रहस्य बन गया हैं। एक मान्यता के अनुसार भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रिम सेनानी सुभाष चन्द्र बोस की अस्थियाँ यहाँ आज भी सुरक्षित रखी हुई हैं। दरअसल 18 सितम्बर 1945 को उनकी अस्थियाँ इस मन्दिर में रखी गयीं थीं।
उन्हें जनवरी 1902 में अपने भाइयों और बहनों की तरह कटक के प्रोटेस्टेंट यूरोपियन स्कूल (वर्तमान में स्टीवर्ट हाई स्कूल) में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कॉलेजिएट स्कूल में अपनी पढ़ाई जारी रखी। 1913 में मैट्रिक परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद, उन्हें प्रेसीडेंसी कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहाँ उन्होंने अध्ययन किया। वह 16 साल की उम्र में उनके कार्यों को पढ़ने के बाद स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण की शिक्षाओं से प्रभावित थे। उन्होंने महसूस किया कि उनका धर्म उनकी पढ़ाई से ज्यादा महत्वपूर्ण था।1918 में उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय में स्कॉटिश चर्च कॉलेज में प्रवेश और वहाँ से बी.ए. की डिग्री हासिल की बोस ने 15 सितंबर 1919 को यूरोप के लिए भारत छोड़ा, 20 अक्टूबर को लंदन पहुंचे। उस समय उन्होंने उन्होंने अपने पिता को भारतीय सिविल सेवा (ICS) परीक्षा की तैयारी करने और उपस्थित होने का वादा किया था, जिसके लिए उनके पिता ने 10,000 रुपये उपलब्ध कराये थे। लंदन में, बोस ने अपने भाई सतीश के साथ में रहकर ICS के लिए अपना आवेदन पढ़ा, जो बार परीक्षा की तैयारी कर रहा था। बोस कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में एक कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए उत्सुक थे। हालांकि, यह पहले से ही प्रवेश की समय सीमा थी। वहां के कुछ भारतीय छात्रों और श्री रेड्डवे की मदद से, फिजिटिलियम हॉल के सेंसर, विश्वविद्यालय के गैर-कॉलेजिएट छात्र बोर्ड द्वारा संचालित एक निकाय, जो एक कॉलेज में औपचारिक प्रवेश के बिना एक किफायती लागत पर विश्वविद्यालय की शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए था, जिसमें बोस ने 19 नवंबर 1919 को विश्वविद्यालय के रजिस्टर में प्रवेश किया। वह आईसीएस परीक्षा में चौथे स्थान पर आया और उसका चयन हुआ, लेकिन वह एक विदेशी सरकार के अधीन काम नहीं करना चाहता था जिसका अर्थ था अंग्रेजों की सेवा करना। 1921 में जब उन्होंने भारतीय सिविल सेवा से इस्तीफा दे दिया, तो उन्होंने अपने बड़े भाई शरत चंद्र बोस को लिखा: "त्याग और पीड़ा की धरती पर ही हम अपना राष्ट्रीय गौरव बढ़ा सकते हैं।"
उन्होंने 23 अप्रैल 1921 को अपनी सिविल सेवा की नौकरी से इस्तीफा दे दिया और भारत लौट आए। इंग्लैड़ से आकार उन्होंने समाचार पत्र स्वराज की शुरुआत की और बंगाल प्रांतीय कांग्रेस कमेटी के प्रचार का कार्यभार संभाला। उनके गुरु चित्तरंजन दास थे जो बंगाल में आक्रामक राष्ट्रवाद के प्रवक्ता थे। वर्ष 1923 में बोस को अखिल भारतीय युवा कांग्रेस का अध्यक्ष और बंगाल राज्य कांग्रेस का सचिव भी चुना गया। वह चित्तरंजन दास द्वारा स्थापित समाचार पत्र "फॉरवर्ड" के संपादक भी थे। बोस ने कलकत्ता नगर निगम के सीईओ के रूप में काम किया जब दास 1924 में कलकत्ता के मेयर चुने गए। 1925 में राष्ट्रवादियों के एक राउंडअप में, बोस को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें मंडालय में जेल भेज दिया गया, जहाँ उन्होंने तपेदिक का अनुबंध किया। 1927 में, जेल से रिहा होने के बाद, बोस कांग्रेस पार्टी के महासचिव बने और जवाहरलाल नेहरू के साथ स्वतंत्रता के लिए काम किया। दिसंबर 1928 के अंत में, बोस ने कलकत्ता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वार्षिक बैठक आयोजित की। कुछ ही समय बाद उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया गया और सविनय अवज्ञा के लिए जेल में डाल दिया गया, इस बार वह 1930 में कलकत्ता के मेयर बने। 1938 तक बोस राष्ट्रीय कद के नेता बन गए और कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में नामांकन स्वीकार करने के लिए सहमत हो गए। वे 1939 में कांग्रेस की बैठक में एक स्ट्रेचर पर दिखाई दिए। उन्हें गांधी के पसंदीदा उम्मीदवार पट्टाभि सीतारमैय्या पर फिर से अध्यक्ष चुना गया। 