जनवरी माह के महत्वपूर्ण दिवस

जनवरी के महत्वपूर्ण दिनों की सूची: इस अध्याय में आज हम आरआरबी एनटीपीसी, एसएससी सीजीएल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जनवरी महीने के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिन तारीखों और दिवसों का एक माहवार अध्याय साझा करने जा रहे हैं। आमतौर पर, इस जनवरी माह के अध्याय के आधार पर 2 से 3 प्रश्न हर प्रतियोगी परीक्षा में देखे जा सकते हैं, जो सभी छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण विषय है विशेषकर जो विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

जूलियन और ग्रेगोरियन कैलेंडर में जनवरी का पहला महीना है और 31 महीने की लंबाई के लिए सात महीने का पहला महीना है।महीने के पहले दिन को नए साल के दिन के रूप में जाना जाता है। यह औसतन, सबसे उत्तरी गोलार्ध के भीतर वर्ष का सबसे ठंडा महीना होता है, जहाँ यह सर्दियों का दूसरा महीना होता है और अधिकांश दक्षिणी गोलार्ध के अंदर वर्ष का सबसे गर्म महीना होता है, जहाँ यह गर्मियों का दूसरा महीना होता है। गणतंत्र दिवस इस महीने का सबसे बड़ा त्योहार है। शायद ही कोई घर ऐसा हो जहाँ इस सुबह दिल्ली में होने वाली परेड का टीवी पर इंतज़ार न किया जाता हो। राजधानी की इस भव्य परेड में तीनों भारतीय सेनाओं के जवानों का मार्च, लोक नर्तक, स्कूली बच्चों के कार्यक्रम तथा विभिन्न राज्यों की झांकियों का वैभवशाली प्रदर्शन देखने को मिलता है।

इसलिए, बेहतर तैयारी करने के लिए, आपको जनवरी वर्ष 2021 की महत्वपूर्ण तारीखों, दिनों और महत्वपूर्ण दिवसों के बारे याद रखना आवश्यक होगा।

📁 जनवरी माह के महत्वपूर्ण दिवस (12 विषय मिले)

यहां वह सब कुछ है जो आपको विशेष और महत्वपूर्ण दिन - शाकंभरी जयंती के बारे में जानने की जरूरत है। आइए जानें शाकंभरी जयंती के बारे में तथ्य, इतिहास, महत्व और विषय।

यहां वह सब कुछ है जो आपको विशेष और महत्वपूर्ण दिन - लोहड़ी महोत्सव के बारे में जानने की आवश्यकता है। आइए जानें लोहड़ी महोत्सव के बारे में तथ्य, इतिहास, महत्व और विषय।

यहां वह सब कुछ है जो आपको विशेष और महत्वपूर्ण दिन - मकर संक्रांति महोत्सव के बारे में जानने की आवश्यकता है। आइए जानें मकर संक्रांति पर्व के बारे में तथ्य, इतिहास, महत्व और विषय।

यहां वह सब कुछ है जो आपको विशेष और महत्वपूर्ण दिन - पोंगल महोत्सव के बारे में जानने की आवश्यकता है। आइए जानें पोंगल महोत्सव के बारे में तथ्य, इतिहास, महत्व और विषय।

यहां वह सब कुछ है जो आपको विशेष और महत्वपूर्ण दिन - महा शिवरात्रि महोत्सव के बारे में जानने की आवश्यकता है। आइए जानें महा शिवरात्रि महोत्सव के बारे में तथ्य, इतिहास, महत्व और विषय।

09-Jan - पूरे देश में हर साल 09 जनवरी के दिन को प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) के रूप में भारत के विकास में प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन काे प्रवासी भारतीय दिवस के रूप में इसलिए मनाया जाता है क्‍योंकि 09 जनवरी 1915 को भारतीय राष्ट्रपिता महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से नस्ल विरोधी आंदोलन द्वारा ख्याति प्राप्त करने के बाद पहली बार भारत आये थे।

10-Jan - प्रतिवर्ष संपूर्ण विश्व में 10 जनवरी को ‘विश्व हिन्दी दिवस’ मनाया जाता है। यह दिवस 14 सितम्बर को मनाये जाने वाले राष्ट्रीय हिंदी दिवस का एक भाग है। उल्लेखनीय है कि यह दिवस पहली बार 10 जनवरी, 2006 को मनाया गया था।

12-Jan - भारत में प्रतिवर्ष 12 जनवरी को स्वामी विवेकानन्द की जयन्ती को राष्ट्रीय युवा दिवस (नेशनल यूथ डे) के रूप में मनाया जाता है। इसे आधुनिक भारत के निर्माता स्वामी विवेकानंद के जन्म दिवस को याद करने के लिये मनाया जाता है। संपूर्ण विश्व में 12 अगस्त को ‘अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस’ मनाया जाता है।

24-Jan - देश भर में प्रतिवर्ष 24 जनवरी को ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। 24 जनवरी के दिन इंदिरा गांधी को नारी शक्ति के रूप में याद किया जाता है। इस दिन इंदिरा गांधी पहली बार प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठी थी इसलिए इस दिन को राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।

25-Jan - भारत में प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ मनाया जाता है। वर्ष 2011 में पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने 25 जनवरी को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना (वर्ष 1950 में स्थापित) दिवस के अवसर पर ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ का शुभारंभ किया था।

26-Jan - दुनिया भर में प्रतिवर्ष 26 जनवरी को ‘अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस’ मनाया जाता है। इस दिवस का अयोजन 26 जनवरी 1953 को विश्व सीमा शुल्क संगठन (डबल्युसीओ) के गठन की स्मृति में किया जाता है।

30-Jan - सम्पूर्ण विश्व में प्रतिवर्ष 30 जनवरी को ‘अंतर्राष्ट्रीय कुष्ठ रोकथाम दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्‍य लोगों के इस रोग के प्रति जागरूकता फैलाना है। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी द्वारा कुष्ठ रोगियों को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के प्रयासों की वजह से ही हर वर्ष 30 जनवरी उनकी पुण्यतिथि को कुष्ठ रोग निवारण दिवस के रूप में मनाया जाता है।