भारत के प्राचीन राजवंश और उनके संस्थापक:

प्राचीन भारतीय इतिहास बहुत व्यापक है जो कई राजवंशों के उत्थान और पतन का गवाह रहा है। प्राचीन काल में भारत पर कई राजवंशों ने शासन किया था, जिनमें प्रमुख राजवंश हर्यक वंश, नंद राजवंश, मौर्य राजवंश, पांड्य राजवंश, गुप्त वंश, कुषाण वंश, चोल राजवंश, पल्लव राजवंश, चालुक्य राजवंश आदि थे, जिन्होंने लम्बे समय तक भारत की धरती पर शासन किया था।

यहाँ पर हम प्राचीन भारतीय इतिहास में प्रमुख राजवंश, राजधानी और उनके संस्थापक के बारे में संक्षिप्त सामान्य जानकारी दे रहे हैं, जो एसएससी, यूपीएससी, रेलवे, पीएसएस, बैंक, शिक्षक, टीईटी और कैट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

प्राचीन भारत के प्रमुख राजवंश एवं उनके संस्थापको की सूची:

राजवंश


संस्थापक राजधानी
हर्यक वंश बिम्बिसार राजगृह, पाटलिपुत्र
शिशुनाग वंश शिशुनाग वैशाली
नंद वंश महापदम् नन्द पाटलिपुत्र
मौर्य वंश चन्द्रगुप्त मौर्य पाटलिपुत्र
शुंग वंश पुष्यमित्र शुंग पाटलिपुत्र
कण्व वंश वसुदेव पाटलिपुत्र
सातवाहन वंश सिमुक प्रतिष्ठान
कुषाण वंश कडफिसस प्रथम पेशावर (पुरुषपुर)
गुप्त वंश श्री गुप्त पाटलिपुत्र
हूण वंश तोरमाण शाकल (स्यालकोट)
पुष्यभूति वंश नरवर्धन थानेश्वर, कन्नौज
पल्लव वंश सिंहवर्मन चतुर्थ कांचीपुरम्
चालुक्य वंश जयसिंह वातापी/कल्याणी
चालुक्य वंश तैलव द्वितीय मान्यखेत/कल्याणी
चालुक्य वंश विष्णुवर्धन वेंगी
राष्ट्रकूट वंश दन्तिदूर्ग मान्यखेत
पाल वंश गोपाल मुंगेर
गुर्जन - प्रतिहार नागभट्ट प्रथम मालवा
सेन वंश सामन्त सेन नदिया
गहड़वाल वंश चन्द्रदेव कन्नौज
चौहान वंश वासुदेव अजमेर
चन्देल वंश नन्नुक खजुराहो
गंग वंश वज्रहस्त वर्मन पुरी
उत्पल वंश अवन्ति वर्मन कश्मीर
परमार वंश उपेन्द्रराज धारानगरी
सोलंकी वंश मूलराज प्रथम अन्हिलवाड़
कलचुरी वंश कोकल्ल त्रिपुरी
चोल वंश विजयालय तंजावुर

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भारत के प्राचीन राजवंश से संबंधित प्रश्न उत्तर 🔗

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भारतीय राजवंश के संस्थापक प्रश्नोत्तर (FAQs):

गुप्त राजवंश भारत का एक हिंदू साम्राज्य था। जिसने लगभग पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर शासन किया। इस काल को इतिहासकार भारत का स्वर्ण युग मानते हैं।

चीन की महान दीवार का निर्माण क्विन राजवंश के शासनकाल के दौरान किया गया था। महान दीवार का निर्माण मुख्य रूप से चीनी सम्राट किन शी हुआंगडी द्वारा करवाया गया था।

खिज्र खान दिल्ली सल्तनत के सैय्यद वंश का संस्थापक था। 1414 ई. में खिज्र खां ने दिल्ली की सत्ता पर कब्ज़ा कर लिया।

दक्षिण भारत का चोल राजवंश अपनी नौसैनिक शक्ति के लिए प्रसिद्ध था। चोलों ने एक मजबूत नौसेना की स्थापना की और व्यापक समुद्री व्यापार और नौसैनिक अभियान चलाए। उनके पास युद्धपोतों का एक सुव्यवस्थित बेड़ा था जिसने उनके साम्राज्य का विस्तार करने और हिंद महासागर क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सातवाहन शासन काल के दौरान प्रसिद्ध अजन्ता गुफाओं में उत्कीर्णन का काम सबसे पहले शुरू किया गया था।

  Last update :  Fri 23 Jun 2023
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