22 जून 1939 को बोस ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर अखिल भारतीय फॉरवर्ड ब्लॉक में एक गुट का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य राजनीतिक वाम को मजबूत करना था जुलाई, 1943 ई. में सुभाषचन्द्र बोस पनडुब्बी द्वारा जर्मनी से जापानी नियंत्रण वाले सिंगापुर पहुँचे। वहाँ उन्होंने “दिल्ली चलो” का प्रसिद्ध नारा दिया। सुभाष चंद्र बोस ने ही गाँधी जी को सबसे पहले राष्ट्रपिता कहा था। 21 अक्टूबर 1943 को सुभाष बोस ने आजाद हिन्द फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से स्वतन्त्र भारत की अस्थायी सरकार बनायी थी।
उनका सबसे प्रसिद्ध उद्धरण था "मुझे खून दो और मैं तुम्हें आजादी दूंगा"। एक अन्य प्रसिद्ध उद्धरण दिली चालो ("दिल्ली पर) था!" यह वह फोन था जो उन्हें प्रेरित करने के लिए आईएनए सेनाओं को देता था। जय हिंद, या, "भारत की जय!" उनके द्वारा इस्तेमाल किया गया एक और नारा था और बाद में भारत सरकार और भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अपनाया गया था। उनके द्वारा गढ़ा गया एक और नारा था "इत्तेहाद, एत्माद, क़ुर्बानी" ("एकता, समझौते, बलिदान" के लिए उर्दू)। आईएनए ने नारा इंकलाब जिंदाबाद का भी इस्तेमाल किया, जिसे मौलाना हसरत मोहानी ने बनाया था।
सुभाष चंद्र बोस को 1964, 1993, 1997, 2001, 2016 और 2018 से भारत में टिकटों पर चित्रित किया गया था। कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप, पूर्व में रॉस द्वीप और भारत में कई अन्य संस्थानों का नाम उनके नाम पर रखा गया था। 23 अगस्त 2007 को, जापानी प्रधान मंत्री, शिंज़ो आबे ने कोलकाता में सुभाष चंद्र बोस मेमोरियल हॉल का दौरा किया। आबे ने बोस के परिवार से कहा, "ब्रिटिश शासन से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए बोस की दृढ़ इच्छाशक्ति से जापानी बहुत प्रभावित हुए हैं। नेताजी जापान में बहुत सम्मानित नाम हैं।
व्यक्तिउपलब्धि
लक्ष्मी सहगल की जीवनीअस्थायी आज़ाद हिंद सरकार की कैबिनेट में पहली महिला सदस्य
अरुणा आसफ अली की जीवनीसंयुक्त राष्ट्रसंघ महासभा की प्रथम महिला अध्यक्ष
लाला हरदयाल की जीवनीग़दर पार्टी के संस्थापक
राम मनोहर लोहिया की जीवनीहिन्द किसान पंचायत' के अध्यक्ष
जयप्रकाश नारायण की जीवनीऑल इंडिया कांग्रेस सोशलिस्ट के संस्थापक
शहीद भगत सिंह की जीवनीभारतीय समाजवादी युवा संगठन
मैडम भीकाजी कामा की जीवनीभारत में प्रथम क्रान्तिकारी महिला
बहादुर शाह जफर की जीवनीमुग़ल साम्राज्य के अंतिम बादशाह
बाल गंगाधर तिलक की जीवनीफर्ग्युसन कॉलेज की स्थापना
शहीद उधम सिंह की जीवनीजलियाँवाला बाग़ हत्याकांड के प्रत्यक्षदर्शी
भीमराव अम्बेडकर की जीवनीआजाद भारत के पहले कानून मंत्री एवं न्याय मंत्री
लाला लाजपत राय की जीवनीपंजाब नेशनल बैंक के संस्थापक
चंद्रशेखर आजाद की जीवनीहिदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के प्रमुख नेता
मंगल पांडे की जीवनीस्वतंत्रता सेनानी
स्वामी विवेकानंद की जीवनीविश्व धर्म परिषद् के भारतीय प्रतिनिधि
अल्लूरी सीताराम राजू की जीवनीभारतीय क्रांतिकारी
रानी लक्ष्मीबाई की जीवनीझांसी राज्य की रानी
रास बिहारी बोस की जीवनीभारतीय स्वातंय संघ के संस्थापक
वीर सावरकर की जीवनीअभिनव भारत संगठन के संस्थापक
बिपिन चंद्र पाल की जीवनीन्यू इंडिया नामक अंग्रेजी पत्रिका के संपादक
सुखदेव थापर की जीवनीनौजवान भारत सभा के संस्थापक
फखरुद्दीन अली अहमद की जीवनीभारत के पांचवे राष्ट्रपति
मोतीलाल नेहरू की जीवनीस्वराज पार्टी के पहले सचिव एवं अध्यक्ष
तात्या टोपे की जीवनीप्रथम स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी
सागरमल गोपा की जीवनीप्रसिद्ध पुस्तक 'जैसलमेर में गुण्डाराज' के लेखक
पुष्पलता दास की जीवनीखादी और ग्रामोद्योग आयोग की अध्यक्ष
शिवराम राजगुरु की जीवनीदिल्ली सेंट्रल असेम्बली में हमला
राम प्रसाद बिस्मिल की जीवनीकाकोरी कांड के सदस्य
अशफ़ाक़ुल्लाह ख़ाँ की जीवनीभारतीय स्वतंत्रता सेनानी
खुदीराम बोस की जीवनीरिवोल्यूशनरी पार्टी के सदस्य

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अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर:

प्रश्न: सुभाषचन्द्र बोस ने कब पनडुब्बी द्वारा जर्मनी से जापानी नियंत्रण वाले सिंगापुर पहुँचे। वहाँ उन्होंने 'दिल्ली चलो' का प्रसिद्द नारा दिया था?
उत्तर: जुलाई, 1943 ई.
प्रश्न: दुनिया की पहली महिला फौज का गठन किसने किया था?
उत्तर: सुभाषचन्द्र बोस ने
प्रश्न: नेताजी सुभाष चंद्र बोस को 'भारत रत्न' से कब सम्मानित किया गया| जिसे बाद में ले लिया गया था?
उत्तर: 1992
प्रश्न: 21 अक्टूबर 1943 को किसने आजाद हिन्द फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से स्वतन्त्र भारत की अस्थायी सरकार बनायी थी?
उत्तर: सुभाषचन्द्र बोस
प्रश्न: सुभाष चन्द्र बोस अपनी माता-पिता की 14 सन्तानों में से कौन से नंबर की संतान थे?
उत्तर: नौंवी

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी:

प्रश्न: सुभाषचन्द्र बोस ने कब पनडुब्बी द्वारा जर्मनी से जापानी नियंत्रण वाले सिंगापुर पहुँचे। वहाँ उन्होंने 'दिल्ली चलो' का प्रसिद्द नारा दिया था?
Answer option:

      जुलाई, 1943 ई.

    ✅ Correct

      जनवरी, 1956 ई.

    ❌ Incorrect

      जुलाई, 1946 ई.

    ❌ Incorrect

      अगस्त, 1943 ई.

    ❌ Incorrect

प्रश्न: दुनिया की पहली महिला फौज का गठन किसने किया था?
Answer option:

      जवाहरलाल नेहरु

    ❌ Incorrect

      सुभाषचन्द्र बोस ने

    ✅ Correct

      महात्मा गाँधी ने

    ❌ Incorrect

      इंदिरा गाँधी ने

    ❌ Incorrect

प्रश्न: नेताजी सुभाष चंद्र बोस को 'भारत रत्न' से कब सम्मानित किया गया| जिसे बाद में ले लिया गया था?
Answer option:

      1998

    ❌ Incorrect

      1990

    ❌ Incorrect

      1995

    ❌ Incorrect

      1992

    ✅ Correct

प्रश्न: 21 अक्टूबर 1943 को किसने आजाद हिन्द फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से स्वतन्त्र भारत की अस्थायी सरकार बनायी थी?
Answer option:

      राजगुरु

    ❌ Incorrect

      पंडित रघुनाथ शर्मा

    ❌ Incorrect

      सुखदेव सिंह

    ❌ Incorrect

      सुभाषचन्द्र बोस

    ✅ Correct

प्रश्न: सुभाष चन्द्र बोस अपनी माता-पिता की 14 सन्तानों में से कौन से नंबर की संतान थे?
Answer option:

      पांचवी

    ❌ Incorrect

      दंसवी

    ❌ Incorrect

      पहली

    ❌ Incorrect

      नौंवी

    ✅ Correct

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